Monday, June 22, 2015

मैट्रिक रिजल्ट की गड़बड़ी को लेकर छात्र पहुंचे समिति, किया हंगामा, मुख्य गेट को किया बंद

मैट्रिक रिजल्ट की गड़बड़ी को लेकर छात्र पहुंचे समिति, किया हंगामा, मुख्य गेट को किया बंद

इसकी फोटो जेपी भैया के पास हैं. छात्रों से बातचीत की फोटो भी हैं

- सारे विषय में पास, कर दिया एक विषय में फेल
- मैथ और संस्कृत में अधिकांश छात्र हो गये फेल
संवाददाता, पटना
शनिवार को मैट्रिक का रिजल्ट निकला और सोमवार को सैकड़ों छात्र बिहार विद्यालय परीक्षा समिति कार्यालय में पहुंच गये. रिजल्ट को लेकर छात्रों में काफी नाराजगी थी. सुबह से ही छात्र समिति कार्यालय पहुंचना शुरू कर दिया था. छात्रों का आरोप था कि उन्हें जानबूझ कर फेल कर दिया गया हैं. छात्रों की नाराजगी इतनी अधिक थी कि छात्रों ने समिति के मुख्य गेट को लगभग तीन घंटों तक बंद रखा. आक्रोशित छात्रों की भीड़ को देखते हुए समिति कर्मचारियों ने मुख्य गेट को बंद करवा दिया. इसके बाद छात्र ना तो किसी को बाहर से समिति कार्यालय में जाने दे रहें थे और ना ही समिति कार्यालय से कोई बाहर आ सकता था. यह स्थिति समिति कार्यालय में घंटों तक बनी रही. छात्र का एक ही मांग की हर विषय में पास तो एक विषय में कैसे फेल कर गये. बाद में कर्मचारियों ने भी छात्रों को समझाने की काफी कोशिश की. इस दौरान समिति कार्यालय में बोर्ड के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह और सचिव श्रीनिवास चंद्र तिवारी भी मौजूद नहीं थे.
साइंस में 80 तो मैथ में कैसे आ गया 17 अंक
रिजल्ट की गड़बड़ी को लेकर आये छात्रों के अनुसार मैथ और संस्कृत विषय में अधिकांश छात्र फेल कर गये है. छात्र राजकुमार ( रॉल नंबर 1500318) ने बताया कि उसे सारे विषयों में काफी अच्छे अंक हैं. लेकिन वो मैथ में मात्र 15 अंक हैं. वहीं शत्रुघ्न प्रसाद ( रॉल नंबर 1500373) ने बताया कि उसे साइंस में 80 अंक आये हैं और मैथ में 17 अंक आये हैं. मुङो मैथ में 71 अंक आये होंगे, लेकिन इसे 17 कर दिया गया हैं. मैथ और संस्कृत विषय में कम अंक के कारण काफी संख्या में छात्र फेल हो गये हैं.
स्क्रूटनी आवेदन लेने की कर रहे थे मांग
छात्र समिति कार्यालय में स्क्रूटनी के आवेदन लेने की मांग भी कर रहे थे. छात्र का मांग था कि स्कूल मे आवेदन जमा होगा तो स्क्रूटनी होने में काफी समय लग जायेगा. ऐसे में नामांकन की प्रक्रिया समाप्त हो जायेगी. इस कारण समिति ही अपने स्तर से स्क्रूटनी के आवेदन हमने ले. इससे हमारा रिजल्ट जल्द से जल्द ठीक हो जायेगा.
तीन लाख के ऊपर छात्र हो गये फेल
इस बार मैट्रिक की परीक्षा में 3, 46,845 (24.61 फीसदी) विद्यार्थी फेल कर दिये गये हैं. इसमें छात्र की संख्या 1,67,697 (22.09 फीसदी) हैं. वहीं छात्रओ की संख्या 1,79,148 (27.67 फीसदी) हैं. यह संख्या पिछले साल से लगभग 50 हजार अधिक है. 2014 में मैट्रिक में तीन लाख छात्र फेल हुए थे. इस बार फेल छात्रो का परसेंटेज उस जिला से अधिक है जहां पर कदाचार अधिक हुआ था.

छात्रों की बात :
मै सारे विषयों में पास हूं. लेकिन एक विषय संस्कृत में मुङो फेल कर दिया गया हैं. हिंदी में मुङो 78 मार्क्‍स हैं और संस्कृत में मात्र 18 अंक दिये गये हैं. मै संस्कृत में कभी फेल नहीं हो सकती हूं. अब कह रहे है स्क्रूटनी करवाना पड़ेगा.
रूपम शर्मा, छात्र

मुङो कॉलेज में नामांकन लेना है. लेकिन मुङो मैथ में फेल कर दिया गया हैं. साइंस में मुङो 59 अंक आये हैं, लेकिन मैथ में मात्र 7 अंक हैं. ऐसे में मैं फेल हो गया हूं. स्क्रूटनी का जब तक रिजल्ट होगा, नामांकन प्रक्रिया खत्म हो जायेगी. मुङो जानबूझ कर फेल कर दिया गया हैं.
इंद्रजीत कुमार, छात्र

कोट
छात्रों को परेशानी ना हो इस कारण इस बार स्क्रूटनी के आवेदन स्कूल में ही जमा करवाये गये हैं. स्कूल में छात्र अपना आवेदन 30 जून तक जमा कर ले. उनका रिजल्ट जल्द से जल्द देने की बोर्ड कोशिश करेगी. 15 जुलाई से रिजल्ट मिलना शुरू हो जायेगा. छात्र संयम रखें, सबका रिजल्ट सही हो जायेगा.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति

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