पटना से लेकर सीबीएसइ दिल्ली तक था रामानुज प्रसाद की सेटिंग
- सीबीएसइ दिल्ली के कई बड़े अधिकारी से संबंध थे पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद से
- सीबीएसइ का सारा इवेंट पटना में डीएवी बीएसइबी में
संवाददाता, पटना
स्कूल में किस स्टूडेंट को फेल करना है, किस स्टूडेट्स को पास करना है. पैसे का लेन देन किसके साथ करना है. एडमिशन के बाद किसे निकालना और किससे मोटी रकम लेकर दुबारा नामांकन लेना हैं, ये तमाम चीजें डीएवी बीएसइबी में धड़ल्ले मे चल रही थी. इस लेन देन में जो छात्र फंसता था, उसका भविष्य दांव पर तभी नहीं लग पाता था, जब अभिभावक मोटी रकम देते थे. इस सारे कार्य में रामानुज प्रसाद की सारी सेटिंग सीबीएसइ दिल्ली के साथ थी. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो रामानुज प्रसाद का सीधा संबंध सीबीएसइ के एग्जामिनेशन विभाग से था. ऐसे में किसी भी कार्य को करवाने में रामानुज प्रसाद को काफी आसानी होती थी. डीएवी बीएसइबी पटना से लेकर सीबीएसइ दिल्ली के बीच एक कड़ी काम कर रही थी.
- 2014 के बाद फंसने लगे रामानुज प्रसाद
रामानुज प्रसाद के साथ मुश्किलों का दौर तब आया जब 2014 में सीबीएसइ के एग्जामिनेशन कंट्रोलर एमसी शर्मा रिटायर हो गये. इसके बाद रामानुज प्रसाद को थोड़ी दिक्कतें होने लगी. इस बीच सीबीएसइ के विजिलेंस डिपार्टमेंट की नजर डीएवी बीएसइबी के कामों पर गयी. अभिभावको की शिकायत और कई तरह गलत चीजे सामने आने के बाद डीएवी की जांच प्रक्रिया शुरू किया गया. इसके लिए प्लानिंग की गयी. इसके बाद 10 और 16 अक्टूबर को डीएवी बीएसइबी के अलावा पटना के तमाम डीएवी की जांच की गयी. इसमें कई तरह की गलत चीजों का खुलासा हुआ.
- सीबीएसइ के सारी बैठक डीएवी बीएसइबी में
पटना जोन में सीबीएसइ का रीजनल ऑफिस 2008 में खुला है. 2008 से लेकर 2014 तक सीबीएसइ के अधिकांश बैठकें डीएवी बीएसइबी में आयोजित किया गया है. 2014 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद ऑन स्क्रीन मूल्यांकन के लिए दो दिनों का बैठक हर जोन मे आयोजित किया गया. पटना जोन की बैठक डीएवी बीएसइबी में किया गया. इसको लेकर कई स्कूल के प्रिंसिपल ने विरोध भी किया था, लेकिन तत्कालिन रीजनल ऑफिसर एसपी शर्मा ने बैठक वहीं पर बुलायी. इस बैठक में सीबीएसइ के एग्जामिनेशन कंट्रोलर एमसी शर्मा भी शामिल हुए थे.
इन छात्रों को 11वीं में निकाल दिया था स्कूल से
छात्र का नाम - 11वीं में रॉल नंबर - एडमिशन नंबर
उत्कर्ष आनंद - 31 - 20869
अभिनव प्रसाद - 35 - 20846
अमृत अंबर - 47 - 20757
नोट - ये ऐसे छात्र है जिनका नामांकन 2013 में 11वीं क्लास में डीएवी बीएसइबी में किया गया. लेकिन इसके बावजूद ये 11वीं की परीक्षा में शामिल नहीं हुए. स्कूल ने इन्हें किन कारणों से निकाला हय
- सीबीएसइ दिल्ली के कई बड़े अधिकारी से संबंध थे पूर्व प्राचार्य रामानुज प्रसाद से
- सीबीएसइ का सारा इवेंट पटना में डीएवी बीएसइबी में
संवाददाता, पटना
स्कूल में किस स्टूडेंट को फेल करना है, किस स्टूडेट्स को पास करना है. पैसे का लेन देन किसके साथ करना है. एडमिशन के बाद किसे निकालना और किससे मोटी रकम लेकर दुबारा नामांकन लेना हैं, ये तमाम चीजें डीएवी बीएसइबी में धड़ल्ले मे चल रही थी. इस लेन देन में जो छात्र फंसता था, उसका भविष्य दांव पर तभी नहीं लग पाता था, जब अभिभावक मोटी रकम देते थे. इस सारे कार्य में रामानुज प्रसाद की सारी सेटिंग सीबीएसइ दिल्ली के साथ थी. सीबीएसइ सूत्रों की माने तो रामानुज प्रसाद का सीधा संबंध सीबीएसइ के एग्जामिनेशन विभाग से था. ऐसे में किसी भी कार्य को करवाने में रामानुज प्रसाद को काफी आसानी होती थी. डीएवी बीएसइबी पटना से लेकर सीबीएसइ दिल्ली के बीच एक कड़ी काम कर रही थी.
- 2014 के बाद फंसने लगे रामानुज प्रसाद
रामानुज प्रसाद के साथ मुश्किलों का दौर तब आया जब 2014 में सीबीएसइ के एग्जामिनेशन कंट्रोलर एमसी शर्मा रिटायर हो गये. इसके बाद रामानुज प्रसाद को थोड़ी दिक्कतें होने लगी. इस बीच सीबीएसइ के विजिलेंस डिपार्टमेंट की नजर डीएवी बीएसइबी के कामों पर गयी. अभिभावको की शिकायत और कई तरह गलत चीजे सामने आने के बाद डीएवी की जांच प्रक्रिया शुरू किया गया. इसके लिए प्लानिंग की गयी. इसके बाद 10 और 16 अक्टूबर को डीएवी बीएसइबी के अलावा पटना के तमाम डीएवी की जांच की गयी. इसमें कई तरह की गलत चीजों का खुलासा हुआ.
- सीबीएसइ के सारी बैठक डीएवी बीएसइबी में
पटना जोन में सीबीएसइ का रीजनल ऑफिस 2008 में खुला है. 2008 से लेकर 2014 तक सीबीएसइ के अधिकांश बैठकें डीएवी बीएसइबी में आयोजित किया गया है. 2014 की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद ऑन स्क्रीन मूल्यांकन के लिए दो दिनों का बैठक हर जोन मे आयोजित किया गया. पटना जोन की बैठक डीएवी बीएसइबी में किया गया. इसको लेकर कई स्कूल के प्रिंसिपल ने विरोध भी किया था, लेकिन तत्कालिन रीजनल ऑफिसर एसपी शर्मा ने बैठक वहीं पर बुलायी. इस बैठक में सीबीएसइ के एग्जामिनेशन कंट्रोलर एमसी शर्मा भी शामिल हुए थे.
इन छात्रों को 11वीं में निकाल दिया था स्कूल से
छात्र का नाम - 11वीं में रॉल नंबर - एडमिशन नंबर
उत्कर्ष आनंद - 31 - 20869
अभिनव प्रसाद - 35 - 20846
अमृत अंबर - 47 - 20757
नोट - ये ऐसे छात्र है जिनका नामांकन 2013 में 11वीं क्लास में डीएवी बीएसइबी में किया गया. लेकिन इसके बावजूद ये 11वीं की परीक्षा में शामिल नहीं हुए. स्कूल ने इन्हें किन कारणों से निकाला हय
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