सीबीएसइ का नया एफिलिएशन रूल, छठी क्लास के लिए भी लेना होगा परमिशन
- बिना एफिलिएशन के सीबीएसइ का नाम यूज करने पर होगी कार्रवाई
- एफिलिएशन मिलने के बाद ही स्कूल लेगा नामांकन
रिंकू झा, पटना
अभी तक स्कूलों को सीबीएसइ से क्लास 9वीं और क्लास 11वीं का एफिलिएशन लेना होता था. लेकिन अब कोई भी स्कूल सीबीएसइ के नाम ओर लोगो का तभी इस्तेमाल कर सकता है, जब उस स्कूल के पास सीबीएसइ का छठी क्लास चलाने का परमिशन मिला हो. सीबीएसइ के 2015-16 एफिलिएशन बाइ लॉज के अनुसार अब स्कूलों को मिडिल क्लास सिलेबस को चलाने के लिए सीबीएसइ का परमिशन लेना होगा. सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइ लॉज के धारा 15.9 के अनुसार 6ठी में परमिशन लेने के बाद ही 8वीं तक सीबीएसइ का नाम इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, सेकेंडरी लेवल का एफिलिएशन मिलने के बाद ही 9वीं में नामांकन स्कूल ले सकता है. इसके अलावा सीनियर सेकेंडरी लेवल का एफिलिएशन मिलने के बाद ही स्कूल 11वीं में नामांकन प्रक्रिया शुरू कर सकता है.
बिना एफिलिएशन सीबीएसइ का इस्तेमाल तो एफआइआर
सीबीएसइ ने तमाम उन स्कूलों को चेतावनी दी है कि अगर कोई भी ऐसा स्कूल जो बिना एफिलिएशन सीबीएसइ के नाम का इस्तेमाल कर रहा है. सीबीएसइ के नाम से स्कूल में नामांकन ले रहा है तो ऐसे स्कूल पर एफआइआर किया जायेगा. क्योंकि सीबीएसइ के नाम का इस्तेमाल तभी किया जा सकता है, जब क्लास छठी चलाने का परमिशन सीबीएसइ से उस स्कूल ने लिया हो. अगर सीबीएसइ उस स्कूल के मिडिल क्लास सिलेबस को परमिशन देता है तो वो स्कूल सीबीएसइ के नाम का इस्तेमाल कर सकता है. ऐसे में उस स्कूल को एक नंबर दिया जाता है. इसी नंबर से वो खुद का प्रूव भी कर सकता है.
दो सालों का मिलेगा परमिशन
सीबीएसइ के अनुसार किसी भी स्कूल को क्लास छठी में सीबीएसइ का परमिशन दो सालों के लिए मिलेगा. दो सालों के अंदर स्कूल को सीबीएसइ से सेकेंडरी लेवल का परमिशन लेना होगा. इस एफिलिएशन मिलने के बाद ही 9वीं में स्कूल स्टूडेंटस का रजिस्ट्रेशन करेगा. ऐसा ही नियम सीनियर सेकेंडरी लेवल पर भी लागू होता है. सीबीएसइ के सिटी को-ऑर्डिनेटर राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि छठी का परमिशन मिलने के बाद ही सीबीएसइ बोर्ड का एफिलिएशन आगे के क्लास के लिए मिलेगा. सीबीएसइ ने यह नियम उन स्कूलों को लेकर किया है जो सीबीएसइ के नाम का गलत इस्तेमाल करते है.
अप्लाइ के नाम पर नहीं ठगे अभिभावकों को
सीबीएसइ ने उन स्कूलों को चेताया है जिसमें स्कूल की ओर से अभिभावकों को कहा जाता है कि सीबीएसइ में एफिलिएशन के लिए अप्लाइ किया गया है. जल्द ही एफिलिएशन मिल जायेगा. ऐसे स्कूलों पर सीबीएसइ ने कहा है कि अगर किसी स्कूल का एफिलिएशन समाप्त हो जाता है तो उस स्कूल में एक साल पहले ही रि-एफिलिएशन के लिए अप्लाइ करना होता है. अगर किसी स्कूल का एफिलिएशन मार्च 2016 में समाप्त होता है तो ऐसे में उस स्कूल को मार्च 2015 से जून 2015 तक एफिलिएशन के लिए अप्लाइ करना होगा.
कोट
सीबीएसइ के नाम और लोगो का इस्तेमाल करने वाले स्कूल पर कार्रवाई होगी. हम राज्य सरकार को इस ओर ध्यान देने के लिए कहेंगे. क्योंकि किसी भी स्कूल को पहले राज्य सरकार से स्कूल चलाने का परमिशन लेना होता है. अगर कोई स्कूल सीबीएसइ के नाम का इस्तेमाल कर अभिभावकों और बच्चों के भविष्य को दांव लगा रहा है तो ऐसे स्कूल पर एफआइआर करने की सिफारिश की जायेगी.
