Monday, April 20, 2015

नहीं होगा परीक्षा देने में फर्जीवाड़ा, एलओसी में छात्र सीधे कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन

नहीं होगा परीक्षा देने में फर्जीवाड़ा, एलओसी में छात्र सीधे कर सकेंगे रजिस्ट्रेशन


-  9वीं और 11वीं के लिए सीबीएसइ ने अभिभावकों को दिया निर्देश
-  दूसरे स्कूल से परीक्षा फार्म नहीं भरवा सकेंगे स्कूल
संवाददाता, पटना
अब स्टूडेंट्स सीधे अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे. इसके लिए अब उन्हें स्कूल के उपर निर्भर नहीं होना पड़ेगा. एक बार रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद उन्हें एक कोड नंबर मिलेगा, जिसकी मदद से स्टूडेंट्स को आगे परीक्षा संबंधित अपडेट बोर्ड की ओर से सीधे मिलता रहेगा. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से यह व्यवस्था इस सेशन से शुरू किया जा रहा है. 9वीं और 11वीं के रजिस्ट्रेशन के लिए अब स्टूडेंट्स को अब स्कूल पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी. स्टूडेंट्स बोर्ड से रजिस्टर्ड होने के बाद बोर्ड के सीधे संपर्क में आ जायेंगे. इसके बाद जो भी जानकारी होगी बोर्ड सीधे स्टूडेंट को अपडेट करता रहेगा. ऐसे में उन स्कूलों के फर्जीवाड़ा पर लगाम कसा जा सकेगा जो दूसरे स्कूल के स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन करते है. इसके अलावा उन स्कूलों को पकड़ा जा सकेगा जहां के स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन दूसरे स्कूल से करवाया जाता है.
- स्कूल के कोड के साथ ऑन लाइन रजिस्ट्रेशन फार्म भर पायेंगे स्टूडेंट्स
सीबीएसइ ने इस सेशन से रजिस्ट्रेशन फार्म भरने में परिवर्तन किया है. जून में सीबीएसइ स्कूलों में 9वीं और 11वीं के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होता है. इस बार स्टूडेंट्स स्कूल कोड और पासवर्ड लेकर खुद ही एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेंट्स) में रजिस्ट्रेशन फार्म भर सकेंगे. स्टूडेंट द्वारा भरे गये रजिस्ट्रेशन फार्म के बाद सीबीएसइ स्टूडेंट को एक कोड नंबर देगा. इस कोड नंबर से स्टूडेंट्स अपनी एकेडेमिक आगे की जानकारी बोर्ड से सीधे ले पायेगा. सीबीएसइ की माने तो 9वीं और 11वीं के फाइनल रिजल्ट संबंधित जानकारी के साथ एफए (फार्मेटिव असेसमेंट), एसए (समेटिव असेसमेंट), पीएसए (प्रॉब्लम सॉल्विंग असेसमेंट)आदि के बारे मे स्टूडेंट्स जानकारी सीधे बोर्ड से ले पायेगे. इसके लिए अब स्टूडेंट्स को स्कूल पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा.
- एलओसी में शामिल स्टूडेंट्स पर दो सालों तक बोर्ड की रहेगी नजर
 जो स्टूडेंट्स एलओसी में शामिल होंगे. उनके उपर दो सालों तक सीबीएसइ की नजर रहेगी. 9वीं में रजिस्ट्रेशन करवा चुके स्टूडेंट्स में कितने स्टूडेंट्स 10वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल होंगे. वहीं 11वीं और 12वीं में शामिल स्टूडेंट्स की एकेडेमिक पर सीबीएसइ की नजर रहेगी. इसी के तहत सीबीएसइ ने 2014 से 11वीं के रिजल्ट की ऑन लाइन मार्क्‍स सीट स्कूलों से मांगना शुरू किया है. जिस स्कूल में 11वीं में स्टूडेंट्स फेल कर जाते है तो उन्हें स्कूल की ओर से कंपार्टमेंटल परीक्षा दिलवाया जाता है.
 - चार बार एलओसी से जुड़ते है स्टूडेंट्स
सीबीएसइ द्वारा 9वीं से 12वीं तक चार बार एक स्टूडेट्स को एलओसी से जोड़ा जाता है. 9वीं और 11वीं में रजिस्ट्रेशन के समय स्टूडेंट्स के सारे डिटेल्स लिये जाते है. वहीं 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स के एलओसी तैयार किया जाता है. ऐसे में स्कूल के साथ बोर्ड के पास भी स्टूडेंट्स संबंधित सारी जानकारी रहती है. सीबीएसइ द्वारा एलओसी से जोड़े गये स्टूडेंट्स के नाम, एड्रेस, कांटैक्ट नंबर, विषय की जानकारी आदि प्रमुख रूप से ली जाती है.
- नामांकन और रजिस्ट्रेशन का चलता खेल
पटना के कई स्कूलों में नामांकन से लेकर रजिस्ट्रेशन का खेल चलता है. स्टूडेंट्स पढ़ते तो किसी और स्कूल में है और 9वीं में रजिस्ट्रेशन किसी और स्कूल से करवा लेते है. ऐसे में उन स्टूडेंट्स को सीबीएसइ आसानी से पकड़ पायेगा. स्टूडेंट्स के 8वीं तक के रिकार्ड देखा जायेगा. उन स्टूडेंट्स के 9वीं और 10वीं में स्कूल जाने और एटेंडेंस सीट की जांच होगी. पकड़ में आने वाले स्कूल और स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन खत्म कर दिया जायेगा. कुछ ऐसी ही प्रक्रिया 11वीं और 12वीं के स्टूडेट्स के साथ भी की जायेगी. 

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