बेटी की तो हो गयी, बेटे की शादी करवा दो हनुमान
- बेटे की शादी के लिए हनुमान जी के पास पहुंच रहे भक्त
- मंदिर का सलाह बॉक्स बन गया है मनोकामना बॉक्स
संवाददाता, पटना
बेटे की शादी को लेकर पिछले तीन सालों से परेशान हैं, एक अच्छी लड़की मिल जायें तो बेटे की शादी हो जायें. हे हनुमान भगवान बेटी की शादी तो अच्छे से हो गयी, बेटे की भी शादी भी करवा दो. दहेज नहीं लेंगे, बस एक अच्छी लड़की दिलवा दो.. अभी तक तो भगवान के घर या उनकी शरण में लोग बेटी की शादी को लेकर मन्नत मांगते रहे हैं. लेकिन अब बेटी की नहीं बल्कि बेटे की शादी के लिए भगवान के द्वार लोग माथा ही नहीं टेक रहे, बल्कि अपनी बातें भगवान के पास पहुंचाने में हर तरह के उपाय करने में लगे हुए है. पटना जंकशन स्थिति हनुमान मंदिर में भक्तों से सलाह लेने के लिए सलाह पेटी लगाया गया है, पर इस सलाह पेटी को भक्तों ने मनोकामना पेटी बना दिया है. इस बात की जानकारी तब हुई जब उस सलाह पेटी से सलाह कम और मनोकामनाओं की परची अधिक निकली.
- हर एक महीने पर निकालता है सौ से दो परची
हनुमान मंदिर में दो सलाह पेटी लगे हुए है. पहला सलाह पेटी भगवान के मूर्ति के पास उपर में लगा हुआ है. वहीं दूसरी सलाह पेटी को बाहर मुख्य द्वार के पास लगाया गया है. भक्त गण आसानी से अपना सलाह मंदिर में आये बिना भी दे सके, इसके लिए मुख्य द्वार पर यह सलाह पेटी लगाया गया है. इस सलाह पेटी में लोग सलाह कम, अपनी मनोकामना अधिक डाल रहे है. मंदिर प्रशासन के अनुसार सलाह पेटी को हर महीने खोला जाता है. इसमें से लगभग सौ से दो सौ परची निकलता है. इसमें से लगभग 190 परची लोगों के मनोकामना से जुड़ी होती है. बांकी दस परची मंदिर प्रशासन के सलाह से संबंधित होती है. जिसमें मंदिर परिसर में होने वाली छोटी मोटी गलतियों की ओर दिखाया जाता है. इन सलाह को मानते हुए मंदिर प्रशासन उसे तुरंत सही करवाते है. मनोकामना वाली परची को भगवान के पास रख दिया जाता है.
- कन्या पूजन के बाद अब शादियों के लिए नहीं मिल रही बेटियां
अभी तक तो नवरात्र में कन्या पूजन के लिए ही बेटियों की खोज होती थी. पहले जो आसानी से आस परोस में नौ दिनों तक हर घरों में बेटियों को पूजा जाता था. मां दुर्गा का रूप मान कर दस दिनों तक बेटियों की पूजा होती थी, वहीं अब ढूढ़ने के बाद भी कन्या पूजन के लिए बेटियां नहीं मिलती है. अब तो यह हालत हो गया है कि बेटे की शादी के लिए लड़कियां मिलना कठिन हो रहा है. 2011 के जनगणना के अनुसार देश में 1000 लड़कों पर 940 लड़कियां है. वहीं बिहार की बात करें तो 1000 लड़कों पर 916 लड़कियां का रेसियो है. जब रेसियो बैलेंस नहीं होगा तो बेटियों की कमी तो होगी ही. बिहार में चाइल्ड रेसियो में थोड़ा बढ़ोतरी हुई है. 2001 की जनगणना के अनुसार बिहार में चाइल्ड रेसियो 1000 लड़कों पर 908 लड़कियां थीं. लेकिन 2011 की जनगणना में इसमें थोड़ा बदलाव आया. 1000 लड़कों पर 933 बच्चियां अब जन्म ले पाती है. देश में दो राज्य केरल और पांडीचेरी ऐसे है जहां पर लड़कों से अधिक लड़कियों की संख्या है. इसके अलावा तमाम राज्य में लड़कियों की संख्या में लगातार कमी देखी जाती है.
