सीबीएसइ स्टूडेंट्स को मिलेगा 1098 टॉल फ्री हेल्प लाइन नंबर
- सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों में प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फार्म सेक्सुल ऑफॅेंस को किया लागू
- क्लास वन से 12वीं तक के स्कूल डायरी पर 1098 नंबर को किया जायेगा अंकित
संवाददाता, पटना
कोई कॉमेंट करें, टीचर से किसी तरह की दिक्कतें हों, घर में कोई प्राब्लम हो, तो अब इसके लिए बस एक नंबर डाइल करें और अपनी श्किायत दर्ज करवायें. तुरंत इसकी जानकारी सीबीएसइ के पास पहुंच जायेगा और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. स्कूल बच्चों के साथ आये दिन सेक्सुल और सुरक्षा को लेकर सीबीएसइ नये सत्र से 1098 टॉल फ्री नंबर स्टूडेंट्स को प्रोफाइड करवायेगा. प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फॉम सेक्सुल ऑॅफेंस (पीओसीएसओ) एक्ट 2012 के तहत स्टूडेंटस को स्कूल में सुरक्षा और ओरव ऑफ डेवलपमेंट के लिए इसकी शुरुआत की जा रही है. इस एक्ट को क्लास वन से 12वीं तक के क्लास में लागू किया जायेगा.
- स्कूल के नोटिस बोर्ड और स्कूल डायरी पर होगा यह नंबर
नये सेशन से तमाम सीबीएसइ स्कूलों में 1098 टॉल फ्री नंबर स्टूडेंट्स को दिया जायेगा. स्कूल की डायरी में टॉल फ्री नंबर दिया रहेगा. इसके अलावा इस नंबर को स्कूल के नोटिस बोर्ड पर डाला जायेगा. अभिभावक के साथ बच्चों को इस नंबर को लेकर स्कूल अवेयरनेस प्रोग्राम चलायेगा. टॉल फ्री नंबर को किसी कंडीशन में स्टूडेंट्स उसका उपयोग करेंगे, इसकी जानकारी भी स्कूल की ओर से दिया जायेगा. इस टॉल फ्री नंबर को सीबीएसइ के वेबसाइट से जोड़ा जायेगा.
- स्कूल की भूमिका है महत्वपूर्ण
सीबीएसइ के अनुसार अगर किसी भी स्टूडेंट्स को मेंटली, फिजिकली, फाइनेंसियल किसी तरह की दिक्कतें होती है तो इसकी पूरी जिम्मेवारी स्कूल की है. स्कूल में टीचर, मैनेजमेंट, स्कूल के सभी स्टॉफ को इस एक्ट के प्रति अवेयर होना चाहिए. स्कूल कैंपस में किसी भी तरह से बच्चों के साथ एबयूज की घटनाएं नहीं होनी चाहिए. हर क्लास में प्लस टू लेबल पर हिम्यूमन राइटस और जेंडर स्टडीज का कोर्स करवायें जायें. इससे स्टूडेंट्स को जेंडर क्वालिटी और उससे होने वाले नुकसान की जानकारी मिलेगी. नये सेशन में हर स्कूल में सीसी टीवी कैमरा लगाया जायेगा.
- स्कूल में बनेगा स्कूल कंप्लेन कमेटी
नये सेशन में तमाम स्कूलों में स्कूल कंप्लेन कमेटी बनाया जायेगा. इस कमेटी में प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल, एक मेल और एक फीमेल टीचर शामिल होंगे. इसके अलावा एक मेल और एक फीमेल स्टूडेंट को भी इस कमेटी में रखा जायेगा. इसके साथ स्कूलों में कंप्लेन और सजेशन बॉक्स भी रखा जायेगा. इस कंप्लेन बॉक्स में स्टूडेंट रिटेन शिकायत कर सकते हैं. स्कूल कंप्लेन कमेटी के पास आने वाले किसी भी शिकायत को गंभीर रूप से जांच करेगे. इसके बाद संबंधित केस पर कार्रवाई भी स्कूल की ओर से किया जायेगा.
इन चीजों पर दिया जायेगा ध्यान
- स्कूल में जेंडर सेंसेटाइजेशन का प्रोग्राम शुरू होगा
- गुट टच बैड टच प्रोग्राम को और आगे बढ़ाया जायेगा
- स्कूल में सेक्सुल ऑफेंस कमेटी बनेगी
- स्कूल और क्लास रूम का माहौल चेंज करें.
- टीचर्स को एडोलसेंट रिलेटेड इश्यूज आदि पर ट्रेनिंग दी जायेगी. इसके अलावा एडोलसेंट पर एजुकेशनल प्रोग्राम आयोजित किया जायेगा
- स्कूल में गल्र्स इंपावरमेंट प्रोग्राम चलेगा. इसके लिए क्विज, पोस्टर कंपीटिशन, नुक्कड़ नाटक, डिवेट, एग्जीविशन, लोकल डांस आदि का आयोजन किया जायेगा
- स्कूल कैंपस में हर बच्चे पर स्कूल प्रशासन ध्यान रखेगा. साइकोलॉजिकल बिहेवियर और बच्चे के डिप्रेशन आदि को पकड़ कर उनकी काउंसेलिंग करवाना भी स्कूल की जिम्मेवारी है.
