Sunday, April 5, 2015

नया सेशन होगा महंगा, अभिभावक की जेबें होंगी ढ़ीली



नया सेशन होगा महंगा, अभिभावक की जेबें होंगी ढ़ीली

- किताबों के साथ स्टेशनरी होगी 20 फीसदी महंगी
- परीक्षाएं खत्म होने के साथ शुरू हो गयी नये सेशन की तैयारी
संवाददाता, पटना
नये सेशन शुरू होने में अभी पंद्रह दिन के लगभग समय बचा है. स्कूलों में परीक्षाएं खत्म हो चुकी है. नये क्लास में जाने की खुशी जहां बच्चों में अभी से देखी जा रही है वहीं नये सेशन में जेब ढ़ीली होने की परेशानी अभिभावकों पर अभी से आनी शुरू  हो गयी है. किताबों और स्टेशनरी की दुकानों में दामों की जानकारी अभिभावकों ने लेनी शुरू कर दी हैं. इस बार नया सेशन अभिभावकों के उपर भारी पड़ने वाला है. अभी तक हर साल स्टेशनरी और किताबें के दाम में 5 से 10 फीसदी बढ़ायी जाती रही है. लेकिन इस बार 15 से 20 फीसदी बढ़ायी जा रही है. इसको लेकर अभी से अभिभावकों की परेशानी बढ़नी शुरू हो गयी. अभिभावकों ने बच्चों के उपर अलग से बजट रखनी शुरू कर दी गयी हैं.
- ट्रांसपोटेशन फी भी देने को रहें तैयार
किताबों और स्टेशनरी के अलावा इस बार बजट का एक्स्ट्रा बोझ ट्रांसपोटेशन पर भी पड़ने वाला है. हर स्कूल फिर एक बार ट्रांसपोटेशन फी में भी 15 फीसदी की बढ़ोतरी करने जा रही है. जिन स्कूलों का अपना बस सर्विस हैं वहां पर स्कूल वाले और जहां पर प्राइवेट बस एसोसिएशन वाले स्कूल बस की सर्विस देते है. दोनों की बस भाड़ा में 20 से 25 फीसदी बढ़ायेंगे. स्कूल बस एसोसिएशन के मैनेजर मनोज पांडे ने बताया कि नये सत्र के शुरू होने पर पिछले साल भी 10 फीसदी बढ़ाया गया था. इस बार भी सरकार ने सर्विस टैक्स अधिक कर दिया है. इस कारण मुङो बस के हर चीजों पर अधिक पैसे खर्च करने पड़ रहें है. ऐसे में बस भाड़ा बढ़ाना हमारी मजबूरी है.
- स्कूल फी में 20 से 25 फीसदी की होगी बढ़ोतरी
अभी तक हर साल स्कूलों की फी में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोतरी होती रही है. कुछ चाज्रेज बढ़ाये जाते रहे है. लेकिन इस बार कई स्कूल ने 25 फीसदी तक फी बढ़ाने की सोच रही है. जिन स्कूलों में अभी मंथली फी प्रायमरी लेवल पर एक बच्चे के लिए अभिभावक को 15 सौ से 18 सौ तक का फी देना होता था. वहीं अब यह फी दो हजार से 23 सौ रुपये तक बढ़ जायेगी. यानी एक अभिभावक पर पांच सौ से छह सौ रुपये का बोझ पड़ने जा रहा हैं. अगर हम बात सेंकेंडरी और हायर सेंकेडरी लेवल की करें तो अभी अभिभावकों को 17 सौ से 2 हजार रूपये देने होते हैं. लेकिन नये सत्र से इसमें 22 सौ से 25 सौ रुपये हो जाने की उम्मीद की जा रही है. कहा जायें तो एडमिशन चार्ज के अलावा मंथली फी में भी अभिभावकों को अपना बजट बढ़ाना होगा.
- रि-एडमिशन और डेवलपमेंट पर भी बढ़ाया गया चार्ज
इस बार कई स्कूलों ने रि-एडमिशन और नये सत्र के साथ लिये जाने वाले डेवलपमेंट चार्ज को भी बढ़ा दिया हैं. इन दोनों पर भी सर्विस टैक्स का असर अभिभावकों को ङोलना होगा. नये सेशन में हर स्कूल में रि-एडमिशन चलता है. नये क्लास में जाने के लिए बच्चों को अपने ही स्कूल में नामांकन लेना होता है. रि-एडमिशन के नाम पर दस हजार से 25 हजार तक ही राशि स्कूल वाले इस बार लेंगे. इसके अलावा डेवलपमेंट चार्ज भी 5 हजार (कई चाज्रेज मिलाकर) के लगभग में स्कूल वाले लेते हैं. इस बार डेवलपमेंट चार्ज एक से दो हजार अधिक होने जा रहा है. एक स्कूल से मिली जानकारी हर चीजों पर सर्विस टैक्स अधिक होने के कारण महंगाई बढ़ गयी है.
- हफ्ते भर बाद मिलेगा स्कूलों से लिस्ट
परीक्षा खत्म होने के एक हफ्ते बाद से स्कूल की ओर से अभिभावकों को लिस्ट दिया जाता है. स्कूल की ओर से दिये गये लिस्ट के अनुसार अभिभावकों को नये सेशन की तैयारी करनी पड़ती हैं. इस लिस्ट में अभिभावको के लिए सारे निर्देश दिये होते है. इन निर्देश का पालन अभिभावकों करना होता है. इसमें रि-एडमिशन से लेकर फी जमा करने और नये सेशन के क्लास की तैयारी संबंधी जानकारी दी गयी रहती है. नये सेशन के लिए हर स्कूल दस दिनों का समय अभिभावकों को देते है.
- किताबों की लिस्ट के साथ होती है दुकानों की जानकारी
हर स्कूल क्लास वाइज किताबों की लिस्ट दुकान वालों के पास भेज देता है. अभिभावक को बस उस दुकान में जाकर स्कूल का नाम कहना पड़ता है. इसके बाद अभिभावक को सारे बुक्स के साथ नोट बुक और स्टेशनरी के समान भी दुकान वाले दे देते है. अभिभावक सीमा कुमारी ने बताया कि उनकी बेटी सेंट कैरेंस में 9वीं में इस बार गयी है. स्कूल की ओर से ज्ञान गंगा भेजा गया है. लेकिन सारे किताबें नहीं मिली है. वहीं डॉन बास्को एकेडमी ने तो पाटलिपुत्र में ही एक छोटे से दुकान मे अपने सारे किताबें एबलेबल करवा दिये है. कई स्कूल अपने ही कैंपस में किताबें और स्टेशनरी की दुकानें लगाते हैं. यहीं से अभिभावकों को खरीदारी करनी होती हैं. ऐसे में अभिभावक दूसरी जगहों से खरीदारी नहीं कर सकते है. कई स्कूलों ने कैंपस में बुक स्टॉल लगाने की तैयारी भी शुरू कर दी हैं. तीन चार दिनों के लिए लगने वाले बुक स्टॉल से अभिभावकों को बुक खरीदना होता है.

