सीबीएसइ स्कूलों में नये सेशन से योगा क्लास
- हर स्कूलों में योगा क्लासेज होगा कंपल्सरी
- सीबीएसइ ने निकाला योगा टीचर्स के लिए वैकेंसी
संवाददाता, पटना
अभी तक स्कूल अपनी मरजी से योगा की ट्रेनिंग स्टूडेंट्स को देते थे. लेकिन 2015 से सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से योगा क्लासेज की शुरुआत की जा रही है. अब तमाम सीबीएसइ स्कूलों में योगा क्लासेज कंपल्सरी हो जायेगी. इसके लिए सीबीएसइ के एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया है. योगा क्लासेज क्लास 5वीं से 12वी तक के स्टूडेंट्स के लिए किया जायेगा. इसके लिए हर दिन एक कलास कंपल्सरी होगी. हर स्कूल अपने अनुसार समय निर्धारित करेगा. इस संबंध में नियम आदि की जानकारी जल्द ही स्कूलों को उपलब्ध करवा दिये जायेंगे.
- कई स्कूल में चल रहा योगा क्लासेज
राजधानी पटना में अभी कई स्कूलों में योगा क्लासेज चलाये जाते है. स्टूडेंट्स को स्ट्रेस आदि की समस्याओं से निजाद दिलाने के लिए योगा क्लासेज शुरू किया गया है. लेकिन यह कंपल्सरी नहीं है. नॉट्रेडेम एकेडमी के अनुसार 7वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए योगा और मेडिटेशन की क्लास 2014 से शुरू किया गया है. स्कूल प्रशासन के अनुसार इसका फायदा काफी हुआ है. इससे छोटी बड़ी कई तरह की समस्याओं को स्टूडेंट्स खुद ही सॉल्व कर लेती हैं. योगा के अलावा ध्यान से कांसंट्रेंशन बढ़ती है. कई स्टूडेंट्स के रिजल्ट पर भी इसका काफी फायदा हुआ है. वहीं सेंट माइकल हाई स्कूल में सप्ताह में एक दिन योगा क्लासेज करवायी जाती है.
- टीचर्स को किया जायेगा नियुक्त
सीबीएसइ ने योगा टीचर्स के लिए वैकेंसी भी वेबसाइट पर डाल दिया है. एक फार्मेट दिया गया है. जो भी योगा एक्सपर्ट है. वो इसे भर सकते है. बोर्ड द्वारा तमाम स्कूलों में योगा टीचर्स को नियुक्त किया जायेगा. सीबीएसइ के अनुसार जो भी अनुभवी टीचर्स को ही योगा टीचर्स के रूप में लिया जायेगा. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होने के बाद लिखित परीक्षा और उसके बाद इंटरव्यू के दौर से उन्हें गुजरना पड़ेगा. एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार स्कूल स्वयं भी योगा टीचर्स की नियुक्ति कर सकता है. लेकिन इसके लिए सीबीएसइ द्वारा बनाये गये नियम को भी फॉलो करना होगा. योगा टीचर्स के क्वालिफिकेशन को द ेखना है.
ये सारे होंगे फायदे
- कांसंट्रेशन बढ़ेगा
- स्ट्रेश कम होने से पढ़ाई में मन लगेगा
- पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि इंज्वाय कर स्टूडेंट्स पढ़ेगे
- परीक्षा से डर नहीं लगेगा
- हर सब्जेक्ट को समझने में आसानी होगी
- फिजिकल फिटनेस आयेगा
- कई छोटी बड़ी बीमारी से बच्चे बचेंगे
- आउट डोर गेम नहीं होने पर भी फिजिकल और मेंटली स्ट्रॉग होंगे
सीबीएसइ के अनुसार योगा टीचर्स में स्कूल देखें ये सारी चीजें
- कहीं पर ट्रेनिंग देने का अनुभव हो
- स्कूल किसी भी टीचर्स को बिना अनुभव नियुक्त नहीं कर सकता है
- योगा टीचर्स थ्योरी से अधिक प्रैक्टिकल की जानकारी कितना रखते है
- टीचर्स ने कोई रिसर्च किया है या नहीं
- किसी तरह की ऑटिकल्स उनकी पब्लिक हुई या नहीं
- किसी तरह की बुक उन्होंने योगा पर लिखी है तो कौन सी है
- हर स्कूलों को एक घंटे का योगा क्लास चलवाना है
कोट
सीबीएसइ का यह प्रयास काफी अच्छा है. इससे स्टूडेंट्स को डायरेक्ट फायदा होगा. हर क्लास में इसकी शुरूआत होने से काफी फायदा स्टूडेंट्स को होगा. इसे कंपल्सरी करने से हर स्कूलों को इसकी शुरूआत करनी होगी.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
30 feb. 2015 on prabhat khabar patna
- हर स्कूलों में योगा क्लासेज होगा कंपल्सरी
- सीबीएसइ ने निकाला योगा टीचर्स के लिए वैकेंसी
संवाददाता, पटना
अभी तक स्कूल अपनी मरजी से योगा की ट्रेनिंग स्टूडेंट्स को देते थे. लेकिन 2015 से सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से योगा क्लासेज की शुरुआत की जा रही है. अब तमाम सीबीएसइ स्कूलों में योगा क्लासेज कंपल्सरी हो जायेगी. इसके लिए सीबीएसइ के एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में यह निर्णय लिया है. योगा क्लासेज क्लास 5वीं से 12वी तक के स्टूडेंट्स के लिए किया जायेगा. इसके लिए हर दिन एक कलास कंपल्सरी होगी. हर स्कूल अपने अनुसार समय निर्धारित करेगा. इस संबंध में नियम आदि की जानकारी जल्द ही स्कूलों को उपलब्ध करवा दिये जायेंगे.
