टीचर मीनाक्षी ने कहा असली गुनहगार रामानुज प्रसाद
- रामानुज प्रसाद स्कूल में करते थे पास फेल का खेल
- खिलाफ बोलने वाले टीचर को देते थे मानसिक प्रताड़ना
संवाददाता, पटना
डीएवी बीएसइबी में स्टूडेंट्स के साथ पास फेल का खेल किया जाता है तो वहीं इसके खिलाफ बोलने वाले टीचर्स को मानसिक प्रताड़ना दी जाती है. डीएवी बीएसइबी के पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद को असली गुनहगार बताते हुए डीएवी बीएसइबी की इंगलिश की सीनियर टीचर ई एच मीनाक्षी ने कहा कि मै पिछले तीन सालों से (2013 से) पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद के मानसिक प्रताड़ना की शिकार हूं. तंग आकर मैने निर्भया विमेंस नेटवर्क के पास कार्यस्थल पर मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़ना के संदर्भ में 27 मार्च 2013 में केस भी दर्ज करवाया था. हाल में प्रिया राय के साथ घटी घटना के बारे में एच मीनाक्षी ने बताया कि असली गुनहगार पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद है. प्रिया राय की तरह उन्होंने काफी संख्या में स्टूडेंट्स की जिंदगी बर्बाद की है. उनकी प्रताड़ना का शिकार स्टूडेंट्स के साथ टीचर्स भी हैं. पूर्व प्राचार्य ने मुङो गाली दिया और खिलाफ बोलने पर हमेशा डराया और धमकाया भी. निर्भया विमेंस नेटवर्क कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान एच मीनाक्षी ने बताया कि कई बार पूर्व प्राचार्य ने खिलाफ जाने पर बर्बाद कर देने की धमकी भी दिया हैं. उन्होंने बताया कि स्कूल में टीचर्स के कई ग्रुप है. कुछ टीचर्स को उन्होंने अपने में मिलाकर रखा हुआ है. उन टीचर्स को सारी सुविधाएं दी जाती है, वहीं जो छात्र हित की बात करते हैं, उन टीचर्स को अलग-अलग तरीके से प्रताड़ित किया जाता है.
- पांच घंटे की क्लास करवायी जाती थी
एच मीनाक्षी ने बताया कि डीएवी बीएसइबी में टीचर्स को रखा तो जाता है, लेकिन उन्हें परमानेंट टीचर का लेटर नहीं दिया जाता है. अगर टीचर उसका मांग करते है तो इसको लेकर कई तरह से प्रताड़ना मिलती है. 2004 से डीएवी बीएसइबी में कार्यरत एच मीनाक्षी पीजीटी टीचर है. अप्वाइंटमेंट होने के बाद कई बार लेटर मांगा गया, लेकिन लेटर नहीं दिया गया. इसके बदले पांच-पांच पीरियड क्लास लेने का दबाव डाला जाता था. इससे एच मीनाक्षी बीमार रहने लगी. डाक्टर की सलाह पर स्कूल से छुट्टी मांगा तो छुट्टी के आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया. एच मीनाक्षी ने बताया कि जातिवाद की नीति स्कूल के एजुकेशन व्यवस्था में भी हैं.
- स्कूल में नहीं है सेक्सुल हेरेसमेंट सेल
डीएवी बीएसइबी में ना तो सीसी टीवी कैमरा लगा हुआ है और ना ही सेक्सुल हेरेसमेंट सेल ही अभी तक बना है. स्कूल कोयेड होने के कारण आये दिन स्कूल कैंपस में गलत हरकतें करते हुए छात्र पकड़े जाते है. स्कूल की टीचर्स प्रिंसिपल की बैठक में कई बार टीचर्स ने प्रिंसिपल से स्कूल में (खासकर वॉसरूम, क्लासरूम) सीसी टीवी कैमरे लगाने की मांग किया हैं. लेकिन पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद इसको नजरअंदाज करते रहे. इसकी जानकारी देते हुए एच मीनाक्षी ने कहा कि स्कूल में सेक्सुल हेरेसमेंट से आये दिन गल्र्स स्टूडेंट्स को सामना करना पड़ता है. लेकिन अभी तक स्कूल सेक्सुल हेरेसमेंट सेल नहीं बनाया.
- बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में भी होती है धांधली
एच मीनाक्षी ने 2012 प्लस टू मूल्यांकन प्रक्रिया में डीएवी को पोल खोलते हुए बताया कि सीबीएसइ की ओर से मुङो डीएवी वाल्मी में हेड एग्जामिनर के रूप में नियुक्त किया गया था. लेकिन पूर्व प्राचार्य ने मुङो वाल्मी डीएवी हेड एग्जामिनर के रूप में नहीं जाने दिया और वहां पर अपने किसी लोग को भेज दिया. मुङो डीएवी बीएसइबी में ही रखा गया. जब इस बात की भनक सीबीएसइ दिल्ली को लगा तो उन्होंने तुरंत फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए वहां से टीम भेजी. डीएवी बीएसइबी में टीम के आने की जानकारी रामानुज प्रसाद को मिलते ही उन्होंने मुङो एक कमरे में बंद कर दिया. टीम लौट गयी. दूसरे दिन जब टीम वाल्मी डीएवी गयी तो मुङो वाल्मी डीएवी पहले ही भेज दिया गया था. सीबीएसइ की टीम ने मुझसे कई जांच भरे सवाल भी किये.
