Thursday, June 25, 2015

चार थीम पर आयोजित होगा अब साइंस एग्जीविशन

चार थीम पर आयोजित होगा अब साइंस एग्जीविशन

- सीबीएसइ के साइंस एग्जीविशन में अब चार थीम पर ही होगा फोकस
- एग्रीकल्चर के साथ एनर्जी और हेल्थ को किया गया शामिल
संवाददाता, पटना
अब साइंस एग्जीविशन में शामिल होने के लिए सोशल वर्क को भी ध्यान में रखना होगा. साइंस एग्जीविशन में वहीं अव्वल होगा, जो समाज के हित के लिए कुछ वर्क करना चाह रहा होगा. इसकी जानकारी सीबीएसइ ने अभी से ही स्कूलों के माध्यम से स्टूडेंट्स को देना शुरू कर दिया है. सीबीएसइ की ओर से आयोजित होने वाले अब साइंस एग्जीविशन उसी थीम पर स्टूडेंट्स को प्रोजेक्ट वर्क और मॉडल बनना होगा, जिसे सीबीएसइ ने स्कूलों को भेजा हैं. ज्ञात हो कि अभी तक सीबीएसइ के साइंस एग्जीविशन में स्टूडेंट्स अपनी मरजी के थीम पर मॉडल बनाते थे. इसके लिए स्कूल की ओर से ही केवल स्टूडेंट्स को गाइड किया जाता था. लेकिन अब सीबीएसइ ने स्टूडेंट्स को थीम दे दिया हैं.
 - स्टूडेंट्स के आइडिया पर सीबीएसइ करता हैं काम
सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों की साइंस एग्जीविशन की थीम की जानकारी देना शुरू कर दिया है. बोर्ड द्वारा आयोजित साइंस एग्जीविशन से जो भी आइडिया प्राप्त होता हैं, उसे कई बार स्कूलों में लागू किया जाता है. स्कूलों में डिस्एबल स्टूडेंट्स के लिए रैंप की व्यवस्था, जंक फूड से होने वाले नुकसान आदि के बारे में जानकारी सीबीएसइ को एग्जीविशन से ही मिला हुआ है. बोर्ड के अनुसार साइंस एग्जीविशन में स्टूडेंट्स के एक ग्रुप ने रैंप की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी था. इसमें स्टूडेंट्स ने बताया था कि किस तरह से बड़े क्लास में जाने के बाद सीढ़ी के कारण डिस्एबल स्टूडेंट्स स्कूल जाना बंद कर देते हैं
- एग्रीकल्चर के क्षेत्र में इनोवेशन की हैं जरूरत
सीबीएसइ के अनुसार हर साल साइंस एग्जीविशन का आयोजन किया जाता है. ऐसे में स्टूडेंट्स अपनी मरजी के किसी टॉपिक पर काम करते हैं. स्टूडेंट्स को किसी भी मॉडल को बनाने मे लंबा टाइम लग जाता हैं. इससे अगर किसी ऐसे थीम पर स्टूडेंट्स काम करें, जिससे सोसायटी को कुछ फायदा हों. इस कारण सीबीएसइ ने एग्रीकल्चर और हेल्थ दो थीम दिया हैं. बोर्ड के अनुसार इन दो थीमों पर स्टूडेट्स काफी कम मॉडल बनाते हैं. इन दो थीमों पर अगर स्टूडेंट्स काम करेंगे तो कुछ नये इनोवेशन हो सकते हैं.
- साइंस एग्जीविशन में अधिकांश थीम बस कामचलाउ
सीबीएसइ ने पिछले पांच सालों के साइंस एग्जीविशन का सर्वे किया हैं. इस सर्वे के अनुसार सीबीएसइ ने स्कूलों को जानकारी दिया हैं के बोर्ड द्वारा आयोजित साइंस एग्जीविशन में जो भी थीम पर काम हो रहा है, उसमें अधिकांश थीम काम चलाउ ही होते हैं. ऐसे में स्टूडेंट्स द्वारा दिया गया मॉडल पर सीबीएसइ कुछ आगे काम नहीं कर पाती हैं. बोर्ड के अनुसार देश भर के साइंस एग्जीविशन में 55 फीसदी मॉडल बस बेकार ही चले जाते हैं. इन मॉडल पर सीबीएसइ कुछ आगे नहीं कर पाती हैं. इस कारण इस बार से थीम बेस्ड मॉडल देने का विचार बोर्ड की ओर से दिया गया हैं.
- अगस्त में शुरू होगा साइंस एग्जीविशन का दौर
सीबीएसइ की ओर से हर साल साइंस एग्जीविशन का आयोजन किया जात है. तीन स्टेज में आयोजित साइंस एग्जीविशन के पहला स्टेज अगस्त में होता हैं. स्कूल लेवल पर स्टूडेंट्स को चुने जाने के बाद स्टेट लेवल और फिर नेशनल लेवल (फाइनल राउंड) का आयोजन दिल्ली में किया जाता है. इस राउंड में फस्र्ट, सेकेंड और थर्ड चुने जाते हैं. इन स्टूडेट्स को बोर्ड की ओर से इनाम भी दिया जाता हैं.

इन टॉपिक पर ही अब होगा साइंस एग्जीविशन
- एग्रीकल्चर
- एनर्जी
- हेल्थ
- इंवायरमेंट

कोट
साइंस एग्जीविशन से स्टूडेंट्स को काफी आइडिया आते हैं. ऐसे में अगर थीम बेस्ड मॉडल स्टूडेंट्स द्वारा बनाया जायेगा तो एक टॉपिक पर कई आइडिया आयेंगे. इससे बोर्ड को काफी मदद मिलेगी. स्टूडेट्स के मॉडल पर भी सीबीएसइ कई बार स्कूल के रूल्स में इंप्लीमेंट करता हैं.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया 

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