Thursday, June 18, 2015

छात्र ने अंग्रेजी में दी परीक्षा, मगर बिहार बोर्ड के पास हिंदी में लिखी उत्तर पुस्तिका

छात्र ने अंग्रेजी में दी परीक्षा, मगर बिहार बोर्ड के पास हिंदी में लिखी उत्तर पुस्तिका

दो छात्रों की फोटो पटना फोल्डर में रखी गयी है
- उत्तर पुस्तिका पर हुआ शक तो बोर्ड ने रोक दिया तीन छात्रों का रिजल्ट
- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति कार्यालय में गुरुवार को छात्रों को बुला कर की गयी पूछताछ
- अब स्क्रूटनी के आधार पर होगी एवरेज मार्किग
रिंकू झा, पटना
शिक्षकों की लापरवाही ने बिहार बोर्ड की इंटर साइंस परीक्षा में बैठे तीन छात्रों का भविष्य दावं पर लगा दिया है. इन छात्रों ने परीक्षा तो दी, मगर मूल्यांकन केंद्रों तक पहुंचने से पहले ही इनकी कॉपियां बदल गयी. जांच में पता चला कि छात्रों की उत्तर पुस्तिका को परीक्षा केंद्र पर ही चेंज कर दिया गया था. इसके चलते उनके पूरे रिजल्ट पर ही रोक लगी हुई है. इसका खुलासा तब हुआ जब अध्यक्ष के बुलावे पर तीन में दो छात्र गुरुवार को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति कार्यालय पहुंचे. मामला तब रोचक हो गया जब एक छात्र ने बताया कि उसने परीक्षा अंग्रेजी में दी थी, लेकिन जो उत्तर पुस्तिका बोर्ड के पास मौजूद है उसमें उत्तर हिंदी में लिखा है.
आरा के एक ही स्कूल के दो छात्र
पीड़ित छात्रों में दो आरा जिला के एचएमके प्लस टू स्कूल के हैं. इनमें एक छात्र अंकुर अंकिता (रॉल कोड 13023, रॉल नंबर 10001) और दूसरा अंनत कौस्तूभ (रॉल कोड 13023, रॉल नंबर 10028) है. अंकुर का परीक्षा केंद्र टाउन हाई स्कूल, आरा में था वहीं अंनत का परीक्षा केंद्र संजय गांधी कॉलेज, आरा में था.
अपनी ही उत्तर पुस्तिका को देख कर रो पड़ी अंकिता
20 मई को वेबसाइट पर रिजल्ट नहीं देखने के बाद अंकिता ने तुरंत बिहार बोर्ड से संपर्क किया. बोर्ड के पास आवेदन भी दिया. इसके बाद बोर्ड की ओर से 15 जून को एक नोटिस गया और 18 जून को बोर्ड के पास उपस्थिति होने को कहा गया. अंकिता ने बताया कि केमेस्ट्री और मैथ विषय के उत्तर पुस्तिका बोर्ड ने उसे दिखाया. केमेस्ट्री की कॉपी वो नहीं थी जिस पर वो उत्तर लिख कर वो आयी थी. अंकिता ने बताया कि उसने उत्तर रोमन ( इंगलिश) में दिया था और बोर्ड ने जो उसे आंसर कॉपी दिखाया है वो देवनागरी (हिंदी) में लिखा हुआ है. वो मेरी लिखावट भी नहीं हैं. अपनी कॉपी नहीं देख कर अंकिता रोते हुए बोली के मैथ की परीक्षा के दिन जिस सीट पर पहले वो बैठी थी वहां पर जो उत्तर पुस्तिका दिया गया. उसका एटेडेंस सीट पर कॉपी नंबर लिखा. लेकिन कुछ देर बार वीक्षक ने वहां से उठा कर दूसरी जगह पर बैठा दिया. फिर उसे दूसरी उत्तर पुस्तिका दिया गया. इससे दोनों ही जगहों के उत्तर पुस्तिका का नंबर चेंज हो गया.
फिजिक्स के कॉपी को कर दिया गया चेंज
वहीं छात्र अनंत ने बताया कि उसे बोर्ड ने फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका दिखायी. लेकिन वो उत्तर पुस्तिका उसकी नहीं थी, जिस पर वो उत्तर लिख कर आया था. विद्या विहार स्कूल, पूर्णिया से 96.6 सीजीपीए प्राप्त अनंत ने बताया कि अभी जेइइ मेन के लिए उसे 12वीं का मार्क्‍स सीबीएसइ को भेजना था, लेकिन मार्क्‍स सीट नहीं मिलने के कारण नहीं भेज पाया. अनंत के पिता विधु मंगल सिंह ने बताया कि कई इंजीनियरिंग कॉलेज की काउंसेलिंग होनी थी. लेकिन वो सारी छूट गयी. वहीं अंकिता ने पटना निफ्ट में 129वां रैंक प्राप्त किया है. 29 जून को अंकिता की काउंसेलिंग हैं. लेकिन 12वीं के रिजल्ट नहीं मिलने से उसके हाथ से भी यह सफलता निकल जायेगी.
एवरेज मार्किग पर मिलेगा रिजल्ट
दोनों ही छात्रों की बात सुनने के बाद बोर्ड ने दोनों ही छात्र से लिखित आश्वासन लिया. दोनों ही छात्रों ने अपनी सहमति से बोर्ड से एवरेज मार्किग कर रिजल्ट जल्द से जल्द देने का आग्रह किया हैं. समिति के अनुसार दोनों की छात्रों के दूसरे विषय की तुलना में इन विषयों पर एवरेज मार्किग की जायेगी. इसके बाद 20 जून को इन दोनों ही छात्रों को रिजल्ट दिया जायेगा. तीसरा छात्र के नहीं आने के कारण उसके रिजल्ट पर बोर्ड कोई निर्णय नहीं ले रहा है.

कोट
इस बार तीन छात्रों के उत्तर पुस्तिका पर कॉपी जांच के दौरान ही यह मामला आया था. इनके उत्तर पुस्तिका पर रॉल नंबर से लेकर कई ऐसी चीजें थी जो शक जाहिर कर रहा था कि इस उत्तर पुस्तिका के साथ छेड़छाड़ की गयी है. आज छात्रों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था. तीन में से दो ही छात्र आये. तीसरा नहीं आया. उन्हें कॉपी दिखायी गयी हैं. कॉपी देख छात्र बोले के ये उनकी कॉपी नहीं है जिस पर वो उत्तर लिख कर आये थे.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति

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