- सिमुलतला आवासीय विद्यालय की ओर से तैयार किया जा रहा प्रस्ताव
- 2014-15 और 2015-16 सत्र के नामांकन की भरपायी सरकारी स्कूलों के छात्रों से किये जाने की होगी तैयारी
संवाददाता, पटना
अस्तित्व पर प्रश्न चिह्न् लग रहा सिमुलतला आवासीय विद्यालय एक बार फिर अस्तित्व को बचाने की शुरुआत करने लगा हैं. विद्यालय को पुराने र्ढे पर लाने के लिए इसके बेसिक जरूरत को लेकर तैयारी शुरू करने की कवायद शुरू कर दी गयी है. वहीं विद्यालय की ओर से पिछले दो सालों के नामांकन के गैप को भरने की तैयारी भी की जा रही हैं. इसके लिए विद्यालय की ओर से एक प्रस्ताव सरकार के पास भेजने की तैयारी की जा रही हैं. प्रस्ताव के मुताबिक पूरे प्रदेश में जितने भी सरकारी विद्यालय हैं वहां से क्लास 6ठीं और क्लास 7वीं के छात्रों को इस विद्यालय में नामांकन के लिए आवेदन भरवाया जायें. इससे दोनों ही सत्र के लिए आसानी से 120-120 छात्रों को चयन किया जा सकेगा. इस संबंध में सिमुलतला आवासीय विद्यालय के पूर्व प्राचार्य डा. शंकर प्रसाद ने बताया कि पिछले दो साल विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया नहीं किया गया है. ऐसे में दो साल विद्यालय में एक भी छात्र नहीं रहेंगे. इसे बचाना बहुत ही जरूरी हैं.
सरकारी स्कूलों से चुने कर नामांकन को किया जायें पूरा
विद्यालय की ओर से तैयार प्रस्ताव के अनुसार पूरे प्रदेश से सरकारी विद्यालयों के क्लास छठी और सातवीं के बेस्ट पांच छात्रों की सूची तैयार किया जाये. यह काम जिला शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से करवाया जाये. हर सरकारी विद्यालय से छठीं और सातवीं के पांच बेस्ट छात्रों को लेने के बाद इन छात्रों के बीच नामांकन प्रक्रिया के लिए लिखित परीक्षा ली जायेगी. लिखित परीक्षा के माध्यम से दोनों सत्र के लिए 120-120 छात्रों को चुना जाये. इससे दोनों की सत्र के गैप को पूरा किया जा सकेगा. ज्ञात हो कि सिमुलतला आवासीय विद्यालय में पिछले दो सत्रों से नामांकन नहीं हो पाया हैं. इसमे 2014-15 सत्र और 2015-16 सत्र शामिल हैं. ऐसे में आगे चल कर दो साल बोर्ड परीक्षा के लिए गैप चला जायेगा. इससे विद्यालय के एकेडमिक स्तर पर असर पड़ेगा.
हर साल ड्रॉप आउट हो रहे छात्र
सिमुलतला आवासीय विद्यालय के अस्तित्व को नहीं बचाना जायेगा तो बेहतर रिजल्ट देने के बावजूद छात्र यहां से छोड़ कर चले जायेंगे. 2015 में रिजल्ट बेहतर देने के बावजूद टॉपर लिस्ट में शामिल छात्र के अलावा 108 में से 50 से अधिक छात्र विद्यालय को छोड़ चुके है. टॉपर नीरज और कुणाल ने बताया कि प्लस टू सिमुलतला आवासीय विद्यालय से नहीं करेंगे. विद्यालय में पढ़ाई का माहौल तो हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं हैं. इससे प्लस टू करना हमारे लिए संभव नहीं हो पायेगा. ऐसे शिक्षकों की भी कमी है जो प्लस टू लेवल की स्टडी करवा सकें.
चार शिक्षकों ने छोड़ दिया विद्यालय
विद्यालय के स्थापना के बाद अब तक चार शिक्षक स्कूल को छोड़ कर जा चुके है. इसमें प्राचार्य डा. शंकर प्रसाद, साइंस के शिक्षक शंकराचार्य और के पंडित व हिंदी के शिक्षक क्रांति कुमार शामिल हैं. इन शिक्षकों ने विद्यालय की खराब व्यवस्था और शिक्षक नियुक्ति में गड़बड़ी होने के कारण विद्यालय को छोड़ दिया था.
कोट
जल्द ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. पिछले दो सत्र से नामांकन नहीं होने से विद्यालय के अस्तित्व पर पड़ आया है. ऐसे में सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. दो सालों के गैप को भरना बहुत ही जरूरी हैं. इसकी कवायद भी हम शुरू करने जा रहें हैं.
