Sunday, April 5, 2015

मदरसों में होगी फिजिकल एजुकेशन की पढ़ाई

मदरसों में होगी फिजिकल एजुकेशन की पढ़ाई

-  2015 सत्र से होगा लागू, मदरसों के पास भेजी गयी लिस्ट
- हफ्ते में एक दिन चलेगा दो घंटे का क्लास
संवाददाता, पटना
बच्चों का पूरा विकास हो, पढ़ाई के साथ हर एक्टिविटी में मदरसा बोर्ड के छात्र भी आगे आयें, प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा के साथ छात्रों का शारीरिक विकास हो, इसको लेकर तमाम मदरसों में फिजिकल एजुकेशन की शुरुआत हो रही है. 1 अप्रैल 2015  से शुरू होने से नये सत्र के तहत इसे लागू किया जायेगा. इसे हर मदरसों में लागू किया गया हैं. अभी तक मदरसों में  बस कोर्स की पढ़ाई पर फोकस किया जाता रहा हैं. लेकिन पहली बार शारीरिक शिक्षा का महत्व मदरसों के छात्रों को मिलेगा. हर वर्ग के छात्र को इसकी जानकारी दी जायेगी. इससे बचपन से ही छात्रों को शारीरिक शिक्षा के महत्व के बारे में पता चल सकेगा. सामूहिकता की भावना आयेगी.
- दो घंटे की होगा फिजिकल एजुकेशन की क्लासेज
फिजिकल एजुकेशन की पढ़ाई फिलहाल हफ्ते में एक दिन करने का निर्णय लिया गया है. प्रत्येक गुरुवार को दो घंटे का क्लास फिजिकल एजुकेशन के लिए रखा गया है. चुकी शुक्रवार को मदरसा बंद रहता है. इस कारण इसे गुरुवार को चलाया जायेगा. बोर्ड के अनुसार अगर कोई मदरसा चाहे तो शुक्रवार को ही दो घंटे का स्पेशल फिजिकल एजुकेशन के क्लासेज अपने यहां चला सकते है. ऐसे में उन स्कूलों में गुरुवार के बदले शुक्रवार को फिजिकल एजुकेशन के क्लासेज होंगे. दो घंटे के फिजिकल एजुकेशन की क्लासेज में छात्रों को व्यायाम, खेल, मनोरंजन के दूसरे साधन, डिवेट, ग्रुप डिस्कशन, आदि से संबंधित जानकारी दी जायेगी
- मंथली रिपोर्ट लेना बोर्ड
मदरसों में फिजिकल एजुकेशन का पालन हो रहा है या हीं इसको लेकर हर महीने बिहार राज्य मदरसा बोर्ड की ओर से मदरसो से रिपोर्ट मांगी जायेगी. इसको लेकर बोर्ड की ओर से फार्मेट तैयार किया गया हैं. इस फार्मेट को तमाम मदरसों में भेजा गया है. हर महीने इस फार्मेट को भर कर मदरसों को बोर्ड को भेजना होगा. इसमें इस बात की जांच की जायेगी कि फिजिकल एजुकेशन का पालन मदरसों में हो रहा है या नहीं. अगर कोई मदरसा इसे लागू नहीं करेगा तो उन पर कार्रवाई भी की जायेगी.

कोट
मंथली रिपोर्ट देने की सूचना तमाम मदरसों को भेज दिया गया है. इसमें पढ़ाई के अलावा फिजिकल एजुकेशन की भी जानकारी देनी होगी. मदरसा के बच्चे खेल, मनोरंजन, डिवेट आदि कार्यक्रम में शामिल हो, इसके लिए इसकी शुरुआत की जा रही है. इससे मदरसों के भी बच्चों का ओवरऑल डेवलपमेंट होगा.
सैयद मोहिब-उल हसन, अध्यक्ष, बिहार राज्य मदरसा बोर्ड

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