मैट्रिक का रिजल्ट घोषित, सिमुतल्ला स्कूल ने किया क्लिन स्विप
- मैट्रिक की परीक्षा में 75.17 प्रतिशत छात्र हुए उत्तीर्ण
- मैट्रिक में इस बार टॉप थ्री में दो-दो टॉपर, 487 अंक प्राप्त कर कुणाल जिज्ञाषु और नीरज रंजन बने स्टेट टॉपर
संवाददाता, पटना
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा मैट्रिक का परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया गया. समिति परिसर में बोर्ड के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने मैट्रिक परीक्षा के परिणाम की घोषणा किया. इसके साथ ही बिहार बोर्ड के वेबसाइट .. पर मैट्रिक के रिजल्ट को भी डाल दिया गया. मैट्रिक के रिजल्ट के टॉप टेन में सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के छात्रों का पूरी तरह से कब्जा रहा. बोर्ड द्वारा घोषित प्रदेश के टॉप टेन टॉपर लिस्ट में इस बार 31 विद्यार्थी शामिल किये गये हैं. इसमें 30 विद्यार्थी सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के छात्र ही शामिल हैं. मैट्रिक की परीक्षा में इस बार दो-दो टॉपर घोषित किये गये है. पिछले दस सालों में यह पहली बार हुआ है जब मैट्रिक की परीक्षा में एक जैसे अंक प्राप्त कर दो छात्रों टॉपर बने हैं. सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के छात्र कुणाल जिज्ञाषु और छात्र नीरज रंजन ने कुल 487 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया हैं. वहीं दूसरे स्थान पर ही सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के ही दो छात्र मौजूद हैं. 485 अंक प्राप्त कर अभिनव कुमार और मुकुल रंजन ने मैट्रिक में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. तीसरे स्थान पर भी दो छात्र शामिल हैं. सोनू कुमार और विवेक वैभव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है. इस बार मैट्रिक की परीक्षा में 14 लाख 09 हजार 173 छात्र शामिल हुए थे. इसमें 10 लाख 59 हजार 346 छात्रों को सफलता मिली. मैट्रिक में इस बार 3 लाख 46 हजार 845 छात्र असफल हो गये. रिजल्ट जारी करते हुए अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि इस बार सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के छात्रों ने काफी अच्छा प्रदर्शन दिया है. काफी बेहतर रिजल्ट उस विद्यालय का हुआ है. रिजल्ट जारी करते समय समिति के सचिव श्रीनिवास चंद्र तिवारी के साथ तमाम बोर्ड कर्मचारी मौजूद थे.
- टॉप टेन पर मात्र सात छात्रएं ही शामिल
इस बार मैट्रिक के टॉप टेन की लिस्ट में छात्रओं ने अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायी. बोर्ड द्वारा जारी टॉप टेन में 31 विद्यार्थियों की लिस्ट मे मात्र सात ही छात्रओं ने ही अपना जगह बना पायी हैं. इसमें चौथे नंबर पर प्रतिभा कुमारी छात्रओं में सबसे अधिक अंक 483 प्राप्त हुआ है. वहीं पांचवें स्थान पर खुशबू कुमारी पल्लवी गुदान और प्रीति कुमारी ने अपना स्थान बनाया हैं. पिछली बार की तरह इस बार भी छात्रओं का रिजल्ट टॉप टेन में बेहतर नहीं हो पाया हैं.
- द्वितीय श्रेणी में सबसे अधिक 40.01 प्रतिशत छात्र हुए सफल
इस बार प्रथम श्रेणी में सफल होने वाले छात्र की संख्या द्वितीय श्रेणी में सफल होने वाले छात्रों से कम रहा. मैट्रिक परीक्षा में जहां प्रथम श्रेणी में 21.45 प्रतिशत छात्र सफल रहे, वहीं द्वितीय श्रेणी में सफल होने वाले छात्र का प्रतिशत 40.01 रहा. वहीं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र की संख्या 13.68 प्रतिशत रहा. प्रथम और तृतीय श्रेणी में सफल होने वाले छात्रों की संख्या में इस बार बढ़ोतरी हुई हैं. लेकिन द्वितीय श्रेणी में सफल होने वाले छात्रों की संख्या पिछले साल की अपेक्षा कम रहा है. पिछले साल से 1.89 प्रतिशत कम रहा हैं. इस बार काफी संख्या में छात्र असफल भी हो गये है. 3 लाख 46 हजार 845 छात्र मैट्रिक की परीक्षा में असफल हो गये है.
