2014 में किया पास, नहीं मिला अब तक मार्क्स सीट
- एक साल बाद भी आकांक्षा प्रिया नहीं ले पायी 11वीं में नामांकन
- स्कूल की मनमानी की शिकार आकांक्षा प्रिया सीबीएसइ रीजनल ऑफिस को दिया है आवेदन
संवाददाता, पटना
परीक्षा दिया पास भी कर गयी. लेकिन अभी तक रिजल्ट नहीं मिला. स्कूल ने ना तो मार्क्स सीट दिया, ना ही माइग्रेशन सर्टिफिकेट दिया और ना ही टीसी ही दिया जिससे 11वीं में दूसरे स्कूल में नामांकन ले पाती. अब एक साल बाद थक कर आकांक्षा प्रिया सीबीएसइ के पास पहुंची है. सीबीएसइ के पास दिये आवेदन के अनुसार आकांक्षा प्रिया 2014 मार्च में ही 10वीं बोर्ड की परीक्षा दी थी. मई में वो 10वीं बोर्ड पास भी कर गयी. लेकिन स्कूल वाले ने उसके रिजल्ट को ही रोक दिया हैं. आकांक्षा प्रिया बार-बार स्कूल जाती रही, लेकिन उसे एक साल बाद भी रिजल्ट नहीं मिला. डीएवी मुंगेर की छात्र आकांक्षा प्रिया ने सीबीएसइ रीजनल ऑफिस को आवेदन देकर सारी जानकारी दी हैं. स्कूल की गलती की वजह से आकांक्षा प्रिया अभी तक 11वीं में नामांकन नहीं ले पायी हैं.
- 7वीं में केंद्रीय विद्यालय से ट्रांसफर करवा कर डीएवी में लिया था नामांकन
आकांक्षा प्रिया क्लास 7वीं तक केंद्रीय विद्यालय जमालपुर की छात्र हैं. 7वीं में ही दिसंबर में आकांक्षा प्रिया ने डीएवी मुंगेर में नामांकन ले लिया. आाकांक्षा प्रिया ने 7वीं के दो एग्जाम केंद्रीय विद्यालय से दिया वहीं दिसंबर के बाद की परीक्षाएं डीएवी मुंगेर से दिया. इसके बाद मार्च में 8वीं में डीएवी मुंगेर में ही रही. 9वीं में रजिस्ट्रेशन भी हुआ. 10वीं की परीक्षाएं भी डीएवी मुंगेर से ही दिया. 10वी में 8.5 सीजीपीए भी आकांक्षा प्रिया ने प्राप्त किया लेकिन उसे अभी तक रिजल्ट नहीं मिल पाया हैं.
- डीएवी से लेकर सीबीएसइ तक दी जानकारी
आकांक्षा प्रिया ने इसकी जानकारी डीएवी दिल्ली के अलावा सीबीएसइ पटना रीजनल और सीबीएसइ दिल्ली को भी भेजा है. दस दिनों पहलें आकांक्षा प्रिया ने डीएवी दिल्ली को इसकी जानकारी दिया हैं. सीबीएसइ पटना रिजन की रीजनल ऑफिसर रश्मि त्रिपाठी को आवेदन दिया है. रश्मि त्रिपाठी ने जल्द से जल्द इसकी जांच करवा कर रिजल्ट देने का आश्वासन भी दिया हैं.
कोट
स्कूल ने अभी तक मार्क्स सीट के साथ माइग्रेशन सर्टिफिकेट और टीसी नहीं दिया. इस कारण बेटी का नामांकन 11वीं में नहीं हो पाया हैं. बार-बार स्कूल का चक्कर लगाते रहें. लेकिन अब थक हार सीबीएसइ के पास आयें हैं. मार्क्स सीट नहीं मिलेगा तो नामांकन नहीं हो पायेगा.
आरके मिश्र,आकांक्षा प्रिया के पिता
- एक साल बाद भी आकांक्षा प्रिया नहीं ले पायी 11वीं में नामांकन
- स्कूल की मनमानी की शिकार आकांक्षा प्रिया सीबीएसइ रीजनल ऑफिस को दिया है आवेदन
संवाददाता, पटना
परीक्षा दिया पास भी कर गयी. लेकिन अभी तक रिजल्ट नहीं मिला. स्कूल ने ना तो मार्क्स सीट दिया, ना ही माइग्रेशन सर्टिफिकेट दिया और ना ही टीसी ही दिया जिससे 11वीं में दूसरे स्कूल में नामांकन ले पाती. अब एक साल बाद थक कर आकांक्षा प्रिया सीबीएसइ के पास पहुंची है. सीबीएसइ के पास दिये आवेदन के अनुसार आकांक्षा प्रिया 2014 मार्च में ही 10वीं बोर्ड की परीक्षा दी थी. मई में वो 10वीं बोर्ड पास भी कर गयी. लेकिन स्कूल वाले ने उसके रिजल्ट को ही रोक दिया हैं. आकांक्षा प्रिया बार-बार स्कूल जाती रही, लेकिन उसे एक साल बाद भी रिजल्ट नहीं मिला. डीएवी मुंगेर की छात्र आकांक्षा प्रिया ने सीबीएसइ रीजनल ऑफिस को आवेदन देकर सारी जानकारी दी हैं. स्कूल की गलती की वजह से आकांक्षा प्रिया अभी तक 11वीं में नामांकन नहीं ले पायी हैं.
- 7वीं में केंद्रीय विद्यालय से ट्रांसफर करवा कर डीएवी में लिया था नामांकन
आकांक्षा प्रिया क्लास 7वीं तक केंद्रीय विद्यालय जमालपुर की छात्र हैं. 7वीं में ही दिसंबर में आकांक्षा प्रिया ने डीएवी मुंगेर में नामांकन ले लिया. आाकांक्षा प्रिया ने 7वीं के दो एग्जाम केंद्रीय विद्यालय से दिया वहीं दिसंबर के बाद की परीक्षाएं डीएवी मुंगेर से दिया. इसके बाद मार्च में 8वीं में डीएवी मुंगेर में ही रही. 9वीं में रजिस्ट्रेशन भी हुआ. 10वीं की परीक्षाएं भी डीएवी मुंगेर से ही दिया. 10वी में 8.5 सीजीपीए भी आकांक्षा प्रिया ने प्राप्त किया लेकिन उसे अभी तक रिजल्ट नहीं मिल पाया हैं.
- डीएवी से लेकर सीबीएसइ तक दी जानकारी
आकांक्षा प्रिया ने इसकी जानकारी डीएवी दिल्ली के अलावा सीबीएसइ पटना रीजनल और सीबीएसइ दिल्ली को भी भेजा है. दस दिनों पहलें आकांक्षा प्रिया ने डीएवी दिल्ली को इसकी जानकारी दिया हैं. सीबीएसइ पटना रिजन की रीजनल ऑफिसर रश्मि त्रिपाठी को आवेदन दिया है. रश्मि त्रिपाठी ने जल्द से जल्द इसकी जांच करवा कर रिजल्ट देने का आश्वासन भी दिया हैं.
कोट
स्कूल ने अभी तक मार्क्स सीट के साथ माइग्रेशन सर्टिफिकेट और टीसी नहीं दिया. इस कारण बेटी का नामांकन 11वीं में नहीं हो पाया हैं. बार-बार स्कूल का चक्कर लगाते रहें. लेकिन अब थक हार सीबीएसइ के पास आयें हैं. मार्क्स सीट नहीं मिलेगा तो नामांकन नहीं हो पायेगा.
आरके मिश्र,आकांक्षा प्रिया के पिता
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