मौलवी और फोकानियां का सिलेबस होगा चेंज, 12 सौ के बदले अब 8 सौ की होगी परीक्षा
- बिहार बोर्ड और सीबीएसइ के कई चीजों को मदरसा बोर्ड में किया जायेगा लागू
- फोकानियां का 2001 और मौलवी के सिलेबस में 1987 के बाद किया जायेगा परिवर्तन
रिंकू झा, पटना
प्रतियोगी परीक्षा तक छात्रों की पहुंच हो और क्वालिटी एजुकेशन से छात्रों का सीधा जुड़ाव हो, इसके लिए बिहार राज्य मदरसा बोर्ड ने अपने सिलेबस में परिवर्तन करने की सोची हैं. इस सिलेबस को अप्रैल 2015 सत्र से ही लागू कर दिया जायेगा. सिलेबस छात्र के हित के तहत हो, इसकी प्रक्रिया भी बोर्ड ने शुरू कर दी गयी है. बोर्ड सूत्रों की माने तो फोकानियां (मैट्रिक) और मौलवी (इंटर) नया सिलेबस 8 सौ अंक का होगा. इसमें उन सभी टॉपिक आदि पर भी फोकस किया जायेगा जो बिहार विद्यालय परीक्षा समिति और सीबीएसइ के लागू हैं. ज्ञात हो कि अभी मदरसा बोर्ड के फोकानियां और मौलवी के छात्र 12 सौ अंक का सिलेबस चल रहा है. फोकानियां और मौलवी के सिलेबस में यह परिवर्तन कई सालों के बाद किया जा रहा है. फोकानियां के सिलेबस में 2001 और मौलवी के सिलेबस में 1987 के बाद अभी तक परिवर्तन नहीं किया गया है.
- फोकानियां में सीबीएसइ पैटर्न पर साइंस का सिलेबस
अभी तक फोकानिया और मौलवी के सिलेबस में 12 भाषाएं लागू थी. छात्रों को इन भाषाओं में से अपनी मरजी के भाषाओं को चुनना होता था. ऐसे में कई भाषाएं ऐसी है जिसे पढ़ने के बाद छात्रों को कोई खासा मतलब नहीं होता है. ऐसे में अब बोर्ड कुछ भाषाओं की पढ़ाई बंद कर रही है. इससे अब 12 की जगह 10 भाषा की ही पढ़ाई फोकानियां और मौलवी में किया जायेगा. बोर्ड के अनुसार अब उन्हीं भाषाओं का ही मदरसा बोर्ड में पढ़ाई शुरू होगी जिन भाषाओं की पढ़ाई बिहार बोर्ड और सीबीएसइ में लागू है. इससे मदरसा बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर बोर्ड का दर्जा मिल पायेगा. इस संबंध में बोर्ड के एकेडेमिक इंजार्च और मदरसा निरीक्षक नूर इस्लाम ने बताया कि मदरसा बोर्ड को दूसरे बोर्ड के समानांतर लाने के लिए भाषा स्तर पर ऐसा करना जरूरी है. इसके अलावा बोर्ड की ओर से फोकानियां में साइंस के सिलेबस सीबीएसइ पैटर्न पर लागू किया जायेगा.
- मौलवी में अब साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स की पढ़ाई
मदरसा बोर्ड के मौलवी के छात्र अब अपनी मरजी के विषयों को पढ़ पायेगे. इस सत्र से मौलवी में साइंस के साथ आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम की शुरूआत की जा रही है. छात्र अपनी रुचि के अनुसार साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स विषय के पढ़ पायेंगे. इन स्ट्रीम का वहीं सिलेबस रहेगा जो अभी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में लागू है. इसके अलावा सीबीएसइ प्लस टू के सिलेबस से भी कुछ चीजों को मदरसा बोर्ड अपने यहां लागू करेगी. इस संबंध में बोर्ड के एकेडेमिक इंजार्च और मदरसा निरीक्षक नूर इस्लाम ने बताया कि मौलवी में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम की अलग-अलग पढ़ाई होने से मदरसा बोर्ड के छात्र भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार हो पायेंगे.