- रामानुज प्रसाद स्कूल में करते थे पास फेल का खेल
- खिलाफ बोलने वाले टीचर को देते थे मानसिक प्रताड़ना
संवाददाता, पटना
डीएवी बीएसइबी में स्टूडेंट्स के साथ पास फेल का खेल किया जाता है तो वहीं इसके खिलाफ बोलने वाले टीचर्स को मानसिक प्रताड़ना दी जाती है. डीएवी बीएसइबी के पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद को असली गुनहगार बताते हुए डीएवी बीएसइबी की इंगलिश की सीनियर टीचर ई एच मीनाक्षी ने कहा कि मै पिछले तीन सालों से (2013 से) पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद के मानसिक प्रताड़ना की शिकार हूं. तंग आकर मैने निर्भया विमेंस नेटवर्क के पास कार्यस्थल पर मानसिक एवं आर्थिक उत्पीड़ना के संदर्भ में 27 मार्च 2013 में केस भी दर्ज करवाया था. हाल में प्रिया राय के साथ घटी घटना के बारे में एच मीनाक्षी ने बताया कि असली गुनहगार पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद है. प्रिया राय की तरह उन्होंने काफी संख्या में स्टूडेंट्स की जिंदगी बर्बाद की है. उनकी प्रताड़ना का शिकार स्टूडेंट्स के साथ टीचर्स भी हैं. पूर्व प्राचार्य ने मुङो गाली दिया और खिलाफ बोलने पर हमेशा डराया और धमकाया भी. निर्भया विमेंस नेटवर्क कार्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान एच मीनाक्षी ने बताया कि कई बार पूर्व प्राचार्य ने खिलाफ जाने पर बर्बाद कर देने की धमकी भी दिया हैं. उन्होंने बताया कि स्कूल में टीचर्स के कई ग्रुप है. कुछ टीचर्स को उन्होंने अपने में मिलाकर रखा हुआ है. उन टीचर्स को सारी सुविधाएं दी जाती है, वहीं जो छात्र हित की बात करते हैं, उन टीचर्स को अलग-अलग तरीके से प्रताड़ित किया जाता है.
- पांच घंटे की क्लास करवायी जाती थी
एच मीनाक्षी ने बताया कि डीएवी बीएसइबी में टीचर्स को रखा तो जाता है, लेकिन उन्हें परमानेंट टीचर का लेटर नहीं दिया जाता है. अगर टीचर उसका मांग करते है तो इसको लेकर कई तरह से प्रताड़ना मिलती है. 2004 से डीएवी बीएसइबी में कार्यरत एच मीनाक्षी पीजीटी टीचर है. अप्वाइंटमेंट होने के बाद कई बार लेटर मांगा गया, लेकिन लेटर नहीं दिया गया. इसके बदले पांच-पांच पीरियड क्लास लेने का दबाव डाला जाता था. इससे एच मीनाक्षी बीमार रहने लगी. डाक्टर की सलाह पर स्कूल से छुट्टी मांगा तो छुट्टी के आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया. एच मीनाक्षी ने बताया कि जातिवाद की नीति स्कूल के एजुकेशन व्यवस्था में भी हैं.
- स्कूल में नहीं है सेक्सुल हेरेसमेंट सेल
डीएवी बीएसइबी में ना तो सीसी टीवी कैमरा लगा हुआ है और ना ही सेक्सुल हेरेसमेंट सेल ही अभी तक बना है. स्कूल कोयेड होने के कारण आये दिन स्कूल कैंपस में गलत हरकतें करते हुए छात्र पकड़े जाते है. स्कूल की टीचर्स प्रिंसिपल की बैठक में कई बार टीचर्स ने प्रिंसिपल से स्कूल में (खासकर वॉसरूम, क्लासरूम) सीसी टीवी कैमरे लगाने की मांग किया हैं. लेकिन पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद इसको नजरअंदाज करते रहे. इसकी जानकारी देते हुए एच मीनाक्षी ने कहा कि स्कूल में सेक्सुल हेरेसमेंट से आये दिन गल्र्स स्टूडेंट्स को सामना करना पड़ता है. लेकिन अभी तक स्कूल सेक्सुल हेरेसमेंट सेल नहीं बनाया.
- बोर्ड परीक्षा के मूल्यांकन में भी होती है धांधली
एच मीनाक्षी ने 2012 प्लस टू मूल्यांकन प्रक्रिया में डीएवी को पोल खोलते हुए बताया कि सीबीएसइ की ओर से मुङो डीएवी वाल्मी में हेड एग्जामिनर के रूप में नियुक्त किया गया था. लेकिन पूर्व प्राचार्य ने मुङो वाल्मी डीएवी हेड एग्जामिनर के रूप में नहीं जाने दिया और वहां पर अपने किसी लोग को भेज दिया. मुङो डीएवी बीएसइबी में ही रखा गया. जब इस बात की भनक सीबीएसइ दिल्ली को लगा तो उन्होंने तुरंत फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए वहां से टीम भेजी. डीएवी बीएसइबी में टीम के आने की जानकारी रामानुज प्रसाद को मिलते ही उन्होंने मुङो एक कमरे में बंद कर दिया. टीम लौट गयी. दूसरे दिन जब टीम वाल्मी डीएवी गयी तो मुङो वाल्मी डीएवी पहले ही भेज दिया गया था. सीबीएसइ की टीम ने मुझसे कई जांच भरे सवाल भी किये.
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