राजीव रंजन, प्राचार्य, सिमुलतला आवासीय विद्यालय
- 2014-15 और 2015-16 सत्र के नामांकन की भरपायी सरकारी स्कूलों के छात्रों से किये जाने की होगी तैयारी
संवाददाता, पटना
अस्तित्व पर प्रश्न चिह्न् लग रहा सिमुलतला आवासीय विद्यालय एक बार फिर अस्तित्व को बचाने की शुरुआत करने लगा हैं. विद्यालय को पुराने र्ढे पर लाने के लिए इसके बेसिक जरूरत को लेकर तैयारी शुरू करने की कवायद शुरू कर दी गयी है. वहीं विद्यालय की ओर से पिछले दो सालों के नामांकन के गैप को भरने की तैयारी भी की जा रही हैं. इसके लिए विद्यालय की ओर से एक प्रस्ताव सरकार के पास भेजने की तैयारी की जा रही हैं. प्रस्ताव के मुताबिक पूरे प्रदेश में जितने भी सरकारी विद्यालय हैं वहां से क्लास 6ठीं और क्लास 7वीं के छात्रों को इस विद्यालय में नामांकन के लिए आवेदन भरवाया जायें. इससे दोनों ही सत्र के लिए आसानी से 120-120 छात्रों को चयन किया जा सकेगा. इस संबंध में सिमुलतला आवासीय विद्यालय के पूर्व प्राचार्य डा. शंकर प्रसाद ने बताया कि पिछले दो साल विद्यालय में नामांकन प्रक्रिया नहीं किया गया है. ऐसे में दो साल विद्यालय में एक भी छात्र नहीं रहेंगे. इसे बचाना बहुत ही जरूरी हैं.
सरकारी स्कूलों से चुने कर नामांकन को किया जायें पूरा
विद्यालय की ओर से तैयार प्रस्ताव के अनुसार पूरे प्रदेश से सरकारी विद्यालयों के क्लास छठी और सातवीं के बेस्ट पांच छात्रों की सूची तैयार किया जाये. यह काम जिला शिक्षा पदाधिकारी के माध्यम से करवाया जाये. हर सरकारी विद्यालय से छठीं और सातवीं के पांच बेस्ट छात्रों को लेने के बाद इन छात्रों के बीच नामांकन प्रक्रिया के लिए लिखित परीक्षा ली जायेगी. लिखित परीक्षा के माध्यम से दोनों सत्र के लिए 120-120 छात्रों को चुना जाये. इससे दोनों की सत्र के गैप को पूरा किया जा सकेगा. ज्ञात हो कि सिमुलतला आवासीय विद्यालय में पिछले दो सत्रों से नामांकन नहीं हो पाया हैं. इसमे 2014-15 सत्र और 2015-16 सत्र शामिल हैं. ऐसे में आगे चल कर दो साल बोर्ड परीक्षा के लिए गैप चला जायेगा. इससे विद्यालय के एकेडमिक स्तर पर असर पड़ेगा.
हर साल ड्रॉप आउट हो रहे छात्र
सिमुलतला आवासीय विद्यालय के अस्तित्व को नहीं बचाना जायेगा तो बेहतर रिजल्ट देने के बावजूद छात्र यहां से छोड़ कर चले जायेंगे. 2015 में रिजल्ट बेहतर देने के बावजूद टॉपर लिस्ट में शामिल छात्र के अलावा 108 में से 50 से अधिक छात्र विद्यालय को छोड़ चुके है. टॉपर नीरज और कुणाल ने बताया कि प्लस टू सिमुलतला आवासीय विद्यालय से नहीं करेंगे. विद्यालय में पढ़ाई का माहौल तो हैं, लेकिन सुविधाएं नहीं हैं. इससे प्लस टू करना हमारे लिए संभव नहीं हो पायेगा. ऐसे शिक्षकों की भी कमी है जो प्लस टू लेवल की स्टडी करवा सकें.
चार शिक्षकों ने छोड़ दिया विद्यालय
विद्यालय के स्थापना के बाद अब तक चार शिक्षक स्कूल को छोड़ कर जा चुके है. इसमें प्राचार्य डा. शंकर प्रसाद, साइंस के शिक्षक शंकराचार्य और के पंडित व हिंदी के शिक्षक क्रांति कुमार शामिल हैं. इन शिक्षकों ने विद्यालय की खराब व्यवस्था और शिक्षक नियुक्ति में गड़बड़ी होने के कारण विद्यालय को छोड़ दिया था.
कोट
जल्द ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जायेगी. पिछले दो सत्र से नामांकन नहीं होने से विद्यालय के अस्तित्व पर पड़ आया है. ऐसे में सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. दो सालों के गैप को भरना बहुत ही जरूरी हैं. इसकी कवायद भी हम शुरू करने जा रहें हैं.
राजीव रंजन, प्राचार्य, सिमुलतला आवासीय विद्यालय
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