Thursday, June 25, 2015

11वीं में नामांकन की धज्जियां उड़ा रहे सीबीएसइ स्कूल, अपने ही स्टूडेंट्स को लौटा रहे

11वीं में नामांकन की धज्जियां उड़ा रहे सीबीएसइ स्कूल, अपने ही स्टूडेंट्स को लौटा रहे

- 10वीं बोर्ड में कम मार्क्‍स आने पर अपने ही स्कूल में देना पड़ रहा एंट्रांस टेस्ट
- दूसरे स्कूल और बाहर जाने को मजबूर हो रहे स्टूडेंट्स
संवाददाता, पटना
10वीं बोर्ड की परीक्षा में कम अंक आयें. स्कूल के नामांकन की केटेरिया में स्टूडेंट्स सीजीपीए को पूरा नहीं कर पा रहे हैं. ऐसे स्टूडेंट्स के लिए उनके अपने ही स्कूल बेगाने हो जा रहे हैं. पटना में अधिकांश स्कूलों के स्टूडेंट्स का यही हाल हैं. जिस स्कूल में स्टूडेंट्स ने क्लास वन से 10वीं तक की पढ़ाई किया हैं, उसी स्कूल में 11वीं में नामांकन स्टूडेंट्स को नहीं मिल पा रहा हैं. इससे काफी संख्या में ऐसे स्टूडेट्स है जिन्हें 11वीं मे नामांकन नहीं मिल पा रहा हैं. सीबीएसइ के 11वी में नामांकन की धज्जियां उड़ा रहे इन स्कूलों पर कोई लगाम नहीं हैं. स्कूल अपनी मनमानी कर रहें हैं.
- बदल लिया हैं नामांकन की प्रक्रिया
अब हर स्कूलों ने नामांकन की प्रक्रिया बदल दिया है. अब उन्हीं स्टूडेंट्स का नामांकन 11वीं में किसी भी स्कूल में होता है जिनके मार्क्‍स अधिक आये होते हैं. कई स्कूल तो 11वीं में नामांकन के लिए एंट्रांस एग्जाम तक लेते हैं. इस एग्जाम में उस स्कूल से पास करने वाले 10वीं बोर्ड के स्टूडेंट्स भी शामिल होते हैं. जो इस एंट्रांस परीक्षा में पास करता है, उसे ही 11वीं में नामांकन मिलता हैं. वहीं कई स्कूल डायरेक्टर एडमिशन भी 11वीं में लेते हैं. लेकिन इसमें अधिक मार्क्‍स लाने वाले ही स्टूडेंट्स शामिल होते हैं.
- स्कूल से लौटा दिये जाते हैं स्टूडेंट्स
कम अंक लाने वाले स्टूडेंट्स को उनके ही स्कूल वाले यह कह कर लौटा दे रहे है कि उनके मार्क्‍स 11वी में नामांकन को पूरा नहीं करते हैं. इन दिनों अधिकांश स्कूलों में ऐसे स्टूडेंट्स की संख्या की भीड़ लगी होती है जो अपने ही स्कूल से लौटाये जा रहे हैं. उन्हें 11वी में नामांकन नहीं मिल रहा हैं.
- सेशन शुरू होने के बाद भी स्टूडेट्स लगा रहे स्कूल का चक्कर
कई स्कूलों में 11वीं का सेशन शुरू हो चुका हैं. इसके बावजूद जिन स्टूडेंट्स का अपने स्कूल में नामांकन नहीं लिया गया हैं, वो स्टूडेंट्स स्कूल का चक्कर लगा रहे हैं. कोई अभिभावक के साथ तो कोई खुद ही अपने रिजल्ट को लेकर स्कूल प्रशासन से मिलने आ रहा हैं. पटना के अधिकांश स्कूलों की माने तो स्कूल में 60 फीसदी स्टूडेंट्स का नामांकन अपने स्कूल से लिया गया हैं, बांकी 40 फीसदी स्टूडेंट्स बाहर से 11वीं में नामांकन ली हैं. स्कूल की 40 फीसदी स्टूडेंट्स का नामांकन नहीं लिया जा सका हैं. क्योंकि इन स्टूडेंट्स को सीजीपीए कम था और ये स्कूल की नामांकन की केटेरिया को पूरा नहीं कर पा रहे थे. पटना में अधिकांश स्कूलों की यहीं स्थिति रही हैं.
- 10वीं में टीसी नहीं दे सकता है स्कूल
सीबीएसइ के नियम के अनुसार जो स्टूडेंट्स 10वीं बोर्ड की परीक्षा के बाद 11वीं की पढ़ाई उसी स्कूल से करना चाहता है तो उसे स्कूल नहीं रोक सकता हैं. ऐसे में अगर उस स्टूडेंट्स को मार्क्‍स भी कम क्यूं ना आयें हों. स्कूल 11वीं में दुबारा उसी स्टूडेंट्स का नामांकन नही ले सकता हैं जो 10वीं की पढ़ाई उसी स्कूल से किया हो. अगर स्टूडेंट्स चाहे तभी वो 11वीं में दूसरे स्कूल में जा सकता हैं. लेकिन पटना में तमाम स्कूल 10वी के बाद स्टूडेंट्स को टीसी देकर दुबारा नामांकन लेने को बाध्य कर रहे हैं.

पटना के स्कूलों में 11वीं में नामांकन की है केटेरिया
- 10वीं में टीसी दे दिया जाता हैं
- 11वीं में फ्रेस नामांकन होता हैं
- 11वीं मे नामांकन के लिए एंट्रांस एग्जाम पास करना जरूरी हैं
- 10वी के रिजल्ट का अपने ही स्कूल में कोई महत्व नहीं हैं
- 11वीं में नामांकन के लिए आवेदन फार्म भरना ही पड़ता हैं
- नामांकन की पूरी प्रक्रिया नये के साथ पुराने स्टूडेंट्स को भी पूरा करना पड़ता हैं
- आइसीएसइ बोर्ड के स्टूडेंट को अधिक मार्क्‍स आने से सीबीएसइ में डायरेक्ट नामांकन 11वी में हो जाता हैं

कोट
11वीं में बाहर के स्टूडेंट्स का नामांकन लिया जा सकता हैं. लेकिन जो स्टूडेंट्स उसी स्कूल में 10वीं की पढ़ाई किया हो, उसे बाहर नहीं किया जा सकता हैं. 11वी में नामांकन स्टूडेंट्स अपनी मरजी से जहां चाहे ले सकते हैं. स्कूल का दबाव नहीं होना चाहिए.
रश्मि त्रिपाठी, रीजनल ऑफिसर, सीबीएसइ

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