सीबीएसइ ने स्कूलों से मांगा डेवलपमेंट रिपोर्ट
- 13 प्वाइंट पर स्कूलों को देना हैं डेवलपमेट रिपोर्ट
- स्कूल की गतिविधियों पर सीबीएसइ की अब सीधी नजर
संवाददाता, पटना
स्कूल के कैंलेंडर में कितनी एक्टिविटीज शामिल की गयी हैं. फी में इस बार कितनी बढ़ोतरी की गयी हैं. हर महीने स्कूल में डेवलपमेंट को लेकर क्या कुछ किया गया हैं. अब इन तमाम चीजों की जानकारी स्कूल केवल अपने तक सीमित नहीं रख सेंकेंगे. ये तमाम जानकारी स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी. साल में दो बार सीबीएसइ को डेवलपमेंट रिपोर्ट भी भेजनी होगी. जिसमें स्कूल संबंधी तमाम जानकारी देनी होगी. छह माह में स्कूल में एकेडेमिक लेवल पर किस तरह का डेवलपमेंट हुआ, सभी जानकारी सीबीएसइ को 15 सितंबर तक भेजनी होगी.
डोमेन नेम से जांच
स्कूलों द्वारा जो भी डेवलपमेंट रिपोर्ट तैयार किया जायेगा, उसकी जांच सीबीएसइ स्कूल की वेबसाइट देख कर करेगी. सीबीएसइ की ओर से तमाम स्कूलों को एक ही डोनेम नेम से जोड़ने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका हैं. इस डोनेम नेम के माध्यम से बोर्ड स्कूल पर नजर रखेगा.
हेल्थ अवेयरनेस टीचर्स
सभी स्कूलों को अब हेल्थ अवेयरनेस टीचर्स नियुक्त करने का भी निर्देश सीबीएसइ की ओर से दिया गया हैं. ये टीचर्स स्टूडेंट्स को हेल्थ टिप्स देंगे. सीबीएसइ के अनुसार टीचर्स को जंक फूड खाने से होनेवले नुकसान तथा अन्य स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी बच्चों को देनी शामिल किया गया हैं.
इन प्वाइंट पर तैयार करनी है डेवलपमेट रिपोर्ट
डोनेशन के नाम पर फी - जुलाई से सितंबर तक कितनी बार स्कूल की ओर से स्टूडेंट्स से डोनेशन के नाम पर रुपये लिये गये.
व्यावसायिक संस्थान तो नहीं है स्कूल परिसर - स्कूलों को इस बात की जानकारी देनी हैं कि स्कूल परिसर में व्यावसायिक रूप में किसी तरह की एक्टिविटी तेा नहीं हो रही हैं. स्कूल के नाम, मोटो और लोगो को फ्रेंचाइजी के नाम पर बेचा तो नहीं जा रहा हैं
स्टूडेट्स को सजा देने वाले ईचर्स की सूची - हर स्कूल को उन टीचर्स की सूची तैयार करनी हैं जो क्लास के दौरान स्टूडेंट्स की पिटाई करते हैं. टीचर्स स्टूडेंट्स को किसी भी कीमत पर फिजिकली या मेंटली पनिशमेंट नहीं कर दे सकते हैं. हर स्कूल को ऐसे टीचर्स की सूची डेवलपमेंट रिपोर्ट में शामिल करनी हैं
स्कूल एडमिशन, ट्रांसफर और माइग्रेशन संबंधी - सीबीएसइ के परीक्षा नियमों के अनुसार किसी भी छात्र का एडमिशन सत्र के दौरान नहीं लिया जा सकता हैं. ट्रांसफर वाले स्टूडेंट्स का एडमिशन स्कूलों को लेना होगा. ऐसे स्टूडेंट्स के एडमिशन में माइग्रेशन सर्टिफिकेट होना बहुत ही जरूरी है .
सेक्सुअल हैरेसमेंट संबंधी - स्कूल की ओर से वीमेन टीचर्स और गर्ल स्टूडेंट्स के लिए सेक्सुल हेरेसमेट के संबंध में क्या व्यवस्था अपनायी गयी हैं. इसके लिए हर स्कूल को सीबीएसइ की वेबसाइट पर सकरुलर देख कर नियम लागू करना चाहिए. इसके लिए स्कूल क्या व्यवस्था कर रहा हैं. इसकी जानकारी सितंबर तक देनी होगी.
सैलरी और सर्विस कंडीशन संबंधी - टीचर्स स्कूल में किस तरह की सेवा दे रहे है, उन्हें कितनी सैलरी मिल रही हैं. स्कूल की छुट्टी के बाद टीचर्स स्कूल में किस तरह की सेवा दे रहे हैं. उन्हें कितनी सैलरी मिल रही हैं. स्कूल की छुट्टी के बाद टीचर्स स्कूल में कितनी देर तक रूकते हैं. टीचर्स की सैलरी का डिटेल्स भी रिपोर्ट में देना होगा.
