खुलने और बंद होने के समय स्कूल में करवायें ड्रील
- हर स्कूल में सुरक्षा गार्ड को मिलेगा बॉकी टॉकी
- हर स्कूल में तीन से चार गेट हो, हर गेट पर 24 घंटे 3-3 गार्ड रखने का बना नियम
संवाददाता, पटना
अब सुबह में स्कूल के खुलने के समय असेंबली के बाद और स्कूल बंद होने के पहले स्टूडेंट्स को ड्रील में शामिल होना होगा. यह प्रक्रिया हर दिन स्कूल में करवाना आवश्यक है. क्योंकि सीबीएसइ के तमाम स्कूलों में जल्द ही ड्रील कार्यक्रम की शुरुआत होगी. किसी तरह के आतंकवादी हमले से स्टूडेंट्स निपट सकें, इसके लिए मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स, भारत सरकार की ओर से एक एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिडयोर) तैयार किया है. इस एसओपी को सीबीएसइ के साथ आइसीएसइ और केंद्रीय विद्यालय संगठन के स्कूलों में लागू किया जायेगा. सीबीएसइ ने इस एसओपी का गठन करने के लिए तमाम सीबीएसइ स्कूलों को निर्देश दिया है. वहीं केंद्रीय विद्यालय संगठन और आइसीएसइ बोर्ड की ओर से जल्द ही आदेश जारी किया जायेगा.
- एफिलिएशन जांच में देखा जायेगा एसओपी
जहां सीबीएसइ ने स्कूल के मेन गेट पर सीसी टीवी लगाने को स्कूल प्रशासन से कहा है. वहीं स्कूलों में सुरक्षा गार्ड के पास बॉकी टॉकी होना आवश्यक है. तमाम सीबीएसइ स्कूलों में एसओपी का गठन किया जाना है. सीबीएसइ के अनुसार हर स्कूलों को एसओपी का गठन करना होगा. जिस स्कूल के पास एसओपी होगा, उस स्कूल को मान्यता दी जायेगी. सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि एसओपी के गठन को बोर्ड एफिलिएशन से जोड़ रहा है. हर तीन महीने पर इसकी जांच की जायेगी. जिन स्कूलों के पास एसओपी की जानकारी होगी, एफिलिएशन के दौरान उस स्कूल को इसके लिए प्वाइंट दिये जायेंगे.
- स्कूल टीचर्स को दे एसओपी की जानकारी
सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को एसओपी का प्रचार करने के लिए कहा है. इसके तहत एसओपी की जानकारी स्कूल से संबंधित टीचर्स, नॉन स्टॉफ टीचर्स, स्टूडेंट्स, गार्ड आदि को देना है. स्कूल एसओपी संबंधी अपना प्लान भी अलग से बना सकता है. स्कूल चाहे तो स्थानीय प्रशासन की मदद से एसओपी के गाइड लाइन के अनुसार कंसल्ट कर सकता है. एसओपी के गाइड लाइन पर स्कूल अपना कोई एक्शन प्लान बना सकता है. इसके लिए बोर्ड को बस सूचना देना आवश्यक है. स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ मिल कर स्कूल कुल अलग भी कर सकता है.
- सहोदया की ओर से भी होगा प्रयास
सीबीएसइ के सहोदया ग्रुप भी नये सत्र से अपने तरीके से स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर प्रयास करने जा रहा है. पाटलिपुत्र सहोदया के सचिव सीबी सिंह ने बताया कि सहोदया ग्रुप मेंबर्स की एक बैठक जनवरी के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जायेगी. इस बार बैठक का विषय स्टूडेंट्स की सुरक्षा को रखा गया है. हम बिहार के स्कूलों की स्थिति के अनुसार सुरक्षा को लेकर क्या सब किया जा सकता है, इस पर केंद्रीय करेंगे. हर मेंबर अपनी ओर से सहोदया को सलाह दे सकते है. इसके बाद हम कुछ नियम बनायेंगे. फिर उस नियम को हर स्कूल को लागू करना होगा. इसमें सीबीएसइ द्वारा बनाया गया एसओपी को भी शामिल किया जायेगा.
- स्कूलों को किया जायेंगा चिन्हित
इसको लेकर सीबीएसइ स्थानीय पुलिस से मदद लेगी. हर शहर के हाइ प्रोफाइल स्कूलों की लिस्ट तैयार की जायेगी. सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के अनुसार हाई प्रोफाइल स्कूलों पर अधिक फोकस किया जायेगा.
