25 फीसदी सीटें रिजर्व,नामांकन के लिए करना होगा इंतजार
- शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन से भी शुरू होता है भेदभाव
- रिजर्व सीटें पर अप्रैल बाद होता है नामांकन
संवाददाता, पटना
अप्रैल में नया सत्र शुरू हो जायेगा. ऐसे में जनवरी से मार्च तक नये क्लास में नामांकन की प्रक्रिया चलती है. नये नामांकन से लेकर दूसरे क्लास में जाने की प्रक्रिया भी मार्च तक खत्म कर दी जाती है. इसके बाद अप्रैल से नया सत्र शुरू हो जाता है. लेकिन इस नामांकन प्रक्रिया में उन बच्चों को अलग रखा जाता है जो अलाभकारी समूह व कमजोर वर्ग से आते है. शिक्षा के अधिकार के तहत होने वाले 25 फीसदी बच्चे का नामांकन के लिए भले प्राइवेट स्कूल वाले सीटें रिजर्व रखने लगे है. लेकिन स्कूल में नामांकन लेने में अभिभावकों को अभी इंतजार करना होगा. क्योंकि जब तक 75 फीसदी नामांकन की प्रक्रिया समाप्त नहीं हो जाती है, तब तक रिजर्व कोटे वाले 25 फीसदी बच्चें को नामांकन के लिए इंतजार करना होगा.
- जुलाई तक चलता है नामांकन
शिक्षा के अधिकार के तहत 25 फीसदी नामांकन अप्रैल तक ले लेनी होती है. पटना में इसकी प्रक्रिया अप्रैल से शुरू ही होती है. जुलाई से अगस्त तक नामांकन प्रक्रिया पूरी होती है. बाल अधिकार संरक्षण आयोग से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन की प्रक्रिया बाद में की जाती है. स्कूल के पास कई बार नोटिस देने के बावजूद यह शुरू नहीं किया जाता है. पहले स्कूल प्रशासन 75 फीसदी का नामांकन लेते है, उसके बाद ही 25 फीसदी सीटों पर नामांकन शुरू होता है. जुलाई से अगस्त तक नामांकन प्रक्रिया होने से सेशन भी इन बच्चों का लेट से शुरू होता है.
- लॉटरी सिस्टम से नामांकन की प्रक्रिया होनी चाहिए
क्लास वन के लिए नामांकन की प्रक्रिया किसी भी स्कूल में एक साथ होना चाहिए. शिक्षा के अधिकार के तहत बनाये गये नियम के अनुसार क्लास वन के लिए नामांकन की पूरी प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम से होना चाहिए. जो भी नामांकन स्कूल वाले लेंगे उसके लिए पहले आवेदन लिया जायेगा. तमाम आवेदन को जमा कर स्कूल वाले लॉटरी निकालेंगे. लॉटरी में स्कूल प्रशासन की ओर से एक टीम बनायी जायेगी. इस टीम में स्कूल प्रशासन के अलावा अभिभावकों को भी शामिल किया जाना है. आयोग के सूत्रों के मुताबिक इस मामले में भी स्कूल वाले मनमर्जी करते है. प्राइवेट स्कूल वाले नामांकन में ना तो लॉटरी सिस्टम रखते है और ना ही एक साथ क्लास वन के लिए नामांकन ही लेते है. स्कूूल वाले अपनी सुविधा के अनुसार नामांकन प्रक्रिया करते है. ज्ञात निकेतन स्कूल में जहां सीटों के मुताबिक आवेदन फार्म दिया जाता है. वहीं दिल्ली पब्लिक स्कूल अपने स्टॉफ आदि के बच्चे का नामांकन लेकर काम चलाते है.