कोट
अब स्कूल का माहौल चेंज हो रहा है. ऐसे में कुछ नियम ऐसे बनने चाहिए, स्कूल मे गाली, गलत शब्द आदि का धड़ल्ले से इस्तेमाल होने लगा हैं. इसके अलावा सुरक्षा भी अब घेरे में आने लगा है. ऐसे में टॉल फ्री नंबर होने से स्टूडेंट्स को काफी फायदा होगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को- ऑडिनेटर, सीबीएसइ
- सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों में प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड फार्म सेक्सुल ऑफॅेंस को किया लागू
- क्लास वन से 12वीं तक के स्कूल डायरी पर 1098 नंबर को किया जायेगा अंकित
संवाददाता, पटना
कोई कॉमेंट करें, टीचर से किसी तरह की दिक्कतें हों, घर में कोई प्राब्लम हो, तो अब इसके लिए बस एक नंबर डाइल करें और अपनी श्किायत दर्ज करवायें. तुरंत इसकी जानकारी सीबीएसइ के पास पहुंच जायेगा और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी. स्कूल बच्चों के साथ आये दिन सेक्सुल और सुरक्षा को लेकर सीबीएसइ नये सत्र से 1098 टॉल फ्री नंबर स्टूडेंट्स को प्रोफाइड करवायेगा. प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फॉम सेक्सुल ऑॅफेंस (पीओसीएसओ) एक्ट 2012 के तहत स्टूडेंटस को स्कूल में सुरक्षा और ओरव ऑफ डेवलपमेंट के लिए इसकी शुरुआत की जा रही है. इस एक्ट को क्लास वन से 12वीं तक के क्लास में लागू किया जायेगा.
- स्कूल के नोटिस बोर्ड और स्कूल डायरी पर होगा यह नंबर
नये सेशन से तमाम सीबीएसइ स्कूलों में 1098 टॉल फ्री नंबर स्टूडेंट्स को दिया जायेगा. स्कूल की डायरी में टॉल फ्री नंबर दिया रहेगा. इसके अलावा इस नंबर को स्कूल के नोटिस बोर्ड पर डाला जायेगा. अभिभावक के साथ बच्चों को इस नंबर को लेकर स्कूल अवेयरनेस प्रोग्राम चलायेगा. टॉल फ्री नंबर को किसी कंडीशन में स्टूडेंट्स उसका उपयोग करेंगे, इसकी जानकारी भी स्कूल की ओर से दिया जायेगा. इस टॉल फ्री नंबर को सीबीएसइ के वेबसाइट से जोड़ा जायेगा.
- स्कूल की भूमिका है महत्वपूर्ण
सीबीएसइ के अनुसार अगर किसी भी स्टूडेंट्स को मेंटली, फिजिकली, फाइनेंसियल किसी तरह की दिक्कतें होती है तो इसकी पूरी जिम्मेवारी स्कूल की है. स्कूल में टीचर, मैनेजमेंट, स्कूल के सभी स्टॉफ को इस एक्ट के प्रति अवेयर होना चाहिए. स्कूल कैंपस में किसी भी तरह से बच्चों के साथ एबयूज की घटनाएं नहीं होनी चाहिए. हर क्लास में प्लस टू लेबल पर हिम्यूमन राइटस और जेंडर स्टडीज का कोर्स करवायें जायें. इससे स्टूडेंट्स को जेंडर क्वालिटी और उससे होने वाले नुकसान की जानकारी मिलेगी. नये सेशन में हर स्कूल में सीसी टीवी कैमरा लगाया जायेगा.
- स्कूल में बनेगा स्कूल कंप्लेन कमेटी
नये सेशन में तमाम स्कूलों में स्कूल कंप्लेन कमेटी बनाया जायेगा. इस कमेटी में प्रिंसिपल, वाइस प्रिंसिपल, एक मेल और एक फीमेल टीचर शामिल होंगे. इसके अलावा एक मेल और एक फीमेल स्टूडेंट को भी इस कमेटी में रखा जायेगा. इसके साथ स्कूलों में कंप्लेन और सजेशन बॉक्स भी रखा जायेगा. इस कंप्लेन बॉक्स में स्टूडेंट रिटेन शिकायत कर सकते हैं. स्कूल कंप्लेन कमेटी के पास आने वाले किसी भी शिकायत को गंभीर रूप से जांच करेगे. इसके बाद संबंधित केस पर कार्रवाई भी स्कूल की ओर से किया जायेगा.
इन चीजों पर दिया जायेगा ध्यान
- स्कूल में जेंडर सेंसेटाइजेशन का प्रोग्राम शुरू होगा
- गुट टच बैड टच प्रोग्राम को और आगे बढ़ाया जायेगा
- स्कूल में सेक्सुल ऑफेंस कमेटी बनेगी
- स्कूल और क्लास रूम का माहौल चेंज करें.
- टीचर्स को एडोलसेंट रिलेटेड इश्यूज आदि पर ट्रेनिंग दी जायेगी. इसके अलावा एडोलसेंट पर एजुकेशनल प्रोग्राम आयोजित किया जायेगा
- स्कूल में गल्र्स इंपावरमेंट प्रोग्राम चलेगा. इसके लिए क्विज, पोस्टर कंपीटिशन, नुक्कड़ नाटक, डिवेट, एग्जीविशन, लोकल डांस आदि का आयोजन किया जायेगा
- स्कूल कैंपस में हर बच्चे पर स्कूल प्रशासन ध्यान रखेगा. साइकोलॉजिकल बिहेवियर और बच्चे के डिप्रेशन आदि को पकड़ कर उनकी काउंसेलिंग करवाना भी स्कूल की जिम्मेवारी है.
कोट
अब स्कूल का माहौल चेंज हो रहा है. ऐसे में कुछ नियम ऐसे बनने चाहिए, स्कूल मे गाली, गलत शब्द आदि का धड़ल्ले से इस्तेमाल होने लगा हैं. इसके अलावा सुरक्षा भी अब घेरे में आने लगा है. ऐसे में टॉल फ्री नंबर होने से स्टूडेंट्स को काफी फायदा होगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को- ऑडिनेटर, सीबीएसइ
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