इंप्रूवमेंट के लिए देना होगा तमाम विषयों की परीक्षा, जानकारी के अभाव में रिजेक्ट हो रहे एडमिट कार्ड
- एडिशनल विषय को इंप्रूवमेंट से सही करना चाहते है स्टूडेंट्स
- सही फार्म नहीं भरने से परीक्षा देने का मौका जा सकता हैं हाथ से
रिंकू झा, पटना
एडिशनल विषय में अगर फेल है तो उसे कंपार्टमेंटल परीक्षा देकर स्टूडेंट्स रिजल्ट को क्लियर कर सकते है. लेकिन अगर उन्हें इंप्रूवमेंट की परीक्षा देनी हैं तो उन्हें पांचों विषयों में दुबारा परीक्षा देना होगा. इंप्रूवमेंट किसी हालत में एक विषय का नहीं हो सकता. जानकारी के अभाव में काफी संख्या में स्टूडेंट्स ने गलती कर डाली है. 2014 में बोर्ड परीक्षा देने वाले कई ऐसे स्टूडेंट्स हैं जिन्होंने जानकारी नहीं होने के कारण एक विषय में इंप्रूवमेंट के लिए परीक्षा फार्म भर दिया हैं. ऐसे में अब सीबीएसइ द्वारा नोटिस दिये जाने पर अभिभावक सीबीएसइ रीजनल ऑफिस का चक्कर लगा रहे है. पटना जोन (बिहार और झारखंड) के काफी संख्या में ऐसे परीक्षार्थी होंगे जिन्हें 2015 की बोर्ड परीक्षा में इंप्रूवमेंट करने का मौका नहीं मिल पायेगा.
सीबीएसइ ने दिया था 10 दिनों का समय
परीक्षा फार्म भराये जाने के समय ऐसे स्टूडेंट्स के लिए बोर्ड की ओर से 10 दिनों का समय दिया जाता हैं. इस बीच स्टूडेंट्स सोच समझ कर अपना परीक्षा फार्म भर सकता है. इसके बावजूद स्टूडेंट्स ये गलती कर गये है. सीबीएसइ इसके लिए स्टूडेंट्स के पास बकायदा लेटर भी भेजता है. लेकिन इसके बाद भी स्टूडेंटस समय पर फार्म आकर नहीं भरते है. ऐसे में चेंज नहीं होने से परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित रह जायेंगे. अब जब एडमिट कार्ड आना शुरू हुआ है तो परीक्षार्थी को पता चल रहा है कि उन्हें एक नहीं पांच विषयों में इंप्रूवमेंट परीक्षा देना है.
प्रश्न पत्र उपलब्ध रहेगा तो मिलेगा परीक्षा देने का मौका
जिन स्टूडेंटस ने एक विषय में इंप्रूवमेंट देने के लिए परीक्षा फार्म भरा है, उन्हें बस उस विषय के परीक्षा के लिए ही प्रश्न पत्र मिलेगा. सीबीएसइ की ओर से जितने स्टूडेंट्स होते है लगभग उतने ही प्रश्न पत्र भेजे जाते है. ऐसे में प्रश्न पत्र कम और परीक्षार्थी अधिक हो जायेगा. अब जब परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी जायेंगे और प्रश्न पत्र उपलब्ध रहेगा, तभी उन्हें परीक्षा देने का मौका मिलेगा. क्योंकि सीबीएसइ तो एडमिट कार्ड में दिये गये विषयों में एपियर होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या के अनुसार ही प्रश्न पत्र भेजते हैं. अगर किसी विषय में प्रश्न पत्र अधिक होगा, तो परीक्षार्थी को फार्म भरने का मौका मिलेगा वरना उन्हें बिना परीक्षा दिये ही वापस जाना होगा.
