Sunday, June 28, 2015

तीन महीने शेष, एफिलिएशन नहीं मिला तो 4 हजार स्टूडेंट्स का साल हो जायेगा बर्बाद

- अप्लाइ करने के बावजूद दो साल बाद भी नहीं मिला एफिलिएशन
- सीबीएसइ ने नहीं भेजी कोई जांच कमेटी
संवाददाता, पटना
दो साल पहले मई 2013  में पूरे प्रदेश से आठ स्कूलों ने सीबीएसइ की मान्यता लेने के लिए अप्लाइ किया. अप्लाइ में 20 हजार रुपये भी खर्च किया. आवेदन को सीबीएसइ ने एप्रूव भी कर दिया. लेकिन अभी तक मान्यता देने की प्रक्रिया भी शुरू नहीं हुई. ना कमिटी बनी हैं और ना ही स्कूल की जांच की गयी हैं. अब जब स्कूल में 9वीं की पढ़ाई 2015 अप्रैल सेशन से शुरू हो चुका हैं. तो ऐसे में अगर इन स्कूलों को सीबीएसइ जल्द मान्यता नहीं देता हैं तो इन स्कूलों के लगभग चार हजार स्टूडेंट्स का भविष्य अधर में लटक जायेगा. सीबीएसइ दिल्ली के सूत्रों की माने तो पूरे देश में 50 और बिहार में 8 ऐसे स्कूल हैं जिन्होंने दो साल पहले एफिलिएशन के लिए अप्लाइ किया, लेकिन अभी तक इसकी कोई प्रक्रिया बोर्ड की ओर से शुरू नहीं किया गया हैं. ऐसे में इन स्कूलों में पढ़ने वाले 9वीं क्लास के स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पायेगा.
- पटना से तीन और बांकी पांच हैं दूसरे जिलों से
मान्यता लेने की सूची में पटना के तीन बड़े स्कूलों का नाम हैं. ये वो स्कूल है जिन्होंने कई सालों पहले पटना में स्कूल खोला हैं. 7वीं तक के लिए स्कूल को खोला गया था. इन स्कूलों में इस साल से 9वीं की पढ़ाई शुरू हो गयी. पटना जिला के अलावा भागलपुर, नवादा, बिहारसरीफ, दरभंगा, मुजफ्फरपुर जिला से एक-एक स्कूल इसमें शामिल हैं. इन स्कूलों में अभी लगभग चार हजार स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं. क्लास 9वीं की बात करें तो लगभग एक हजार स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं.
- 31 मार्च 2015 तक मिल जाना चाहिए था मान्यता
सीबीएसइ सूत्रों की माने तो इन तमाम स्कूलों को 31 मार्च 2015 तक सीबीएसइ को मान्यता दे देना चाहिए था. क्योंकि 2015 में इन स्कूलों में 9वीं क्लास शुरू कर दिये गये हैं. अब इन स्कूलों के स्टूडेंट्स 9वीं क्लास में रजिस्ट्रेशन करवायेगे, तभी 10वीं बोर्ड की परीक्षा 2016 सत्र में ये दे पायेंगे. ऐसे में इन स्कूलों को 31 मार्च 2015 में मान्यता मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होती. इन स्कूल के स्टूडेट्स 9वीं की पढ़ाई तो शुरू कर दिये हैं, लेकिन मात्र तीन महीने तक ही ये पढ़ाई कर पायेंगे. सीबीएसइ की माने तो अगस्त में होने वाले 9वीं के रजिस्ट्रेशन में इन स्कूलों के स्टूडेंट्स शामिल नहीं हो पायेंगे. इससे इन स्टूडेंट्स का साल बर्बाद हो जायेगा. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो 31 मार्च 2015 तक मान्यता नहीं मिलने के बाद अब एक साल तक इन स्कूलों को मान्यता नहीं मिलेगी.
- मान्यता देने से पहले होती है स्कूलों की जांच
सीबीएसइ के पास हर साल नये स्कूल मान्यता के लिए आवेदन देते हैं. आवेदन के लिए मई से लेकर 30 जून तक समय भी बोर्ड की ओर से दिया जाता है. आवेदन मिलने के साल भर के अंदर बोर्ड की ओर चार-पांच लोगों की कमिटी बनायी जाती हैं. यह कमिटी उन स्कूलों में जाकर जांच करती है. इसमें कमिटी देखती हैं कि स्कूल सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइ लॉज का पालन कर रही हैं कि नहीं. क्लास रूम की संख्या के साथ स्टूडेंट्स की संख्या, टीचर्स की संख्या, स्कूल का इन्फ्रास्ट्रर आदि पर जांच कमिटी फोकस करती हैं. स्कूल की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार किया जाता हैं. रिपोर्ट पोजिटिव हो या निगेटिव, सीबीएसइ कारण के साथ स्कूल को भेज देता हैं. अगर स्कूल को मान्यता मिलती है तो किस बेसिस पर मान्यता दी गयी, यह भी बताया जाता है और अगर मान्यता नहीं मिलती है तो यह भी सीबीएसइ स्कूल को रिपोर्ट भेज कर बताती हैं.
- अगस्त में होगा 9वीं क्लास का रजिस्ट्रेशन
सीबीएसइ स्कूलों में रजिस्ट्रेशन का काम अगस्त में शुरू होता हैं. हर स्कूलों को इसके पहले 9वीं और 11वीं के स्टूडेंट्स का एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेंट्स) बना कर बोर्ड को भेजना होता हैं. इसी लिस्ट के अनुसार बोर्ड परीक्षा के समय परीक्षा फार्म स्टूडेंट्स को भरवाया जाता हैं. रजिस्ट्रेशन का काम अगस्त के अंतिम सप्ताह में शुरू किया जाता हैं. सीबीएसइ उन्हीं स्कूलों के 9वीं क्लास के स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन करता हैं जो सीबीएसइ से मान्यता प्राप्त होते हैं.

कोट
मान्यता लेने

राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ

No comments:

Post a Comment