डीएवी बीएसइबी से 11वीं और 12वीं का एलओसी लिस्ट स्कूल से हो गया गायब
- तीन सदस्यीय जांच कमेटी को कई प्रश्न के नहीं मिल पायें उत्तर
- प्लस टू में टीचर्स की लिस्ट भी है स्कूल से गायब
संवाददाता, पटना
डीएवी बीएसइबी में ना तो 2013 के 11वीं का एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेंट्स) लिस्ट मिल पा रहा है और ना ही 2015 के 12वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल स्टूडेंट्स का एलओसी लिस्ट ही सामने आ पा रहा है. जब तक एलओसी की पूरी लिस्ट स्कूल से प्राप्त नहीं होगा, तब तक इस बात का पता नहीं चल पायेगा कि 11वीं में डीएवी बीएसइबी से कितने छात्र का रजिस्ट्रेशन हुआ और 12वीं में डीएवी बीएसइबी की ओर से कितने स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए. डीएवी प्रबंधन की ओर से बनायी गयी तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने दो दिनों में डीएवी बीएसइबी कैंपस से कई चीजों की जानकारी लेनी चाही, लेकिन उन्हें अधिकांश प्वाइंट पर खाली हाथ जाना पड़ा. गुरुवार और शुक्रवार को हुई दो दिनों की जांच में डीएवी के तमाम टीचर्स से पूछ ताछ की गयी. ज्ञात हो कि डीएवी प्रबंधन की ओर से तीन सदस्यीय जांच कमेटी में डीएवी उड़ीसा जोन के प्राचार्य सह रिजनल डायरेक्टर डा. केसी सत्यपती , रांची और हजारीबाग के रिजनल डायरेक्टर सह प्रिंसिपल डा. टी पी पाति और पटना डीएवी के सहायक रिजनल डायरेक्टर सह प्राचार्य इंद्रजीत राय शामिल है.
- प्लस टू पर जांच कमेटी की थी पूरी नजर
जांच कमेटी ने मुख्य रूप से डीएवी के प्लस टू लेवल पर तमाम जानकारी स्कूल से लेनी चाहिए. 11वीं और 12वीं में कितने सेक्शन स्कूल में चलता है. हर सेक्शन में छात्रों की संख्या कितनी है. सेक्शन के अनुसार टीचर्स और क्लास रूम कितने संख्या में हैं. इसके अलावा प्लस टू में नामांकन की प्रक्रिया क्या है. नामांकन में 10वीं के रिजल्ट आधार बनाया जाता है या नहीं. एंट्रांस लेकर 11वीं में नामांकन होता है तो इतनी संख्या में स्टूडेंट्स फेल कैसे कर जाते है.
- प्रिया मामले को भी खंगालने की कोशिश की गयी
जांच कमेटी ने स्कूल कें इन्फ्रास्ट्रर के अलावा प्रिया मामले को लेकर कई प्रश्नों को ढूढ़ने की कोशिश किया. इसमें प्रिया के 10वीं क्लास के रिकार्ड के साथ, 11वीं में प्रिया रॉय का नामांकन किस आधार पर लिया गया था. प्रिया रॉय क्लास रेगुलर करती थी कि बंक मारती थी. प्रिया राय का मंथली एकेडेमिक रिकार्ड कैसा था. प्रिया राय से 12वीं में तीन महीने पर फी क्यूं नहीं लिया गया. अगर वो 11वीं में फेल थी तो प्रिया राय का 11वीं का कंपार्टमेंटल परीक्षा ली गयी की नहीं. एडमिट कार्ड आया था तो क्यूं नहीं दिया गया.
- एक सप्ताह में आयेगी रिपोर्ट
दो दिनों के जांच होने के बाद कमेटी के दो सदस्य शुक्रवार को वापस चले गये. अब तीन चार दिनों में कमेटी अपना रिपोर्ट तैयार करेगी. इसके बाद रिपोर्ट डीएवी पब्लिक स्कूल दिल्ली की डायरेक्टर नीशा पेशिन को भेजा जायेगा. रिपोर्ट की सारी जानकारी देने के बाद पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद पर फैसला लिया जायेगा.