- सर्विस टैक्स बढ़ने से पढ़ाई हो जायेगी महंगी
केंद्र सरकार द्वारा सर्विस टैक्स को 14 फीसदी कर देने का असर नये सेशन में बखूबी देखी जा रही है. जहां नये सेशन में किसी भी चीज पर 5 से 12 फीसदी की बढ़ोतरी होती थी. वहीं अब यह 20 से 25 फीसदी तक पहुंच जायेगी. इसका सीधा बोझ अभिभावकों के उपर पड़ने वाला है. इसका असर मंथली भी अभिभावकों को ङोलना पड़ेगा. स्कूल फी से लेकर ट्रांसपोटेशन, किताबें और स्टेशनरी के दामों में भी अच्छी खासी बढ़ोतरी हो जा रही हैं.

क्लास    -   2014 के दाम    - 2015 में देने होंगे
वन      -      15 सौ            -   18 सौ
टू        -       13 सौ           -    17 सौ
थ्री, फोर    -   17 सौ         -   21 सौ
फाइव, सिक्स -   2 हजार   -   25 सौ
7वीं और 8वीं   -  4 हजार   -  45 सौ                
9वीं और 10वीं  -  46 सौ   -  5 हजार

क्लास वन से थ्री के लिए स्टेशनरी  -  5 सौ से 7 सौ
क्लास फोर, फाइव, सिक्स के लिए स्टेशनरी   -   7 सौ से एक हजार
7वीं और 8वीं के लिए स्टेशनरी  -   11 सौ से 12 सौ
9वीं और 100वीं के लिए स्टेशनरी  -   12 सौ से 15 सौ तक

नोट  - ये सारे दाम ज्ञान गंगा बुक्स स्टॉल से लिया गया है. अधिकांश स्कूल के किताबें यहीं से अभिभावकों को उपलब्ध होते है. एनसीइआरटी के अलावा रिफ्रेस बुक्स की भी खरीदारी स्टूडेंट्स और अभिभावक यहां से करते हैं.

बातचीत

मेरी बेटी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ती है. वो इस बार 7वीं क्लास में जायेगी. अभी स्कूल से लिस्ट तो नहीं मिला है. लेकिन दुकानों से पता लगाया है तो पता चला है कि इस बार 5 हजार की किताबें ही आयेगी. इसके बाद स्टेशनरी अलग से लेना पड़ेगा. पिछले साल 5 से 6 हजार के बीच खर्च करना पड़ा था, लेकिन इस बार तो लगता है  दस हजार तक बजट रखना पड़ेगा.
सीमा सिंह, अभिभावक, पुनाइचक

ट्रांसपोटेशन तो सीधे 5 सौ रुपये बढ़ा दिया गया है. स्कूल की ओर से नोटिस दे दिया गया है. किताबों और स्टेशनरी के लिए अभी स्कूल से लिस्ट नहीं मिला है. लेकिन दुकानों से पता चला है कि इस बार किताबो के दाम बढ़ गये है. स्टेशनरी के दामों में भी दुगुना बढ़ोतरी हो गयी है.
रोहित शर्मा, अभिभावक, कंकड़बाग

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