94 फर्जी टीचर के लिस्ट पर चल डीएवी बीएसइबी स्कूल
- इंटरव्यू दिया डीएवी बीएसइबी के लिए, बना दिये गये मूंगेर डीएवी के टीचर
- 94 टीचर में 61 टीचर छोड़ चुके है कई साल पहले स्कूल, 10 टीचर कभी डीएवी में पढ़ाये ही नहीं
संवाददाता, पटना
केस वन - शिक्षिका स्नेहलता ने डीएवी बीएसइबी में अप्रैल 2012 को आवेदन दिया. इसके पश्चात 2 मई 2012 को डीएवी बीएसइबी में अस्थायी शिक्षिका के रूप में स्नेहलता की नियुक्ति डीएवी बीएसइबी के लिए किया गया. लेकिन शिक्षिका स्नेहलता को डीएवी हाजीपुर में शिक्षिका के रूप में भेज दिया गया. मई 2012 से 13 अप्रैल 2013 तक हाजीपुर डीएवी में शिक्षिका के तौर पर कार्यरत रही. हाजीपुर आने जाने के लिए टीएडीए की मांग की गयी तो स्नेहलता को 13 अप्रैल 2013 को स्कूल से निकाल दिया गया. लेकिन डीएवी बीएसइबी आज भी अपने टीचर के लिस्ट में स्नेहलता का नाम जोड़े हुए है.
केस टू - शिक्षिका संगीता ने डीएवी बीएसइबी के लिए 23 नवंबर 2003 में नियुक्त की गयी. नियुक्ति के बाद संगीता कुमारी को डीएवी मुंगेर भेज दिया गया. जब इसको लेकर पहले से कार्यरत संगीता कुमारी के पति अंजनी कुमार ने इसका विरोध किया तो शिक्षक अंजनी कुमार का भी स्थानांतरण मोकामा डीएवी में कर दिया गया. शिक्षिका संगीता काम तो डीएवी मुंगेर में 2007 से कर रही हैं, लेकिन डीएवी बीएसइबी के टीचर्स के लिस्ट में शिक्षिका संगीता का नाम दर्ज है.
टीचर एक है. लेकिन उनका नाम कई डीएवी में दर्ज है. नियुक्ति भले डीएवी बीएसइबी के लिए होता है, लेकिन बाद में उन्हें दूसरे जिले के डीएवी में भेज दिया जाता है. यह खेल डीएवी में आज से नहीं कई सालों से चल रहा है. इतना ही नहीं जब-जब सीबीएसइ में रि-एफिलिएशन के लिए आवेदन दिया गया तो सीबीएसइ के पास टीचर्स की लंबी लिस्ट भेजी गयी. डीएवी बीएसइबी की ओर से 2003, 2009, 2010 और 2014 में सीबीएसइ के पास 94 टीचर्स की लिस्ट भेजी गयी. इस लिस्ट में कई टीचर है जो डीएवी में कभी शिक्षिक के रूप में काम ही नहीं किये है. वहीं लगभग 61 टीचर ऐसे है जो कई सालों पहले डीएवी बीएसइबी को छोड़ चुके है.
- लिस्ट में 137 परमानेंट टीचर, विजिलेंस को मिले 35
स्कूल की ओर से 2014 में सीबीएसइ को भेजे गये टीचर्स की लिस्ट में 137 परमानेंट टीचर की लिस्ट भेजी गयी है. बांकी 76 टीचर एडहॉक पर स्कूल मे काम कर रहे है. लेकिन जब 10 और 16 अक्टूबर को विजिलेंस डिपार्टमेट सीबीएसइ का रेंडमली जांच हुआ तो पाया गया कि स्कूल में मात्र 37 टीचर पीजीटी रेगुलर हैं. बांकी 19 टीचर एडहॉक पर काम कर रहे हैं. विजिलेंस डिपार्टमेंट सीबीएसइ के अनुसार स्कूल ने सीबीएसइ से झूठ बोल कर फर्जी टीचर्स की रिपोर्ट भेजी है. यह फर्जी रिपोर्ट ना सिर्फ 2014 बल्कि इसके पहले के कई सालों में ऐसा किया गया है.
