एएसएल की सीडी तैयार करने में पटना के स्कूल हुए फेल, 5 हजार स्टूडेंट्स को कैसे मिलेगा अंक
- पटना के कई स्कूलों में एएसएल की नहीं की गयी रिकॉर्डिग
- 9वीं से 11वीं के स्टूडेंट्स को एएसएल की परीक्षा होगी 20 अंक की
संवाददाता, पटना
कोर्स लगभग पूरा हो चुका है. स्कूलों में फाइनल परीक्षा की तैयारी भी शुरू हो चुकी है. परीक्षा की तिथि भी जल्द निर्धारित कर दी जायेगी. कई स्कूलों में रिवीजन क्लासेज चल रहे है तो कई स्कूल रिवीजन को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है. फरवरी के बाद स्कूलों में फाइनल एग्जाम शुरू हो जायेगा. लेकिन अभी तक कई स्कूलों में एएसएल (स्पीकिंग एंड लिसनिंग असेसमेंट) की रिकॉर्डिग नहीं किया गया है. ऐसे में अब स्कूलों के लिए एएसएल की मार्किग करना सिरदर्द बनने जा रहा है. क्योंकि बिना रिकॉर्डिग का एएसएल में मार्किग नहीं की जा सकेगी. ज्ञात हो कि एएसएल के लिए 20 अंक दिये जाते है. क्लास 9वीं से 11वीं तक में यह परीक्षा ली जाती है. इसके लिए स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही टीचर्स को हर स्टूडेंट के स्पीकिंग और लिसनिंग की रिकॉर्डिग करनी थी. लेकिन पटना में कई स्कूलों ने यह रिकॉर्डिग नहीं किया. अब इन स्कूलों में स्टूडेंट को एएसएल की मार्किग नहीं मिल पायेगी. सीबीएसइ पटना रीजनल ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 5 हजार स्टूडेंट्स 9वीं से 11वीं तक के है जिन्हें एएसएल की अंक नहीं मिल पायेगी.
सीडी देख कर दी जायेगी मार्किग
सीबीएसइ ने कई महीनों पहले स्कूलों को यह निर्देश दिया था. निर्देश के तहत हर स्कूल को एएसएल की परीक्षा स्कूल में लेनी थी. टेस्ट के दौरान हर स्टूडेंट का वीडियो रिकॉर्डिग तैयार करना था. सीडी की सॉफ्ट कॉपी को देख कर ही सीबीएसइ उस पर मार्किंग करेगी. सीबीएसइ पटना रीजनल ऑफिस से सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बोर्ड ने कई स्कूलों की लिस्ट तैयार की है. उस लिस्ट को रीजनल ऑफिस भेजा गया है. अब उन स्कूलों के स्टूडेंट्स को 20 मार्क्स नहीं मिल पायेगा. क्योंकि जिस स्टूडेंट का एएसएल की रिकॉर्डिग नहीं किया गया होगा, उसे एएसएल की 20 अंक नहीं दिये जा सकेंगे. क्योंकि फाइनल रिजल्ट को बोर्ड की तैयार कर भेजेगा.
10 फरवरी तक भेजना है बोर्ड को
सीबीएसइ ने मार्च में होने वाली समेटिव असेसमेंट-2 (एसए-2) के लिए एएसएल की सीडी भेजने की तिथि तय कर दी है. हर स्कूलों को अक्टूबर से जनवरी तक के बीच लिये गये एएसएल की वीडियो रिकॉर्डिग करनी थी. इसके लिए जोन के अनुसार बोर्ड ने तिथि भी निर्धारित कर दी थी. साल में एसए-1 और एसए-2 के लिए यह असेसमेंट किया जाता है. सीबीएसइ के अनुसार एएसएल की रिकॉर्डिंग की सीडी हर स्कूलों को सीधे ही बोर्ड को भेजनी है. 10 फरवरी तक हर स्कूल को सीडी की सॉफ्ट कॉपी रीजनल ऑफिस के पास भेज देनी है. सीबीएसइ ने हार्ड कॉपी भेजने से मना किया है.
