Saturday, June 13, 2015

रजिस्ट्रेशन खत्म, फिर भी चल रहे 41 कोचिंग संस्थान

रजिस्ट्रेशन खत्म, फिर भी चल रहे 41 कोचिंग संस्थान

- नवंबर 2012 में पटना के 41 कोचिंग संस्थान के रजिस्ट्रेशन को कर दिया गया था खत्म
- अभी तक 609 कोचिंग संस्थान ने ही करवाया है निबंधन
संवाददाता, पटना
फी भी ले लिया और पूरा कोर्स भी नहीं करवाया. समय से पहले ही क्लास को बंद कर दिया गया. क्लास रूम की कमी होने से कोचिंग संस्थान बीच में ही छोड़नी पड़ गयी. कोचिंग संस्थान पर ये आरोप आये दिन लगते है. कई कोचिंग संस्थान तो छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ तक करना बंद नहीं करते हैं.  इसको लेकर बिहार सरकार ने बिहार कोचिंग संस्थान अधिनियम 2010 के तहत कार्रवाई करते हुए 41 कोचिंग संस्थान का निबंधन रदद कर दिया हैं. अधिनियम के अनुसार इन कोचिंग संस्थान में उन नियमों का पालन नहीं हो, जो सरकार की ओर से बनाये गये है.  सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार 15 नवंबर 2012 में इन 41 कोचिंग संस्थान का निबंधन अस्वीकृत किया गया था, लेकिन आज भी ये कोचिंग संस्थान चल रहे है. हर साल सैकड़ों छात्र यहां पर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए नामांकन तो ले रहे है, लेकिन वो ठगे जा रहे है. आरटीआइ एक्टिविस्ट अजय कुमार ने बताया कि कोचिंग संस्थान के उपर नियम तो बन गया, लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा है. ऐसे में हर गली मुहल्ले में कोचिंग दो कमरे में भी चल रहे है.
- अस्वीकृत होने के बाद भी चल रहा कोचिंग संस्थान
कोचिंग निबंधन समिति द्वारा अभी तक 41 कोचिंग संस्थान के निबंधन को अस्वीकृत किया गया. लेकिन इसके बाद अभी तक किसी भी कोचिंग संस्थान पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है. इतना नहीं इसके लिए कोई बैठक भी अब आयोजन नही होती है. नियम के मुताबिक हर कोचिंग संस्थान को जो भी निबंधन का नंबर मिलेगा. इसकी जानकारी उन्हें अपने नेम प्लेट पर भी लगाना है. लेकिन इसका भी पालन अधिकांश कोचिंग संस्थान नहीं करता है. 2010 में बने इस एक्ट का पालन अभी भी नहीं हो पा रहा है.
- निबंधन कराने के बाद ही चलेगा कोचिंग संस्थान
पटना जिला में कोई भी कोचिंग तभी चल सकता है जब वो अधिनियम के तहत निबंधन करवा लेंगे. कोचिंग संस्थान एक्ट सही से लागू हो इसके लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा बैठक भी बुलाने का प्रावधान बनाया गया था. शुरुआत में तो इसकी कई बैठक हुई. 2010 और 2011 में नियमित रूप से इसकी बैठक आयोजित की गयी. लेकिन 2011 के दो साल बाद 2013 में इसकी बैठक आयाजित हुई. इसमें कई नियम पर फैसले भी लिये गये. कई जिम्मेवारी भी सभी पदाधिकारी को दी गयी. लेकिन इसके बाद आज तक इसकी कोई बैठक आयोजित नही किया गया है.
- 2013 के बाद नहीं हुई अब तक बैठक
कोचिंग संस्थान निबंधन समिति की बैठक 17 दिसंबर 2013 के बाद अब तक नहीं किया गया है. बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी डा. एन सरवण कुमार ने किया था. इसमें निर्णय लिया गया था कि जिन कोचिंग संस्थान की जांच लंबित है, उसे 15 दिनों के अंदर पूरा कर लिया जायेगा. जांच के बाद जिन कोचिंग संस्थान के निबंधन को अस्वीकृत किया जायेगा, उसे नोटिस देकर बंद कर दिया जायेगा. अगर कोचिंग संस्थान संचालक कोचिंग बंद नहीं करते है तो संचालक के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज किया जायेगा.

