Thursday, April 23, 2015

स्कूल 15 हजार और 2011 में नामांकन हुए 3228

स्कूल 15 हजार और 2011 में  नामांकन हुए 3228

- आरटीइ के तहत पूरे बिहार के प्राइवेट स्कूलों में 50 फीसदी भी नहीं हो पाया नामांकन
- पांच प्रमंडल के कई जिलों में 2011 और 2012 में 25 फीसदी नामांकन रहा शून्य
संवाददाता, पटना
शिक्षा लेने का अधिकार हर किसी को है. शिक्षा में समानता लाने के लिए इसे प्राइवेट स्कूलों में लागू किया गया. लेकिन बिहार में शिक्षा के तहत बच्चों में कितनी समानता है यह 2011 और 2012 सत्र के आरटीइ के तहत लिये गये नामांकन में पता चल रहा है. अभी तक हमने राजधानी पटना के प्राइवेट स्कूलों में आरटीइ के तहत नामांकन की स्थिति ही देखी. लेकिन अगर बात पूरे प्रदेश की होगी तो उसका भी हाल बहुत अच्छा नहीं है.  पटना सहित पूरे बिहार में आरटीइ के नाम पर बस खानापूर्ति ही की गयी है. प्राइवेट स्कूलों ने अपनी मर्जी से जो चाहा  नामांकन लिया. बाल अधिकार संरक्षण आयोग की माने तो अभी बिहार में कुल 15 हजार के लगभग में प्राइवेट स्कूलों की संख्या है. लेकिन यहां पर आरटीइ के तहत नामांकन की दर बहुत ही निम्न है. 2011 में जहां 3228 बच्चों का नामांकन पूरे प्रदेश में लिया गया वहीं 2012 में आरटीइ के तहत नामांकन की कुल संख्या 4306 रही. कहा जायें तो 2011-12 और 2012-13 सत्र में आरटीइ के तहत कुल 7534 बच्चों का नामांकन पूरे प्रदेश में लिया गया. इन बच्चों की पढ़ाई के खर्च के लिए सरकार ने 31205828 करोड़ रुपये की खर्च भी किया है.
- कई जिलों में नामांकन शून्य पर रहा
 प्रदेश के तमाम जिलों की रिपोर्ट देखी जायें तो कई प्राइवेट स्कूल ऐसे है जहां 2011 में तो नामांकन का प्रतिशत बढ़िया रहा, लेकिन अगले साल यानी 2012 में आकर यह आधे से भी कम हो गया. वहीं कई स्कूल बस खुद को बचाने के लिए आरटीइ के तहत नामांकन लिये. कई जिलों के स्कूलों का तो यह हाल है जहां पहले साल तो नामांकन बढ़िया रहा, लेकिन 2012 में घट कर आधे से भी कम हो गया. सबसे आश्चर्य की बात है कि प्रदेश के कई जिलें की स्थिति तो ऐसी है जहां पर एक भी नामांकन आरटीइ के तहत नहीं हो पाया. नागरिक अधिकार मंच बिहार के शिव प्रकाश राय की माने तो 2011 और 2012 के रिपोर्ट देखने के बाद पता चलता है कि आरटीइ के नाम पर बस स्कूल वाले सरकार से पैसे ले रहे है. सरकार भी हाथ पर हाथ धरे बैठी है. इन स्कूलों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है.

पूर्णिया प्रमंडल में नामांकन की संख्या  - 507
जिला     -    2011 में      -    2012
अररिया  -     58            -     60
कटिहार   -   23            -      40
किशनगंज  -  40           -      204
पूर्णिया     -    37           -      45  

मगध प्रमंडल में नामांकन  की संख्या  -  857
जिला           -    2011 में      -    2012
औरंगाबाद     -      0             -   40
गया               -     201          -   98
अरवल          -      0             -   0
जहानाबाद     -      198          -   193
नवादा           -      62            -   65

भागलपुर प्रमंडल में नामांकन की संख्या   -  824
जिला           -    2011 में      -    2012
बांका          -      79            -    90
भागलपुर     -      603          -    52

मुंगेर प्रमंडल में नामांकन की संख्या  -   724
जिला           -    2011 में      -    2012
बेगूसराय     -        68          -     62
जमूई          -          0           -     81
खगड़िया     -          0           -    125
लखीसराय   -        10           -      9
मुंगर           -         74          -     130
शेखपुरा       -         46          -      47

पटना प्रमंडल में नामांकन की संख्या   -  1417
जिला           -    2011 में      -    2012
भोजपुर       -       58            -     227
बक्सर        -        72            -      36
कैमूर         -        38            -      50
नालंदा       -        65             -      50
पटना         -       350            -      329
रोहतास     -          64            -       78

दरभंगा प्रमंडल में नामांकन की संख्या   -  524
जिला           -    2011 में      -    2012
दरभंगा        -       120          -     149
मधुबनी       -         34          -      67
समस्तीपुर    -         73          -       81

सारण प्रमंडल में नामांकन की संख्या   -  556
जिला           -    2011 में      -    2012
गोपालगंज     -       0            -     76
सारण           -     213          -      97
सिवान          -       95          -       75

कोशी प्रमंडल में नामांकन की संख्या  -  364
जिला           -    2011 में      -    2012
मधेपुरा         -       0            -      113
सुपौल          -       0             -      32
सहरसा        -       41           -      178

तिरहुत प्रमंडल में नामांकन की संख्या  -  1833
जिला           -    2011 में      -    2012
पूर्वी चंपारण    -      33            -    127
मुजफ्फरपुर     -      229          -     272
शिवहर            -      82           -    0
सीतामढ़ी         -      28           -    10
वैशाली           -       114         -    96
पश्चिम चंपारण   -       20         -    822

कोट
आरटीइ के तहत अब संख्या में सुधार हो रहा है. शुरूआत में तो इसकी स्थिति बहुत ही खराब थी. स्कूलों का रजिस्ट्रेशन की संख्या में बढ़ायी जा रही है. इससे अब संख्या बढ़ेगी. अब धीरे-धीरे स्कूलों में नामांकन की गति बढ़ी है. इस साल से इस पर और ध्यान दिया जा रहा है.  2014 में नामांकन की गति और तेज होने की संभावना है.
आर एस सिंह, प्रवक्ता, शिक्षा विभाग

आयोग की ओर से समय समय पर समीक्षा की जाती है. 2011 में कई जिलों नामांकन कम होने के कारण वहां पर नामांकन करवाया गया. अभी स्कूलों हर स्कूलों से दूबारा रिपोर्ट मंगवायी जा रही है. ऐसे स्कूलों की रिपोर्ट तैयार की जायेगी जहां पर नामांकन काफी कम है.
निशा झा, अध्यक्ष, बाल अधिकार संरक्षण आयोग 

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