एडमिट कार्ड के साथ दी जा रही सूचना
सीबीएसइ की बोर्ड परीक्षा तीन मार्च से शुरू हो रही हैं. रेगूलर परीक्षार्थी ऑन लाइन एडमिट कार्ड निकाल रहे है तो वहीं प्राइवेट परीक्षार्थी को पोस्ट द्वारा एडमिट कार्ड भेजे जा रहे है. प्राइवेट उन परीक्षार्थी को एडमिट कार्ड के साथ सूचना दी जा रही हैं कि जिन्होंने एक विषय में इंप्रूवमेट देने को लेकर परीक्षा फार्म भर दिया था. अब जब प्राइवेट परीक्षार्थी को एडमिट कार्ड मिल रहा है तो उन्हें पता चल रहा है कि उन्हें एक नहीं बल्कि पांच विषयों में इंप्रूवमेंट देना है. इसके बाद स्टूडेंट्स अभिभावकों के साथ रीजनल ऑफिस का चक्कर लगा रहें हैं.
इंप्रूवमेंट देने के नियम
सीबीएसइ की बोर्ड परीक्षा में पांच विषयों में पास करना जरूरी होता है. ऐसे में कई स्टूडेंट्स छह विषय ( एक विषय एडिशनल लेते है) लेकर पढ़ते हैं. अगर वो छह विषय में पांच विषय में पास करते हैं और एक विषय में फेल कर जाते हैं तो उन्हें छठा विषय के लिए कंपार्टमेंटल देना होता है. कंपार्टमेंटल देकर वो अपना रिजल्ट क्लियर कर लेते हैं. कई बार ऐसा होता हैं कि स्टूडेंट्स कंपार्टमेंटल नहीं देकर नेक्स्ट सेशन में इंप्रूवमेंट देकर रिजल्ट को क्लियर करना चाहते है. ऐसे में वो गलती कर जाते है और जिस विषय में वो फेल है बस उसी विषय के लिए इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए फार्म भरते है. लेकिन सीबीएसइ के अनुसार जो स्टूडेंट्स इंप्रूवमेंट देंगे तब उन्हें पांच विषयों की परीक्षा देनी होगी.
कोट
सीबीएसइ का इंप्रुवमेंट परीक्षा एक विषय के लिए नहीं होता है. अगर एडिशनल विषय के कंपार्टमेंट देना है तो उसमें कई बार मौका मिलता है. लेकिन इंप्रवमेंट एक ही बार स्टूडेंट्स दे सकते हैं. वो भी पांचों विषयों में देना होगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ पटना
13 feb. 2015 on prabat khabar. patna
- एडिशनल विषय को इंप्रूवमेंट से सही करना चाहते है स्टूडेंट्स
- सही फार्म नहीं भरने से परीक्षा देने का मौका जा सकता हैं हाथ से
रिंकू झा, पटना
एडिशनल विषय में अगर फेल है तो उसे कंपार्टमेंटल परीक्षा देकर स्टूडेंट्स रिजल्ट को क्लियर कर सकते है. लेकिन अगर उन्हें इंप्रूवमेंट की परीक्षा देनी हैं तो उन्हें पांचों विषयों में दुबारा परीक्षा देना होगा. इंप्रूवमेंट किसी हालत में एक विषय का नहीं हो सकता. जानकारी के अभाव में काफी संख्या में स्टूडेंट्स ने गलती कर डाली है. 2014 में बोर्ड परीक्षा देने वाले कई ऐसे स्टूडेंट्स हैं जिन्होंने जानकारी नहीं होने के कारण एक विषय में इंप्रूवमेंट के लिए परीक्षा फार्म भर दिया हैं. ऐसे में अब सीबीएसइ द्वारा नोटिस दिये जाने पर अभिभावक सीबीएसइ रीजनल ऑफिस का चक्कर लगा रहे है. पटना जोन (बिहार और झारखंड) के काफी संख्या में ऐसे परीक्षार्थी होंगे जिन्हें 2015 की बोर्ड परीक्षा में इंप्रूवमेंट करने का मौका नहीं मिल पायेगा.
सीबीएसइ ने दिया था 10 दिनों का समय
परीक्षा फार्म भराये जाने के समय ऐसे स्टूडेंट्स के लिए बोर्ड की ओर से 10 दिनों का समय दिया जाता हैं. इस बीच स्टूडेंट्स सोच समझ कर अपना परीक्षा फार्म भर सकता है. इसके बावजूद स्टूडेंट्स ये गलती कर गये है. सीबीएसइ इसके लिए स्टूडेंट्स के पास बकायदा लेटर भी भेजता है. लेकिन इसके बाद भी स्टूडेंटस समय पर फार्म आकर नहीं भरते है. ऐसे में चेंज नहीं होने से परीक्षार्थी परीक्षा देने से वंचित रह जायेंगे. अब जब एडमिट कार्ड आना शुरू हुआ है तो परीक्षार्थी को पता चल रहा है कि उन्हें एक नहीं पांच विषयों में इंप्रूवमेंट परीक्षा देना है.