5 jan. 2015 on prabhat khabar on patna
- बेटे की शादी के लिए हनुमान जी के पास पहुंच रहे भक्त
- मंदिर का सलाह बॉक्स बन गया है मनोकामना बॉक्स
संवाददाता, पटना
बेटे की शादी को लेकर पिछले तीन सालों से परेशान हैं, एक अच्छी लड़की मिल जायें तो बेटे की शादी हो जायें. हे हनुमान भगवान बेटी की शादी तो अच्छे से हो गयी, बेटे की भी शादी भी करवा दो. दहेज नहीं लेंगे, बस एक अच्छी लड़की दिलवा दो.. अभी तक तो भगवान के घर या उनकी शरण में लोग बेटी की शादी को लेकर मन्नत मांगते रहे हैं. लेकिन अब बेटी की नहीं बल्कि बेटे की शादी के लिए भगवान के द्वार लोग माथा ही नहीं टेक रहे, बल्कि अपनी बातें भगवान के पास पहुंचाने में हर तरह के उपाय करने में लगे हुए है. पटना जंकशन स्थिति हनुमान मंदिर में भक्तों से सलाह लेने के लिए सलाह पेटी लगाया गया है, पर इस सलाह पेटी को भक्तों ने मनोकामना पेटी बना दिया है. इस बात की जानकारी तब हुई जब उस सलाह पेटी से सलाह कम और मनोकामनाओं की परची अधिक निकली.
- हर एक महीने पर निकालता है सौ से दो परची
हनुमान मंदिर में दो सलाह पेटी लगे हुए है. पहला सलाह पेटी भगवान के मूर्ति के पास उपर में लगा हुआ है. वहीं दूसरी सलाह पेटी को बाहर मुख्य द्वार के पास लगाया गया है. भक्त गण आसानी से अपना सलाह मंदिर में आये बिना भी दे सके, इसके लिए मुख्य द्वार पर यह सलाह पेटी लगाया गया है. इस सलाह पेटी में लोग सलाह कम, अपनी मनोकामना अधिक डाल रहे है. मंदिर प्रशासन के अनुसार सलाह पेटी को हर महीने खोला जाता है. इसमें से लगभग सौ से दो सौ परची निकलता है. इसमें से लगभग 190 परची लोगों के मनोकामना से जुड़ी होती है. बांकी दस परची मंदिर प्रशासन के सलाह से संबंधित होती है. जिसमें मंदिर परिसर में होने वाली छोटी मोटी गलतियों की ओर दिखाया जाता है. इन सलाह को मानते हुए मंदिर प्रशासन उसे तुरंत सही करवाते है. मनोकामना वाली परची को भगवान के पास रख दिया जाता है.
- कन्या पूजन के बाद अब शादियों के लिए नहीं मिल रही बेटियां
अभी तक तो नवरात्र में कन्या पूजन के लिए ही बेटियों की खोज होती थी. पहले जो आसानी से आस परोस में नौ दिनों तक हर घरों में बेटियों को पूजा जाता था. मां दुर्गा का रूप मान कर दस दिनों तक बेटियों की पूजा होती थी, वहीं अब ढूढ़ने के बाद भी कन्या पूजन के लिए बेटियां नहीं मिलती है. अब तो यह हालत हो गया है कि बेटे की शादी के लिए लड़कियां मिलना कठिन हो रहा है. 2011 के जनगणना के अनुसार देश में 1000 लड़कों पर 940 लड़कियां है. वहीं बिहार की बात करें तो 1000 लड़कों पर 916 लड़कियां का रेसियो है. जब रेसियो बैलेंस नहीं होगा तो बेटियों की कमी तो होगी ही. बिहार में चाइल्ड रेसियो में थोड़ा बढ़ोतरी हुई है. 2001 की जनगणना के अनुसार बिहार में चाइल्ड रेसियो 1000 लड़कों पर 908 लड़कियां थीं. लेकिन 2011 की जनगणना में इसमें थोड़ा बदलाव आया. 1000 लड़कों पर 933 बच्चियां अब जन्म ले पाती है. देश में दो राज्य केरल और पांडीचेरी ऐसे है जहां पर लड़कों से अधिक लड़कियों की संख्या है. इसके अलावा तमाम राज्य में लड़कियों की संख्या में लगातार कमी देखी जाती है.
5 jan. 2015 on prabhat khabar on patna
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