Monday, February 23, 2015

क्वेशचन समझ में नहीं आयें तो करें कंप्लेन

क्वेशचन समझ में नहीं आयें तो करें कंप्लेन

- सीबीएसइ ने पहली बार स्कूलों में परीक्षा के दौरान बनाया ऑबजर्वेशन शेड्यूल सिस्टम
- 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा करा सकते है शिकायत दर्ज
संवाददाता, पटना
पेंपर लेंदी हैं. क्वेशचन समझ में नहीं आ रहा है. क्वेशचन पेपर में मिस प्रिंट हैं या फिर सवाल गलत हैं. एग्जामिनेशन हॉल में अगर ऐसी कोई भी प्रॉब्लम है, इसे तुरंत सॉल्व कर दिया जायेगा.  बस इसके लिए परीक्षा हॉल में टीचर्स से संपर्क करना होगा. पहली बार सीबीएसइ की ओर से 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा के लिए एक ऑब्जर्वेशन श्ेाड्यूल सिस्टम बनाया गया हैं. इसके तहत स्टूडेंट्स अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है. सीबीएसइ की माने तो बोर्ड परीक्षा के दौरान परीक्षार्थी अपने क्वेशचन पेपर के संबंध में शिकायत दर्ज करवा सकेंगे. इस कंप्लेन को सीबीएसइ के पास भेजा जायेगा. कंप्लेन के दौरान टीचर स्टूडेंट्स के नाम, कॉट्रैक्ट नंबर, कॉपी नंबर, क्वेश्चन नंबर, विषय आदि को दर्ज करेगा.
कंप्लेन होगी रिकार्ड
टीचर द्वारा लिये गये कंप्लेन को सीधे बोर्ड के पास भेजा जायेगा. सीबीएसइ के अनुसार यह शेड्यूल हर स्कूलों के प्रिंसिपल को दिया गया है. प्रिंसिपल उस शेड्यूल को बोर्ड के पास ऑन लाइन भेजेगें. किसी परीक्षार्थी को अगर एग्जाम देते समय क्वेशचन पेपर में किसी तरह की प्रॉब्लम हो तो उसे तुरंत कंप्लेन करना होगा. परीक्षा शुरू होने के बाद किया गया कंप्लेन एक्सेप्ट नहीं होगा. इस संबंध में सीबीएसइ सिटी को ऑडिनेटर राजीव रंजन सिन्हा ने बताया कि कभी-कभी प्रिंटिंग के कारण क्वेशचन पेपर में मिस प्रिंट हो जाता है. अगर किसी स्टूडेट्स को ऐसा क्वेशचन मिलता है. तो उन्हें आंसर करने में प्रॉब्लम होती हो तो ऐसे में उन्हें यह सुविधा दी गयी है. इसमें कंप्लेन को रिकार्ड करने के बाद उस कॉपी को रिवैल्यूएशन के टाइम देखा जायेगा. अगर स्टूडेंट्स की शिकायत सही निकली तो स्टूडेट्स को मार्क्‍स भी मिल सकते है.
- हर जोन से शिकायत को देखा जायेगा
सीबीएसइ के अनुसार यह ऑबजर्वेशन सिस्टम देश भर में लागू किया गया है. इसके तहत जो भी शिकायत आयेगी उसे रिकार्ड के तौर पर रखा जायेगा. हर विषय के लिए आबजर्वेशन शेड्यूल सिस्टम बनाया गया है. सारे पेपर की परीक्षाएं हो जाने के बाद बोर्ड सारे कंप्लेन को उस इवैल्यूएशन सेंटर पर भेजेगा जहां पर कॉपी की जांच होगी. परीक्षार्थी के शिकायत की जांच होगी. अगर कंप्लेन में दी गयी बातें उत्तर पुस्तिका में सही दिखी तो परीक्षार्थी को उस विषय में उस प्रश्न के हिसाब से मार्क्‍स भी मिल सकते हैं.
चेयरमैन के साथ करें चैटिंग
सीबीएसइ के चेयरमैन अभी निश्चित नहीं होने के कारण ऑन लाइन चैटिंग करना संभव नहीं हो पायेगा. इस कारण इस ाबर ऑन लाइन चैटिंग एकेडेमिक हेड और एग्जामिनेशन कंट्रोलर से ही की जा सकेगी. अभी तक सीबीएसइ के पूर्व चेयरमैन परीक्षा के दौरान ऑन लाइन चैटिंग परीक्षार्थी से करते रहे है. लेकिन इस बार एकेडेमिक, रिसर्च, ट्रेनिंग इनोवेशन और कंट्रोल ऑफ एग्जामिनेशन के डायरेक्टर के साथ भी चैटिंग कर सकते है. इसके लिए इस इ-मेल आइडी 2ंँिंल्लंस्र.ूु2ील्ल्रू.्रल्ल,  ेू2ँं1ें20071ी्िराों्र’.ूे पर संपर्क किया जा सकता है.