स्टूडेंट्स प्रेजेंट इन क्लास रूम - हर स्कूल को सितंबर तक स्टूडेंट्स के स्कूलों आने की रिपोर्ट देनी हैं. 9वीं से 12वीं तक के छात्र स्कूल में कितना प्रेजेंट रहे. इसका लिस्ट स्कूल को बोर्ड के पास भेजनी होगी. 2इसके अलावा एफए-वन अंौर एफए-टू (फार्मेटिव असेसमेंट) की पूरी एक्टिविटी की रिपोर्ट भी स्कूल को भेजनी हैं.
स्कूल में नहीं चल सकेगें कोचिंग संस्थान - स्कूल को सीबीएसइ को इस बात की जानकारी देनी होगी कि उनके यह किसी तरह की कोचिंग संस्थान नहीं चलाये जा रहे हैं
रैंप की व्यवस्था - फिजिकल हैंडिकैंप स्टूडेंट्स के लिए स्कूल क्या व्यवस्था कर रहा हैं. स्कूल परिसर में ऐसे स्टूडेंट्स के लिए रैंप बनाया गया है या नहीं. इसकी रिपोर्ट हर स्कूल को सीबीएसइ के पास भेजनी हैं. डिसएब्लिटी एक्ट 1995 के तहत हर स्कूल को यह नियम लागू करना हैं
हेल्थ, सेनिटेशन और फायर सेफ्टी - हेल्थ, सेनिटेशन और आग से बचने के लिए स्कूल में किस तरह के इंतजाम हैं. स्कूल कैंपस में हेल्थ कैंप आदि कितनी बार लगाये गये हैं. इसके अलावा साफ सफाई के नाम पर किस तरह के काम स्कूल कैंपस में किये जाते है. इसकी तीन महीने की रिपोर्ट स्कूल को भेजनी हैं
मूल्यांकन प्रक्रिया - क्लास वर्क और बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन किस तरह किया जा रहा हैं. इसकी जानकारी बोर्ड के पास भेजनी होगी. इसके अलावा आंसर कॉपी भी स्कूल को बोर्ड के पास भेजनी होगी. जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच होगी.
स्कूल वेबसाइट का डेवलपमेंट - स्कूल ने सीबीएसइ के अनुसार स्कूल वेबसाइट को डेवलप किया है या नहीं. इसकी भी जानकारी स्कूल को बोर्उ के पास सितंबर भेजनी होगी
टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम - इवेंट, सीबीएसइ नियम और करेंट अफेयर्स से अवगत करवाने के लिए समय समय पर ट्रेनिंग प्रोग्राम दी जायेगी.
- 13 प्वाइंट पर स्कूलों को देना हैं डेवलपमेट रिपोर्ट
- स्कूल की गतिविधियों पर सीबीएसइ की अब सीधी नजर
संवाददाता, पटना
स्कूल के कैंलेंडर में कितनी एक्टिविटीज शामिल की गयी हैं. फी में इस बार कितनी बढ़ोतरी की गयी हैं. हर महीने स्कूल में डेवलपमेंट को लेकर क्या कुछ किया गया हैं. अब इन तमाम चीजों की जानकारी स्कूल केवल अपने तक सीमित नहीं रख सेंकेंगे. ये तमाम जानकारी स्कूलों को अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध करानी होगी. साल में दो बार सीबीएसइ को डेवलपमेंट रिपोर्ट भी भेजनी होगी. जिसमें स्कूल संबंधी तमाम जानकारी देनी होगी. छह माह में स्कूल में एकेडेमिक लेवल पर किस तरह का डेवलपमेंट हुआ, सभी जानकारी सीबीएसइ को 15 सितंबर तक भेजनी होगी.
डोमेन नेम से जांच
स्कूलों द्वारा जो भी डेवलपमेंट रिपोर्ट तैयार किया जायेगा, उसकी जांच सीबीएसइ स्कूल की वेबसाइट देख कर करेगी. सीबीएसइ की ओर से तमाम स्कूलों को एक ही डोनेम नेम से जोड़ने का निर्देश पहले ही दिया जा चुका हैं. इस डोनेम नेम के माध्यम से बोर्ड स्कूल पर नजर रखेगा.
हेल्थ अवेयरनेस टीचर्स
सभी स्कूलों को अब हेल्थ अवेयरनेस टीचर्स नियुक्त करने का भी निर्देश सीबीएसइ की ओर से दिया गया हैं. ये टीचर्स स्टूडेंट्स को हेल्थ टिप्स देंगे. सीबीएसइ के अनुसार टीचर्स को जंक फूड खाने से होनेवले नुकसान तथा अन्य स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी बच्चों को देनी शामिल किया गया हैं.
इन प्वाइंट पर तैयार करनी है डेवलपमेट रिपोर्ट
डोनेशन के नाम पर फी - जुलाई से सितंबर तक कितनी बार स्कूल की ओर से स्टूडेंट्स से डोनेशन के नाम पर रुपये लिये गये.
