बीएसइबी के 20 फीसदी और बाहर के 80 फीसदी बच्चे पढ़ते है डीएवी में
- डीएवी बीएसइबी की लोकल मैनेजमेंट कमेटी ने डीएवी से मांगा स्टूडेंट्स के आंकड़े
- सीबीएसइ ने दिया 10 सेक्शन की मान्यता, चल रहे 79 सेक्शन
संवाददाता, पटना
डीएवी बीएसइबी को सीबीएसइ ने बिहार सरकार के प्रोजेक्ट स्कूल के तौर पर मान्यता दिया हुआ है. इसके तहत इस स्कूल में बीएसइबी स्टाफ के 80 फीसदी बच्चों का नामांकन होना है. बाकी बचे 20 फीसदी सीट पर बाहरी बच्चों को नामांकन लेना तय किया गया था. लेकिन वर्तमान में हकीकत कुछ और है. वर्तमान में डीएवी बीएसइबी में बीएसइबी स्टाफ के कितने बच्चे पढ़ रहे है. इसकी जानकारी ना तो डीएवी प्रबंधन के पास है और ना ही डीएवी बीएसइबी के लोकल मैनेजिंग कमेटी के पास. लोकल मैनेजिंग कमेटी की माने तो बीएसइबी के 20 फीसदी और बाहर के 80 फीसदी बच्चों का डीएवी बीएसइबी में पढ़ाया जाता है. बीएसइबी के कितने बच्चे इस स्कूल में पढ़ रहे है. इसका डाटा तैयार करने के लिए एलएमसी (लोकल मैनेजिंग कमेटी) ने डीएवी बीएसइबी से स्टूडेंट्स को कुल आंकड़े देने को कहा है. इस आंकड़े को देखने के बाद ही एलएमसी को पता चलेगा कि डीएवी बीएसइबी में बीएसइबी के कितने स्टूडेंट्स हैं.
क्लास वन के बाद सीन बदल जाता है स्कूल का
डीएवी बीएसइबी में क्लास वन के बाद स्टूडेंट्स की संख्या का आंकड़ा बदल जाता हैं. क्लास वन में इस स्कूल में बाहरी छात्रों का मात्र 20 फीसदी नामांकन होता है. लेकिन क्लास वन के बाद सीन चेंज होने लगता है. क्लास वन में इस स्कूल में 80 स्टूडेंट्स का नामांकन लिया जाता है. इसमें 60 स्टूडेंट्स बीएसइबी के और बाकी 20 स्टूडेंट्स बाहर के होते है. लेकिन क्लास वन के बाद क्लास टू में एक सेक्शन बढ़ जाता है. बढ़े हुए सेक्शन में बाहर के ही स्टूडेंट्स का नामांकन होता है. इसके बाद जैसे-जैसे क्लास ऊपर जाता है. क्लास में सेक्शन की संख्या बढ़ती जाती है. बढ़े हुए सेक्शन में बाहरी स्टूडेंट्स को ब्रांच डीएवी से ट्रांसफर करवा कर रखा जाता है.
सीबीएसइ ने दिया था हर क्लास के लिए एक सेक्शन की मान्यता
सीबीएसइ ने डीएवी बीएसइबी को मान्यता जुलाई 1993 में दिया था. स्कूल को प्रोजेक्ट स्कूल के रूप में मान्यता मिला था. इसके तहत हर क्लास में एक सेक्शन चलाना था. हर क्लास के लिए 40 से 42 स्टूडेंट्स का सेक्शन होना तय था. क्लास वन से 10वीं तक कुल स्टूडेंट्स की संख्या 405 होनी थी. इसमें 5वीं, 6ठीं और 7वीं क्लास के लिए 42-42 और 41 स्टूडेंट्स को लेने की मान्यता दी गयी थी. लेकिन वर्तमान में स्कूल में इस नियम को फॉलो नहीं किया जा रहा है. फिलहाल डीएवी बीएसइबी मे 3160 स्टूडेंट्स क्लास वन से 10वीं तक पढ़ते है. कुल सेक्शन 79 चल रहा है.