एसओपी के तहत ये सब प्रकिया करवायी जायेगी
- हर स्कूल को कंक्रीट से बना हुआ बाउंड्री वाल बनवाना होगा.
- हर स्कूल में तीन से चार मेन गेट होना चाहिए. हर गेट पर 24 घंटे तीन-तीन गार्ड की तैनाती हो
- हर स्कूल का टेलिफोन नंबर लोकल पुलिस कंट्रोल रूम और स्थानीय थाना के पास होना चाहिए.
- पुलिस कंट्रोल रूम के पास स्कूल के तमाम टीचर्स का भी मोबाइल नंबर और टेलिफोन नंबर होना चाहिए
- स्कूल का टेलिफोन कनेक्शन मेन गेट पर सुरक्षा गार्ड के पास भी होना चाहिए. यह भी नंबर पुलिस कंट्रोल रूम के पास होना चाहिए
- सुरक्षा गार्ड को बॉकी टॉकी दी जायेगी. इस बॉकी टॉकी से मेन गेट, गार्ड, प्रिंसिपल के बीच कनेक्ट होगा
- हर स्कूल में नोडल ऑफिसर होना चाहिए
- हर स्कूल में पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम लगेगा. इस सिस्टम से सभी क्लासेज, लाइब्रेरी, लैब को जोड़ा जायेगा.
- स्कूल के हर क्लास रूम में अलार्म सिस्टम लगेगा
- स्कूल के खुलने और बंद करने के समय स्टूडेंट्स को ड्रील करवाया जायेगा
कोट
किसी तरह के अटैक से बचने के लिए सीबीएसइ स्कूलों में एसओपी का गठन किया जायेगा. इसमें सुरक्षा को लेकर कई चीजों को शामिल किया गया है. स्कूल में पूरी तरह से सतर्कता रखी जायें, इसके लिए सुरक्षा गार्ड के साथ टीचर्स और स्टूडेंट्स के लिए भी गाइड लाइन जारी किया गया है.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ
2 jan. 2015 on prabhat khabar, patna
- हर स्कूल में सुरक्षा गार्ड को मिलेगा बॉकी टॉकी
- हर स्कूल में तीन से चार गेट हो, हर गेट पर 24 घंटे 3-3 गार्ड रखने का बना नियम
संवाददाता, पटना
अब सुबह में स्कूल के खुलने के समय असेंबली के बाद और स्कूल बंद होने के पहले स्टूडेंट्स को ड्रील में शामिल होना होगा. यह प्रक्रिया हर दिन स्कूल में करवाना आवश्यक है. क्योंकि सीबीएसइ के तमाम स्कूलों में जल्द ही ड्रील कार्यक्रम की शुरुआत होगी. किसी तरह के आतंकवादी हमले से स्टूडेंट्स निपट सकें, इसके लिए मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स, भारत सरकार की ओर से एक एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिडयोर) तैयार किया है. इस एसओपी को सीबीएसइ के साथ आइसीएसइ और केंद्रीय विद्यालय संगठन के स्कूलों में लागू किया जायेगा. सीबीएसइ ने इस एसओपी का गठन करने के लिए तमाम सीबीएसइ स्कूलों को निर्देश दिया है. वहीं केंद्रीय विद्यालय संगठन और आइसीएसइ बोर्ड की ओर से जल्द ही आदेश जारी किया जायेगा.
- एफिलिएशन जांच में देखा जायेगा एसओपी
जहां सीबीएसइ ने स्कूल के मेन गेट पर सीसी टीवी लगाने को स्कूल प्रशासन से कहा है. वहीं स्कूलों में सुरक्षा गार्ड के पास बॉकी टॉकी होना आवश्यक है. तमाम सीबीएसइ स्कूलों में एसओपी का गठन किया जाना है. सीबीएसइ के अनुसार हर स्कूलों को एसओपी का गठन करना होगा. जिस स्कूल के पास एसओपी होगा, उस स्कूल को मान्यता दी जायेगी. सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि एसओपी के गठन को बोर्ड एफिलिएशन से जोड़ रहा है. हर तीन महीने पर इसकी जांच की जायेगी. जिन स्कूलों के पास एसओपी की जानकारी होगी, एफिलिएशन के दौरान उस स्कूल को इसके लिए प्वाइंट दिये जायेंगे.
