Thursday, April 23, 2015

बिना नामांकन के आरटीइ के तहत 29 बच्चों के नाम निकल गया 1 लाख 20 हजार 118 रुपये

बिना नामांकन के आरटीइ के तहत 29 बच्चों के नाम निकल गया 1 लाख 20 हजार 118 रुपये

- बक्सर में दो प्राइवेट स्कूल को बिना मान्यता के ही दे दी गयी राशि
- 4 लाख 47 हजार 336 रुपये के भुगतान पर विभाग ने लगाया है प्रश्न चिन्ह
संवाददाता, पटना
शिक्षा के अधिकार के तहत होने वाले नामांकन में स्कूलों को कुछ नियमों को पालन करना होता है. इसमें नामांकन के लिए अलग से आवेदन फार्म के अलावा बैंक अकाउंट प्रत्येक स्कूल में खोलना अनिवार्य है. प्रत्येक स्कूल को आरटीइ के तहत नामांकन लेने वाले बच्चों के लिए अलग से बैंक अकाउंट खोलना है जिसमें सरकार द्वारा भेजा गया बच्चों के नाम की राशि जमा होगी. लेकिन इस नियम का पालन प्राइवेट स्कूल में कितना किया गया है. इस बात का खुलासा बक्सर के तीन प्राइवेट स्कूलों में जांच के बाद सामने आया है. बक्सर के इन तीनों स्कूलों में जब आरटीइ के नामांकन की जांच की गयी तो पता चला कि स्कूल में नामांकन हुआ नहीं और वहां पर राशि भेज दी गयी. डीएवी पब्लिक स्कूल, बक्सर और फाउंडेशन स्कूल, बक्सर में 29 ऐसे बच्चों के नाम से राशि का भुगतान कर दिया गया जिनका नामांकन हुआ ही नहीं था. इन बच्चों के 2011 और 2012 के तहत 1 लाख 20 हजार 118 रुपये का भुगतान कर दिया गया.
-  4 लाख 47 हजार 336 रुपये के भुगतान पर हो रही जांच
शिक्षा विभाग के पत्रंक 8/व3-55-2012/137 के द्वारा राज्य योजना मद अंतर्गत बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार के क्रियान्वयन के अंतर्गत मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में 25 फीसदी कमजोर एवं अभिवंचित वर्ग के बच्चों के लिए बक्सर जिला के प्राइवेट स्कूल में वर्ष 2011 में 72 एवं वर्ष 2012 में नामांकित 36 बच्चों के लिए प्रति बच्च 4142 रुपया के दर से कुल 4 लाख 47 हजार 336 भुगतान किया गया. नामांकन तो हो गया. राशि की भुगतान भी कर दिया गया. शिक्षा विभाग, बिहार सरकार द्वारा आरटीइ के तहत उन्हीं स्कूलों में नामांकन लिया जायेगा जो स्कूल बिहार सरकार से निबंधित हो. इसके अलावा स्कूल को क्लास वन में कुल छात्रों की संख्या बतानी होगी.

विभाग द्वारा जांच के बाद इन बिंदुओं पर उठा है प्रश्न चिन्ह
- तीन में से दो स्कूल किसी भी बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं है. लेकिन इन्हें राशि का भुगतान कर दिया गया
- स्कूलों के द्वारा क्लास वन के कुल छात्रों की संख्या नहीं बतायी गयी है.
- डीएवी पब्लिक स्कूल, बक्सर द्वारा दिखाया गया कि 14 बच्च फस्र्ट डिवीजन से पास किया है. जो स्पष्ट नहीं था, क्योंकि राशि क्लास वन में नामांकन के लिए दिया जाना था. इस प्रकार 57988 रुपये की राशि संदिग्ध है
- फाउंडेशन स्कूल, बक्सर में 2012 का छह बच्चों का जिक्र किया गया था. लेकिन स्कूल ने इसकी संख्या काट कर 2011 में 10 और 2012 में 11 नामांकन की गलत प्रति बना डाली. जिससे कुल 15 बच्चों के नामांकन का गलत भुगतान राशि 62130 रुपये का कर दिया गया
- किसी भी विद्यालय द्वारा प्रीरिसिट में यह जिक्र नहीं किया गया था कि क्लास वन में कुल सीट का कितना नामांकन किया गया

इन स्कूल पर लगा है पैसे देने को लेकर प्रश्न चिन्ह
1. डीएवी पब्लिक स्कूल, बक्सर
2011 में नामांकन की संख्या  - 32
निर्गत की गयी राशि   - 1 लाख 32 हजार 544
2012 में नामांकन की संख्या  -  14
निर्गत की गयी राशि   -  57 हजार 988
2. फाउंडेशन स्कूल, बक्सर
2011 में नामांकन की संख्या  - 10
निर्गत की गयी राशि   - 41 हजार 420
2012 में नामांकन की राशि  -  11
3. बिहार पब्लिक स्कूल, बक्सर
2011 और 2012 में नामांकन की संख्या  - स्कूल ने नहीं दिया है
लेकिन इस स्कूल को 2011 में 1 लाख 24 हजार 260 और 2012 में 45 हजार 562 रुपये की राशि का भुगतान कर दिया गया

कोट
 उनकी पूरी जांच की जा रही है. लेखा परीक्षा को इस अनियमितता के संबंध में स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है. शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन के नियम को स्कूल ने कितना पालन किया. स्कूल अगर मान्यता प्राप्त नहीं था तो फिर राशि का भुगतान कैसे किया गया. स्कूल में बैंक खाता से लेकर राशि का भुगतान नगद या चेक किससे किया गया, इन बातों की भी जांच की जायेगी.
आरएस सिंह, प्रवक्ता, बिहार शिक्षा विभाग 

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