- कई स्कूल में चल रहा योगा क्लासेज
राजधानी पटना में अभी कई स्कूलों में योगा क्लासेज चलाये जाते है. स्टूडेंट्स को स्ट्रेस आदि की समस्याओं से निजाद दिलाने के लिए योगा क्लासेज शुरू किया गया है. लेकिन यह कंपल्सरी नहीं है. नॉट्रेडेम एकेडमी के अनुसार 7वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स के लिए योगा और मेडिटेशन की क्लास 2014 से शुरू किया गया है. स्कूल प्रशासन के अनुसार इसका फायदा काफी हुआ है. इससे छोटी बड़ी कई तरह की समस्याओं को स्टूडेंट्स खुद ही सॉल्व कर लेती हैं. योगा के अलावा ध्यान से कांसंट्रेंशन बढ़ती है. कई स्टूडेंट्स के रिजल्ट पर भी इसका काफी फायदा हुआ है. वहीं सेंट माइकल हाई स्कूल में सप्ताह में एक दिन योगा क्लासेज करवायी जाती है.
- टीचर्स को किया जायेगा नियुक्त
सीबीएसइ ने योगा टीचर्स के लिए वैकेंसी भी वेबसाइट पर डाल दिया है. एक फार्मेट दिया गया है. जो भी योगा एक्सपर्ट है. वो इसे भर सकते है. बोर्ड द्वारा तमाम स्कूलों में योगा टीचर्स को नियुक्त किया जायेगा. सीबीएसइ के अनुसार जो भी अनुभवी टीचर्स को ही योगा टीचर्स के रूप में लिया जायेगा. रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होने के बाद लिखित परीक्षा और उसके बाद इंटरव्यू के दौर से उन्हें गुजरना पड़ेगा. एकेडेमिक काउंसिल की बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार स्कूल स्वयं भी योगा टीचर्स की नियुक्ति कर सकता है. लेकिन इसके लिए सीबीएसइ द्वारा बनाये गये नियम को भी फॉलो करना होगा. योगा टीचर्स के क्वालिफिकेशन को द ेखना है.
ये सारे होंगे फायदे
- कांसंट्रेशन बढ़ेगा
- स्ट्रेश कम होने से पढ़ाई में मन लगेगा
- पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि इंज्वाय कर स्टूडेंट्स पढ़ेगे
- परीक्षा से डर नहीं लगेगा
- हर सब्जेक्ट को समझने में आसानी होगी
- फिजिकल फिटनेस आयेगा
- कई छोटी बड़ी बीमारी से बच्चे बचेंगे
- आउट डोर गेम नहीं होने पर भी फिजिकल और मेंटली स्ट्रॉग होंगे
सीबीएसइ के अनुसार योगा टीचर्स में स्कूल देखें ये सारी चीजें
- कहीं पर ट्रेनिंग देने का अनुभव हो
- स्कूल किसी भी टीचर्स को बिना अनुभव नियुक्त नहीं कर सकता है
- योगा टीचर्स थ्योरी से अधिक प्रैक्टिकल की जानकारी कितना रखते है
- टीचर्स ने कोई रिसर्च किया है या नहीं
- किसी तरह की ऑटिकल्स उनकी पब्लिक हुई या नहीं
- किसी तरह की बुक उन्होंने योगा पर लिखी है तो कौन सी है
- हर स्कूलों को एक घंटे का योगा क्लास चलवाना है
कोट
सीबीएसइ का यह प्रयास काफी अच्छा है. इससे स्टूडेंट्स को डायरेक्ट फायदा होगा. हर क्लास में इसकी शुरूआत होने से काफी फायदा स्टूडेंट्स को होगा. इसे कंपल्सरी करने से हर स्कूलों को इसकी शुरूआत करनी होगी.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
30 feb. 2015 on prabhat khabar patna
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