Sunday, April 5, 2015

पटना के कई डीएवी होगें बंद

पटना के कई डीएवी होगें बंद

- सीबीएसइ से मान्यता प्राप्त डीएवी ही रहेगा अब पटना में
- चार डीएवी के अलावा सारे हो जायेंगे बंद
संवाददाता, पटना
पटना जोन में अब वहीं डीएवी चलेंगे जो सेंटल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) से मान्यता प्राप्त होगा. जो भी डीएवी के ब्रांचेज अलग-अलग एरिया में खोले गये है, उन्हें बंद करने का निर्णय डीएवी प्रबंधन करने जा रहा है. इसकी तैयारी इसी सत्र से शुरू हो जायेगी. चुकी डीएवी में नामांकन की प्रक्रिया जनवरी से फरवरी तक चला है. इस बार नामांकन ले लिया गया है, लेकिन अगले साल से कई डीएवी में नामांकन लेना बंद कर दिया जायेगा. इसके बाद इन ब्रांच वाले डीएवी के जो बच्चे पहले से नामांकित हैं, उन्हें आगे के क्लासेज में ट्रांसफर मेन डीएवी में किया जायेगा. 2016 सत्र में इंद्रपूरी, आइजीआइएमएस डीएवी, शास्त्रीनगर डीएवी आदि को बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो जायेगी.
- 12 डीएवी चल रहा शहर में
पटना में सीबीएसइ ने चार डीएवी को मान्यता दिया हुआ हैं. इसमें डीएवी बीएसइबी, डीएवी खगौल, डीएवी दानापुर, डीएवी ट्रांसपोर्ट नगर शामिल है. लेकिन इसके अलावा पटना में कई मुहल्ले में डीएवी के ब्रांचेज चल रहे है. इन तमाम ब्रांचेज को क्लास 6ठीं से 8वीं तक चलाया जा रहा है. 8वीं पास करने के बाद इन बच्चों का ट्रांसफर मेन ब्रांच में कर दिया जाता है. ऐसे में एक स्कूल में सैकड़ों की संख्या में स्टूडेंट्स हो जाते है. स्टूडेट्स की संख्या अधिक होने के कारण क्वालिटी एजुकेशन पर असर होता है. इन सभी को देखते हुए डीएवी प्रबंधन से बस मान्यता प्राप्त डीएवी को ही रखने का निर्णय लिया हैं.
- नेपाली नगर डीएवी को कर दिया गया बंद
डीएवी के ब्रांच को बंद करने के संबंध में नेपाली नगर के डीएवी को बंद कर दिया गया है. अप्रैल से शुरू हो रहे सेशन के लिए इस स्कूल में एक भी नामांकन नहीं लिया गया हैं. इस संबंध में डीएवी के असिस्टेंट रीजनल डायरेक्टर और डीएवी बीएसइबी के प्रभारी प्राचार्य इंद्रजीत राय ने बताया कि अभी हाल में नेपाली नगर के डीएवी को बंद किया गया है. अब हम दूसरे डीएवी पर नजर रख रहें हैं. जो भी ब्रांच चल रहे हैं और वहां इन्फ्रास्ट्रर की कमी है तो उसे बंद किया जायेगा. चुकी अभी उन तमाम स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या चार सौ से पांच सौ तक है, ऐसे में स्कूल को अचानक से बंद करने पर अभिभावक के लिए परेशानी बढ़ जायेगी. दो सालों के अंदर तमाम ब्रांचेज को बंद किया जायेगा. ब्रांच वही चलेंगे जिसे सीबीएसइ से मान्यता मिलेगा.

कोट
पटना जोन के डीएवी में कई तरह की दिक्कतें हैं. इस कारण तीन सदस्यीय टीम बनायी गयी है. जो भी स्कूल गली मुहल्ले में खुाले हैं, उसे जल्द से जल्द बंद किया जायेगा. ब्रांच खोलने की जानकारी डीएवी प्रबंधन के पास भी नहीं है. ऐसे में इन स्कूलों के बच्चों का भविष्य दांव पर लग जायेंगे. ऐसे में नामांकन की प्रक्रिया धीरे-धीरे बंद कर दी जायेगी. जांच में जिस तरह बातें सामने आयेंगी, उसी तरह से डीएवी स्कूलो पर कार्रवाई की जायेगी. जरूरत होगी तो कई डीएवी को बंद किया जायेगा.
नीशा पेशिन, डायरेक्टर, डीएवी पब्लिक स्कूल 

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