अभी तक हुए निबंधन का कार्य
अब तक निबंधन के लिए आवेदन दिया  -  609 कोचिंग संस्थान
निबंधन समिति द्वारा अब तक निबंधित कोचिंग संस्थान  -  180
अब तक अस्वीकृत कोचिंग संस्थान का निबंधन  - 41

अभी तक हुई सिर्फ इतनी बार बैठक
पहली बैठक  - 27 अगस्त 2010  - इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी के अलावा वरीय पुलिस अधीक्षक भी शामिल हुए थे. इसमें 265 कोचिंग संस्थान ने निबंधन के लिए आवेदन दिया था. बैठक में निर्णय लिया गया था कि शहर में कोचिंग संस्थानों की संख्या काफी अधिक है. इस कारण सभी थानों को बैठक में निर्देश दिया गया था कि हर थाने में संचालित कोचिंग संस्थानों की सूची जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में जमा किया जायें. लेकिन यह बैठक तक ही रह गया. बाद में इस पर कोई काम नहीं हुआ.
दूसरी बैठक  -  25 सितंबर 2010  -  इस बैठक में भी जिला शिक्षा पदाधिकारी के अलावा वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना, सिटी एसपी, पटना शामिल हुए. इसमें भी कोचिंग संस्थान की संख्या कम करने और सभी को निबंधन से जोड़ने की प्रक्रिया पर जोर देने का फैसला लिया गया था.
तीसरी बैठक  - 6 दिसंबर 2010  -  इस बैठक में भी तमाम बड़े पदाधिकारी मौजूद थे. इसमें प्रखंड स्तर पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को शामिल किया गया था. इस बैठक में कोचिंग संस्थान के द्वारा फीस बढ़ोतरी आदि पर विचार विमर्श किया गया था
चौथी बैठक - 9 मई 2011  - जिला शिक्षा पदाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक की गयी थी. इसमें कोचिंग संस्थान के निबंधन को लेकर चर्चा हुई थी.
पांचवी बैठक - 21 अगस्त 2011  - कोचिंग संस्थान की जांच के लिए इस बैठक को आयोजित किया गया था. जांच के संबंध में किस तरह के कार्य हो रहे है. इस पर विचार किया गया. बैठक की अध्यक्षता जिला शिक्षा पदाधिकारी के नेतृत्व में किया गया.

कोचिंग संस्थान एक्ट के तहत इन चीजों पर रखा जा रहा ध्यान
1.  पाठ्यक्रम का निर्धारण - इसके तहत कोचिंग संस्थान को शैक्षणिक पाठ्यक्रम की अवधि और पाठ्यक्रम की पूरी जानकारी स्पष्ट बताना था. प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए कितने छात्र का नामांकन लिया गया हैं, इसे स्पष्ट करना होगा
2. शैक्षिक योग्यता  -  कोचिंग संस्थान में पढ़ाने वाले शिक्षक की योग्यता के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी. संस्थान में गैर सरकारी या सेवानिवृत शिक्षकों को ही अध्यापन कार्य में लगाना होगा. इसके अलावा शिक्षक का अनुभव भी बताना होगा
3.  शिक्षण फीस - कोचिंग संस्थान को विभिन्न पाठ्यक्रम को पूरी करने के लिए निर्धारित अवधि बताना होगा. इसके साथ शिक्षण फीस की जानकारी प्रोस्पेक्टस में देना होगा
4. इन्फ्रास्क्ट्रचर - कोचिंग संस्थान के आधारभूत संरचना को सही रखना. छात्र की संख्या के अनुसार कमरे का साइज होना चाहिए
5. अन्य सुविधाएं -  बेंच और डेस्क हो, रोशनी की पूरी सुविधाएं. पेयजल की सुविधा, शौचालय की सुविधा, स्वच्छता की सुविधाएं. अगिAशमन की व्यवस्था आदि शामिल है. 

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