जेइइ मेन में आये अच्छे अंक, पर्सेटाइल सही करने के लिए काउंसिल में भटक रहे छात्र
- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में 2014 के स्क्रूटनी का रिजल्ट अभी तक नहीं हुआ सही
- जेइइ मेन में अपना अंक देखने के बाद स्क्रूटनी का रिजल्ट लेने पहुंच रहे 2014 के छात्र
रिंकू झा, पटना
रंधीर कुमार को जेइइ मेन में 152 अंक आये हैं. इसकी जानकारी रंधीर कुमार को सीबीएसइ द्वारा जारी जेइइ मेन के आंसर की से पता चला. लेकिन रंधीर कुमार को अभी तक अपना इंटर स्क्रूटनी का रिजल्ट प्राप्त नहीं हुआ है. नवादा के रहने वाले रंधीर कुमार (रौल नंबर 10479, रौल कोड 2308) आठ महीने से इंटर काउंसिल का चक्कर लगा रहे हैं. कुछ ऐसा ही हाल कुंदन कृष्णन का भी हैं. छपरा का रहने वाल कुंदन कृष्णन ( रौल नंबर 10579, रौल कोड 4105) को एग्रीकल्चर कॉलेज, बलिया में नामांकन हो चुका है. लेकिन मार्क्स सीट जमा नहीं करने के कारण उसके नामांकन को मान्यता नहीं मिली है. कुंदन कृष्णन ने स्क्रूटनी के लिए दो विषयों फिजिक्स और केमेस्ट्री के लिए आवेदन दिया था. फिजिक्स में 59 से 62 अंक बढ़े तो वहीं केमेस्ट्री में 63 से 69 अंक हुआ. वहीं, रंधीर कुमार ने फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ और इंगलिश में स्क्रूटनी के लिए आवेदन दिया था. मैथ में 71 अंक से बढ़ कर 75 अंक हुआ. बाकी दूसरे विषय में अभी तक स्क्रूटनी किया ही नहीं जा सका है. यह हाल कोई एक छात्र का नहीं बल्कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में हर दिन कई ऐसे छात्र है जो अपने स्क्रूटनी के रिजल्ट के लिए इंटर काउंसिल का चक्कर लगा रहे है. ऐसे में अभी उन स्टूडेंट्स की संख्या अधिक है, जिन्होंने जेइइ मेन में अच्छे अंक प्राप्त किये है.
जेइइ मेन के आंसर की के बाद पहुंच रहे छात्र
जेइइ मेन के 2015 में ली गयी परीक्षा का आंसर की सीबीएसइ के वेबसाइट पर 18 अप्रैल को अपलोड कर दिया गया है. इससे जेइइ मेन में शामिल हुए छात्र को अपने अंक का पता चल गया है. लेकिन इंटर का रिजल्ट अभी तक लटका हुआ है. स्क्रूटनी के लिए जून 2014 में ही आवेदन दिया, लेकिन दस महीने बाद भी छात्र को रिजल्ट प्राप्त नहीं हुआ है. रंधीर कुमार के पिता ने बताया कि बेटे को इंटर में कम अंक आयें थे. इस कारण स्क्रूटनी के लिए अप्लाई 4 जून 2014 को ही किया. बिहार बोर्ड के वेबसाइट पर स्क्रूटनी का रिजल्ट जनवरी में आया. मैथ में चार अंक बढ़ें है. 71 अंक से 75 अंक मैथ में हुआ है. लेकिन फिजिक्स और केमेस्ट्री का अभी तक स्क्रूटनी हुआ ही नहीं है. अब मै कई दिनों से इंटर काउंसिल का चक्कर लगा रहा हूं. अगर अंक बढ़ जायेंगे तो इंटर में अच्छा पर्सेटाइल आ जायेगा. इससे अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन मिल जायेगा.
इंटरमीडिएट का 60 फीसदी मार्क्स का महत्व
जेइइ मेन और जेइइ एडवांस के बाद आइआइटी और दूसरे इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन के लिए इंटरमीडिएट के अंक का विशेष महत्व दिया जाता है. जेइइ मेन के 40 फीसदी तो इंटरमीडिएट के अंक का 60 फीसदी अंक का वेटेज इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन को लेकर होता है. ऐसे में जिन छात्रों के इंटर में अच्छा पर्सेटाइल होता हैं तो उन्हें अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन हो जाता है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के जिन छात्रों को 2014 में पर्सेटाइल कम था, उन्होंने पर्सेटाइल को सही करवाने के लिए स्क्रूटनी के लिए आवेदन दिया. लेकिन अभी तक उन्हें स्क्रूटनी का रिजल्ट नहीं मिला है.
