सीबीएसइ 10वीं के साथ 12वीं में शुरू करेगा ऑन लाइन मूल्यांकन
- ऑन स्क्रीन नहीं बल्कि ऑन लाइन मूल्यांकन शुरू करेगा सीबीएसइ
- स्कूल बोर्ड की आंसर कॉपी को भी किया जायेगा ऑन लाइन
संवाददाता, पटना
बोर्ड परीक्षा को लेकर तमाम बोर्ड अपने-अपने तरीके से परीक्षा की तैयारी शुरू करने में लगे हुए है. कदाचार मुक्त परीक्षा और फेयर मूल्यांकन प्रक्रिया हो इसके लिए कई तैयारी भी की जा रही है. समय पर या समय से पहले बोर्ड परीक्षा को रिजल्ट निकले इसके लिए इस बार सीबीएसइ ऑन लाइन मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है. सीबीएसइ की हाल में हुई एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया है. 2015 सेशन के लिए 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन ऑन लाइन किया जायेंगा. इसकी तैयारी सीबीएसइ की ओर से स्कूलों में जल्द शुरू किया जायेगा.
- वर्कशॉप से दी जायेगी ट्रेनिंग
सीबीएसइ की ओर से जल्द ही इसके लिए टीचर्स को चुना जायेगा. हर स्कूल में पहले वर्कशॉप आयोजित किया जायेगा. इसके बाद हर स्कूल से टीचर्स को चुना जायेगा. जिन टीचर्स को कम्प्यूटर की जानकारी होगी, उन्हें ही इसमे मौका मिलेगा. सीबीएसइ के अनुसार वर्कशॉप के द्वारा टीचर्स को मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया बतायी जायेगी. आंसर कॉपी को किस तरह से खोलना और फिर मूल्यांकन किया जायेगा, इसकी जानकारी दी जायेगी. अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक बोर्ड परीक्षा खत्म होगा और इसके साथ अप्रैल लास्ट तक मूल्यांकन प्रक्रिया समाप्त कर दिया जायेगा. रिजल्ट जल्द से जल्द निकलाने के लिए सीबीएसइ ने ऑन लाइन मूल्यांकन की शुरुआत करने का प्लान बनाया है.
- 2014 में 10वीं में शुरू हुआ था ऑन स्क्रीन मूल्यांकन
पिछले दो सालों से सीबीएसइ मूल्यांकन प्रक्रिया में परिवर्तन करने की कोशिश कर रहा है. जहां 2013 में मूल्यांकन प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गयी. इसको लेकर मार्किग स्कीम की हर स्टेप की जानकारी टीचर्स को दिया गया. इसके बाद 2014 में ऑन स्क्रीन मूल्यांकन प्रक्रिया की शुरुआत की गयी. 10वी ंमें शुरू किया गया यह योजना मात्र साइंस विषय के लिए लागू था. अब 2015 की बोर्ड परीक्षा के लिए ऑन लाइन इवैल्यूशन की शुरुआत हो रही है. इससे मूल्यांकन कार्य काफी आसान हो जायेगा. मूल्यांकन कार्य में समय भी काफी कम लगेगा.
- बोर्ड के साथ स्कूल बोर्ड भी होगा शामिल
इस बार सीबीएसइ बोर्ड परीक्षा के साथ स्कूल बोर्ड की परीक्षा में भी ऑन लाइन मूल्यांकन प्रक्रिया लागू करेगा. हर स्कूल के हर विषय के टीचर्स को इसके लिए चुना जायेगा. सीबीएसइ के अनुसार स्कूल बोर्ड की मूल्यांकन को लेकर हर साल अभिभावकों की शिकायतें आती है. ऐसे में 2015 की स्कूल बोर्ड की परीक्षा में स्कूल के वहीं टीचर्स मूल्यांकन कर पायेंगे जिन्हें कम्प्यूटर की अच्छी तरह से जानकारी होगी. इस मूल्यांकन प्रक्रिया में टीचर्स चाहते हुए भी ना तो मार्क्स काट सकेंगे और ना ही अलग से मार्क्स अपनी ओर से दे पायेंगे.
ये सारे होंगे फायदे
- कम समय में मूल्यांकन प्रक्रिया समाप्त हो जायेगी
- कम टीचर्स अधिक आंसर सीट की जांच कर पायेंगे. इससे कम टीचर्स को ही मूल्यांकन प्रक्रिया में लगाया जायेगा
- बोर्ड परीक्षा के समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद मूल्यांकन कार्य भी समाप्त हो जायेगा
- समय से पहले रिजल्ट निकल आयेगा
- गलती होने की संभावना काफी कम होगी
- टीचर्स के समय बचेंगे. मार्किग स्कीम को टीचर्स अच्छी तरह से समझ पायेंगे
- दिन भर का समय टीचर्स को नहीं देना पड़ेगा.
