Monday, June 29, 2015

महिला थाना मांग रहा रेप होने का प्रूव, कहा मेडिकल कराओ, तभी मांनेंगे

महिला थाना मांग रहा रेप होने का प्रूव, कहा मेडिकल कराओ, तभी मांनेंगे

- नवंबर 2014 से महिला थाना का लगा रही चक्कर
- शादी से पहले लड़का ने किया अपने ही ऑफिस में बुला कर रेप
संवाददाता, पटना
जब महिला थाना में ही रेप होने का प्रूव मांगा जायेंगा तो उसे न्याय की क्या उम्मीद होगी. लेकिन ऐसी ही एक घटना महिला थाना में हुई है जिसमें पीड़िता से दुष्कर्म (रेप) होने का प्रूव मांगा जा रहा है. पीड़िता रागनी शर्मा (बदला हुआ नाम) छह महीने से महिला थाना में रेप का केस दर्ज करवाने को चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उसका मामला अभी तक महिला थाना में दर्ज नहीं किया गया हैं. अब जब कोर्ट के आर्डर के बाद पीड़िता को महिला थाना ने शनिवार को बुलाया तो अब पीड़िता से रेप होने का प्रूव मांगा जा रहा है. रूपसपुर बेली रोड की रहने वाली पीड़िता रागनी के अनुसार शनिवार को खुद मृदुला कुमारी ने रेप होने का प्रूव मांगा हैं. कहा है कि पहले मेडिकल करवा कर लाओ, तभी मांनेगे कि तुम्हारे साथ रेप की घटना हुई हैं.
- नवंबर 2014 से थाना का लगा रही चक्कर
पीड़िता के साथ उसके ही होने वाले पति ने अपने ऑफिस में बुला कर रेप किया था. मामला नवंबर 2014 का हैं. जेडी वीमेंस कॉलेज से पीजी की पढ़ाई कर रही रागनी की शादी भिखना पहाड़ी,  थाना कदमकुंआ निवासी मनीष कुमार ने तय किया गया. शादी 30 जनवरी 2015 को होना था. दहेज के तौर पर 4 लाख 25 हजार रुपये भी लड़के वालों ने लिया था. इसके बाद शादी की तैयारी शुरू हो गयी. सारे तैयारी कर ली गयी थी. शादी का कार्ड भी छप गया था. इसी बीच नवंबर में एक दिन पीड़िता को बहला कर मनीष एग्जीविशन रोड स्थिति अपने ऑफिस में ले गया. ज्ञात हो कि मनीष शैदपुर में गल्र्स होस्टल चलाता हैं. ऑफिस ले जाकर पीड़िता के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया. इसके बाद शादी करने से मुकर गया. दहेज के नाम पर अधिक पैसे की मांग भी करने लगा. पीड़िता 20 नवंबर 2014 को महिला थाना पहुंची. लेकिन उसका मामला दर्ज नहीं किया गया. उसके बाद से अब तब पीड़िता बस मामला दर्ज करवाने के लिए छह महीने से महिला थाना का चक्कर लगा रही हैं.
- आइपीएल की धारा 376 के तहत दर्ज हो केस
इसके बाद पीड़िता कोट पहुंची. 13 जनवरी 2015 को केस फाइल किया. 14 जनवरी 2015 को सिविल कोर्ट के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने आइपीएल की धारा 376 के तहत एफआइआर दर्ज करने को महिला थाना से कहा. एक महीने बीत जाने के बाद भी महिला थाना में मामला दर्ज नहीं हुआ. इसके बाद पीड़िता फिर कोर्ट पहुंची. फिर कोर्ट ने 27 फरवरी को महिला थाना को रिमाइंडर भेजा. लेकिन फिर भी मामला दर्ज नहीं हुआ. इसके बाद 4 मई को कोर्ट ने महिला थाना को सो कॉज नोटिस दिया. इस नोटिस में पूछा गया है कि पीड़िता का मामला महिला थाना में क्यूं दर्ज नहीं किया जा रहा है.
- 26 जून को एक्टिव हुई महिला थाना
कोर्ट के बार-बार कहने के बाद 26 जून को महिला थाना पीड़िता रागनी के मामले में एक्टिव हुई. उसे 26 जून को पीड़िता को फोन कर शनिवार को थाना बुलाया गया. जब शनिवार को पीड़िता थाना पहुंची तो पहले से ही वहां पर लड़के की पूरी फैमिली मौजूद थी. पीड़िता गयी लेकिन उसका मामला दर्ज नहीं हुआ. उल्टे महिला थाना ने उसे रेप होने का प्रूव मांगा. पीड़िता ने बताया कि उसे सोमवार (29 जून) को फिर बुलाया गया था कि उसका दर्ज किया जायेगा. लेकिन सोमवार मृदुला कुमारी ने फोन नहीं उठाया. अब उसे मंगलवार (30 जून) को फिर महिला थानाध्यक्ष ने थाना बुलाया हैं.
- एसएसपी के पास पहुंची पीड़िता
पीड़िता को सोमवार को महिला थानाध्यक्ष मृदुला कुमारी ने बुलाया था. लेकिन पीड़िता द्वारा बार-बार फोन करने के बावजूद थानाध्यक्ष ने फोन नहीं उठाया. जब दिन के एक बजे पीड़िता ने फिर फोन किया तो थानाध्यक्ष ने पीड़िता ये यह कह कर मंगलवार को आने के लिए कहा कि आज लेट हो गया है. अब पीड़िता को महिला थाना में मंगलवार को बुलाया गया हैं. पीड़िता रागनी ने बताया कि मृदुला कुमारी से तो नहीं मिल पायी तो मैने एसएसपी विकास वैभव को सोमवार को आवेदन दिया हैं.

कोट
पीड़िता मेरे पास जनवरी 2015 में आयी थी. 13 जनवरी को केस फाइल किया गया था. 14 जनवरी को सिविल कोर्ट के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट न महिला थाना को एफआइआर दर्ज करने को कहा था. अब तक कोर्ट की ओर से कई बार रिमाइंडर भी महिला थाना को दिया गया हैं. लेकिन अभी तक पीड़िता का मामला दर्ज नहीं हुआ हैं.
श्रुति सिंह,पीड़िता की वकील

नोट  - इस संबंध में थानाध्यक्ष मृदुला कुमारी ने संपर्क करने की कोशिश की गयी. उन्होंने फोन तो रिसीव किया, लेकिन बिना कुछ बोले फोन यह कह कर काट दिया कि कोई ऐसा मामला हमारे पा

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