इन बिंदुओं पर जांच कमेटी उलझ कर रह गयी
- हर विषय में हर क्लास के लिए क्लास टीचर कौन-कौन हैं
- स्कूल में प्लस टू का इंचार्ज कौन है
- हर क्लास में टीचर्स की संख्या कितनी हैं
- स्कूल में नामांकन की प्रक्रिया क्या है. किस आधार पर स्कूल में नामांकन हो रहा है
- सेक्शन वाइज स्टूडेंट्स की संख्या कितनी है
- तीन सदस्यीय जांच कमेटी को कई प्रश्न के नहीं मिल पायें उत्तर
- प्लस टू में टीचर्स की लिस्ट भी है स्कूल से गायब
संवाददाता, पटना
डीएवी बीएसइबी में ना तो 2013 के 11वीं का एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेंट्स) लिस्ट मिल पा रहा है और ना ही 2015 के 12वीं बोर्ड की परीक्षा में शामिल स्टूडेंट्स का एलओसी लिस्ट ही सामने आ पा रहा है. जब तक एलओसी की पूरी लिस्ट स्कूल से प्राप्त नहीं होगा, तब तक इस बात का पता नहीं चल पायेगा कि 11वीं में डीएवी बीएसइबी से कितने छात्र का रजिस्ट्रेशन हुआ और 12वीं में डीएवी बीएसइबी की ओर से कितने स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए. डीएवी प्रबंधन की ओर से बनायी गयी तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने दो दिनों में डीएवी बीएसइबी कैंपस से कई चीजों की जानकारी लेनी चाही, लेकिन उन्हें अधिकांश प्वाइंट पर खाली हाथ जाना पड़ा. गुरुवार और शुक्रवार को हुई दो दिनों की जांच में डीएवी के तमाम टीचर्स से पूछ ताछ की गयी. ज्ञात हो कि डीएवी प्रबंधन की ओर से तीन सदस्यीय जांच कमेटी में डीएवी उड़ीसा जोन के प्राचार्य सह रिजनल डायरेक्टर डा. केसी सत्यपती , रांची और हजारीबाग के रिजनल डायरेक्टर सह प्रिंसिपल डा. टी पी पाति और पटना डीएवी के सहायक रिजनल डायरेक्टर सह प्राचार्य इंद्रजीत राय शामिल है.
- प्लस टू पर जांच कमेटी की थी पूरी नजर
जांच कमेटी ने मुख्य रूप से डीएवी के प्लस टू लेवल पर तमाम जानकारी स्कूल से लेनी चाहिए. 11वीं और 12वीं में कितने सेक्शन स्कूल में चलता है. हर सेक्शन में छात्रों की संख्या कितनी है. सेक्शन के अनुसार टीचर्स और क्लास रूम कितने संख्या में हैं. इसके अलावा प्लस टू में नामांकन की प्रक्रिया क्या है. नामांकन में 10वीं के रिजल्ट आधार बनाया जाता है या नहीं. एंट्रांस लेकर 11वीं में नामांकन होता है तो इतनी संख्या में स्टूडेंट्स फेल कैसे कर जाते है.
- प्रिया मामले को भी खंगालने की कोशिश की गयी
जांच कमेटी ने स्कूल कें इन्फ्रास्ट्रर के अलावा प्रिया मामले को लेकर कई प्रश्नों को ढूढ़ने की कोशिश किया. इसमें प्रिया के 10वीं क्लास के रिकार्ड के साथ, 11वीं में प्रिया रॉय का नामांकन किस आधार पर लिया गया था. प्रिया रॉय क्लास रेगुलर करती थी कि बंक मारती थी. प्रिया राय का मंथली एकेडेमिक रिकार्ड कैसा था. प्रिया राय से 12वीं में तीन महीने पर फी क्यूं नहीं लिया गया. अगर वो 11वीं में फेल थी तो प्रिया राय का 11वीं का कंपार्टमेंटल परीक्षा ली गयी की नहीं. एडमिट कार्ड आया था तो क्यूं नहीं दिया गया.
- एक सप्ताह में आयेगी रिपोर्ट
दो दिनों के जांच होने के बाद कमेटी के दो सदस्य शुक्रवार को वापस चले गये. अब तीन चार दिनों में कमेटी अपना रिपोर्ट तैयार करेगी. इसके बाद रिपोर्ट डीएवी पब्लिक स्कूल दिल्ली की डायरेक्टर नीशा पेशिन को भेजा जायेगा. रिपोर्ट की सारी जानकारी देने के बाद पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद पर फैसला लिया जायेगा.
इन बिंदुओं पर जांच कमेटी उलझ कर रह गयी
- हर विषय में हर क्लास के लिए क्लास टीचर कौन-कौन हैं
- स्कूल में प्लस टू का इंचार्ज कौन है
- हर क्लास में टीचर्स की संख्या कितनी हैं
- स्कूल में नामांकन की प्रक्रिया क्या है. किस आधार पर स्कूल में नामांकन हो रहा है
- सेक्शन वाइज स्टूडेंट्स की संख्या कितनी है
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