Sunday, April 12, 2015

85 फेल छात्रों की प्रैक्टिकल की कॉपी और मार्क्‍स की हो रही खोज

85 फेल छात्रों की प्रैक्टिकल की कॉपी और मार्क्‍स की हो रही खोज

 - 30 जनवरी से 7 फरवरी तक चला था डीएवी बीएसइबी में 12वीं की प्रैक्टिकल परीक्षा
- प्रैक्टिकल परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रिया राय का नाम और रॉल नंबर 15 जनवरी को ही आया था स्कूल के पास
संवाददाता, पटना
जब 12वीं बोर्ड का एडमिट कार्ड आ गया तो फिर प्रैक्टिकल देने से स्कूल ने क्यूं रोका. फेल हो चुके छात्रों को 12वीं का एडमिट कार्ड तो दे दिया गया, लेकिन जब थ्योरी के पहले प्रैक्टिकल की परीक्षा की तिथि सीबीएसइ ने निकाली तो ऐसे कई छात्रों को प्रैक्टिकल देने से रोक दिया गया. वहीं कई फेल परीक्षार्थी  प्रैक्टिकल की परीक्षा में शामिल हुए. यहां पर भी डीएवी बीएसइबी में पैसे का खेल चला. डीएवी बीएसइबी की सूत्रों की माने तो जिन 85 छात्र को स्कूल ने 11वीं में फेल कर दिया था, उसमें से कई परीक्षार्थी से पैसे लेकर 12वीं की बोर्ड परीक्षा के प्रैक्टिकल की परीक्षा में शामिल किया गया था. वहीं कई परीक्षार्थी को यह कह कर वापस कर दिया गया कि उनके मार्क्‍स अलग से सीबीएसइ को भेजे जायेंगे. उन्हें प्रैक्टिकल की परीक्षा देने की जरूरत नहीं हैं.
- स्कूल खोज रहा प्रैक्टिकल की तमाम कॉपी
अब डीएवी बीएसइबी प्रशासन प्रैक्टिकल की कॉपी की खोज कर रहा है. स्कूल से मिली जानकारी के अनुसार जिन विषयों की प्रैक्टिकल लिया गया है, उनके कॉपी स्कूल में ही रखें जाते है. फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी आदि विषयों का प्रैक्टिकल डीएवी बीएसइबी में 30 जनवरी से 7 फरवरी के बीच लिया गया था. लेकिन प्रैक्टिकल की कॉपी मिल नहीं रही है. खासकर 11वीं में फेल 85 परीक्षार्थी के प्रैक्टिकल की कॉपी मिलने से कई चीजें सामने आयेगी. स्कूल सूत्रों की माने तो 85 फेल परीक्षार्थी में उन्हीं परीक्षार्थी को प्रैक्टिकल देने दिया गया जिन्हें 12वीं बोर्ड की परीक्षा में बैठने के लिए एडमिट कार्ड दिया गया था.
- प्रैक्टिकल की परीक्षा के पहले ही दिया जाता है रॉल नंबर
सीबीएसइ के अनुसार प्रैक्टिकल परीक्षा शुरू होने के पहले बोर्ड परीक्षार्थी को रॉल नंबर और संबंधित स्कूल को एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेंट्स) भेजी जाती है. इसी के आधार पर प्रैक्टिकल की परीक्षा में परीक्षार्थी शामिल होते है. डीएवी बीएसइबी में यहीं से परीक्षार्थियों के साथ खेल शुरू हो गया. एलओसी में नाम होते हुए भी प्रिया राय को स्कूल ने प्रैक्टिकल में शामिल नहीं होने दिया. इतना ही नहीं प्रिया राय का रॉल नंबर भी प्रैक्टिकल की परीक्षा में शामिल होने के लिए 15 जनवरी के पहले ही स्कूल के पास पहुंच चुका था. इसके बावजूद प्रिया राय को परीक्षा में शामिल नहीं होने दिया गया.
- प्रिया राय को नहीं देने दिया गया था प्रैक्टिकल
डीएवी बीएसइबी सूत्रों की माने तो प्रिया राय को 12वीं की प्रैक्टिकल की परीक्षा में शामिल नहीं किया गया था. प्रिया राय को उसके टीचर्स ने भ्रमित कर दिया. बिना प्रैक्टिकल दिये ही उसे मार्क्‍स दिये जाने का आश्वासन भी दिया गया. स्कूल में प्रैक्टिकल की परीक्षा के दौरान प्रिया राय प्रैक्टिकल की परीक्षा में शामिल नहीं हुई. उसे प्रैक्टिकल की परीक्षा से अबसेंट कर दिया गया था.
- बोर्ड भेजे जाते है अंक
सीबीएसइ 10वीं और 12वीं की प्रैक्टिकल की परीक्षा के लिए तमाम स्कूलों को 15 जनवरी से 15 फरवरी तक का समय दिया जाता है. इस बीच तमाम स्कूलों को निर्धारित तिथि के अंदर प्रैक्टिकल की परीक्षा लेनी होती है. प्रैक्टिकल की परीक्षा के लिए विषय वार एग्जामिनर बाहर के दूसरे किसी स्कूल के सब्जेक्ट एक्सपर्ट को बुलाया जाता है. हर दिन 50 से 60 स्टूडेंट्स का बैच बनाया जाता है. प्रैक्टिकल की परीक्षा होने के बाद उसका कॉपी स्कूल में और मार्क्‍स सीट को सीबीएसइ रीजनल ऑफिस भेजा जाता है. इस प्रक्रिया को करने के लिए हर स्कूल को 10 दिनों का समय लगता है.

कोट
हम प्रैक्टिकल की तमाम कॉपियों की खोज करवा रहे है. अभी तक मिला नहीं है. प्रैक्टिकल का कॉपी स्कूल में ही रहता है. एक दो सालों तक रखा जाता है. प्रैक्टिकल की कॉपी मिलने से इस बात की जानकारी मिल जायेगी कि 11वीं में जिन 85 परीक्षार्थी को फेल कर दिया गया था, उनका प्रैक्टिकल लिया गया था कि नहीं. प्रैक्टिकल के कॉपी मिलने से कई और चीजों की जानकारी मिलेगी.
इंद्रजीत राय, प्रभारी प्राचार्य, डीएवी बीएसइबी  

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