शिक्षा के अधिकार तक तक नामांकन के ये हैं नियम
- पहली कक्षा में अलाभकारी समूह व कमजोर वर्ग के बच्चे का 25 फीसदी सीटों पर नामांकन लेना होगा
- 25 फीसदी सुरक्षित सीटों में 50 फीसदी बालिकाओं के लिए आरक्षित रहेगा
- नामांकन के लिए प्किसी तरह की प्रवेश परीक्षाएं नहीं ली जायेगी
- अभिभावक कितने शिक्षित है, यह आड़े नहीं आयेगा
- अगर किसी स्कूल में प्रवेश परीक्षा ली जाती है तो उसे रदद करना होगा
- प्रवेश संबंधी नीति बनानी होगी. रेंडमली पद्धती से नामांकन प्रक्रिया होगी
- नामांकन संबंधी तमाम जानकारी प्रोस्पेक्टस में देनी होगी
- सीट नहीं भरने की स्थिति में पड़ोस क्षेत्र के बच्चों का नामांकन लेना होगा
प्रिंसिपल का पक्ष
स्कूल में हर साल 25 फीसदी नामांकन ली जाती है. अभी नर्सरी क्लास का नामांकन चल रहा है. क्लास वन के लिए नामांकन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं किया गया है. 25 फीसदी नामांकन प्रक्रिया मार्च के अंत तक शुरू हो पाता है. इसके लिए फार्म हमारे पास विभाग की ओर से आता है. उसके बाद ही हम यह कर पाते है.
दिलीप कुमार सिंह, प्रिंसिपल, आरपीएस रेजिडेंसियल स्कूल
अप्रैल में नामांकन प्रक्रिया शुरू होगा. रिजर्व सीट वाले बच्चों को अभी आवेदन फार्म दिया जा रहा है. आवेदन देने के बाद अप्रैल में इन बच्चों का नामांकन लिया जाता है.
शैलेंद्र मोहन, एडमिशन इंचाजर्, ज्ञान निकेतन स्कूल
कोट
नामांकन की प्रक्रिया सारे छात्रों का एक साथ ही चलना चाहिए. लेकिन ऐसा होता नहीं है. स्कूल वाले पहले 75 फीसदी का नामांकन कर लेते है. बांकी 25 फीसदी का नामांकन अलग से करते है. ऐसे में नामांकन के समय से ही भेदभाव शुरू हो जाता है. रिजर्व सीट पर नामांकन प्रक्रिया जुलाई तक चलता है.
निशा झा, अध्यक्ष, बाल अधिकार संरक्षण आयोग
2 feb. 2015 prabhat khabar patna
- शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन से भी शुरू होता है भेदभाव
- रिजर्व सीटें पर अप्रैल बाद होता है नामांकन
संवाददाता, पटना
अप्रैल में नया सत्र शुरू हो जायेगा. ऐसे में जनवरी से मार्च तक नये क्लास में नामांकन की प्रक्रिया चलती है. नये नामांकन से लेकर दूसरे क्लास में जाने की प्रक्रिया भी मार्च तक खत्म कर दी जाती है. इसके बाद अप्रैल से नया सत्र शुरू हो जाता है. लेकिन इस नामांकन प्रक्रिया में उन बच्चों को अलग रखा जाता है जो अलाभकारी समूह व कमजोर वर्ग से आते है. शिक्षा के अधिकार के तहत होने वाले 25 फीसदी बच्चे का नामांकन के लिए भले प्राइवेट स्कूल वाले सीटें रिजर्व रखने लगे है. लेकिन स्कूल में नामांकन लेने में अभिभावकों को अभी इंतजार करना होगा. क्योंकि जब तक 75 फीसदी नामांकन की प्रक्रिया समाप्त नहीं हो जाती है, तब तक रिजर्व कोटे वाले 25 फीसदी बच्चें को नामांकन के लिए इंतजार करना होगा.
- जुलाई तक चलता है नामांकन
शिक्षा के अधिकार के तहत 25 फीसदी नामांकन अप्रैल तक ले लेनी होती है. पटना में इसकी प्रक्रिया अप्रैल से शुरू ही होती है. जुलाई से अगस्त तक नामांकन प्रक्रिया पूरी होती है. बाल अधिकार संरक्षण आयोग से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा के अधिकार के तहत नामांकन की प्रक्रिया बाद में की जाती है. स्कूल के पास कई बार नोटिस देने के बावजूद यह शुरू नहीं किया जाता है. पहले स्कूल प्रशासन 75 फीसदी का नामांकन लेते है, उसके बाद ही 25 फीसदी सीटों पर नामांकन शुरू होता है. जुलाई से अगस्त तक नामांकन प्रक्रिया होने से सेशन भी इन बच्चों का लेट से शुरू होता है.