-208 छात्र का रिजल्ट पेंडिंग
इस बार मैट्रिक के परिणाम में 208 छात्र ऐसे है जिनका रिजल्ट पेंडिं्रग हो गया. इस बार पिछले साल की तुलना में पेंडिंग रिजल्ट की संख्या कम हुई हैं. पिछले साल 512 छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग हो गया था. लेकिन इस बार बोर्ड ने इसे कम से कम करने की कोशिश किया है. पेंडिंग रिजल्ट को बोर्ड की ओर से जल्द से जल्द सही किया जायेगा. बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार कई कारणों से रिजल्ट पेंडिंग हो जाता है. कभी रॉल नंबर तो कभी किसी एक विषय का नंबर नहीं होना या फिर नाम आदि में गड़बड़ी के कारण भी रिजल्ट पेंडिंग हो जाता है. छात्र अपना रिजल्ट लेकर आयेंगे तो उनका रिजल्ट सही कर दिया जायेगा. वहीं परीक्षा के दौरान इस बार 2146 छात्र को निष्कासित किया गया था. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी अधिक हैं. पिछले साल मात्र 839 छात्र को ही निष्कासित किया गया था.
- जुलाई में होगा कंपार्टमेंटल परीक्षा
जो छात्र मैट्रिक की परीक्षा में असफल हो गये है. उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. बोर्ड की ओर से जल्द ही कंपार्टमेंटल परीक्षा लिया जायेगा. इस संबंध में बोर्ड के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि कंपार्टमेंटल परीक्षा की तैयारी जल्द से जल्द शुरू किया जायेगा. इसके लिए जल्द ही तिथि भी निकाली जायेगी. हमारी कोशिश हैं कि जुलाई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में कंपार्टमेंटल की परीक्षा लिया जायेगा.
मैट्रिक परीक्षा संबंधित जानकारी
कुल परीक्षार्थी की संख्या - 14,09,173
छात्रों की कुल संख्या - 7,61,913 (54.06)
छात्रओं की कुल संख्या - 6,47,260 (45.93)
कुल उत्तीर्ण परीक्षार्थी - 10,59,346 (75.17)
प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थी - 3,02,342 (21.42)
द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थी - 5,63,871 (40.01)
तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थी - 19, 28,79 (13.68)
कुल असफल परीक्षार्थी की संख्या - 3,46,845 (24.61)
कुल असफल छात्र की संख्या - 1, 67,697 (22.09)
कुल असफल छात्रओं की संख्या - 1, 79, 148 (27.67)
अनुपस्थित परीक्षार्थी की संख्या - 15246
निष्कासित छात्रों की संख्या - 2146
लंबित परीक्षाफल - 512 (0.01)
- मैट्रिक की परीक्षा में 75.17 प्रतिशत छात्र हुए उत्तीर्ण
- मैट्रिक में इस बार टॉप थ्री में दो-दो टॉपर, 487 अंक प्राप्त कर कुणाल जिज्ञाषु और नीरज रंजन बने स्टेट टॉपर
संवाददाता, पटना
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा मैट्रिक का परिणाम शनिवार को घोषित कर दिया गया. समिति परिसर में बोर्ड के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने मैट्रिक परीक्षा के परिणाम की घोषणा किया. इसके साथ ही बिहार बोर्ड के वेबसाइट .. पर मैट्रिक के रिजल्ट को भी डाल दिया गया. मैट्रिक के रिजल्ट के टॉप टेन में सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के छात्रों का पूरी तरह से कब्जा रहा. बोर्ड द्वारा घोषित प्रदेश के टॉप टेन टॉपर लिस्ट में इस बार 31 विद्यार्थी शामिल किये गये हैं. इसमें 30 विद्यार्थी सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के छात्र ही शामिल हैं. मैट्रिक की परीक्षा में इस बार दो-दो टॉपर घोषित किये गये है. पिछले दस सालों में यह पहली बार हुआ है जब मैट्रिक की परीक्षा में एक जैसे अंक प्राप्त कर दो छात्रों टॉपर बने हैं. सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के छात्र कुणाल जिज्ञाषु और छात्र नीरज रंजन ने कुल 487 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया हैं. वहीं दूसरे स्थान पर ही सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के ही दो छात्र मौजूद हैं. 485 अंक प्राप्त कर अभिनव कुमार और मुकुल रंजन ने मैट्रिक में दूसरा स्थान प्राप्त किया है. तीसरे स्थान पर भी दो छात्र शामिल हैं. सोनू कुमार और विवेक वैभव ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है. इस बार मैट्रिक की परीक्षा में 14 लाख 09 हजार 173 छात्र शामिल हुए थे. इसमें 10 लाख 59 हजार 346 छात्रों को सफलता मिली. मैट्रिक में इस बार 3 लाख 46 हजार 845 छात्र असफल हो गये. रिजल्ट जारी करते हुए अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि इस बार सिमुतल्ला आवासीय विद्यालय के छात्रों ने काफी अच्छा प्रदर्शन दिया है. काफी बेहतर रिजल्ट उस विद्यालय का हुआ है. रिजल्ट जारी करते समय समिति के सचिव श्रीनिवास चंद्र तिवारी के साथ तमाम बोर्ड कर्मचारी मौजूद थे.
