Friday, June 26, 2015

सीबीएसइ के कॉलिकुलम में योगा ट्रेनिंग होगा शामिल


- सीबीएसइ ने दिया स्कूलों को निर्देश, योगा की चले एक क्लास
संवाददाता, पटना
अब स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन के अलावा योगा की भी ट्रेनिंग दी जायेगी. सीबीएसइ के निर्देश पर इसे तमाम स्कूलों में लागू किया गया हैं. सीबीएसइ ने योगा को एकेडेमिक कॉलिकुलम में शामिल कर दिया हैं. बोर्ड क अनुसार इसी सेशन से इसे लागू किया जायेगा. इसके लिए समुचित निर्देश स्कूलों में भेज दिया गया हैं. इसी सेशन से योगा की ट्रेनिंग देने का निर्देश सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को दिया हैं. शुरुआत में यह क्लास छठी से दसवीं तक के क्लास के लिए लागू किया गया हैं. छठी से दसवी तक के स्टूडेंट्स को अभी योगा की ट्रेनिंग दी जायेगी.
- फिजिकल एजुकेशन की जगह अब योगा ट्रेनिंग
सीबीएसइ के हर स्कूलों में अब फस्र्ट क्लास योगा का होगा. फस्र्ट क्लास मे योगा की ट्रेनिंग स्टूडेंट्स को दी जायेगी. अभी तक अधिकांश स्कूलों में स्टूडेंट्स को फिजिकल एजुकेशन की पढ़ाई करवायी जा रही थी. लेकिन अब सीबीएसइ के निर्देश पर फिजिकल एजुकेशन को रिप्लेस कर योगा की ट्रेनिंग स्टूडेंट्स को दी जायेगी. कई स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन के तहत ही दस से 15 मिनट के लिए योगा के भी टिप्स दिये जाते थे. सीबीएसइ ने ऐसे स्कूलों को योगा का समय अधिक करने का निर्देश दिया हैं.
- स्कूलों से फीडबैक के बाद सीबीएसइ ने लिया निर्णय
इंटरनेशनल योगा डे सेलिब्रेशन के बाद सीबीएसइ ने देश भर के कई स्कूलों से योगा को लेकर फीडबैक लिया था. फीडबैक मे योगा को कॉलिकुलम में शामिल करने संबंधित कई पोजिटिव बातें सामने आयी. सीबीएसइ के अनुसार योगा को स्कूल में एकेडेमिक कॉलिकुलम में शामिल करने को लेकर कई स्कूलों ने इसे सराहा हैं. कई स्कूलों ने तो योगा की ट्रेनिंग को हर क्लास के कंप्लसरी करने का भी सलाह सीबीएसइ को दिया हैं.
- केंद्रीय विद्यालय में होती है योगा की क्लास
देश भर के केंद्रीय विद्यालय में योगा की क्लास करवायी जा रही हैं. केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के अनुसार केवी में कई सालों से योगा की क्लास चल रही हैं. इससे छात्र फिजिकल और मेंटली दोनों की तरह से फीट रहते है. छात्रों को स्ट्रेस फ्री महसूस होता हैं. केंद्रीय विद्यालय संगठन के क्षेत्रीय निदेशक पटना के एमएस चौहान के अनुसार योगा की क्लास हर दिन हर क्लास के लिए होना अनिवार्य है.

सीबीएसइ के अनुसार योगा से ये सारे हैं फायदें
- फिटनेस बना रहता है
- पढ़ाई में कंसंट्रेशन बना रहता हैं
- थकान, अनिद्रा जैसी बीमारी पैदा नहीं होता हैं
- हमेशा एनर्जी बनी रहती है
- फिजिकल और मेंटली स्टॉगनेस आता हैं
- हर दिन योगा करने से सुबह अच्छा होगा
- किसी भी तरह के स्ट्रेस से स्टूडेंट्स खुद को दूर कर पायेंगे
- कई छोटी-छोटी बीमारियों से भी स्टूडेंट्स को दूर किया जा सकेगा

कोट
योगा से फिटनेस आता हैं. सीबीएसइ के एजेंडे में योगा को शामिल करना पहले से था. लेकिन इंटरनेशनल योगा डे के बाद सीबीएसइ ने इसे एकेडेमिक कॉलिकुलम में शामिल कर दिया हैं. अब फिजिकल एजुकेशन की जगह योगा की ट्रेनिंग दी जायेगी.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया

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