कोट
डीएवी बीएसइबी में बीएसइबी के कितने बच्चे पढ़ते है. इसका कोई रिकार्ड हमारे पास नहीं हैं. हमें किसी तरह की जानकारी नहीं दी जाती है. सीबीएसइ के सो कॉज नोटिस के बारे में भी हमें जानकारी नहीं दी गयी थी. अब हम स्कूल से सारी जानकारी ले रहे है. बीएसइबी के 80 फीसदी बच्चे ही इस स्कूल में पढ़ेंगे. लेकिन फिलहाल इस स्कूल में बीएसइबी के कितने बच्चे पढ़ रहे हैं. इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है. हमने स्कूल से फीगर मांगा है.
राजीव रंजन सिन्हा, अध्यक्ष, डीएवी एलएमसी (लोकल मैनेजिंग कमेटी)
-----------------------------------------------
स्कूल को पैसे खर्च करने की मिली इजाजत, नहीं रुकेगी अब सैलरी
डीएवी बीएसइबी के प्रभारी प्राचार्य इंद्रजीत राय को डीएवी लोकल मैनेजिंग कमेटी ने फिलहाल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वाले एकाउंट से पैसे खर्च करने की इजाजत दे दिया है. मंगलवार को हुई एलएमसी और प्रभारी प्राचार्य के साथ बैठक में यह तय किया गया है. इस संबंध में एलएमसी के अध्यक्ष राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि डीएवी के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वाले एकाउंट से ही टीचर्स और नॉन टीचिंग स्टाफ को सैलरी आदि दिया जाता है. बैंक में इतने पैसे है कि यह काम आसानी से हो जायेगा. प्रभारी प्राचार्य को इस एकाउंट से पैसे खर्च करने की इजाजत दी गयी हैं. बाकी अगर स्कूल को जरूरत होगी तो बैंक ऑफ इंडिया से निकासी की जायेगी. लेकिन फिलहाल यह नहीं किया जायेगा. अभी स्कूल के बिल्डिंग आदि बनाने वाले मद में पैसे खर्च नहीं किये जायेंगे. इस कारण इस मद में किसी भी तरह के पैसे की निकासी बैंक एकाउंट से नहीं किया जायेगा. बैंक से पैसे की निकासी के बाद अब डीएवी बीएसइबी के तमाम टीचर्स को सैलरी मिल जायेगी.
- डीएवी बीएसइबी की लोकल मैनेजमेंट कमेटी ने डीएवी से मांगा स्टूडेंट्स के आंकड़े
- सीबीएसइ ने दिया 10 सेक्शन की मान्यता, चल रहे 79 सेक्शन
संवाददाता, पटना
डीएवी बीएसइबी को सीबीएसइ ने बिहार सरकार के प्रोजेक्ट स्कूल के तौर पर मान्यता दिया हुआ है. इसके तहत इस स्कूल में बीएसइबी स्टाफ के 80 फीसदी बच्चों का नामांकन होना है. बाकी बचे 20 फीसदी सीट पर बाहरी बच्चों को नामांकन लेना तय किया गया था. लेकिन वर्तमान में हकीकत कुछ और है. वर्तमान में डीएवी बीएसइबी में बीएसइबी स्टाफ के कितने बच्चे पढ़ रहे है. इसकी जानकारी ना तो डीएवी प्रबंधन के पास है और ना ही डीएवी बीएसइबी के लोकल मैनेजिंग कमेटी के पास. लोकल मैनेजिंग कमेटी की माने तो बीएसइबी के 20 फीसदी और बाहर के 80 फीसदी बच्चों का डीएवी बीएसइबी में पढ़ाया जाता है. बीएसइबी के कितने बच्चे इस स्कूल में पढ़ रहे है. इसका डाटा तैयार करने के लिए एलएमसी (लोकल मैनेजिंग कमेटी) ने डीएवी बीएसइबी से स्टूडेंट्स को कुल आंकड़े देने को कहा है. इस आंकड़े को देखने के बाद ही एलएमसी को पता चलेगा कि डीएवी बीएसइबी में बीएसइबी के कितने स्टूडेंट्स हैं.