प्रश्न पत्र उपलब्ध रहेगा तो मिलेगा परीक्षा देने का मौका
जिन स्टूडेंटस ने एक विषय में इंप्रूवमेंट देने के लिए परीक्षा फार्म भरा है, उन्हें बस उस विषय के परीक्षा के लिए ही प्रश्न पत्र मिलेगा. सीबीएसइ की ओर से जितने स्टूडेंट्स होते है लगभग उतने ही प्रश्न पत्र भेजे जाते है. ऐसे में प्रश्न पत्र कम और परीक्षार्थी अधिक हो जायेगा. अब जब परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थी जायेंगे और प्रश्न पत्र उपलब्ध रहेगा, तभी उन्हें परीक्षा देने का मौका मिलेगा. क्योंकि सीबीएसइ तो एडमिट कार्ड में दिये गये विषयों में एपियर होने वाले स्टूडेंट्स की संख्या के अनुसार ही प्रश्न पत्र भेजते हैं. अगर किसी विषय में प्रश्न पत्र अधिक होगा, तो परीक्षार्थी को फार्म भरने का मौका मिलेगा वरना उन्हें बिना परीक्षा दिये ही वापस जाना होगा.
एडमिट कार्ड के साथ दी जा रही सूचना
सीबीएसइ की बोर्ड परीक्षा तीन मार्च से शुरू हो रही हैं. रेगूलर परीक्षार्थी ऑन लाइन एडमिट कार्ड निकाल रहे है तो वहीं प्राइवेट परीक्षार्थी को पोस्ट द्वारा एडमिट कार्ड भेजे जा रहे है. प्राइवेट उन परीक्षार्थी को एडमिट कार्ड के साथ सूचना दी जा रही हैं कि जिन्होंने एक विषय में इंप्रूवमेट देने को लेकर परीक्षा फार्म भर दिया था. अब जब प्राइवेट परीक्षार्थी को एडमिट कार्ड मिल रहा है तो उन्हें पता चल रहा है कि उन्हें एक नहीं बल्कि पांच विषयों में इंप्रूवमेंट देना है. इसके बाद स्टूडेंट्स अभिभावकों के साथ रीजनल ऑफिस का चक्कर लगा रहें हैं.
इंप्रूवमेंट देने के नियम
सीबीएसइ की बोर्ड परीक्षा में पांच विषयों में पास करना जरूरी होता है. ऐसे में कई स्टूडेंट्स छह विषय ( एक विषय एडिशनल लेते है) लेकर पढ़ते हैं. अगर वो छह विषय में पांच विषय में पास करते हैं और एक विषय में फेल कर जाते हैं तो उन्हें छठा विषय के लिए कंपार्टमेंटल देना होता है. कंपार्टमेंटल देकर वो अपना रिजल्ट क्लियर कर लेते हैं. कई बार ऐसा होता हैं कि स्टूडेंट्स कंपार्टमेंटल नहीं देकर नेक्स्ट सेशन में इंप्रूवमेंट देकर रिजल्ट को क्लियर करना चाहते है. ऐसे में वो गलती कर जाते है और जिस विषय में वो फेल है बस उसी विषय के लिए इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए फार्म भरते है. लेकिन सीबीएसइ के अनुसार जो स्टूडेंट्स इंप्रूवमेंट देंगे तब उन्हें पांच विषयों की परीक्षा देनी होगी.
कोट
सीबीएसइ का इंप्रुवमेंट परीक्षा एक विषय के लिए नहीं होता है. अगर एडिशनल विषय के कंपार्टमेंट देना है तो उसमें कई बार मौका मिलता है. लेकिन इंप्रवमेंट एक ही बार स्टूडेंट्स दे सकते हैं. वो भी पांचों विषयों में देना होगा.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ पटना
13 feb. 2015 on prabat khabar. patna
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