नामांकन भी नहीं हुआ, आरटीइ के तहत निकल गयी राशि
-- बक्सर के तीन निजी स्कूलों का मामला
-- 2011 व 2012 में 120118 रुपये का किया भुगतान
संवाददाता,पटना
शिक्षा का अधिकार (आरटीइ) के तहत नामांकन में स्कूलों को कुछ नियमों का पालन करना होता है. नामांकन के लिए अलग से आवेदन फॉर्म के अलावा बैंक अकाउंट हर स्कूल में खोलना अनिवार्य है. खाते में बच्चों के नाम से राशि जमा होगी, लेकिन नियम का पालन प्राइवेट स्कूल ने कितना किया है. खुलासा बक्सर के तीन निजी स्कूलों में जांच के बाद सामने आया है. बक्सर के तीनों स्कूलों में जब आरटीइ के नामांकन की जांच हुई तो पता चला कि तीन में दो स्कूलों में नामांकन हुआ ही नहीं है और वहां राशि भेज दी गयी है. दो स्कूल डीएवी पब्लिक स्कूल,बक्सर और फाउंडेशन स्कूल,बक्सर में 2011 और 2012 में कुल 29 ऐसे बच्चों के नाम से 1 लाख 20 हजार 118 रुपये की राशि का भुगतान कर दिया गया, जिनका नामांकन ही नहीं हुआ था. इसमें डीएवी पब्लिक स्कूल, बक्सर में 2012 में 14 बच्चों का नामांकन की गलत लिस्ट तैयार की गयी. वहीं फाउंडेशन स्कूल, बक्सर में 2011 और 2012 सत्र में 6 बच्चे का नामांकन लिया गया, लेकिन लिस्ट 15 बच्चों का तैयार कर दिया गया. कहा जायें तो दोनों स्कूलों में मिलाकर 29 ऐसे बच्चे है जिनका नामांकन नही हुआ लेकिन उनके नाम से 1 लाख 20 हजार 118 रुपये का भुगतान कर दिया गया.
447336 रुपये के भुगतान की जांच : राज्य योजना मद के अंतर्गत मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में 25 फीसदी कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों के लिए बक्सर जिला के प्राइवेट स्कूल में 2011 में 72 एवं 2012 में नामांकित 36 बच्चों के लिए प्रति बच्च 4142 रुपया के दर से 447336 रुपये का भुगतान किया गया. शिक्षा विभाग आरटीइ के तहत उन्हीं स्कूलों में नामांकन लेगा, जो स्कूल बिहार सरकार से निबंधित हो. इसके अलावा स्कूल को क्लास वन में छात्रों की संख्या बतानी होगी.
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जांच के बाद उठे सवाल
- तीन में दो स्कूल किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं हैं, लेकिन इन्हें राशि का भुगतान किया गया.
- स्कूलों ने क्लास वन के छात्रों की संख्या नहीं बतायी.
- डीएवी पब्लिक स्कूल,बक्सर ने दिखाया है कि 14 बच्चे फस्र्ट डिवीजन से उत्तीर्ण हुए हैं. जो स्पष्ट नहीं था. राशि क्लास वन में नामांकन के लिए दिया जाना था. इस प्रकार 57988 रुपये की राशि संदिग्ध है.
- फाउंडेशन स्कूल,बक्सर में 2012 के छह बच्चे की चर्चा थी. स्कूल ने 2011 में 10 और 2012 में 11 नामांकन की गलत प्रति बना डाली. 15 बच्चों के नाम से गलत भुगतान 62130 रुपये कर दिया गया.
- किसी भी विद्यालय ने जिक्र नहीं किया कि क्लास वन में कुल सीट का कितना नामांकन हुआ.
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इन स्कूल पर लगे हैं आरोप
1. डीएवी पब्लिक स्कूल, बक्सर
एफिलिएशन नंबर - 330195
2011 में नामांकन : 32
निर्गत राशि : 1 लाख 32 हजार 544
2012 में नामांकन : 14
निर्गत राशि : 57 हजार 988
2. फाउंडेशन स्कूल,बक्सर
एफिलिएशन नहीं है
2011 में नामांकन : 10
निर्गत राशि : 41 हजार 420
2012 में नामांकन : 11
3. बिहार पब्लिक स्कूल, बक्सर
एफिलिएशन नहीं है
2011 और 2012 में नामांकन : स्कूल ने जानकारी नहीं दी
निर्गत राशि : स्कूल को 2011 में 1 24260 और 2012 में 45562 रुपये का किया भुगतान
कोट
मामले की जांच हो रही है. लेखा परीक्षा को अनियमितता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया है. शिक्षा का अधिकार के तहत नामांकन के नियम को स्कूल ने कितना पालन किया. स्कूल को अगर मान्यता नहीं थी,तो फिर राशि का भुगतान कैसे हुआ. राशि का भुगतान नगद या चेक किससे किया गया. इसकी जांच होगी.