- लॉटरी सिस्टम से नामांकन की प्रक्रिया होनी चाहिए
क्लास वन के लिए नामांकन की प्रक्रिया किसी भी स्कूल में एक साथ होना चाहिए. शिक्षा के अधिकार के तहत बनाये गये नियम के अनुसार क्लास वन के लिए नामांकन की पूरी प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम से होना चाहिए. जो भी नामांकन स्कूल वाले लेंगे उसके लिए पहले आवेदन लिया जायेगा. तमाम आवेदन को जमा कर स्कूल वाले लॉटरी निकालेंगे. लॉटरी में स्कूल प्रशासन की ओर से एक टीम बनायी जायेगी. इस टीम में स्कूल प्रशासन के अलावा अभिभावकों को भी शामिल किया जाना है. आयोग के सूत्रों के मुताबिक इस मामले में भी स्कूल वाले मनमर्जी करते है. प्राइवेट स्कूल वाले नामांकन में ना तो लॉटरी सिस्टम रखते है और ना ही एक साथ क्लास वन के लिए नामांकन ही लेते है. स्कूूल वाले अपनी सुविधा के अनुसार नामांकन प्रक्रिया करते है. ज्ञात निकेतन स्कूल में जहां सीटों के मुताबिक आवेदन फार्म दिया जाता है. वहीं दिल्ली पब्लिक स्कूल अपने स्टॉफ आदि के बच्चे का नामांकन लेकर काम चलाते है.
शिक्षा के अधिकार तक तक नामांकन के ये हैं नियम
- पहली कक्षा में अलाभकारी समूह व कमजोर वर्ग के बच्चे का 25 फीसदी सीटों पर नामांकन लेना होगा
- 25 फीसदी सुरक्षित सीटों में 50 फीसदी बालिकाओं के लिए आरक्षित रहेगा
- नामांकन के लिए प्किसी तरह की प्रवेश परीक्षाएं नहीं ली जायेगी
- अभिभावक कितने शिक्षित है, यह आड़े नहीं आयेगा
- अगर किसी स्कूल में प्रवेश परीक्षा ली जाती है तो उसे रदद करना होगा
- प्रवेश संबंधी नीति बनानी होगी. रेंडमली पद्धती से नामांकन प्रक्रिया होगी
- नामांकन संबंधी तमाम जानकारी प्रोस्पेक्टस में देनी होगी
- सीट नहीं भरने की स्थिति में पड़ोस क्षेत्र के बच्चों का नामांकन लेना होगा
प्रिंसिपल का पक्ष
स्कूल में हर साल 25 फीसदी नामांकन ली जाती है. अभी नर्सरी क्लास का नामांकन चल रहा है. क्लास वन के लिए नामांकन प्रक्रिया अभी शुरू नहीं किया गया है. 25 फीसदी नामांकन प्रक्रिया मार्च के अंत तक शुरू हो पाता है. इसके लिए फार्म हमारे पास विभाग की ओर से आता है. उसके बाद ही हम यह कर पाते है.
दिलीप कुमार सिंह, प्रिंसिपल, आरपीएस रेजिडेंसियल स्कूल
अप्रैल में नामांकन प्रक्रिया शुरू होगा. रिजर्व सीट वाले बच्चों को अभी आवेदन फार्म दिया जा रहा है. आवेदन देने के बाद अप्रैल में इन बच्चों का नामांकन लिया जाता है.
शैलेंद्र मोहन, एडमिशन इंचाजर्, ज्ञान निकेतन स्कूल
कोट
नामांकन की प्रक्रिया सारे छात्रों का एक साथ ही चलना चाहिए. लेकिन ऐसा होता नहीं है. स्कूल वाले पहले 75 फीसदी का नामांकन कर लेते है. बांकी 25 फीसदी का नामांकन अलग से करते है. ऐसे में नामांकन के समय से ही भेदभाव शुरू हो जाता है. रिजर्व सीट पर नामांकन प्रक्रिया जुलाई तक चलता है.
निशा झा, अध्यक्ष, बाल अधिकार संरक्षण आयोग
2 feb. 2015 prabhat khabar patna
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