सीटीइटी के प्रायमरी लेवल की परीक्षा में दो लाख में 37 हजार हुए पास
- सीटीइटी की परीक्षा में प्राथमिक में 17.90 फीसदी और माध्यमिक में 9.16 फीसदी अभ्यर्थी हुए पास
- पटना रिजन में 9.13 फीसदी ही रही रिजल्ट
संवाददाता, पटना
टीचर्स को ना तो बच्चों के बारे में सही जानकारी है और ना ही बच्चों के साइकोलॉजी को ही टीचर्स पकड़ पा रहे है. मैथ से लेकर साइंस और सोशल साइंस में भी टीचर टीचिंग एक्सपेरियेंस नहीं रखते है. यही वजह है कि टीचिंग क्वालिटी कम होती जा रही हैं. टीचर्स के प्रति यह संदेह सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) ने व्यक्त किया है. फरवरी में ली गयी सीटीइटी (सेंट्रल टीचर्स इजिब्लिटी टेस्ट) के रिजल्ट की घोषणा करने के साथ सीबीएसइ ने टीचर्स की क्वालिटी को लेकर कहा है कि हर साल टीचर्स की क्वालिटी कम होती जा रही है. इसी का परिणाम है कि सीटीइटी में 25 फीसदी भी अभ्यर्थी पास नहीं कर पायें. इस बार सीटीइटी की प्रायमरी लेवल की परीक्षा में 207522 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसमें 37153 (17.90 फीसदी) अभ्यर्थी को सफलता मिली. वहीं इलिमेंट्री (माध्यमिक) लेवल की परीक्षा में 470032 अभ्यर्थी शामिल हुए. इसमें 43034 (9.16 फीसदी) अभ्यर्थी को सफलता मिली.
- पटना रिजन अंतिम पायदान पर
सीटीइटी की परीक्षा में सीबीएसइ के तमाम रिजन की बात करें तो पटना रिजन अंतिम पायदान पर है. पटना रिजन से लगभग दो लाख अभ्यर्थी सीटीइटी की परीक्षा में शामिल हुए. इसमें मात्र 10 हजार अभ्यर्थी को सफलता मिल पायी है. पटना रिजन के 9.13 फीसदी अभ्यर्थी को ही सीटीइटी में सफलता मिल पायी है. ज्ञात हो कि देश भर में 96 शहरों में 988 परीक्षा केंद्र पर सीटीइटी की परीक्षा आयोजित की गयी थी. इसमें अधिकांश परीक्षा केंद्र का रिजल्ट जीरो फीसदी पर रहा है.
- घट रहा है जेनरल अभ्यर्थी की संख्या
सीटीइटी की परीक्षा देने में जेनरल अभ्यर्थी की संख्या हर साल कम होती जा रही है. 22 फरवरी 2015 को आयोजित सीटीइटी की परीक्षा में जेनरल अभ्यर्थी से ओबीसी केटेगरी अभ्यर्थी की संख्या अधिक थी. सीबीएसइ की माने तो पेपर फस्र्ट में जेनरल अभ्यर्थी से 8495 अधिक अभ्यर्थी ओबीसी के शामिल हुए. वहीं पेपर सेकेंड में 20 हजार ओबीसी अभ्यर्थी जेनरल अभ्यर्थी से अधिक थे.
- सब्जेक्ट वाइज जानकारी भी कम हैं
सीबीएसइ की माने तो सीटीइटी के रिजल्ट में जिन विषयों संबंधित जानकारी टीचर्स से टेस्ट के दौरान ली गयी है. उसमें अधिकांश टीचर फेल कर गये है. जिन विषयों में टीचर्स ने ग्रेजुएशन किया है. उस विषय में भी अच्छे अंक टीचर्स नहीं ला पायें हैं. मैथ, सोशल साइंस, साइंस आदि विषय में बेसिक जानकारी भी सीबीएसइ स्कूल में पढ़ा रहे टीचर्स को नहीं है.