आरएस सिंह, प्रवक्ता सह संयुक्त निदेशक, प्राथमिक शिक्षा
-- बक्सर के तीन निजी स्कूलों का मामला
-- 2011 व 2012 में 120118 रुपये का किया भुगतान
संवाददाता,पटना
शिक्षा का अधिकार (आरटीइ) के तहत नामांकन में स्कूलों को कुछ नियमों का पालन करना होता है. नामांकन के लिए अलग से आवेदन फॉर्म के अलावा बैंक अकाउंट हर स्कूल में खोलना अनिवार्य है. खाते में बच्चों के नाम से राशि जमा होगी, लेकिन नियम का पालन प्राइवेट स्कूल ने कितना किया है. खुलासा बक्सर के तीन निजी स्कूलों में जांच के बाद सामने आया है. बक्सर के तीनों स्कूलों में जब आरटीइ के नामांकन की जांच हुई तो पता चला कि तीन में दो स्कूलों में नामांकन हुआ ही नहीं है और वहां राशि भेज दी गयी है. दो स्कूल डीएवी पब्लिक स्कूल,बक्सर और फाउंडेशन स्कूल,बक्सर में 2011 और 2012 में कुल 29 ऐसे बच्चों के नाम से 1 लाख 20 हजार 118 रुपये की राशि का भुगतान कर दिया गया, जिनका नामांकन ही नहीं हुआ था. इसमें डीएवी पब्लिक स्कूल, बक्सर में 2012 में 14 बच्चों का नामांकन की गलत लिस्ट तैयार की गयी. वहीं फाउंडेशन स्कूल, बक्सर में 2011 और 2012 सत्र में 6 बच्चे का नामांकन लिया गया, लेकिन लिस्ट 15 बच्चों का तैयार कर दिया गया. कहा जायें तो दोनों स्कूलों में मिलाकर 29 ऐसे बच्चे है जिनका नामांकन नही हुआ लेकिन उनके नाम से 1 लाख 20 हजार 118 रुपये का भुगतान कर दिया गया.
447336 रुपये के भुगतान की जांच : राज्य योजना मद के अंतर्गत मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में 25 फीसदी कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों के लिए बक्सर जिला के प्राइवेट स्कूल में 2011 में 72 एवं 2012 में नामांकित 36 बच्चों के लिए प्रति बच्च 4142 रुपया के दर से 447336 रुपये का भुगतान किया गया. शिक्षा विभाग आरटीइ के तहत उन्हीं स्कूलों में नामांकन लेगा, जो स्कूल बिहार सरकार से निबंधित हो. इसके अलावा स्कूल को क्लास वन में छात्रों की संख्या बतानी होगी.
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जांच के बाद उठे सवाल
- तीन में दो स्कूल किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं हैं, लेकिन इन्हें राशि का भुगतान किया गया.
- स्कूलों ने क्लास वन के छात्रों की संख्या नहीं बतायी.
- डीएवी पब्लिक स्कूल,बक्सर ने दिखाया है कि 14 बच्चे फस्र्ट डिवीजन से उत्तीर्ण हुए हैं. जो स्पष्ट नहीं था. राशि क्लास वन में नामांकन के लिए दिया जाना था. इस प्रकार 57988 रुपये की राशि संदिग्ध है.
- फाउंडेशन स्कूल,बक्सर में 2012 के छह बच्चे की चर्चा थी. स्कूल ने 2011 में 10 और 2012 में 11 नामांकन की गलत प्रति बना डाली. 15 बच्चों के नाम से गलत भुगतान 62130 रुपये कर दिया गया.
- किसी भी विद्यालय ने जिक्र नहीं किया कि क्लास वन में कुल सीट का कितना नामांकन हुआ.
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इन स्कूल पर लगे हैं आरोप
1. डीएवी पब्लिक स्कूल, बक्सर
एफिलिएशन नंबर - 330195
2011 में नामांकन : 32
निर्गत राशि : 1 लाख 32 हजार 544
2012 में नामांकन : 14
निर्गत राशि : 57 हजार 988
2. फाउंडेशन स्कूल,बक्सर
एफिलिएशन नहीं है
2011 में नामांकन : 10
निर्गत राशि : 41 हजार 420
2012 में नामांकन : 11
3. बिहार पब्लिक स्कूल, बक्सर
एफिलिएशन नहीं है
2011 और 2012 में नामांकन : स्कूल ने जानकारी नहीं दी
निर्गत राशि : स्कूल को 2011 में 1 24260 और 2012 में 45562 रुपये का किया भुगतान
कोट
मामले की जांच हो रही है. लेखा परीक्षा को अनियमितता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया है. शिक्षा का अधिकार के तहत नामांकन के नियम को स्कूल ने कितना पालन किया. स्कूल को अगर मान्यता नहीं थी,तो फिर राशि का भुगतान कैसे हुआ. राशि का भुगतान नगद या चेक किससे किया गया. इसकी जांच होगी.
आरएस सिंह, प्रवक्ता सह संयुक्त निदेशक, प्राथमिक शिक्षा
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