सुनने और बोलने का टेस्ट लिया जाता है एएसएल में
स्टूडेंट्स की सुनने की क्षमता क्या है. समझने और बोलने में कौन स्टूडेंट्स की पावर क्षमता किस तरह से काम करता है. इसकी जांच के लिए सीबीएसइ 2013 से एएसएल की शुरुआत किया है. इसके तहत 9वीं से 11वीं तक के स्टूडेंट्स की स्पीकिंग और लिसनिंग का टेस्ट लिया जाता है. सीबीएसइ के अनुसार अभी तक इसकी बस खाना पूर्ति होती रही है. इस कारण इसके लिए सीडी भेजने को कहा गया है. बोर्ड अब सीडी देख कर ही एएसएल की मार्किग की जांच करेगी. इस कारण कोई भी स्कूल अगर एएसएल की मार्किग में लापरवाही करेगा तो वो जांच में पकड़ में आ जायेगा.
ट्रेनिंग में शामिल नहीं हुए पटना के टीचर्स
सीबीएसइ ने पहली बार 2014 सत्र में एएसएल की ट्रेनिंग हर जोन के स्कूलों के टीचर्स के लिए रखा. पटना जोन के स्कूलों के टीचर्स को एएसएल की ट्रेनिंग के लिए कोलकाता जाना था. क्योंकि इसकी ट्रेनिंग कोलकाता में ही रखी गयी थी. सीबीएसइ पटना रीजनल ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार पटना के एक भी स्कूल के टीचर इसमें शामिल नहीं हुए. इस ट्रेनिंग के दौरान टीचर्स को रिकॉर्डिंग करना और एएसएल संबंधी कई बातों की जानकारी देना शामिल था.
नहीं है वीडियो रिकॉर्डर
पटना के कई स्कूलों के पास वीडियो रिकॉर्डिग के लिए रिकॉर्डर नहीं है. स्कूलों के अनुसार सीबीएसइ ने वीडियो रिकॉर्डिग की मशीन नहीं दी तो कैसे रिकॉर्डिग होता. लेकिन सीबीएसइ के अनुसार बोर्ड ने तमाम स्कूलों को स्कूल की फंड से वीडियो रिकॉर्डर खरीदने को कहा था. लेकिन कई स्कूलों ने इसकी खरीदारी नहीं किया.
कोट
एएसएल के लिए 20 अंक मिलते है. इस बार सीबीएसइ ने इसके लिए एक साल का ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा था. इसका पूरा शेड्यूल हर स्कूलों को भेजा गया गया था. इसकी ट्रेनिंग हर टीचर्स को लेना था. एक शहर में ट्रेनिंग सेंटर बना कर आस पास के टीचर्स को बुलाया गया था. तीन दिनों के इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में एएसएल संबंधी कई चीजों की जानकारी दी गयी थी.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
29 feb 2015 on prabhat khabar patna
- पटना के कई स्कूलों में एएसएल की नहीं की गयी रिकॉर्डिग
- 9वीं से 11वीं के स्टूडेंट्स को एएसएल की परीक्षा होगी 20 अंक की
संवाददाता, पटना
कोर्स लगभग पूरा हो चुका है. स्कूलों में फाइनल परीक्षा की तैयारी भी शुरू हो चुकी है. परीक्षा की तिथि भी जल्द निर्धारित कर दी जायेगी. कई स्कूलों में रिवीजन क्लासेज चल रहे है तो कई स्कूल रिवीजन को अंतिम रूप देने में लगा हुआ है. फरवरी के बाद स्कूलों में फाइनल एग्जाम शुरू हो जायेगा. लेकिन अभी तक कई स्कूलों में एएसएल (स्पीकिंग एंड लिसनिंग असेसमेंट) की रिकॉर्डिग नहीं किया गया है. ऐसे में अब स्कूलों के लिए एएसएल की मार्किग करना सिरदर्द बनने जा रहा है. क्योंकि बिना रिकॉर्डिग का एएसएल में मार्किग नहीं की जा सकेगी. ज्ञात हो कि एएसएल के लिए 20 अंक दिये जाते है. क्लास 9वीं से 11वीं तक में यह परीक्षा ली जाती है. इसके लिए स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही टीचर्स को हर स्टूडेंट के स्पीकिंग और लिसनिंग की रिकॉर्डिग करनी थी. लेकिन पटना में कई स्कूलों ने यह रिकॉर्डिग नहीं किया. अब इन स्कूलों में स्टूडेंट को एएसएल की मार्किग नहीं मिल पायेगी. सीबीएसइ पटना रीजनल ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 5 हजार स्टूडेंट्स 9वीं से 11वीं तक के है जिन्हें एएसएल की अंक नहीं मिल पायेगी.