- टीचर्स के लिस्ट में भारी अंतर
डीएवी बीएसइबी की ओर से सीबीएसइ के पास टीचर की लिस्ट 2003, 2009, 2010 और 2014 में दिया गया. इस टीचर्स की लिस्ट में भारी अंतर पाया गया है. सीबीएसइ की माने तो 2009 में 33 पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) के रूप में दिखाया गया. वहीं 2010 में यह संख्या 47 और 2014 में यह संख्या 32 पर आ गयी. स्कूल द्वारा सीबीएसइ को दिये गये लिस्ट के अनुसार 2014 में स्कूल में 203 टीचर कार्यरत हैं. वहीं 2010 में इसकी संख्या 208 थी. इसमें लगभग
- टीचर के साथ बने है स्कूल इंजार्च
डीएवी बीएसइबी के कई विषय के टीचर के साथ दूसरे स्कूल का इंजार्च भी बने हुए हैं. डीएवी बीएसइबी के सूत्रों की माने तो सुनील कुमार वर्मा डीएवी बीएसइबी में पीजीटी के बायोलॉजी के टीचर है. साथ में सुनील कुमार वर्मा हाजीपुर डीएवी के इंचार्ज के रूप में काम कर रहें हैं. कुछ ऐसा ही हाल मिनीता प्रसाद की भी हैं. मिनीता प्रसाद डीएवी बीएसइबी में पीजीटी की टीचर के रूप में कार्यरत है. इसके साथ मिनीता प्रसाद राजीव नगर डीएवी की इंचार्ज के रूप में काम कर रहीं हैं. इंद्रपूरी डीएवी की प्राचार्य इंचार्ज के रूप में नूतन अम्बष्टा कार्यरत हैं. वहीं नूतन अम्बष्टा डीएवी बीएसइबी में पीजीटी की टीचर है. मिथिलेश कुमार सिंह मैथ के टीचर डीएवी बीएसइबी में हैं. ये मसौढ़ी डीएवी इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं.
- बीएसइबी का प्रोजेक्ट स्कूल है डीएवी बीएसइबी
डीएवी पब्लिक स्कूल बिजली बोर्ड का प्रोजेक्ट स्कूल है. इस स्कूल में कार्यरत शिक्षक को बिजली बोर्ड की ओर से पेमेंट होता है. ऐसे में डीएवी के कई टीचर स्कूल में रहते हुए दूसरे ब्रांच के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं. इन्हें वेतन तो बीएसइबी की ओर से किया जाता है, लेकिन ये काम इंचार्ज के रूप में दूसरे स्कूलों के लिए करते है.
डीएवी बीएसइबी की ओर से 2010 में सीबीएसइ को 208 टीचर्स की लिस्ट भेजी गयी थी. इसमें 70 ऐसे टीचर है जो डीएवी में मात्र एक महीना के लिए टीचर बने और उन्होंने छोड़ दिया. ये टीचर 2000 से 2008 सत्र तक में ही डीएवी बीएसइबी में कार्यरत रहें. टीचर के छोड़ने के बावजूद पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद ने 2010 में रि-एफिलिएशन के लिए इन टीचर्स की लिस्ट सीबीएसइ को भेजा था. इसी पर 31 मार्च 2015 तक स्कूल को रि-एफिलिएशन मिला था. इसमें से कुछ टीचर्स का नाम यहां पर दिया जा रहा हैं
शिक्षक का नाम - डीएवी में कार्य करने के बाद छोड़ दिया
जितेंद्र कुमार मिश्र - 2005
मोहन कुमार दूबे - 2003
चंदन सिंह - 1999
प्रमोद कुमार महाराज - 1999
प्रसन्ना सामन - 2002
पुष्पा कुमार - 1999
रश्मिाला मोहंती - 2003
सुब्रत राय चौधरी - 2000
सुशमा झा - 1994
उग्र मोहन ठाकुर - 2000
विकास चंद्रा - 2002
