Sunday, April 12, 2015

डीएवी बीएसइबी में ट्रांसफर पर लगी रोक, सीटें रहेगी तो ही होगा नामांकन

डीएवी बीएसइबी में ट्रांसफर पर लगी रोक, सीटें रहेगी तो ही होगा नामांकन

- डीएवी बीएसइबी में नहीं होगा इस बार कोई नामांकन
- ब्रांचेच डीएवी से ट्रांसफर होने वाले बच्चों पर लगी रोक
संवाददाता, पटना
अब 7वीं के स्टूडेंट्स सीधे ट्रांसफर हो कर डीएवी बीएसइबी में नहीं जायेगें. 7वीं तक चलने वाले अभिभावक अपने बच्चों का नामांकन दूसरे स्कूल में करवा सकते है. डीएवी बीएसइबी में अगर सीटें खाली रहेगी तो नामांकन लिया जायेगा, वरना कोई नामांकन नहीं लिया जायेगा. यह नियम हर क्लास के लिए लागू किया जाता है. डीएवी प्रबंधन की ओर से यह फैसला इस सत्र से लागू कर दिया गया है. मान्यता प्राप्त तमाम डीएवी में नामांकन डीएवी के प्रक्रिया से होगा. जो डीएवी के ब्रांच चल रहे है. वहां पर नामांकित स्टूडेंट्स 7वीं तक पढ़ाई के बाद दूसरे स्कूल में नामांकन करवायेगे. इसके लिए डीएवी प्रबंधन किसी भी तरह की जिम्मेवारी नहीं लेता है.
- 6 अप्रैल से शुरू होगा डीएवी में नया सेशन
पटना के तमाम डीएवी में 6 अप्रैल से नये सेशन शुरू हो रहा है. अब तक जो भी ब्रांच डीएवी के स्टूडेंट्स सीधे डीएवी बीएसइबी में ट्रांसफर हो कर आ जाते थे, वो अब ऐसा नहीं कर पायेंगे. ज्ञात हो कि डीएवी बीएसइबी में डीएवी पाटलिपुत्र, डीएवी शास्त्रीनगर, डीएवी इंद्रपूरी, डीएवी आइजीआइएमएस के स्टूडेंट्स का ट्रांसफर हर साल होता था. लेकिन इस सेशन से ऐसा नहीं होगा. जिन स्टूडेंट्स का नामांकन क्लास वन डीएवी बीएसइबी में हुआ है वहीं स्टूडेंट्स डीएवी में कंटिन्यू करेंगे. बांकी किसी भी बाहर के स्टूडेंट्स का नामांकन किसी भी क्लास के लिए डीएवी बीएसइबी में नहीं लिया जायेगा. डीएवी प्रबंधन के अनुसार जो भी डीएवी के ब्रांच चलते है. उन डीएवी में पढ़ाई पूरी होने के बाद अभिभावक अपने बच्चे का नामांकन कहीं भी दूसरे स्कूल में करवा सकते है.
- डीएवी बीएसइबी के नाम पर चलता है ब्रांच डीएवी
पटना में अधिकांश अभिभावक डीएवी बीएसइबी के नाम पर ही अपने बच्चें का नामांकन ब्रांच डीएवी में करवाते है. पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद के कहेनुसार डीएवी बीएसइबी के आस पास के ब्रांच डीएवी में कुछ सालों के लिए करवा ले. 7वीं तक पढ़ाई करने के बाद खुद से खुद स्टूडेंट्स का ट्रांसफर डीएवी बीएसइबी में हो जाता हैं. कंकड़बाग के रहने वाले अभिभावक शैलेंद्र ने बताया कि मै डीएवी बीएसइबी में नामांकन के लिए तात्कालिन प्राचार्य से बातें की तो उन्होंने डीएवी इंद्रपूरी में बच्चे का नामांकन करवा देने का आफर दिया. कहा कि चार साल के बाद उनके बच्चे खुद ही ट्रांसफर हो कर डीएवी बीएसइबी में आ जायेंगे. इस तरह क प्रलोभन हर अभिभावक को मिलता था.
- आइजीआइएमएस डीएवी में हुआ था हंगामा
2013 के नये सत्र के शुरू होने के साथ ही आइजीआइएमएस डीएवी में अभिभावकों ने हंगामा शुरू कर दिया. बाद में पता चला कि 7वीं पास तमाम स्टूडेंट्स का ट्रांसफर डीएवी बीएसइबी में नहीं किया गया है. अब आइजीआइएमएस के 7वीं के स्टूडेंट्स सड़क पर आ गये हैं. आइजीआइएमएस डीएवी में आगे के क्लास की पढ़ाई नहीं होती है और अब डीएवी बीएसइबी में ट्रांसफर नहीं हुआ तो अब बच्चे कहां पर नामांकन लेंगे. अभिभावकों ने स्कूल पर आरोप लगाया था कि स्कूल की ओर से उन्हें क्लास वन में नामांकन के समय ही आश्वासन दिया गया था कि 7वीं के बाद स्टूडेट्स का ट्रांसफर डीएवी बीएसइबी में हो जायेगा.

कोट
जो भी डीएवी के स्टूडेंट्स डीएवी बीएसइबी में ट्रांसफर हो कर आते थे, उस पर रोक लगा दिया गया है. तमाम डीएवी को इसकी सूचना दे दी गयी है. डीएवी बीएसइबी में कोई भी ट्रांसफर नहीं होगा. अब जो भी होगा नया नामांकन ही लिया जायेगा. किसी भी क्लास के लिए सीटें खाली रहेगी तभी नामांकन लिया जायेगा. इस बार किसी भी क्लास में सीट खाली नहीं है, इस कारण नामांकन किसी भी क्लास के लिए नहीं लिया जायेगा.
इंद्रजीत राय, प्रभारी प्राचार्य, डीएवी बीएसइबी 

No comments:

Post a Comment