Sunday, April 5, 2015

चार जिलों ने बिगाड़ रखी है बिहार की छवि

चार जिलों ने बिगाड़ रखी है बिहार की छवि

- बाहर के छात्र काफी संख्या में देते हैं इन जिलों से मैट्रिक की परीक्षाएं
- सुधार नहीं हुआ तो कई जिलों में अगले साल से नहीं रखा जायेगा परीक्षा केंद्र
संवाददाता, पटना
बिहार में आज भी परीक्षा में चोरी कर छात्र मैट्रिक की परीक्षा पास करते है. अगर कहीं पास नहीं किया तो बिहार से मैट्रिक की परीक्षा दे दो, पास कर जाओंगे.  बिहार में मैट्रिक की परीक्षा में धड़ेल्ले से चोरी की घटनाएं आम हैं. इन दिनों बिहार की छवि कुछ ऐसी ही बन गयी है. भले मैट्रिक की परीक्षा में कदाचार की घटनाएं कुछ ही जिलों में चल रही हो, लेकिन इसमें पूरा बिहार कदाचार के धरे में आ गया हैं. कदाचार मुक्त परीक्षा को लेकर राज्य सरकार ने चार परीक्षा केंद्र पर दो दिनों की परीक्षा भी कैंसिल कर दिया है. बाहर से मैट्रिक की परीक्षा का सीन जो भी हो, लेकिन इस सीन के पीछे बिहार के चार जिलों का महत्वपूर्ण स्थान है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की माने तो वैशाली, छपरा, गोपालगंज और अरवल जिला में सबसे अधिक कदाचार की घटनाएं हो रही है. समिति की माने तो वैशाली में हर साल सबसे अधिक कदाचार की घटनाएं होती है. इसके बाद छपरा के कुछ परीक्षा केंद्र का नाम आता है. गोपालगंज पहले दूसरे पायदान पर  था. लेकिन पिछले कुछ सालों में गोपालगंज में थोड़ी स्थिति में सुधार आया है. अरवल जिला छोटा जरूर हे. परीक्षा केंद्र कम होने के कारण यहां पर कदाचार की घटनाएं काफी होती है.
- बाहर से काफी संख्या में भरते हैं छात्र फार्म
समिति की माने तो इन जिलों में छात्रों की संख्या से अधिक मैट्रिक में परीक्षार्थी की संख्या होती है. हर साल इन जिलों में परीक्षार्थी की संख्या सबसे अधिक होती है. समिति की माने तो बाहर के काफी संख्या में छात्र इन जिलों में मैट्रिक का परीक्षा फार्म भरते है. ये ऐसे परीक्षार्थी होते है जिनके कोई संबंधी या जान पहचान के रहने वाले बिहार के है. वो यहां से मैट्रिक की परीक्षा का फार्म भर कर परीक्षा में शामिल होते है. इस कारण ये जिला छोटा होने के वाबजूद छात्रों की संख्या काफी होती हैं. वैशाली में जहां 64192 परीक्षार्थी मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. वहीं छपरा जिला से तो पूरे बिहार में दूसरे सबसे अधिक 70444 परीक्षार्थी मैट्रिक की परीक्षा में शामिल हुए है.
- हर साल होती है यहीं स्थिति
बिहार बोर्ड की माने तो यह हाल कोई इस साल नहीं बल्कि हर साल ही होती है. इन जिलों में चोरी की घटनाएं सबसे अधिक होती है. इस कारण निष्कासन भी सबसे अधिक इन्हीं जिलों में होता है. बिहार बोर्ड में बनाये गये कंट्रोल रूम की बात करें तो हर साल इन जिलों में कदाचार की घटनाएं सामने आती है. समिति के कर्मचारियों की माने तो पिछले 20 सालों से कदाचार की घटनाएं सबसे अधिक इन जिलों से आते है. लोकल प्रशासन से भी कोई मदद नहीं मिलती है. समिति के पास मौजूद 2005 से 2014 की रिकार्ड मी माने तो कदाचार में तीन साल तक गोपालगंज सबसे उपर था. 2008 से अब तक कदाचार में सबसे अधिक वैशाली और उसके बाद छपरा आ गया है.
- अगले साल से कई जिलों में नहीं होगा परीक्षा केंद्र
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की जिस तरह से मैट्रिक की परीक्षा में बदनामी हो रही है, उसको देखते हुए समिति अगले साल से कोई कठोर कदम उठा सकती हैं. समिति के अनुसार जिन जिलों में लगातार कई सालों से कदाचार की घटनाएं घटती आ रही है. प्रशासन की अब हाथ खड़ा कर दे रही है. ऐसे जिलों में समिति कुछ सालों के लिए परीक्षा केंद्र नहीं रखेगी. ऐसे जिलें के मैट्रिक के परीक्षार्थी आस पास के जिलों में जाकर परीक्षाएं देंगे. समिति ने इसकी तैयारी शुरू कर दी हैं. इसके लिए 2015 में मैट्रिक के परीक्षा फार्म भरवाने के बाद वर्कशॉप का आयोजन किया जायेगा. अगर इसके बाद भी सुधार नहीं होगा तो उन जिलों में मैट्रिक का परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जायेगा जहां पर कदाचार की घटनाएं सबसे अधिक घट रही है.

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पास 2005 से 2014 तक के कदाचार वाले जिलों की सूची
 साल     -    पहले स्थान    -   दूसरे स्थान    - तीसरे स्थान
2005    -     गोपालगंज     -  वैशाली         -  छपरा
2006    -   गोपालगंज      -  छपरा          -  अरवल
2007     -  गोपालगंज      -  वैशाली     -  अरवल
2008    -  वैशाली     - छपरा       -  गोपालगंज
2009    -   वैशाली    -   गोपालगंज   - छपरा
2010    -   वैशाली    -   छपरा    - अरवल
2011     -   वैशाली    -  छपरा     -   अरवल
2012    -   वैशाली     -   गोपालगंज    -  अरवल
2013    -  वैशाली    -  छपरा        - गोपालगंज
2014    - वैशाली     -   छपरा    - गोपालगंज  

बिहार के ये जिलें हैं कदाचार करने और करवाने में अव्वल, इन जिलों में 2014 में परीक्षार्थी की संख्या
जिला       -    कुल परीक्षार्थी     -   कुल परीक्षा केंद्र
वैशाली     -         64192         -      65
छपरा        -        70444         -      50
गोपालगंज   -      45861          -      18
अरवल      -       17579          -      08

कोट
एक दिन में यह नहीं सुधारा जा सकता है. अगले साल से इन जिलों में वर्कशॉप का आयोजन किया जायेगा. हम उन परीक्षा केंद्र पर नजर रखें हुए है. जिन केंद्रों पर कदाचार की घटनाएं आ रही है, अगले साल से उन केंद्रों पर परीक्षाएं नहीं ली जायेगी. अगर इसके बाद भी अभिभावकों में सुधार नहीं आयेगा तो हम उन जिलों में ही मैट्रिक की परीक्षाएं आयोजित नहीं करेंगे.
लालकेश्वर प्रसाद सिंह, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति


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