- 12 सौ अंक की अंतिम बार होगी परीक्षा
मदरसा बोर्ड के फोकानिया और मौलवी की परीक्षा 6 अप्रैल से शुरू हो रही है. यह परीक्षा पुराने पैटर्न पर ही 12 सौ अंक की होगी. अगले साल से 8 सौ अंक की परीक्षा ली जायेगी. अप्रैल में परीक्षा और मई के पहले सप्ताह में इस बार रिजल्ट की घोषणा हो सकती है. एकेडेमिक इंचार्ज नूर इस्लाम ने बताया कि इस बार रिजल्ट जल्द से जल्द देने की हमारी कोशिश रहेगी. जिससे प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्रों को परेशानी नहीं हो. इस बार दोनों की परीक्षाओं को मिलाकर डेढ़ लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे है. अप्रैल के प्रथम सप्ताह में परीक्षा और मई के प्रथम सप्ताह में रिजल्ट निकाल दिया जायेगा.
कोट
मदरसा बोर्ड के छात्र भी दूसरे बोर्ड के छात्रों की तरह हर प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो, इसके लिए हमने सिलेबस में परिवर्तन करने की सोची है. अधिक अंक का दबाव अब छात्रों पर से हटाया जायेगा. जिस तरह से बिहार बोर्ड में 5 सौ अंक की परीक्षाएं ली जाती है. उसी तरह से मदरसा बोर्ड में भी फोकानियां और मौलवी की परीक्षाएं में अंकों को कम किया जा रहा है. फिलहाल हम 12 सौ से 8 सौ पर सिलेबस को लायेंगे. नया सिलेबस 2015 सत्र से लागू कर दिया जायेगा.
सैयद मोहिबुल हसन, अध्यक्ष, बिहार राज्य मदरसा बोर्ड
- बिहार बोर्ड और सीबीएसइ के कई चीजों को मदरसा बोर्ड में किया जायेगा लागू
- फोकानियां का 2001 और मौलवी के सिलेबस में 1987 के बाद किया जायेगा परिवर्तन
रिंकू झा, पटना
प्रतियोगी परीक्षा तक छात्रों की पहुंच हो और क्वालिटी एजुकेशन से छात्रों का सीधा जुड़ाव हो, इसके लिए बिहार राज्य मदरसा बोर्ड ने अपने सिलेबस में परिवर्तन करने की सोची हैं. इस सिलेबस को अप्रैल 2015 सत्र से ही लागू कर दिया जायेगा. सिलेबस छात्र के हित के तहत हो, इसकी प्रक्रिया भी बोर्ड ने शुरू कर दी गयी है. बोर्ड सूत्रों की माने तो फोकानियां (मैट्रिक) और मौलवी (इंटर) नया सिलेबस 8 सौ अंक का होगा. इसमें उन सभी टॉपिक आदि पर भी फोकस किया जायेगा जो बिहार विद्यालय परीक्षा समिति और सीबीएसइ के लागू हैं. ज्ञात हो कि अभी मदरसा बोर्ड के फोकानियां और मौलवी के छात्र 12 सौ अंक का सिलेबस चल रहा है. फोकानियां और मौलवी के सिलेबस में यह परिवर्तन कई सालों के बाद किया जा रहा है. फोकानियां के सिलेबस में 2001 और मौलवी के सिलेबस में 1987 के बाद अभी तक परिवर्तन नहीं किया गया है.