व्यावसायिक संस्थान तो नहीं है स्कूल परिसर - स्कूलों को इस बात की जानकारी देनी हैं कि स्कूल परिसर में व्यावसायिक रूप में किसी तरह की एक्टिविटी तेा नहीं हो रही हैं. स्कूल के नाम, मोटो और लोगो को फ्रेंचाइजी के नाम पर बेचा तो नहीं जा रहा हैं
स्टूडेट्स को सजा देने वाले ईचर्स की सूची - हर स्कूल को उन टीचर्स की सूची तैयार करनी हैं जो क्लास के दौरान स्टूडेंट्स की पिटाई करते हैं. टीचर्स स्टूडेंट्स को किसी भी कीमत पर फिजिकली या मेंटली पनिशमेंट नहीं कर दे सकते हैं. हर स्कूल को ऐसे टीचर्स की सूची डेवलपमेंट रिपोर्ट में शामिल करनी हैं
स्कूल एडमिशन, ट्रांसफर और माइग्रेशन संबंधी - सीबीएसइ के परीक्षा नियमों के अनुसार किसी भी छात्र का एडमिशन सत्र के दौरान नहीं लिया जा सकता हैं. ट्रांसफर वाले स्टूडेंट्स का एडमिशन स्कूलों को लेना होगा. ऐसे स्टूडेंट्स के एडमिशन में माइग्रेशन सर्टिफिकेट होना बहुत ही जरूरी है .
सेक्सुअल हैरेसमेंट संबंधी - स्कूल की ओर से वीमेन टीचर्स और गर्ल स्टूडेंट्स के लिए सेक्सुल हेरेसमेट के संबंध में क्या व्यवस्था अपनायी गयी हैं. इसके लिए हर स्कूल को सीबीएसइ की वेबसाइट पर सकरुलर देख कर नियम लागू करना चाहिए. इसके लिए स्कूल क्या व्यवस्था कर रहा हैं. इसकी जानकारी सितंबर तक देनी होगी.
सैलरी और सर्विस कंडीशन संबंधी - टीचर्स स्कूल में किस तरह की सेवा दे रहे है, उन्हें कितनी सैलरी मिल रही हैं. स्कूल की छुट्टी के बाद टीचर्स स्कूल में किस तरह की सेवा दे रहे हैं. उन्हें कितनी सैलरी मिल रही हैं. स्कूल की छुट्टी के बाद टीचर्स स्कूल में कितनी देर तक रूकते हैं. टीचर्स की सैलरी का डिटेल्स भी रिपोर्ट में देना होगा.
स्टूडेंट्स प्रेजेंट इन क्लास रूम - हर स्कूल को सितंबर तक स्टूडेंट्स के स्कूलों आने की रिपोर्ट देनी हैं. 9वीं से 12वीं तक के छात्र स्कूल में कितना प्रेजेंट रहे. इसका लिस्ट स्कूल को बोर्ड के पास भेजनी होगी. 2इसके अलावा एफए-वन अंौर एफए-टू (फार्मेटिव असेसमेंट) की पूरी एक्टिविटी की रिपोर्ट भी स्कूल को भेजनी हैं.
स्कूल में नहीं चल सकेगें कोचिंग संस्थान - स्कूल को सीबीएसइ को इस बात की जानकारी देनी होगी कि उनके यह किसी तरह की कोचिंग संस्थान नहीं चलाये जा रहे हैं
रैंप की व्यवस्था - फिजिकल हैंडिकैंप स्टूडेंट्स के लिए स्कूल क्या व्यवस्था कर रहा हैं. स्कूल परिसर में ऐसे स्टूडेंट्स के लिए रैंप बनाया गया है या नहीं. इसकी रिपोर्ट हर स्कूल को सीबीएसइ के पास भेजनी हैं. डिसएब्लिटी एक्ट 1995 के तहत हर स्कूल को यह नियम लागू करना हैं
हेल्थ, सेनिटेशन और फायर सेफ्टी - हेल्थ, सेनिटेशन और आग से बचने के लिए स्कूल में किस तरह के इंतजाम हैं. स्कूल कैंपस में हेल्थ कैंप आदि कितनी बार लगाये गये हैं. इसके अलावा साफ सफाई के नाम पर किस तरह के काम स्कूल कैंपस में किये जाते है. इसकी तीन महीने की रिपोर्ट स्कूल को भेजनी हैं
मूल्यांकन प्रक्रिया - क्लास वर्क और बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन किस तरह किया जा रहा हैं. इसकी जानकारी बोर्ड के पास भेजनी होगी. इसके अलावा आंसर कॉपी भी स्कूल को बोर्ड के पास भेजनी होगी. जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की जांच होगी.
स्कूल वेबसाइट का डेवलपमेंट - स्कूल ने सीबीएसइ के अनुसार स्कूल वेबसाइट को डेवलप किया है या नहीं. इसकी भी जानकारी स्कूल को बोर्उ के पास सितंबर भेजनी होगी
टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम - इवेंट, सीबीएसइ नियम और करेंट अफेयर्स से अवगत करवाने के लिए समय समय पर ट्रेनिंग प्रोग्राम दी जायेगी.
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