Sunday, April 5, 2015

85 फेल छात्रों के रिजल्ट खोल रहे डीएवी बीएसइबी के पोल

85 फेल छात्रों के रिजल्ट खोल रहे डीएवी बीएसइबी के पोल

- डीएवी बीएसइबी के 11वीं में फेल 85 छात्र में अधिकांश है मात्र एक विषय में फेल
- प्रिया राय थी सेक्शन जे की छात्र
संवाददाता, पटना
सेक्शन सी का छात्र मयंक को इंगलिश में जीरो अंक आयें. वहीं सेक्शन आइ का छात्र उज्जवल कुमार को केमेस्ट्री मे एक अंक आयें और फिजिक्स और मैथ में 70 अंक आयें. सेक्शन बी का छात्र धीरज को मैथेमेटिक्स विषय में पांच अंक आयें थे. वहीं धीरज दूसरे हर विषय में पास था. यह कहानी कोई एक छात्र की नहीं बल्कि 85 छात्रों की है, जो डीएवी बीएसइबी में 11वीं क्लास में फेल कर गये. इसके बाद ना तो स्कूल ने इन्हें अगले क्लास में प्रमोट करने के लिए कंपार्टमेंटल परीक्षा ली और ना ही 12वीं के प्रेजेंटेशन वाले रजिस्टर पर इनका नाम ही अंकित किया. लेकिन जब 12वीं की बोर्ड परीक्षा हुई तो इसमें से अधिकांश छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए. 11वीं में फेल और 12वीं बोर्ड की परीक्षा में 85 छात्रों को शामिल करने का पोल डीएवी बीएसइबी का अब खुलना शुरू हो गया है. सीबीएसइ अब उन 85 छात्रों के रिजल्ट की जांच कर रही है जो स्कूल द्वारा फेल होने के बावजूद 12वीं बोर्ड की परीक्षा में कैसे शामिल हो गये. अभी तक के जांच में कई बातें सामने आ रही है.
- हर सेक्शन में 40 से अधिक छात्र
डीएवी बीएसइबी में 11वीं में 14 सेक्शन चल रहे थे. हर सेक्शन में 40 से अधिक छात्रों की संख्या थीं. किसी सेक्शन में 60 तो किसी सेक्शन में 70 के लगभग छात्रों का नामांकन लिया गया था. 11वीं में इनका रजिस्ट्रेशन तो कर लिया गया, लेकिन जब 12वीं के एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेंट्स) बनाने की बात आयी तो सेक्शन वाइज छात्रों को कम किया गया. डीएवी बीएसइबी के सूत्रों की माने तो अधिकांश छात्रों को सेक्शन में इधर उधर किया गया. कई को 11वीं में फेल कर दिया गया. जिससे वो छात्र स्कूल छोड़ कर चले जायें. सीबीएसइ के पास 12वीं के एलओसी में 40 छात्रों का सेक्शन ही भेजा गया.
- सीबीएसइ के 11वीं के रिजल्ट मांगने पर फंस गया स्कूल
2014 में सीबीएसइ ने देश भर के स्कूलों से 11वीं का रिजल्ट भेजने को कहा. यह रिजल्ट ऑन लाइन हर स्कूलों को भेजना था. ऐसे में डीएवी बीएसइबी सीबीएसइ के सामने पोल ना खुले इस कारण 85 छात्रों को फेल कर दिया. इससे सेक्शन में छात्रों की संख्या को वैलेंस करने की कोशिश की गयी. 11वीं में पास छात्रों के रिजल्ट भेजकर स्कूल ने खुद को बचा तो लिया. लेकिन जब 12वीं का परीक्षा फार्म भरने वाले छात्रों की एलओसी मांगी गयी तो फिर स्कूल ने गलती कर डाली. स्कूल सूत्रों की माने तो इसमें उन छात्रों के नाम भी गलती से चला गया जो 11वीं में फेल की लिस्ट में शामिल थे. स्कूल ने 85 छात्रों को 11वीं में फेल तो कर दिया था, लेकिन इन्हें 12वीं बोर्ड दिलवाये जाने का प्रलोभन दिया जाता रहा. 12वीं के एलओसी में नाम जाने के बाद इन फेल छात्रों को परीक्षा फार्म भरवाया गया. इसके बाद एडमिट कार्ड भी आया. पैसे के लेन देन में इसमें से लगभग 22 परीक्षार्थी े 12वीं बोर्ड की परीक्षा भी दिया हैं.
- प्रिया राय सेक्शन जे की थी छात्र
डीएवी बीएसइबी में 11वीं क्लास में 14 सेक्शन चलते थे. हर सेक्शन में छात्रों की संख्या 40 से अधिक था.  प्रिया राय सेक्शन जे की छात्र थीं. सेक्शन जे में प्रिया राय के अलावा तीन और छात्रों को फेल किया गया था. रॉल नंबर छह की छात्र प्रिया राय के अलावा रॉल नंबर 43 का छात्र अमन राज, 49 का छात्र अनिकेत कुमार, रॉल नंबर 61 का छात्र विधान चंद्रा शामिल है. इस सेक्शन के अलावा हर सेक्शन में छात्र को फेल किया गया.
- फेल छात्रों में अधिकांश बाहर के स्कूलों के
सीबीएसइ ने इस बात की भी जांच कर रहा है कि जो छात्र 11वीं में फेल किये है उसमें से अधिकांश छात्र 11वीं में ही डीएवी बीएसइबी में नामांकित हुए है. पटना के अलग-अलग स्कूलों से आयें हुए छात्र हैं.  ऐसे में ये ऐसे छात्र हैं जो 90 फीसदी से उपर अंक लाये हुए है. इन्हें डीएवी बीएसइबी में नामांकन के लिए एंट्रांस देना पड़ा है. एंट्रांस परीक्षा में पास होने के बाद ही उनका नामांकन 11वीं में डीएवी बीएसइबी में किया जा सका है. ऐसे में ये छात्र मात्र एक साल में इतने कमजोर कैसे हो गये और 11वीं में फेल कर गये.

इस तरह सेक्शन वाइज कर दिया गया 11वीं में छात्रों को फेल
सेक्शन       -      फेल छात्रों की संख्या
  ए             -        5
 बी            -         1
 सी          -          8
डी           -         2
इ            -         4
एफ        -         3
जी         -        4
एच       -         3
आइ     -         3
जे        -         4
के        -         7
एल     -         9
एम      -        23
एन     -        9

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