- स्कूल टीचर्स को दे एसओपी की जानकारी
सीबीएसइ ने तमाम स्कूलों को एसओपी का प्रचार करने के लिए कहा है. इसके तहत एसओपी की जानकारी स्कूल से संबंधित टीचर्स, नॉन स्टॉफ टीचर्स, स्टूडेंट्स, गार्ड आदि को देना है. स्कूल एसओपी संबंधी अपना प्लान भी अलग से बना सकता है. स्कूल चाहे तो स्थानीय प्रशासन की मदद से एसओपी के गाइड लाइन के अनुसार कंसल्ट कर सकता है. एसओपी के गाइड लाइन पर स्कूल अपना कोई एक्शन प्लान बना सकता है. इसके लिए बोर्ड को बस सूचना देना आवश्यक है. स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ मिल कर स्कूल कुल अलग भी कर सकता है.
- सहोदया की ओर से भी होगा प्रयास
सीबीएसइ के सहोदया ग्रुप भी नये सत्र से अपने तरीके से स्टूडेंट्स की सुरक्षा को लेकर प्रयास करने जा रहा है. पाटलिपुत्र सहोदया के सचिव सीबी सिंह ने बताया कि सहोदया ग्रुप मेंबर्स की एक बैठक जनवरी के दूसरे सप्ताह में आयोजित की जायेगी. इस बार बैठक का विषय स्टूडेंट्स की सुरक्षा को रखा गया है. हम बिहार के स्कूलों की स्थिति के अनुसार सुरक्षा को लेकर क्या सब किया जा सकता है, इस पर केंद्रीय करेंगे. हर मेंबर अपनी ओर से सहोदया को सलाह दे सकते है. इसके बाद हम कुछ नियम बनायेंगे. फिर उस नियम को हर स्कूल को लागू करना होगा. इसमें सीबीएसइ द्वारा बनाया गया एसओपी को भी शामिल किया जायेगा.
- स्कूलों को किया जायेंगा चिन्हित
इसको लेकर सीबीएसइ स्थानीय पुलिस से मदद लेगी. हर शहर के हाइ प्रोफाइल स्कूलों की लिस्ट तैयार की जायेगी. सीबीएसइ और आइसीएसइ बोर्ड के अनुसार हाई प्रोफाइल स्कूलों पर अधिक फोकस किया जायेगा.
एसओपी के तहत ये सब प्रकिया करवायी जायेगी
- हर स्कूल को कंक्रीट से बना हुआ बाउंड्री वाल बनवाना होगा.
- हर स्कूल में तीन से चार मेन गेट होना चाहिए. हर गेट पर 24 घंटे तीन-तीन गार्ड की तैनाती हो
- हर स्कूल का टेलिफोन नंबर लोकल पुलिस कंट्रोल रूम और स्थानीय थाना के पास होना चाहिए.
- पुलिस कंट्रोल रूम के पास स्कूल के तमाम टीचर्स का भी मोबाइल नंबर और टेलिफोन नंबर होना चाहिए
- स्कूल का टेलिफोन कनेक्शन मेन गेट पर सुरक्षा गार्ड के पास भी होना चाहिए. यह भी नंबर पुलिस कंट्रोल रूम के पास होना चाहिए
- सुरक्षा गार्ड को बॉकी टॉकी दी जायेगी. इस बॉकी टॉकी से मेन गेट, गार्ड, प्रिंसिपल के बीच कनेक्ट होगा
- हर स्कूल में नोडल ऑफिसर होना चाहिए
- हर स्कूल में पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम लगेगा. इस सिस्टम से सभी क्लासेज, लाइब्रेरी, लैब को जोड़ा जायेगा.
- स्कूल के हर क्लास रूम में अलार्म सिस्टम लगेगा
- स्कूल के खुलने और बंद करने के समय स्टूडेंट्स को ड्रील करवाया जायेगा
कोट
किसी तरह के अटैक से बचने के लिए सीबीएसइ स्कूलों में एसओपी का गठन किया जायेगा. इसमें सुरक्षा को लेकर कई चीजों को शामिल किया गया है. स्कूल में पूरी तरह से सतर्कता रखी जायें, इसके लिए सुरक्षा गार्ड के साथ टीचर्स और स्टूडेंट्स के लिए भी गाइड लाइन जारी किया गया है.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ
2 jan. 2015 on prabhat khabar, patna
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