Saturday, February 21, 2015

साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स के साथ एग्रीकल्चर संकाय की पढ़ाई अब इंटरमीडिएट में

साइंस, आर्ट्स, कॉमर्स के साथ एग्रीकल्चर संकाय की पढ़ाई अब इंटरमीडिएट  में

- प्लस टू का बढ़ेगा दायरा. मैथ और बायोलॉजी के अलावा एग्रीकल्चर को इंटरमीडिएट में किया गया शामिल
- 2016 से बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इंटर के छात्र पढ़ सकेंगे
रिंकू झा, पटना
अभी तक बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इंटरमीडिएट में साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स संकाय की ही पढ़ाई  होती थी. लेकिन अब एग्रीकल्चर (कृषि) को भी इंटरमीडिएट के विद्यार्थी संकाय के रूप में पढ़ सकेंगे. अभी तक साइंस में मैथेमेटिक्स और बायोलॉजी दो ही संकाय से पढ़ाई होती थी. लेकिन अब फिजिक्स और केमेस्ट्री के साथ बायोलॉजी और मैथेमेटिक्स के बदले एग्रीकल्चर को सब्जेक्ट के रूप में लेकर विद्यार्थी इंटरमीडिएट कर पायेंगे. इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी है. एससीइआरटी द्वारा इसके सिलेबस को तैयार किया जा रहा है. 11वी का सिलेबस बन कर तैयार है. 12वीं के सिलेबस बनाये जा रहे हैं. इसे भी जल्द पूरा कर लिया जायेगा.
थ्योरी के साथ होगी प्रैक्टिकल की पढ़ाई
इंटरमीडिएट एग्रीकल्चर के लिए भी 5 सौ अंक का रखा गया हैं. इसमें थ्योरी के साथ प्रैक्टिकल के लिए अलग-अलग अंक रखें जायेंगे. इसके तहत विद्यार्थी को एग्रीकल्चर से इंटरमीडिएट का सर्टिफिकेट बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से मिलेगा. जल्द ही इसकी जानकारी बिहार बोर्ड को भी उपलब्ध करवा दी जायेगी. सिलेबस बनने के बाद टीचर्स की नियुक्ति और इंफ्रास्ट्रर आदि को सही किया जायेगा. इसके बाद इसे लागू कर दिया जायेगा. एससीइआरटी के मिली जानकारी के अनुसार सिलेबस के अलावा और चीजों को पूरा करने में एक साल लग जायेगा. इस कारण यह 2016 में लागू हो पायेगा.
इंटरमीडिएट में एग्रीकल्चर को शामिल करने वाला चौथा राज्य बिहार
इंटरमीडिएट लेवल पर एग्रीकल्चर की पढ़ाई शुरू करने वाला बिहार चौथा राज्य बन जायेगा. इससे पहले उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मध्य प्रदेश में इसे प्लस टू लेवल पर शुरू किया जा चुका हैं. इस संबंध में एससीइआरटी के विभागाध्यक्ष सैयद अब्दुल मोइन ने बताया कि देश भर में अभी कुछ ही राज्य में इसे शुरू किया जा सका है. बिहार के विद्यार्थी अब एग्रीकल्चर को एक सब्जेक्ट के रूप में पढ़ सकेंगे. इससे अब इंटरमीडिएट करने के बाद विद्यार्थी का नामांकन ग्रेजुएशन में सीधे तौर पर एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में हो जायेगा. उन्होंने बताया कि अभी तक टेक्नीकल प्रतियोगिता परीक्षा देने के बाद ही एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में नामांकन ले पाते थे.
8वीं से 10वीं तक कृषि को किया गया शामिल
इंटरमीडिएट के पहले 6वीं से 10वीं के क्लासेज में कृषि को शामिल किया जायेगा. विषय के रूप में इसकी पढ़ाई स्कूलों में करवाया जायेगा. 8वीं से 10वीं तक इसे कंप्लसरी किया जायेगा. इन क्लासेज में कृषि संबंधी बेसिक चीजों की जानकारी दी जायेगी. 10वीं तक कृषि की पढ़ाई करने से विद्यार्थी में कृषि संबंधी बेसिक जानकारी हो जायेगी. इसके बाद अगर विद्यार्थी चाहे तो एग्रीकल्चर से इंटरमीडिएट कर सकते है. इसके बाद ग्रेजुएशन में नामांकन लेने में उन्हें आसानी होगी.

इंटरमीडिएट एग्रीकल्चर में पढ़ना होगा इन विषयों को
- फिजिक्स, केमेस्ट्री, कृषि, इंगलिश, हिंदी

11वीं के सिलेबस में इन चैप्टर को किया गया हैं शामिल
- खेतों की तैयारी, फसल, फिशरीज, एटोमोलॉजी, प्लांट पैथोलॉजी, फसल का प्रबंधन, फसल की सुरक्षा, हॉटीकल्चर, फॉरेस्टी, रूलर इंडस्ट्रीज.

कोट
बिहार में कृषि को बढ़ावा देने के लिए यह शुरू किये जाने की योजना है. एससीइआरटी के साथ हमारी कई बैठकें हुई है.  बेसिक रूप से जानकारी रहने से कृषि के क्षेत्र में विद्यार्थी अच्छा कर पायेंगे. किशनगंज में कृषि का कॉलेज खुल रहा है. अगर इंटरमीडिएट की पढ़ाई एग्रीकल्चर से करके विद्यार्थी निकलेंगे तो सीधे ग्रेजुएशन कर पायेंगे. इसके अलावा इंजीनियरिंग और मेडिकल के अलावा रोजगार के अवसर भी बनेंगे. सिलेबस तो तैयार हो गया है, लेकिन टीचर्स और इंफ्रांस्ट्रर आदि की तैयारी के कारण यह 2016 से लागू हो पायेगा.
विजय प्रकाश, सचिव, कृषि विभाग

11वी और 12वीं में एग्रीकल्चर को शामिल किया जायेगा. इसके लिए पहले सिलेबस तैयार किया जा रहा है. 11वीं का सिलेबस तो हमने तैयार कर लिया है. 12वीं का सिलेबस तैयार किया जा रहा है. 2015 में भी इसे लागू किया जा सकता है. लेकिन टीचर्स की नियुक्ति आदि के कारण यह 2016 से लागू होगा. कृषि विभाग, बिहार सरकार के साथ मिल कर हम यह कर रहे है.
मुरली सिंह, डायरेक्टर, एससीइआरटी

2  feb. 2015 

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