विनीता शर्मा - 2005
अजय कुमार मुखर्जी - 2003
नोट - टीचर्स की पूरी लिस्ट है. लेकिन जगह की कमी होने के कारण कुछ ही टीचस
- इंटरव्यू दिया डीएवी बीएसइबी के लिए, बना दिये गये मूंगेर डीएवी के टीचर
- 94 टीचर में 61 टीचर छोड़ चुके है कई साल पहले स्कूल, 10 टीचर कभी डीएवी में पढ़ाये ही नहीं
संवाददाता, पटना
केस वन - शिक्षिका स्नेहलता ने डीएवी बीएसइबी में अप्रैल 2012 को आवेदन दिया. इसके पश्चात 2 मई 2012 को डीएवी बीएसइबी में अस्थायी शिक्षिका के रूप में स्नेहलता की नियुक्ति डीएवी बीएसइबी के लिए किया गया. लेकिन शिक्षिका स्नेहलता को डीएवी हाजीपुर में शिक्षिका के रूप में भेज दिया गया. मई 2012 से 13 अप्रैल 2013 तक हाजीपुर डीएवी में शिक्षिका के तौर पर कार्यरत रही. हाजीपुर आने जाने के लिए टीएडीए की मांग की गयी तो स्नेहलता को 13 अप्रैल 2013 को स्कूल से निकाल दिया गया. लेकिन डीएवी बीएसइबी आज भी अपने टीचर के लिस्ट में स्नेहलता का नाम जोड़े हुए है.
केस टू - शिक्षिका संगीता ने डीएवी बीएसइबी के लिए 23 नवंबर 2003 में नियुक्त की गयी. नियुक्ति के बाद संगीता कुमारी को डीएवी मुंगेर भेज दिया गया. जब इसको लेकर पहले से कार्यरत संगीता कुमारी के पति अंजनी कुमार ने इसका विरोध किया तो शिक्षक अंजनी कुमार का भी स्थानांतरण मोकामा डीएवी में कर दिया गया. शिक्षिका संगीता काम तो डीएवी मुंगेर में 2007 से कर रही हैं, लेकिन डीएवी बीएसइबी के टीचर्स के लिस्ट में शिक्षिका संगीता का नाम दर्ज है.
टीचर एक है. लेकिन उनका नाम कई डीएवी में दर्ज है. नियुक्ति भले डीएवी बीएसइबी के लिए होता है, लेकिन बाद में उन्हें दूसरे जिले के डीएवी में भेज दिया जाता है. यह खेल डीएवी में आज से नहीं कई सालों से चल रहा है. इतना ही नहीं जब-जब सीबीएसइ में रि-एफिलिएशन के लिए आवेदन दिया गया तो सीबीएसइ के पास टीचर्स की लंबी लिस्ट भेजी गयी. डीएवी बीएसइबी की ओर से 2003, 2009, 2010 और 2014 में सीबीएसइ के पास 94 टीचर्स की लिस्ट भेजी गयी. इस लिस्ट में कई टीचर है जो डीएवी में कभी शिक्षिक के रूप में काम ही नहीं किये है. वहीं लगभग 61 टीचर ऐसे है जो कई सालों पहले डीएवी बीएसइबी को छोड़ चुके है.
- लिस्ट में 137 परमानेंट टीचर, विजिलेंस को मिले 35
स्कूल की ओर से 2014 में सीबीएसइ को भेजे गये टीचर्स की लिस्ट में 137 परमानेंट टीचर की लिस्ट भेजी गयी है. बांकी 76 टीचर एडहॉक पर स्कूल मे काम कर रहे है. लेकिन जब 10 और 16 अक्टूबर को विजिलेंस डिपार्टमेट सीबीएसइ का रेंडमली जांच हुआ तो पाया गया कि स्कूल में मात्र 37 टीचर पीजीटी रेगुलर हैं. बांकी 19 टीचर एडहॉक पर काम कर रहे हैं. विजिलेंस डिपार्टमेंट सीबीएसइ के अनुसार स्कूल ने सीबीएसइ से झूठ बोल कर फर्जी टीचर्स की रिपोर्ट भेजी है. यह फर्जी रिपोर्ट ना सिर्फ 2014 बल्कि इसके पहले के कई सालों में ऐसा किया गया है.