2014 से 2015 हो गया, लेकिन स्क्रूटनी समाप्त नहीं हुआ
एक साल के बाद भी इंटर का सही रिजल्ट बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के छात्रों को नहीं मिल पाया है. अब तो हद ही हो गयी. 2014 के इंटर का रिजल्ट खराब होने के बाद अब 2015 हो गया, लेकिन अभी तक छात्रों को स्क्रूटनी का रिजल्ट नहीं मिला है. इन दिनों बिहार बोर्ड के इंटर काउंसिल में हर दिन छात्र अपना स्क्रूटनी का रिजल्ट लेने को आते है. लेकिन उन्हें बैरंग वापस जाना पड़ रहा है. रिजल्ट देना तो दूर कर्मचारी छात्रों से बात तक सही से नहीं करते है.
इंतजार करता रहा, नहीं मिला अब तक इंटर का मार्क्स सीट
मैं अभी तक दस बार से अधिक इंटर काउंसिल आ चुका हूं. हर बार आने में मुङो हजार रुपये से अधिक खर्च करना पड़ रहा है. लेकिन अभी तक स्क्रूटनी का रिजल्ट सही नहीं हुआ है. इंटरमीडिएट 2014 में कम अंक आने के कारण मैने स्क्रूटनी के लिए आवेदन दिया था. 60 फीसदी अंक आता तभी इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन होगा. एग्रीकल्चर कॉलेज, बलिया में नामांकन हो गया हैं. बोर्ड के वेबसाइट पर से अंक पत्र देकर तो नामांकन ले लिया गया. लेकिन अब ऑरिजनल मार्क्स सीट की मांग कॉलेज वाले कर रहे है. जनवरी से दौर रहा हूं. लेकिन अभी तक मार्क्स सीट नहीं मिला है.
कुंदन कृष्णन, पीड़ित छात्र
कोट
हम प्रयास करेंगे कि ऐसे छात्रों के उत्तर पुस्तिका को दुबारा निकलवा कर रिजल्ट को सही करवाया जायें. इंटर में अच्छे अंक आने से छात्र को अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन होगा तो ऐसे छत्र को इंटर काउंसिल से पूरी मदद दी जायेगी. स्क्रूटनी का मार्क्स सीट तैयार कर कॉलेज भेजा जा रहा है.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
- बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में 2014 के स्क्रूटनी का रिजल्ट अभी तक नहीं हुआ सही
- जेइइ मेन में अपना अंक देखने के बाद स्क्रूटनी का रिजल्ट लेने पहुंच रहे 2014 के छात्र
रिंकू झा, पटना
रंधीर कुमार को जेइइ मेन में 152 अंक आये हैं. इसकी जानकारी रंधीर कुमार को सीबीएसइ द्वारा जारी जेइइ मेन के आंसर की से पता चला. लेकिन रंधीर कुमार को अभी तक अपना इंटर स्क्रूटनी का रिजल्ट प्राप्त नहीं हुआ है. नवादा के रहने वाले रंधीर कुमार (रौल नंबर 10479, रौल कोड 2308) आठ महीने से इंटर काउंसिल का चक्कर लगा रहे हैं. कुछ ऐसा ही हाल कुंदन कृष्णन का भी हैं. छपरा का रहने वाल कुंदन कृष्णन ( रौल नंबर 10579, रौल कोड 4105) को एग्रीकल्चर कॉलेज, बलिया में नामांकन हो चुका है. लेकिन मार्क्स सीट जमा नहीं करने के कारण उसके नामांकन को मान्यता नहीं मिली है. कुंदन कृष्णन ने स्क्रूटनी के लिए दो विषयों फिजिक्स और केमेस्ट्री के लिए आवेदन दिया था. फिजिक्स में 59 से 62 अंक बढ़े तो वहीं केमेस्ट्री में 63 से 69 अंक हुआ. वहीं, रंधीर कुमार ने फिजिक्स, केमेस्ट्री, मैथ और इंगलिश में स्क्रूटनी के लिए आवेदन दिया था. मैथ में 71 अंक से बढ़ कर 75 अंक हुआ. बाकी दूसरे विषय में अभी तक स्क्रूटनी किया ही नहीं जा सका है. यह हाल कोई एक छात्र का नहीं बल्कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में हर दिन कई ऐसे छात्र है जो अपने स्क्रूटनी के रिजल्ट के लिए इंटर काउंसिल का चक्कर लगा रहे है. ऐसे में अभी उन स्टूडेंट्स की संख्या अधिक है, जिन्होंने जेइइ मेन में अच्छे अंक प्राप्त किये है.
