नवादा जिले का सबसे बेहतर रहा रिजल्ट, 94 फीसदी छात्र हुए उतीर्ण
- नवादा जिला ने लगभग दो फीसदी रिजल्ट हुआ बेहतर
- सबसे खराब रहा मुजफ्फरपुर जिला का रिजल्ट, मात्र 56.907 फीसदी छात्र हुए पास
संवाददाता, पटना
मैट्रिक रिजल्ट में इस बार कई जिलों के छात्रों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया तो कई जिले पिछले साल के मुकाबले भी अच्छा रिजल्ट नहीं कर पायें. इस बार मैट्रिक के रिजल्ट में नवादा जिला का सबसे बेहतर रिजल्ट रहा. नवादा जिला ने पिछले साल के मुकाबले बेहतर रिजल्ट करते हुए 94.587 फीसदी रिजल्ट देकर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. नवादा जिला ने 2014 के तुलना में लगभग दो फीसदी बेहतर रिजल्ट दिया हैं. वहीं दूसरे स्थान पर शेखपुरा जिला का रिजल्ट रहा. शेखपुरा जिला ने 93.924 फीसदी रिजल्ट रहा. शेखपुरा जिला के छात्रों ने भी पिछले साल की तुलना में लगभग 12 फीसदी बढ़िया रिजल्ट दिया हैं. बेहतर रिजल्ट देने में तीसरे स्थान पर अरवल जिला हैं. अरवल जिला में 92.673 फीसदी छात्रों को सफलता मिली हैं. अरवल जिलों के छात्रों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में एक फीसदी अधिक हुआ हैं. वहीं इस बार पूरे प्रदेश में सबसे खराब रिजल्ट मुजफ्फरपुर जिला का रहा. मुजफ्फरपुर जिला में इस बार मात्र 56.907 फीसदी छात्र ही सफल हो पायें हैं. वहीं भभुआ जिला और अररिया जिला दूसरे और तीसरे स्थान पर रहा, जहां पर मात्र 60 फीसदी के लगभग ही छात्र उतीर्ण हो पायें हैं. मुजफ्फरपुर जिला का इस बार रिजल्ट 2014 के मुकाबले छह फीसदी कम हो गया है. वहीं अररिया का रिजल्ट 2014 के मुकाबले ग्यारह फीसदी कम हुआ है. सुपौल जिला का रिजल्ट 2014 के मुकाबले पंद्रह फीसदी कम हो गया हैं. देखा जायें तो 2014 के मुकाबले 2015 में 22 जिलों के रिजल्ट ने बेहतर हुआ है वहीं 16 जिलों का रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले घट गया हैं.
- 22 जिलों का प्रदर्शन गिरा, 16 ने किया बेहतर
इस बार पूरे प्रदेश में कई ऐसे जिलें हैं जिनका रिजल्ट पिछले साल की तुलना में घट गयी है. वहीं कई जिलों ने पिछले साल की तुलना में बेहतर रिजल्ट किया है. पिछले साल जहां जमुई जिला का रिजल्ट सबसे बेहतर 93.291 फीसदी रहा, वहीं इस बार नवादा के छात्रों ने बाजी मारी. इस बार 22 जिलों के रिजल्ट में कमी आयी है. वहीं 16 जिलो का रिजल्ट बेहतर हुआ है. कई जिलों ने तो इस बार रिजल्ट में काफी सुधार भी किया है.
- वैशाली का पांच फीसदी रिजल्ट घट गया
मैट्रिक की परीक्षा में सबसे अधिक चर्चा में रहा वैशाली जिला रिजल्ट मे बेहतर नहीं कर पाया. जिलें में परीक्षा के दौरान तो कदाचार की काफी घटनाएं हुई. लेकिन रिजल्ट देने में वैशाली मात्र 81.80 फीसदी ही रहा. लगभग 82 फीसदी पर आकर वैशाली जिले का रिजल्ट सिमट कर रह गया. अगर 2014 की बात करें तो वैशाली जिले का रिजल्ट पिछले साल की तुलना मे भी कम रहा. लगभग पांच फीसदी वैशाली जिला के रिजल्ट में कमी आ गयी है. 2014 में जहां वैशाली से 86.60 फीसदी रिजल्ट हुआ था वहीं इस बार 81.80 फीसदी रिजल्ट पर सिमट गया.