कोट
परीक्षा संबंधी कई बार शिकायत हमारे पास परीक्षा बाद आती है. कई बार क्वेशचन पेपर में मिस प्रिंट, प्रश्न समझने में दिक्कतें आदि होती है. ऐसे में परीक्षार्थी आता हुआ प्रश्न का उत्तर नहीं लिख पाते है. इस कारण हर परीक्षा केंद्र पर एक ऑबजर्वेशन शेड्यूल सिस्टम बनाया जायेगा. इससे परीक्षार्थी को शिकायत दर्ज करवाने का मौका मिलेगा. इवैल्यूएशन के समय शिकातय को दर्ज किया जायेगा.
रमा शर्मा, मीडिया को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ


टीचर्स के सीधे संपर्क में रहेगा सीबीएसइ

- स्कूलों से मांगी गयी टीचर्स की जानकारी
- हर स्कूलों का टीचर्स का डाटा तैयार करेगा सीबीएसइ
संवाददाता, पटना
स्टूडेंट्स का एलओसी (लिस्ट ऑफ कैंडिडेंट्स) तैयार करने के बाद अब टीचर्स की जानकारी ली जायेगी. इसकी शुरुआत कर दी गयी है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से नये सेशन से टीचर्स की डाटा बेस तैयार किया जा रहा है. इसमें सीबीएसइ स्कूलों के तमाम टीचर्स को शामिल किया जायेगा. इसकी सूचना भी स्कूलों को दिया जा रहा है. इसका एक फार्मेट बोर्ड ने स्कूलों को भेजा है और दूसरा फार्मेट सीबीएसइ के वेबसाइट पर डाला गया है. टीचर्स चाहे तो इसे स्कूल की ओर से व्यक्तिगत रूप से भी भर कर सीबीएसइ के पास भेज सकते है. नये सेशन के शुरू होने से पहले सीबीएसइ टीचर्स को पूरा डाटा बेस तैयार कर लेगा. इस डाटा बेस से बोर्ड के पास उन तमाम टीचर्स की जानकारी होगी जो स्कूल में पढ़ा रहें होंगे.
- नहीं चलेगा फर्जीगीरी
 डाटा बेस में शुरुआती दौर में सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी लेवल के क्लास के टीचर्स को शामिल किया जा रहा है. इसके बाद इसमें प्रायमरी लेवल के टीचर्स को शामिल किया जायेगा. सीबीएसइ के पास टीचर्स का डाटा बेस तैयार होने से उन स्कूलों की मुश्किलें बढ़ जायेगी जो फर्जी टीचर्स का लिस्ट सीबीएसइ के पास दिखाते हैं. ऐसे में तमाम टीचर्स सीबीएसइ की नजर पर रहेंगे. अगर कोई टीचर स्कूल चेंज करता है तो इसकी भी जानकारी स्कूल को सीबीएसइ के पास देना होगा. रेंडमली जांच में टीचर्स की संख्या और नाम आदि की भी जांच की जायेगी.

इन विषयों के टीचर्स का लिस्ट हो रहा तैयार
इंगलिश, हिंदी, मैथेमेटिक्स, साइंस, सोशल साइंस, फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, इकोनॉमिक्स, जोगरफी, पोलिटिकल साइंस, हिस्ट्री, एकाउंटेंसी, बिजनेस स्टडीज, साइकोलॉजी, कंप्यूटर साइंस

इन चीजों की देनी होगी जानकारी
- टीचर का नाम
- टीचर की उम्र
- टीचर महिला हैं या पुरूष
- स्कूल मे सेकेंडरी या सीनियर सेकेंडरी लेवल के टीचर हैं
- कांटैक्ट नंबर के साथ स्कूल का नाम और पूरा एड्रेंस
- इ-मेल आइडी और मोबाइल नंबर
- क्वालिफिकेशन (बोर्ड का नाम जहां से पास हो, यूनिविर्सिटी की जानकारी)
- टिचिंग एक्सपेरियेंस
- रिसर्च वर्क या कोई आर्टिकल पब्लिश हुई हो, कोई बुक या जर्नल निकाला हो
- हाल में किसी ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हुए हो
- कोई अवार्ड मिला हो

24 feb. 2015 on prabhat khabar patna 

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