कोट
इस प्रक्रिया में काफी कम टीचर्स की जरूरत होगी. क्योंकि सीबीएसइ की ओर से तमाम चीजें स्क्रीन पर डाल दिया जायेगा. बस टीचर्स को आंसर पर क्लिक कर करना है. ऐसे में गलतियों की संभावना काफी कम रहेगी. टीचर्स से गलती नहीं होगी और किसी गलती को कम्प्यूटर एक्सेप्ट नहीं करेगा.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
7 jan 2015 on prabhat khabar patna
- ऑन स्क्रीन नहीं बल्कि ऑन लाइन मूल्यांकन शुरू करेगा सीबीएसइ
- स्कूल बोर्ड की आंसर कॉपी को भी किया जायेगा ऑन लाइन
संवाददाता, पटना
बोर्ड परीक्षा को लेकर तमाम बोर्ड अपने-अपने तरीके से परीक्षा की तैयारी शुरू करने में लगे हुए है. कदाचार मुक्त परीक्षा और फेयर मूल्यांकन प्रक्रिया हो इसके लिए कई तैयारी भी की जा रही है. समय पर या समय से पहले बोर्ड परीक्षा को रिजल्ट निकले इसके लिए इस बार सीबीएसइ ऑन लाइन मूल्यांकन प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है. सीबीएसइ की हाल में हुई एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया है. 2015 सेशन के लिए 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन ऑन लाइन किया जायेंगा. इसकी तैयारी सीबीएसइ की ओर से स्कूलों में जल्द शुरू किया जायेगा.
- वर्कशॉप से दी जायेगी ट्रेनिंग
सीबीएसइ की ओर से जल्द ही इसके लिए टीचर्स को चुना जायेगा. हर स्कूल में पहले वर्कशॉप आयोजित किया जायेगा. इसके बाद हर स्कूल से टीचर्स को चुना जायेगा. जिन टीचर्स को कम्प्यूटर की जानकारी होगी, उन्हें ही इसमे मौका मिलेगा. सीबीएसइ के अनुसार वर्कशॉप के द्वारा टीचर्स को मूल्यांकन की पूरी प्रक्रिया बतायी जायेगी. आंसर कॉपी को किस तरह से खोलना और फिर मूल्यांकन किया जायेगा, इसकी जानकारी दी जायेगी. अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक बोर्ड परीक्षा खत्म होगा और इसके साथ अप्रैल लास्ट तक मूल्यांकन प्रक्रिया समाप्त कर दिया जायेगा. रिजल्ट जल्द से जल्द निकलाने के लिए सीबीएसइ ने ऑन लाइन मूल्यांकन की शुरुआत करने का प्लान बनाया है.
- 2014 में 10वीं में शुरू हुआ था ऑन स्क्रीन मूल्यांकन
पिछले दो सालों से सीबीएसइ मूल्यांकन प्रक्रिया में परिवर्तन करने की कोशिश कर रहा है. जहां 2013 में मूल्यांकन प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश की गयी. इसको लेकर मार्किग स्कीम की हर स्टेप की जानकारी टीचर्स को दिया गया. इसके बाद 2014 में ऑन स्क्रीन मूल्यांकन प्रक्रिया की शुरुआत की गयी. 10वी ंमें शुरू किया गया यह योजना मात्र साइंस विषय के लिए लागू था. अब 2015 की बोर्ड परीक्षा के लिए ऑन लाइन इवैल्यूशन की शुरुआत हो रही है. इससे मूल्यांकन कार्य काफी आसान हो जायेगा. मूल्यांकन कार्य में समय भी काफी कम लगेगा.
- बोर्ड के साथ स्कूल बोर्ड भी होगा शामिल
इस बार सीबीएसइ बोर्ड परीक्षा के साथ स्कूल बोर्ड की परीक्षा में भी ऑन लाइन मूल्यांकन प्रक्रिया लागू करेगा. हर स्कूल के हर विषय के टीचर्स को इसके लिए चुना जायेगा. सीबीएसइ के अनुसार स्कूल बोर्ड की मूल्यांकन को लेकर हर साल अभिभावकों की शिकायतें आती है. ऐसे में 2015 की स्कूल बोर्ड की परीक्षा में स्कूल के वहीं टीचर्स मूल्यांकन कर पायेंगे जिन्हें कम्प्यूटर की अच्छी तरह से जानकारी होगी. इस मूल्यांकन प्रक्रिया में टीचर्स चाहते हुए भी ना तो मार्क्स काट सकेंगे और ना ही अलग से मार्क्स अपनी ओर से दे पायेंगे.
ये सारे होंगे फायदे
- कम समय में मूल्यांकन प्रक्रिया समाप्त हो जायेगी
- कम टीचर्स अधिक आंसर सीट की जांच कर पायेंगे. इससे कम टीचर्स को ही मूल्यांकन प्रक्रिया में लगाया जायेगा
- बोर्ड परीक्षा के समाप्त होने के कुछ ही दिनों बाद मूल्यांकन कार्य भी समाप्त हो जायेगा
- समय से पहले रिजल्ट निकल आयेगा
- गलती होने की संभावना काफी कम होगी
- टीचर्स के समय बचेंगे. मार्किग स्कीम को टीचर्स अच्छी तरह से समझ पायेंगे
- दिन भर का समय टीचर्स को नहीं देना पड़ेगा.
कोट
इस प्रक्रिया में काफी कम टीचर्स की जरूरत होगी. क्योंकि सीबीएसइ की ओर से तमाम चीजें स्क्रीन पर डाल दिया जायेगा. बस टीचर्स को आंसर पर क्लिक कर करना है. ऐसे में गलतियों की संभावना काफी कम रहेगी. टीचर्स से गलती नहीं होगी और किसी गलती को कम्प्यूटर एक्सेप्ट नहीं करेगा.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
7 jan 2015 on prabhat khabar patna
No comments:
Post a Comment