Sunday, April 12, 2015

10 लाख आबादी वाले शहर के बारे में पढ़ेंगे 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स

10 लाख आबादी वाले शहर के बारे में पढ़ेंगे 11वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स

- सीबीएसइ ने जारी किया नोटिस
- जोगरफी के साथ कई विषयों के सिलेबस में किया गया चेंज
संवाददाता, पटना
सीबीएसइ के स्टूडेंट्स अब देश भर के उन तमाम शहरों की स्टडी करेंगे जिसकी आबादी 10 लाख के उपर की है. इसके अलावा सीबीएसइ स्कूलों में उन स्टेट की पढ़ाई करवायी जायेगी जहां का जेंडर रेसियो सबसे अधिक और सबसे कम हैं. सीबीएसइ ने इसकी जानकारी स्कूलों के पास भेज दिया है. इसकी पढ़ाई 11वीं और 12वीं के स्कूलों में किया जायेगा. इसके बाद अब प्लस टू में जोगरफी विषय में पापूलेशन विषय को समाप्त कर दिया गया है. ज्ञात हो कि सीबीएसइ प्लस टू जोगरफी विषय में 2001-2011 पापूलेशन की पढ़ाई करवायी जा रही थी. इसके अंतर्गत छात्र हर स्टेट के अलग-अलग पापूलेशन की पढ़ाई करते थे. इसके अलावा 2011 के अब देश भर के 53 मेट्रोपोलिटन सिटीज को भी सीबीएसइ स्कूलों में पढ़ाई नहीं होगी.
- 15 अंक का ओटबा से प्रश्न आयेगा इकोनॉमिक्स में
प्लस टू लेवल पर इकोनॉमिक्स विषय में भी मार्क्‍स में कई तरह के चेंजेज किये गये है. 2014 तक करेंट चैलेंज इकोनॉमिक्स मे 10 अंक का ओटबा से प्रश्न आते थे. लेकिन अब इसमें 15 अंक के ओटवा के प्रश्न पूछे जायेंगे. वहीं बायॉलोजी के अंकों के वितरण में भी चेंज किया गया है. बायोलॉजी में पहले 10 अंक के डायवसिटी इन लिविंग ऑग्रेनिज्म से प्रश्न पूछे जाते थे. लेकिन अब इसमें अंक कम कर 7 कर दिया गया है. अब बायोलॉजी के स्टूडेंट्स प्लांट साइकोलॉजी में 17 अंक के पढ़ेंगे. हिम्यूमन साइकोलॉजी से पहले 17 अंक के प्रश्न आते थे. अब इसमें 11 अंक के प्रश्न पूछे जायेंगे.
- एसए-वन से शुरू करना है नया पैटर्न
सीबीएसइ ने इस नये पैटर्न को सितंबर में होने वाले एसए-वन की परीक्षा से ही शुरू करने का निर्देश दिया है. इसी सिलेबस के आधार पर अब स्कूलों में पढ़ाई भी शुरू किया गया है. एसए-वन की परीक्षा से छात्रों को सही जानकारी मिल जायेगी. इस पैटर्न को लेकर सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को निर्देश जारी किया है. सीबीएसइ की ओर से इस संबंध में एक प्रश्न पत्र तैयार कर भी स्कूलों को भेजा जायेगा. जिससे स्कूल 2016 बोर्ड के प्री बोर्ड की परीक्षा इसी पैटर्न पर ले सकेगा.

कोट
सीबीएसइ ने समय के साथ पैटर्न में चेज किया है. अभी जानकारी मिलने से छात्रों और स्कूल को पैटर्न को जानने का मौका मिलेगा. एसए-वन भी इसी पैटर्न पर होगा तो छात्रों को समय रहते सारी जानकारी मिल जायेगी.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ

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