क्लास वन के बाद सीन बदल जाता है स्कूल का
डीएवी बीएसइबी में क्लास वन के बाद स्टूडेंट्स की संख्या का आंकड़ा बदल जाता हैं. क्लास वन में इस स्कूल में बाहरी छात्रों का मात्र 20 फीसदी नामांकन होता है. लेकिन क्लास वन के बाद सीन चेंज होने लगता है. क्लास वन में इस स्कूल में 80 स्टूडेंट्स का नामांकन लिया जाता है. इसमें 60 स्टूडेंट्स बीएसइबी के और बाकी 20 स्टूडेंट्स बाहर के होते है. लेकिन क्लास वन के बाद क्लास टू में एक सेक्शन बढ़ जाता है. बढ़े हुए सेक्शन में बाहर के ही स्टूडेंट्स का नामांकन होता है. इसके बाद जैसे-जैसे क्लास ऊपर जाता है. क्लास में सेक्शन की संख्या बढ़ती जाती है. बढ़े हुए सेक्शन में बाहरी स्टूडेंट्स को ब्रांच डीएवी से ट्रांसफर करवा कर रखा जाता है.
सीबीएसइ ने दिया था हर क्लास के लिए एक सेक्शन की मान्यता
सीबीएसइ ने डीएवी बीएसइबी को मान्यता जुलाई 1993 में दिया था. स्कूल को प्रोजेक्ट स्कूल के रूप में मान्यता मिला था. इसके तहत हर क्लास में एक सेक्शन चलाना था. हर क्लास के लिए 40 से 42 स्टूडेंट्स का सेक्शन होना तय था. क्लास वन से 10वीं तक कुल स्टूडेंट्स की संख्या 405 होनी थी. इसमें 5वीं, 6ठीं और 7वीं क्लास के लिए 42-42 और 41 स्टूडेंट्स को लेने की मान्यता दी गयी थी. लेकिन वर्तमान में स्कूल में इस नियम को फॉलो नहीं किया जा रहा है. फिलहाल डीएवी बीएसइबी मे 3160 स्टूडेंट्स क्लास वन से 10वीं तक पढ़ते है. कुल सेक्शन 79 चल रहा है.
कोट
डीएवी बीएसइबी में बीएसइबी के कितने बच्चे पढ़ते है. इसका कोई रिकार्ड हमारे पास नहीं हैं. हमें किसी तरह की जानकारी नहीं दी जाती है. सीबीएसइ के सो कॉज नोटिस के बारे में भी हमें जानकारी नहीं दी गयी थी. अब हम स्कूल से सारी जानकारी ले रहे है. बीएसइबी के 80 फीसदी बच्चे ही इस स्कूल में पढ़ेंगे. लेकिन फिलहाल इस स्कूल में बीएसइबी के कितने बच्चे पढ़ रहे हैं. इसकी हमें कोई जानकारी नहीं है. हमने स्कूल से फीगर मांगा है.
राजीव रंजन सिन्हा, अध्यक्ष, डीएवी एलएमसी (लोकल मैनेजिंग कमेटी)
-----------------------------------------------
स्कूल को पैसे खर्च करने की मिली इजाजत, नहीं रुकेगी अब सैलरी
डीएवी बीएसइबी के प्रभारी प्राचार्य इंद्रजीत राय को डीएवी लोकल मैनेजिंग कमेटी ने फिलहाल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वाले एकाउंट से पैसे खर्च करने की इजाजत दे दिया है. मंगलवार को हुई एलएमसी और प्रभारी प्राचार्य के साथ बैठक में यह तय किया गया है. इस संबंध में एलएमसी के अध्यक्ष राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि डीएवी के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया वाले एकाउंट से ही टीचर्स और नॉन टीचिंग स्टाफ को सैलरी आदि दिया जाता है. बैंक में इतने पैसे है कि यह काम आसानी से हो जायेगा. प्रभारी प्राचार्य को इस एकाउंट से पैसे खर्च करने की इजाजत दी गयी हैं. बाकी अगर स्कूल को जरूरत होगी तो बैंक ऑफ इंडिया से निकासी की जायेगी. लेकिन फिलहाल यह नहीं किया जायेगा. अभी स्कूल के बिल्डिंग आदि बनाने वाले मद में पैसे खर्च नहीं किये जायेंगे. इस कारण इस मद में किसी भी तरह के पैसे की निकासी बैंक एकाउंट से नहीं किया जायेगा. बैंक से पैसे की निकासी के बाद अब डीएवी बीएसइबी के तमाम टीचर्स को सैलरी मिल जायेगी.
No comments:
Post a Comment