- टीचर्स के लिस्ट में भारी अंतर
डीएवी बीएसइबी की ओर से सीबीएसइ के पास टीचर की लिस्ट 2003, 2009, 2010 और 2014 में दिया गया. इस टीचर्स की लिस्ट में भारी अंतर पाया गया है. सीबीएसइ की माने तो 2009 में 33 पीजीटी (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) के रूप में दिखाया गया. वहीं 2010 में यह संख्या 47 और 2014 में यह संख्या 32 पर आ गयी. स्कूल द्वारा सीबीएसइ को दिये गये लिस्ट के अनुसार 2014 में स्कूल में 203 टीचर कार्यरत हैं. वहीं 2010 में इसकी संख्या 208 थी. इसमें लगभग
- टीचर के साथ बने है स्कूल इंजार्च
डीएवी बीएसइबी के कई विषय के टीचर के साथ दूसरे स्कूल का इंजार्च भी बने हुए हैं. डीएवी बीएसइबी के सूत्रों की माने तो सुनील कुमार वर्मा डीएवी बीएसइबी में पीजीटी के बायोलॉजी के टीचर है. साथ में सुनील कुमार वर्मा हाजीपुर डीएवी के इंचार्ज के रूप में काम कर रहें हैं. कुछ ऐसा ही हाल मिनीता प्रसाद की भी हैं. मिनीता प्रसाद डीएवी बीएसइबी में पीजीटी की टीचर के रूप में कार्यरत है. इसके साथ मिनीता प्रसाद राजीव नगर डीएवी की इंचार्ज के रूप में काम कर रहीं हैं. इंद्रपूरी डीएवी की प्राचार्य इंचार्ज के रूप में नूतन अम्बष्टा कार्यरत हैं. वहीं नूतन अम्बष्टा डीएवी बीएसइबी में पीजीटी की टीचर है. मिथिलेश कुमार सिंह मैथ के टीचर डीएवी बीएसइबी में हैं. ये मसौढ़ी डीएवी इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं.
- बीएसइबी का प्रोजेक्ट स्कूल है डीएवी बीएसइबी
डीएवी पब्लिक स्कूल बिजली बोर्ड का प्रोजेक्ट स्कूल है. इस स्कूल में कार्यरत शिक्षक को बिजली बोर्ड की ओर से पेमेंट होता है. ऐसे में डीएवी के कई टीचर स्कूल में रहते हुए दूसरे ब्रांच के इंचार्ज के रूप में कार्यरत हैं. इन्हें वेतन तो बीएसइबी की ओर से किया जाता है, लेकिन ये काम इंचार्ज के रूप में दूसरे स्कूलों के लिए करते है.
डीएवी बीएसइबी की ओर से 2010 में सीबीएसइ को 208 टीचर्स की लिस्ट भेजी गयी थी. इसमें 70 ऐसे टीचर है जो डीएवी में मात्र एक महीना के लिए टीचर बने और उन्होंने छोड़ दिया. ये टीचर 2000 से 2008 सत्र तक में ही डीएवी बीएसइबी में कार्यरत रहें. टीचर के छोड़ने के बावजूद पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद ने 2010 में रि-एफिलिएशन के लिए इन टीचर्स की लिस्ट सीबीएसइ को भेजा था. इसी पर 31 मार्च 2015 तक स्कूल को रि-एफिलिएशन मिला था. इसमें से कुछ टीचर्स का नाम यहां पर दिया जा रहा हैं
शिक्षक का नाम - डीएवी में कार्य करने के बाद छोड़ दिया
जितेंद्र कुमार मिश्र - 2005
मोहन कुमार दूबे - 2003
चंदन सिंह - 1999
प्रमोद कुमार महाराज - 1999
प्रसन्ना सामन - 2002
पुष्पा कुमार - 1999
रश्मिाला मोहंती - 2003
सुब्रत राय चौधरी - 2000
सुशमा झा - 1994
उग्र मोहन ठाकुर - 2000
विकास चंद्रा - 2002
विनीता शर्मा - 2005
अजय कुमार मुखर्जी - 2003
नोट - टीचर्स की पूरी लिस्ट है. लेकिन जगह की कमी होने के कारण कुछ ही टीचस
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