जेइइ मेन के आंसर की के बाद पहुंच रहे छात्र
जेइइ मेन के 2015 में ली गयी परीक्षा का आंसर की सीबीएसइ के वेबसाइट पर 18 अप्रैल को अपलोड कर दिया गया है. इससे जेइइ मेन में शामिल हुए छात्र को अपने अंक का पता चल गया है. लेकिन इंटर का रिजल्ट अभी तक लटका हुआ है. स्क्रूटनी के लिए जून 2014 में ही आवेदन दिया, लेकिन दस महीने बाद भी छात्र को रिजल्ट प्राप्त नहीं हुआ है. रंधीर कुमार के पिता ने बताया कि बेटे को इंटर में कम अंक आयें थे. इस कारण स्क्रूटनी के लिए अप्लाई 4 जून 2014 को ही किया. बिहार बोर्ड के वेबसाइट पर स्क्रूटनी का रिजल्ट जनवरी में आया. मैथ में चार अंक बढ़ें है. 71 अंक से 75 अंक मैथ में हुआ है. लेकिन फिजिक्स और केमेस्ट्री का अभी तक स्क्रूटनी हुआ ही नहीं है. अब मै कई दिनों से इंटर काउंसिल का चक्कर लगा रहा हूं. अगर अंक बढ़ जायेंगे तो इंटर में अच्छा पर्सेटाइल आ जायेगा. इससे अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन मिल जायेगा.
इंटरमीडिएट का 60 फीसदी मार्क्स का महत्व
जेइइ मेन और जेइइ एडवांस के बाद आइआइटी और दूसरे इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन के लिए इंटरमीडिएट के अंक का विशेष महत्व दिया जाता है. जेइइ मेन के 40 फीसदी तो इंटरमीडिएट के अंक का 60 फीसदी अंक का वेटेज इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन को लेकर होता है. ऐसे में जिन छात्रों के इंटर में अच्छा पर्सेटाइल होता हैं तो उन्हें अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन हो जाता है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के जिन छात्रों को 2014 में पर्सेटाइल कम था, उन्होंने पर्सेटाइल को सही करवाने के लिए स्क्रूटनी के लिए आवेदन दिया. लेकिन अभी तक उन्हें स्क्रूटनी का रिजल्ट नहीं मिला है.
2014 से 2015 हो गया, लेकिन स्क्रूटनी समाप्त नहीं हुआ
एक साल के बाद भी इंटर का सही रिजल्ट बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के छात्रों को नहीं मिल पाया है. अब तो हद ही हो गयी. 2014 के इंटर का रिजल्ट खराब होने के बाद अब 2015 हो गया, लेकिन अभी तक छात्रों को स्क्रूटनी का रिजल्ट नहीं मिला है. इन दिनों बिहार बोर्ड के इंटर काउंसिल में हर दिन छात्र अपना स्क्रूटनी का रिजल्ट लेने को आते है. लेकिन उन्हें बैरंग वापस जाना पड़ रहा है. रिजल्ट देना तो दूर कर्मचारी छात्रों से बात तक सही से नहीं करते है.
इंतजार करता रहा, नहीं मिला अब तक इंटर का मार्क्स सीट
मैं अभी तक दस बार से अधिक इंटर काउंसिल आ चुका हूं. हर बार आने में मुङो हजार रुपये से अधिक खर्च करना पड़ रहा है. लेकिन अभी तक स्क्रूटनी का रिजल्ट सही नहीं हुआ है. इंटरमीडिएट 2014 में कम अंक आने के कारण मैने स्क्रूटनी के लिए आवेदन दिया था. 60 फीसदी अंक आता तभी इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन होगा. एग्रीकल्चर कॉलेज, बलिया में नामांकन हो गया हैं. बोर्ड के वेबसाइट पर से अंक पत्र देकर तो नामांकन ले लिया गया. लेकिन अब ऑरिजनल मार्क्स सीट की मांग कॉलेज वाले कर रहे है. जनवरी से दौर रहा हूं. लेकिन अभी तक मार्क्स सीट नहीं मिला है.
कुंदन कृष्णन, पीड़ित छात्र
कोट
हम प्रयास करेंगे कि ऐसे छात्रों के उत्तर पुस्तिका को दुबारा निकलवा कर रिजल्ट को सही करवाया जायें. इंटर में अच्छे अंक आने से छात्र को अच्छे इंजीनियरिंग कॉलेज में नामांकन होगा तो ऐसे छत्र को इंटर काउंसिल से पूरी मदद दी जायेगी. स्क्रूटनी का मार्क्स सीट तैयार कर कॉलेज भेजा जा रहा है.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
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