सितंबर में हुआ सीबीएसइ का आदेश, नहीं की गयी स्पॉट इंक्वायरी
- डीएवी के पांचों मान्यता प्राप्त स्कूलों की करनी थी सीबीएसइ रीजनल ऑफिस को फिजिकल वेरिफिकेशन
- फरवरी में सीबीएसइ को पता चला, नहीं हुआ पांचों डीएवी का फिजिकल वेरिफिकेशन
संवाददाता, पटना
स्कूल में शिक्षक-छात्र का रेसियो क्या है. हर क्लास में स्टूडेंट्स की संख्या कितनी है. टीचर्स की संख्या कितना है. रेगुलर और एडहॉक पर कितने टीचर स्कूल में कार्यरत है. हर क्लास में सेक्शन की कितनी संख्या है. स्कूल कितने एकड़ में है, स्कूल में सीबीएसइ नाम्स का पालन कितना हो रहा है. इन तमाम बिंदुओं पर पटना स्थिति तमाम डीएवी की जांच करनी थी. 8 सितंबर 2014 को सीबीएसइ ने पटना रीजनल ऑफिस को जांच के आदेश दिये गये थे. आदेश के तहत डीएवी बीएसइबी के अलावा डीएवी खगौल, डीएवी वाल्मी, डीएवी ट्रांसपोर्ट नगर, डीएवी गोला रोड में जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन भी करना था. सीबीएसइ का आदेश तो आ गया. लेकिन जांच कमेटी ने मात्र डीएवी बीएसइबी और उनके ब्रांच डीएवी का स्पॉट इंक्वायरी किया. बांकी डीएवी की जांच की गयी या नहीं, इसको लेकर सीबीएसइ ने जांच कमेटी के सदस्यों से जवाब मांगा है. जांच कमेटी में सीबीएसइ की रीजनल ऑफिसर रशिम त्रिपाठी और नवोदय विद्यालय के रिटायर ज्वाइंट डायरेक्टर डीएस सिंह शामिल थे. 18 मार्च 2015 को भेजे गये लेटर में सीबीएसइ ने जांच कमेटी से जवाब देने को कहा हैं.
सीबीएसइ ने मांगा ट्रांसपोर्ट नगर डीएवी की जांच रिपोर्ट
सीबीएसइ ने जांच कमेटी से जल्द से जल्द ट्रांसपोर्ट नगर डीएवी की जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया है. सीबीएसइ ने 8 सितंबर 2014 को भेजे गये सीबीएसइ/वीआइजी/एफ/13522/(4)/इ-288-289 ऑडर नंबर के तहत ट्रांसपोर्ट नगर डीएवी संबंधित सारी जांच रिपोर्ट मांगा हैं. इसके साथ सीबीएसइ ने तीन और डीएवी खगौल, वाल्मी और गोला रोड की जांच रिपोर्ट भी जांच कमेटी से मांगी है. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो सितंबर 2014 में आदेश देने के बावजूद इन डीएवी की जांच नहीं की गयी है.
सूचना के अधिकार के तहत निकल कर आयी बातें
सीबीएसइ ने सितंबर 2014 में जांच के तो आदेश दे दिया. लेकिन इसकी इंक्वायरी नहीं किया. जब फरवरी 2015 में एक आरटीइ एक्टिविस्ट ने सीबीएसइ दिल्ली से पटना स्थित तमाम डीएवी की जांच रिपोर्ट देने को कहा. इसके बाद सीबीएसइ ने रिपोर्ट की खोज की तो पता चला कि मात्र एक डीएवी बीएसइबी की रिपोर्ट सीबीएसइ रीजनल ऑफिस से प्राप्त हुआ है. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो सीबीएसइ के पास डीएवी बीएसइबी के अलावा किसी भी मान्यता प्राप्त डीएवी की फिजिकल वेरिफिकेशन या स्पॉट इंक्वायरी की रिपोर्ट रीजनल ऑफिस पटना से प्राप्त नहीं हुआ है. मामला सामने आने के बाद सीबीएसइ ने रीजनल ऑफिस से पूरी जानकारी देने का आदेश दिया है.
पेंडिंग पड़ी है डीएवी बीएसइबी की मान्यता
डीएवी बीएसइबी की प्लस टू की मान्यता 31 मार्च को खत्म हो गया. सीबीएसइ के अनुसार 2015-17 सत्र के लिए नामांकन लेने वाले छात्र सीबीएसइ के तब तक नहीं माने जायेंगे जब तक डीएवी बीएसइबी को दुबारा प्लस टू की मान्यता नहीं मिल जाती है. डीएवी बीएसइबी को प्लस टू मान्यता दिया जाये या नहीं, इस फाइल अभी सीबीएसइ के पास पेंडिंग पड़ा हुआ है. सीबीएसइ की माने तो डीएवी बीएसइबी का प्लस टू की मान्यता समाप्त हो गयी है.
कोट
डीएवी की जो भी जांच करने के लिए हमें दायित्व दिया गया था. उसे हमने सीबीएसइ को दे दिया था. दुबारा लेटर सीबीएसइ ने दिया है. इसकी जानकारी सीबीएसइ को दुबारा हम भेज देंगे.