- टॉप टेन पर मात्र सात छात्रएं ही शामिल
इस बार मैट्रिक के टॉप टेन की लिस्ट में छात्रओं ने अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायी. बोर्ड द्वारा जारी टॉप टेन में 31 विद्यार्थियों की लिस्ट मे मात्र सात ही छात्रओं ने ही अपना जगह बना पायी हैं. इसमें चौथे नंबर पर प्रतिभा कुमारी छात्रओं में सबसे अधिक अंक 483 प्राप्त हुआ है. वहीं पांचवें स्थान पर खुशबू कुमारी पल्लवी गुदान और प्रीति कुमारी ने अपना स्थान बनाया हैं. पिछली बार की तरह इस बार भी छात्रओं का रिजल्ट टॉप टेन में बेहतर नहीं हो पाया हैं.
- द्वितीय श्रेणी में सबसे अधिक 40.01 प्रतिशत छात्र हुए सफल
इस बार प्रथम श्रेणी में सफल होने वाले छात्र की संख्या द्वितीय श्रेणी में सफल होने वाले छात्रों से कम रहा. मैट्रिक परीक्षा में जहां प्रथम श्रेणी में 21.45 प्रतिशत छात्र सफल रहे, वहीं द्वितीय श्रेणी में सफल होने वाले छात्र का प्रतिशत 40.01 रहा. वहीं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र की संख्या 13.68 प्रतिशत रहा. प्रथम और तृतीय श्रेणी में सफल होने वाले छात्रों की संख्या में इस बार बढ़ोतरी हुई हैं. लेकिन द्वितीय श्रेणी में सफल होने वाले छात्रों की संख्या पिछले साल की अपेक्षा कम रहा है. पिछले साल से 1.89 प्रतिशत कम रहा हैं. इस बार काफी संख्या में छात्र असफल भी हो गये है. 3 लाख 46 हजार 845 छात्र मैट्रिक की परीक्षा में असफल हो गये है.
-208 छात्र का रिजल्ट पेंडिंग
इस बार मैट्रिक के परिणाम में 208 छात्र ऐसे है जिनका रिजल्ट पेंडिं्रग हो गया. इस बार पिछले साल की तुलना में पेंडिंग रिजल्ट की संख्या कम हुई हैं. पिछले साल 512 छात्रों का रिजल्ट पेंडिंग हो गया था. लेकिन इस बार बोर्ड ने इसे कम से कम करने की कोशिश किया है. पेंडिंग रिजल्ट को बोर्ड की ओर से जल्द से जल्द सही किया जायेगा. बोर्ड से मिली जानकारी के अनुसार कई कारणों से रिजल्ट पेंडिंग हो जाता है. कभी रॉल नंबर तो कभी किसी एक विषय का नंबर नहीं होना या फिर नाम आदि में गड़बड़ी के कारण भी रिजल्ट पेंडिंग हो जाता है. छात्र अपना रिजल्ट लेकर आयेंगे तो उनका रिजल्ट सही कर दिया जायेगा. वहीं परीक्षा के दौरान इस बार 2146 छात्र को निष्कासित किया गया था. यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में काफी अधिक हैं. पिछले साल मात्र 839 छात्र को ही निष्कासित किया गया था.
- जुलाई में होगा कंपार्टमेंटल परीक्षा
जो छात्र मैट्रिक की परीक्षा में असफल हो गये है. उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है. बोर्ड की ओर से जल्द ही कंपार्टमेंटल परीक्षा लिया जायेगा. इस संबंध में बोर्ड के अध्यक्ष लालकेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि कंपार्टमेंटल परीक्षा की तैयारी जल्द से जल्द शुरू किया जायेगा. इसके लिए जल्द ही तिथि भी निकाली जायेगी. हमारी कोशिश हैं कि जुलाई के दूसरे या तीसरे सप्ताह में कंपार्टमेंटल की परीक्षा लिया जायेगा.
मैट्रिक परीक्षा संबंधित जानकारी
कुल परीक्षार्थी की संख्या - 14,09,173
छात्रों की कुल संख्या - 7,61,913 (54.06)
छात्रओं की कुल संख्या - 6,47,260 (45.93)
कुल उत्तीर्ण परीक्षार्थी - 10,59,346 (75.17)
प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थी - 3,02,342 (21.42)
द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थी - 5,63,871 (40.01)
तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण परीक्षार्थी - 19, 28,79 (13.68)
कुल असफल परीक्षार्थी की संख्या - 3,46,845 (24.61)
कुल असफल छात्र की संख्या - 1, 67,697 (22.09)
कुल असफल छात्रओं की संख्या - 1, 79, 148 (27.67)
अनुपस्थित परीक्षार्थी की संख्या - 15246
निष्कासित छात्रों की संख्या - 2146
लंबित परीक्षाफल - 512 (0.01)
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