- नवादा जिला ने लगभग दो फीसदी रिजल्ट हुआ बेहतर
- सबसे खराब रहा मुजफ्फरपुर जिला का रिजल्ट, मात्र 56.907 फीसदी छात्र हुए पास
संवाददाता, पटना
मैट्रिक रिजल्ट में इस बार कई जिलों के छात्रों ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया तो कई जिले पिछले साल के मुकाबले भी अच्छा रिजल्ट नहीं कर पायें. इस बार मैट्रिक के रिजल्ट में नवादा जिला का सबसे बेहतर रिजल्ट रहा. नवादा जिला ने पिछले साल के मुकाबले बेहतर रिजल्ट करते हुए 94.587 फीसदी रिजल्ट देकर पूरे प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है. नवादा जिला ने 2014 के तुलना में लगभग दो फीसदी बेहतर रिजल्ट दिया हैं. वहीं दूसरे स्थान पर शेखपुरा जिला का रिजल्ट रहा. शेखपुरा जिला ने 93.924 फीसदी रिजल्ट रहा. शेखपुरा जिला के छात्रों ने भी पिछले साल की तुलना में लगभग 12 फीसदी बढ़िया रिजल्ट दिया हैं. बेहतर रिजल्ट देने में तीसरे स्थान पर अरवल जिला हैं. अरवल जिला में 92.673 फीसदी छात्रों को सफलता मिली हैं. अरवल जिलों के छात्रों का रिजल्ट पिछले साल की तुलना में एक फीसदी अधिक हुआ हैं. वहीं इस बार पूरे प्रदेश में सबसे खराब रिजल्ट मुजफ्फरपुर जिला का रहा. मुजफ्फरपुर जिला में इस बार मात्र 56.907 फीसदी छात्र ही सफल हो पायें हैं. वहीं भभुआ जिला और अररिया जिला दूसरे और तीसरे स्थान पर रहा, जहां पर मात्र 60 फीसदी के लगभग ही छात्र उतीर्ण हो पायें हैं. मुजफ्फरपुर जिला का इस बार रिजल्ट 2014 के मुकाबले छह फीसदी कम हो गया है. वहीं अररिया का रिजल्ट 2014 के मुकाबले ग्यारह फीसदी कम हुआ है. सुपौल जिला का रिजल्ट 2014 के मुकाबले पंद्रह फीसदी कम हो गया हैं. देखा जायें तो 2014 के मुकाबले 2015 में 22 जिलों के रिजल्ट ने बेहतर हुआ है वहीं 16 जिलों का रिजल्ट पिछले साल के मुकाबले घट गया हैं.
- 22 जिलों का प्रदर्शन गिरा, 16 ने किया बेहतर
इस बार पूरे प्रदेश में कई ऐसे जिलें हैं जिनका रिजल्ट पिछले साल की तुलना में घट गयी है. वहीं कई जिलों ने पिछले साल की तुलना में बेहतर रिजल्ट किया है. पिछले साल जहां जमुई जिला का रिजल्ट सबसे बेहतर 93.291 फीसदी रहा, वहीं इस बार नवादा के छात्रों ने बाजी मारी. इस बार 22 जिलों के रिजल्ट में कमी आयी है. वहीं 16 जिलो का रिजल्ट बेहतर हुआ है. कई जिलों ने तो इस बार रिजल्ट में काफी सुधार भी किया है.
- वैशाली का पांच फीसदी रिजल्ट घट गया
मैट्रिक की परीक्षा में सबसे अधिक चर्चा में रहा वैशाली जिला रिजल्ट मे बेहतर नहीं कर पाया. जिलें में परीक्षा के दौरान तो कदाचार की काफी घटनाएं हुई. लेकिन रिजल्ट देने में वैशाली मात्र 81.80 फीसदी ही रहा. लगभग 82 फीसदी पर आकर वैशाली जिले का रिजल्ट सिमट कर रह गया. अगर 2014 की बात करें तो वैशाली जिले का रिजल्ट पिछले साल की तुलना मे भी कम रहा. लगभग पांच फीसदी वैशाली जिला के रिजल्ट में कमी आ गयी है. 2014 में जहां वैशाली से 86.60 फीसदी रिजल्ट हुआ था वहीं इस बार 81.80 फीसदी रिजल्ट पर सिमट गया.
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