डीएस सिंह, जांच कमेटी के सदस्य
- डीएवी के पांचों मान्यता प्राप्त स्कूलों की करनी थी सीबीएसइ रीजनल ऑफिस को फिजिकल वेरिफिकेशन
- फरवरी में सीबीएसइ को पता चला, नहीं हुआ पांचों डीएवी का फिजिकल वेरिफिकेशन
संवाददाता, पटना
स्कूल में शिक्षक-छात्र का रेसियो क्या है. हर क्लास में स्टूडेंट्स की संख्या कितनी है. टीचर्स की संख्या कितना है. रेगुलर और एडहॉक पर कितने टीचर स्कूल में कार्यरत है. हर क्लास में सेक्शन की कितनी संख्या है. स्कूल कितने एकड़ में है, स्कूल में सीबीएसइ नाम्स का पालन कितना हो रहा है. इन तमाम बिंदुओं पर पटना स्थिति तमाम डीएवी की जांच करनी थी. 8 सितंबर 2014 को सीबीएसइ ने पटना रीजनल ऑफिस को जांच के आदेश दिये गये थे. आदेश के तहत डीएवी बीएसइबी के अलावा डीएवी खगौल, डीएवी वाल्मी, डीएवी ट्रांसपोर्ट नगर, डीएवी गोला रोड में जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन भी करना था. सीबीएसइ का आदेश तो आ गया. लेकिन जांच कमेटी ने मात्र डीएवी बीएसइबी और उनके ब्रांच डीएवी का स्पॉट इंक्वायरी किया. बांकी डीएवी की जांच की गयी या नहीं, इसको लेकर सीबीएसइ ने जांच कमेटी के सदस्यों से जवाब मांगा है. जांच कमेटी में सीबीएसइ की रीजनल ऑफिसर रशिम त्रिपाठी और नवोदय विद्यालय के रिटायर ज्वाइंट डायरेक्टर डीएस सिंह शामिल थे. 18 मार्च 2015 को भेजे गये लेटर में सीबीएसइ ने जांच कमेटी से जवाब देने को कहा हैं.
सीबीएसइ ने मांगा ट्रांसपोर्ट नगर डीएवी की जांच रिपोर्ट
सीबीएसइ ने जांच कमेटी से जल्द से जल्द ट्रांसपोर्ट नगर डीएवी की जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया है. सीबीएसइ ने 8 सितंबर 2014 को भेजे गये सीबीएसइ/वीआइजी/एफ/13522/(4)/इ-288-289 ऑडर नंबर के तहत ट्रांसपोर्ट नगर डीएवी संबंधित सारी जांच रिपोर्ट मांगा हैं. इसके साथ सीबीएसइ ने तीन और डीएवी खगौल, वाल्मी और गोला रोड की जांच रिपोर्ट भी जांच कमेटी से मांगी है. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो सितंबर 2014 में आदेश देने के बावजूद इन डीएवी की जांच नहीं की गयी है.
सूचना के अधिकार के तहत निकल कर आयी बातें
सीबीएसइ ने सितंबर 2014 में जांच के तो आदेश दे दिया. लेकिन इसकी इंक्वायरी नहीं किया. जब फरवरी 2015 में एक आरटीइ एक्टिविस्ट ने सीबीएसइ दिल्ली से पटना स्थित तमाम डीएवी की जांच रिपोर्ट देने को कहा. इसके बाद सीबीएसइ ने रिपोर्ट की खोज की तो पता चला कि मात्र एक डीएवी बीएसइबी की रिपोर्ट सीबीएसइ रीजनल ऑफिस से प्राप्त हुआ है. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो सीबीएसइ के पास डीएवी बीएसइबी के अलावा किसी भी मान्यता प्राप्त डीएवी की फिजिकल वेरिफिकेशन या स्पॉट इंक्वायरी की रिपोर्ट रीजनल ऑफिस पटना से प्राप्त नहीं हुआ है. मामला सामने आने के बाद सीबीएसइ ने रीजनल ऑफिस से पूरी जानकारी देने का आदेश दिया है.
पेंडिंग पड़ी है डीएवी बीएसइबी की मान्यता
डीएवी बीएसइबी की प्लस टू की मान्यता 31 मार्च को खत्म हो गया. सीबीएसइ के अनुसार 2015-17 सत्र के लिए नामांकन लेने वाले छात्र सीबीएसइ के तब तक नहीं माने जायेंगे जब तक डीएवी बीएसइबी को दुबारा प्लस टू की मान्यता नहीं मिल जाती है. डीएवी बीएसइबी को प्लस टू मान्यता दिया जाये या नहीं, इस फाइल अभी सीबीएसइ के पास पेंडिंग पड़ा हुआ है. सीबीएसइ की माने तो डीएवी बीएसइबी का प्लस टू की मान्यता समाप्त हो गयी है.
कोट
डीएवी की जो भी जांच करने के लिए हमें दायित्व दिया गया था. उसे हमने सीबीएसइ को दे दिया था. दुबारा लेटर सीबीएसइ ने दिया है. इसकी जानकारी सीबीएसइ को दुबारा हम भेज देंगे.
डीएस सिंह, जांच कमेटी के सदस्य
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