- फोकानियां में सीबीएसइ पैटर्न पर साइंस का सिलेबस
अभी तक फोकानिया और मौलवी के सिलेबस में 12 भाषाएं लागू थी. छात्रों को इन भाषाओं में से अपनी मरजी के भाषाओं को चुनना होता था. ऐसे में कई भाषाएं ऐसी है जिसे पढ़ने के बाद छात्रों को कोई खासा मतलब नहीं होता है. ऐसे में अब बोर्ड कुछ भाषाओं की पढ़ाई बंद कर रही है. इससे अब 12 की जगह 10 भाषा की ही पढ़ाई फोकानियां और मौलवी में किया जायेगा. बोर्ड के अनुसार अब उन्हीं भाषाओं का ही मदरसा बोर्ड में पढ़ाई शुरू होगी जिन भाषाओं की पढ़ाई बिहार बोर्ड और सीबीएसइ में लागू है. इससे मदरसा बोर्ड को राष्ट्रीय स्तर पर बोर्ड का दर्जा मिल पायेगा. इस संबंध में बोर्ड के एकेडेमिक इंजार्च और मदरसा निरीक्षक नूर इस्लाम ने बताया कि मदरसा बोर्ड को दूसरे बोर्ड के समानांतर लाने के लिए भाषा स्तर पर ऐसा करना जरूरी है. इसके अलावा बोर्ड की ओर से फोकानियां में साइंस के सिलेबस सीबीएसइ पैटर्न पर लागू किया जायेगा.
- मौलवी में अब साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स की पढ़ाई
मदरसा बोर्ड के मौलवी के छात्र अब अपनी मरजी के विषयों को पढ़ पायेगे. इस सत्र से मौलवी में साइंस के साथ आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम की शुरूआत की जा रही है. छात्र अपनी रुचि के अनुसार साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स विषय के पढ़ पायेंगे. इन स्ट्रीम का वहीं सिलेबस रहेगा जो अभी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में लागू है. इसके अलावा सीबीएसइ प्लस टू के सिलेबस से भी कुछ चीजों को मदरसा बोर्ड अपने यहां लागू करेगी. इस संबंध में बोर्ड के एकेडेमिक इंजार्च और मदरसा निरीक्षक नूर इस्लाम ने बताया कि मौलवी में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स स्ट्रीम की अलग-अलग पढ़ाई होने से मदरसा बोर्ड के छात्र भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयार हो पायेंगे.
- 12 सौ अंक की अंतिम बार होगी परीक्षा
मदरसा बोर्ड के फोकानिया और मौलवी की परीक्षा 6 अप्रैल से शुरू हो रही है. यह परीक्षा पुराने पैटर्न पर ही 12 सौ अंक की होगी. अगले साल से 8 सौ अंक की परीक्षा ली जायेगी. अप्रैल में परीक्षा और मई के पहले सप्ताह में इस बार रिजल्ट की घोषणा हो सकती है. एकेडेमिक इंचार्ज नूर इस्लाम ने बताया कि इस बार रिजल्ट जल्द से जल्द देने की हमारी कोशिश रहेगी. जिससे प्रतियोगी परीक्षा देने वाले छात्रों को परेशानी नहीं हो. इस बार दोनों की परीक्षाओं को मिलाकर डेढ़ लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे है. अप्रैल के प्रथम सप्ताह में परीक्षा और मई के प्रथम सप्ताह में रिजल्ट निकाल दिया जायेगा.
कोट
मदरसा बोर्ड के छात्र भी दूसरे बोर्ड के छात्रों की तरह हर प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो, इसके लिए हमने सिलेबस में परिवर्तन करने की सोची है. अधिक अंक का दबाव अब छात्रों पर से हटाया जायेगा. जिस तरह से बिहार बोर्ड में 5 सौ अंक की परीक्षाएं ली जाती है. उसी तरह से मदरसा बोर्ड में भी फोकानियां और मौलवी की परीक्षाएं में अंकों को कम किया जा रहा है. फिलहाल हम 12 सौ से 8 सौ पर सिलेबस को लायेंगे. नया सिलेबस 2015 सत्र से लागू कर दिया जायेगा.
सैयद मोहिबुल हसन, अध्यक्ष, बिहार राज्य मदरसा बोर्ड
No comments:
Post a Comment