Friday, June 26, 2015

सीबीएसइ स्कूलों में पढने वाले बच्चों के अभिभावक पर बढ़ा बोझ, फिर होगी जेब ढीली


- पढ़ाई के अलावा किसी ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल नहीं होंगे शिक्षक
- 18 एजेंसियों के माध्यम से स्टूडेंट्स को दी जायेगी ट्रेनिंग, पांच सौ से एक हजार रुपये का बढ़ेगा बोझ
- स्टूडेंट्स के साथ ही टीचर्स और प्रिंसिपल को ट्रेनिंग देगी एजेंसियां
संवाददाता, पटना
स्टूडेंट्स लेंगे ट्रेनिंग और जेब ढीली होगी अभिभावकों की. जी हां, स्टूडेंट्स को क्लास की पढ़ाई के अलावा किसी भी तरह की ट्रेनिंग प्रोग्राम अब टीचर्स नहीं देंगे. लाइफ स्किल की ट्रेनिंग लेनी हो या मेंटल हेल्थ, एडोलसेंट इश्यू के बारे में जानना हो. पर्सनालिटी डेवलपमेंट या फिर कम्यूनिकेशन स्ट्रेटजी की जानकारी लेनी हो. इसकी ट्रेनिंग देने के लिए एजेंसियां बहाल होंगी. एजेंसियां इन तमाम चीजों के लिए स्टूडेंट्स को प्रॉपर ट्रेनिंग देंगी और इसके एवज में हर ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए स्टूडेंट्स से 5 सौ से लेकर 1000 रुपये तक का चार्ज भी लेंगी. इसी सेशन से सीबीएसइ स्कूलों में ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए एजेंसियों को नियुक्त करते हुए देश भर में 18 एजेंसी को जिम्मेवारी दी गयी हैं. इसके तहत तमाम एजेंसी एकेडमिक के अलावा कई विषयों की ट्रेनिंग स्टूडेंट्स को देंगे.
हर स्कूल में होगा ट्रेनिंग प्रोग्राम
सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए निर्देश दिया हैं. जल्द ही सीबीएसइ की ओर से इसके लिए कैलेंडर भी जारी किया जायेगा. हर ट्रेनिंग प्रोग्राम का शेड्यूल क्या होगा, इसकी जानकारी बोर्ड स्कूलों को जल्द भेजेगी. सीबीएसइ के अनुसार हर क्लास के लिए अलग-अलग ट्रेनिंग प्रोग्राम करवाये जायेंगे. ये ट्रेनिंग प्रोग्राम एक दिन या तीन तीन तक का हो सकता है. ट्रेनिंग प्रोग्राम में हर स्टूडेंट्स का शामिल होना आवश्यक हैं. साल भर में लगभग 16 ट्रेनिंग प्रोग्राम स्टूडेंट्स के लिए आयोजित किये जायेंगे.
टीचर्स और प्रिंसिपल भी हुए शामिल
अब टीचर्स नहीं देंगे स्टूडेंट्स को ट्रेनिंग, ना ही टीचर्स को प्रिंसिपल द्वारा ट्रेंड किया जायेगा. ना ही प्रिंसिपल को ट्रेंड करने के लिए कोई पैनल बनाया जायेगा. सीबीएसइ ने स्टूडेट्स के अलावा टीचर्स और प्रिंसिपल के लिए भी ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा हैं. सीबीएसइ की ओर से टीचर्स और प्रिंसिपल को भी ट्रेनिंग प्रोग्राम अलग-अलग फिल्ड संबंधित दिया जायेगा. इसके लिए बोर्ड जल्द ही स्कूलों को ट्रेनिंग कैलेंडर उपलब्ध करवायेगा. टीचर्स और प्रिंसिपल को भी ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए मोटी रकम फी के तौर पर देना होगा. टीचर्स को जहां 2000 से 4 हजार तक चार्ज लगेगा वहीं प्रिंसिपल को 4 से पांच हजार तक चार्ज के रूप में देना होगा. साल भर में 56 ट्रेनिंग प्रोग्राम टीचर्स के लिए और 12 ट्रेनिंग प्रोग्राम प्रिंसिपल के लिए आयोजित किये जायेंगे.

एजेंसी के द्वारा दी जाने वाली ट्रेनिंग प्रोग्राम
स्टूडेंट्स के लिए
- लाइफ स्कील
- मेंटल हेल्थ और एडोलसेंट इश्यू
- पर्सनालिटी डेवलपमेंट
- कम्यूनिकेशन स्ट्रेटजी
- क्रियेटिव राइटिंग
- स्टोरी टेलिंग, राइटिंग और ट्रांसलेशन
- लाइफ स्कील विजुलअ मीडियम के माध्यम से
- लीडरशिप स्कील

टीचर्स के लिए
- सब्जेक्ट वाइज ट्रेनिंग प्रोग्राम
- सीसीइ (कंटीन्यूअ एंड कंप्रीहेसिव इवैल्यूएशन) वन डे ट्रेनिंग प्रोग्राम
- क्लास रूम मैनेजमेंट
- मल्टीपल मोड ऑफ असेसमेंट
- कम्यूनिकेशन स्ट्रेटजी
- आर्ट एजुकेशन
- इंवायरमेंट एंड इको क्लब
- फॉमेटिस असेसमेंट
-  काउंसिलिंग स्कील इन टीचर्स
- टाइम मैनेजमेंट
- इनोवेशन एंड लीडरशिप स्कील
- स्ट्रेस मैनेजमेंट

प्रिंसिपल के लिए
- लीडरशिप स्कील
- स्कूल मैनेजमेंट एंड स्कूल लीडरशिप
- स्ट्रेटजिक लीडरशिप

कोट
पहले किसी भी ट्रेनिंग के लिए एक दो एजेंसी काम करती थी. इन एजेंसी से तमाम सिटी को-ऑर्डिनेटर को ट्रेनिंग दी जाती थी. ये सिटी को-ऑर्डिनेटर ही हर स्कूलों में जाकर ट्रेनिंग देने का काम करते थे. इसमें किसी एक्स्ट्रा चार्ज स्टूडेंट्स या टीचर्स पर नहीं पड़ता था. लेकिन अब देश भर में एजेंसी ही हर जगहों पर जाकर स्टूडेंट्स, टीचर्स और प्रिंसिपल के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम रखेगी.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑर्डिनेटर, सीबीएसइ पटना

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