जोसफ इमैन्युअल, सेक्रेटरी, सीबीएसइ दिल्ली
- बिना एफिलिएशन के सीबीएसइ का नाम यूज करने पर होगी कार्रवाई
- एफिलिएशन मिलने के बाद ही स्कूल लेगा नामांकन
रिंकू झा, पटना
अभी तक स्कूलों को सीबीएसइ से क्लास 9वीं और क्लास 11वीं का एफिलिएशन लेना होता था. लेकिन अब कोई भी स्कूल सीबीएसइ के नाम ओर लोगो का तभी इस्तेमाल कर सकता है, जब उस स्कूल के पास सीबीएसइ का छठी क्लास चलाने का परमिशन मिला हो. सीबीएसइ के 2015-16 एफिलिएशन बाइ लॉज के अनुसार अब स्कूलों को मिडिल क्लास सिलेबस को चलाने के लिए सीबीएसइ का परमिशन लेना होगा. सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइ लॉज के धारा 15.9 के अनुसार 6ठी में परमिशन लेने के बाद ही 8वीं तक सीबीएसइ का नाम इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, सेकेंडरी लेवल का एफिलिएशन मिलने के बाद ही 9वीं में नामांकन स्कूल ले सकता है. इसके अलावा सीनियर सेकेंडरी लेवल का एफिलिएशन मिलने के बाद ही स्कूल 11वीं में नामांकन प्रक्रिया शुरू कर सकता है.
बिना एफिलिएशन सीबीएसइ का इस्तेमाल तो एफआइआर
सीबीएसइ ने तमाम उन स्कूलों को चेतावनी दी है कि अगर कोई भी ऐसा स्कूल जो बिना एफिलिएशन सीबीएसइ के नाम का इस्तेमाल कर रहा है. सीबीएसइ के नाम से स्कूल में नामांकन ले रहा है तो ऐसे स्कूल पर एफआइआर किया जायेगा. क्योंकि सीबीएसइ के नाम का इस्तेमाल तभी किया जा सकता है, जब क्लास छठी चलाने का परमिशन सीबीएसइ से उस स्कूल ने लिया हो. अगर सीबीएसइ उस स्कूल के मिडिल क्लास सिलेबस को परमिशन देता है तो वो स्कूल सीबीएसइ के नाम का इस्तेमाल कर सकता है. ऐसे में उस स्कूल को एक नंबर दिया जाता है. इसी नंबर से वो खुद का प्रूव भी कर सकता है.
दो सालों का मिलेगा परमिशन
सीबीएसइ के अनुसार किसी भी स्कूल को क्लास छठी में सीबीएसइ का परमिशन दो सालों के लिए मिलेगा. दो सालों के अंदर स्कूल को सीबीएसइ से सेकेंडरी लेवल का परमिशन लेना होगा. इस एफिलिएशन मिलने के बाद ही 9वीं में स्कूल स्टूडेंटस का रजिस्ट्रेशन करेगा. ऐसा ही नियम सीनियर सेकेंडरी लेवल पर भी लागू होता है. सीबीएसइ के सिटी को-ऑर्डिनेटर राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि छठी का परमिशन मिलने के बाद ही सीबीएसइ बोर्ड का एफिलिएशन आगे के क्लास के लिए मिलेगा. सीबीएसइ ने यह नियम उन स्कूलों को लेकर किया है जो सीबीएसइ के नाम का गलत इस्तेमाल करते है.
अप्लाइ के नाम पर नहीं ठगे अभिभावकों को
सीबीएसइ ने उन स्कूलों को चेताया है जिसमें स्कूल की ओर से अभिभावकों को कहा जाता है कि सीबीएसइ में एफिलिएशन के लिए अप्लाइ किया गया है. जल्द ही एफिलिएशन मिल जायेगा. ऐसे स्कूलों पर सीबीएसइ ने कहा है कि अगर किसी स्कूल का एफिलिएशन समाप्त हो जाता है तो उस स्कूल में एक साल पहले ही रि-एफिलिएशन के लिए अप्लाइ करना होता है. अगर किसी स्कूल का एफिलिएशन मार्च 2016 में समाप्त होता है तो ऐसे में उस स्कूल को मार्च 2015 से जून 2015 तक एफिलिएशन के लिए अप्लाइ करना होगा.
कोट
सीबीएसइ के नाम और लोगो का इस्तेमाल करने वाले स्कूल पर कार्रवाई होगी. हम राज्य सरकार को इस ओर ध्यान देने के लिए कहेंगे. क्योंकि किसी भी स्कूल को पहले राज्य सरकार से स्कूल चलाने का परमिशन लेना होता है. अगर कोई स्कूल सीबीएसइ के नाम का इस्तेमाल कर अभिभावकों और बच्चों के भविष्य को दांव लगा रहा है तो ऐसे स्कूल पर एफआइआर करने की सिफारिश की जायेगी.
जोसफ इमैन्युअल, सेक्रेटरी, सीबीएसइ दिल्ली
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