यह है रिजल्ट का सेनेरियो
पेपर फस्र्ट (क्लास वन से 5वीं तक)
रजिस्ट्रेशन करवाने वाले अभ्यर्थी - 239961
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी - 207522
क्वालिफाई होने वाले अभ्यर्थी - 37153 (17.90 फीसदी)
पेपर सेकेंड (क्लास 6ठीं से 8वीं तक)
रजिस्ट्रेशन करवाने वाले अभ्यर्थी - 561706
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी - 470032
क्वालिफाई होने वाले अभ्यर्थी - 43034 (09.16 फीसदी)
कोट
टीचर्स की क्वालिटी की जांच के लिए सीटीइटी की परीक्षा ली जाती है. लेकिन हर साल इसका रिजल्ट पिछले साल से भी खराब होता है. टीचर्स की क्वालिटी कम होती जा रही है. जिन टीचर्स को पांच साल का टीचिंग एक्सपेरियेंस होता है. वहीं इस परीक्षा में शामिल होते है. हर छह महीने पर सीटीइटी की परीक्षा ली जाती है.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ पटना
- सीटीइटी की परीक्षा में प्राथमिक में 17.90 फीसदी और माध्यमिक में 9.16 फीसदी अभ्यर्थी हुए पास
- पटना रिजन में 9.13 फीसदी ही रही रिजल्ट
संवाददाता, पटना
टीचर्स को ना तो बच्चों के बारे में सही जानकारी है और ना ही बच्चों के साइकोलॉजी को ही टीचर्स पकड़ पा रहे है. मैथ से लेकर साइंस और सोशल साइंस में भी टीचर टीचिंग एक्सपेरियेंस नहीं रखते है. यही वजह है कि टीचिंग क्वालिटी कम होती जा रही हैं. टीचर्स के प्रति यह संदेह सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) ने व्यक्त किया है. फरवरी में ली गयी सीटीइटी (सेंट्रल टीचर्स इजिब्लिटी टेस्ट) के रिजल्ट की घोषणा करने के साथ सीबीएसइ ने टीचर्स की क्वालिटी को लेकर कहा है कि हर साल टीचर्स की क्वालिटी कम होती जा रही है. इसी का परिणाम है कि सीटीइटी में 25 फीसदी भी अभ्यर्थी पास नहीं कर पायें. इस बार सीटीइटी की प्रायमरी लेवल की परीक्षा में 207522 अभ्यर्थी शामिल हुए थे. इसमें 37153 (17.90 फीसदी) अभ्यर्थी को सफलता मिली. वहीं इलिमेंट्री (माध्यमिक) लेवल की परीक्षा में 470032 अभ्यर्थी शामिल हुए. इसमें 43034 (9.16 फीसदी) अभ्यर्थी को सफलता मिली.
- पटना रिजन अंतिम पायदान पर
सीटीइटी की परीक्षा में सीबीएसइ के तमाम रिजन की बात करें तो पटना रिजन अंतिम पायदान पर है. पटना रिजन से लगभग दो लाख अभ्यर्थी सीटीइटी की परीक्षा में शामिल हुए. इसमें मात्र 10 हजार अभ्यर्थी को सफलता मिल पायी है. पटना रिजन के 9.13 फीसदी अभ्यर्थी को ही सीटीइटी में सफलता मिल पायी है. ज्ञात हो कि देश भर में 96 शहरों में 988 परीक्षा केंद्र पर सीटीइटी की परीक्षा आयोजित की गयी थी. इसमें अधिकांश परीक्षा केंद्र का रिजल्ट जीरो फीसदी पर रहा है.
- घट रहा है जेनरल अभ्यर्थी की संख्या
सीटीइटी की परीक्षा देने में जेनरल अभ्यर्थी की संख्या हर साल कम होती जा रही है. 22 फरवरी 2015 को आयोजित सीटीइटी की परीक्षा में जेनरल अभ्यर्थी से ओबीसी केटेगरी अभ्यर्थी की संख्या अधिक थी. सीबीएसइ की माने तो पेपर फस्र्ट में जेनरल अभ्यर्थी से 8495 अधिक अभ्यर्थी ओबीसी के शामिल हुए. वहीं पेपर सेकेंड में 20 हजार ओबीसी अभ्यर्थी जेनरल अभ्यर्थी से अधिक थे.
- सब्जेक्ट वाइज जानकारी भी कम हैं
सीबीएसइ की माने तो सीटीइटी के रिजल्ट में जिन विषयों संबंधित जानकारी टीचर्स से टेस्ट के दौरान ली गयी है. उसमें अधिकांश टीचर फेल कर गये है. जिन विषयों में टीचर्स ने ग्रेजुएशन किया है. उस विषय में भी अच्छे अंक टीचर्स नहीं ला पायें हैं. मैथ, सोशल साइंस, साइंस आदि विषय में बेसिक जानकारी भी सीबीएसइ स्कूल में पढ़ा रहे टीचर्स को नहीं है.
यह है रिजल्ट का सेनेरियो
पेपर फस्र्ट (क्लास वन से 5वीं तक)
रजिस्ट्रेशन करवाने वाले अभ्यर्थी - 239961
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी - 207522
क्वालिफाई होने वाले अभ्यर्थी - 37153 (17.90 फीसदी)
पेपर सेकेंड (क्लास 6ठीं से 8वीं तक)
रजिस्ट्रेशन करवाने वाले अभ्यर्थी - 561706
परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी - 470032
क्वालिफाई होने वाले अभ्यर्थी - 43034 (09.16 फीसदी)
कोट
टीचर्स की क्वालिटी की जांच के लिए सीटीइटी की परीक्षा ली जाती है. लेकिन हर साल इसका रिजल्ट पिछले साल से भी खराब होता है. टीचर्स की क्वालिटी कम होती जा रही है. जिन टीचर्स को पांच साल का टीचिंग एक्सपेरियेंस होता है. वहीं इस परीक्षा में शामिल होते है. हर छह महीने पर सीटीइटी की परीक्षा ली जाती है.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ पटना
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