सीडी देख कर दी जायेगी मार्किग
सीबीएसइ ने कई महीनों पहले स्कूलों को यह निर्देश दिया था. निर्देश के तहत हर स्कूल को एएसएल की परीक्षा स्कूल में लेनी थी. टेस्ट के दौरान हर स्टूडेंट का वीडियो रिकॉर्डिग तैयार करना था. सीडी की सॉफ्ट कॉपी को देख कर ही सीबीएसइ उस पर मार्किंग करेगी. सीबीएसइ पटना रीजनल ऑफिस से सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बोर्ड ने कई स्कूलों की लिस्ट तैयार की है. उस लिस्ट को रीजनल ऑफिस भेजा गया है. अब उन स्कूलों के स्टूडेंट्स को 20 मार्क्स नहीं मिल पायेगा. क्योंकि जिस स्टूडेंट का एएसएल की रिकॉर्डिग नहीं किया गया होगा, उसे एएसएल की 20 अंक नहीं दिये जा सकेंगे. क्योंकि फाइनल रिजल्ट को बोर्ड की तैयार कर भेजेगा.
10 फरवरी तक भेजना है बोर्ड को
सीबीएसइ ने मार्च में होने वाली समेटिव असेसमेंट-2 (एसए-2) के लिए एएसएल की सीडी भेजने की तिथि तय कर दी है. हर स्कूलों को अक्टूबर से जनवरी तक के बीच लिये गये एएसएल की वीडियो रिकॉर्डिग करनी थी. इसके लिए जोन के अनुसार बोर्ड ने तिथि भी निर्धारित कर दी थी. साल में एसए-1 और एसए-2 के लिए यह असेसमेंट किया जाता है. सीबीएसइ के अनुसार एएसएल की रिकॉर्डिंग की सीडी हर स्कूलों को सीधे ही बोर्ड को भेजनी है. 10 फरवरी तक हर स्कूल को सीडी की सॉफ्ट कॉपी रीजनल ऑफिस के पास भेज देनी है. सीबीएसइ ने हार्ड कॉपी भेजने से मना किया है.
सुनने और बोलने का टेस्ट लिया जाता है एएसएल में
स्टूडेंट्स की सुनने की क्षमता क्या है. समझने और बोलने में कौन स्टूडेंट्स की पावर क्षमता किस तरह से काम करता है. इसकी जांच के लिए सीबीएसइ 2013 से एएसएल की शुरुआत किया है. इसके तहत 9वीं से 11वीं तक के स्टूडेंट्स की स्पीकिंग और लिसनिंग का टेस्ट लिया जाता है. सीबीएसइ के अनुसार अभी तक इसकी बस खाना पूर्ति होती रही है. इस कारण इसके लिए सीडी भेजने को कहा गया है. बोर्ड अब सीडी देख कर ही एएसएल की मार्किग की जांच करेगी. इस कारण कोई भी स्कूल अगर एएसएल की मार्किग में लापरवाही करेगा तो वो जांच में पकड़ में आ जायेगा.
ट्रेनिंग में शामिल नहीं हुए पटना के टीचर्स
सीबीएसइ ने पहली बार 2014 सत्र में एएसएल की ट्रेनिंग हर जोन के स्कूलों के टीचर्स के लिए रखा. पटना जोन के स्कूलों के टीचर्स को एएसएल की ट्रेनिंग के लिए कोलकाता जाना था. क्योंकि इसकी ट्रेनिंग कोलकाता में ही रखी गयी थी. सीबीएसइ पटना रीजनल ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार पटना के एक भी स्कूल के टीचर इसमें शामिल नहीं हुए. इस ट्रेनिंग के दौरान टीचर्स को रिकॉर्डिंग करना और एएसएल संबंधी कई बातों की जानकारी देना शामिल था.
नहीं है वीडियो रिकॉर्डर
पटना के कई स्कूलों के पास वीडियो रिकॉर्डिग के लिए रिकॉर्डर नहीं है. स्कूलों के अनुसार सीबीएसइ ने वीडियो रिकॉर्डिग की मशीन नहीं दी तो कैसे रिकॉर्डिग होता. लेकिन सीबीएसइ के अनुसार बोर्ड ने तमाम स्कूलों को स्कूल की फंड से वीडियो रिकॉर्डर खरीदने को कहा था. लेकिन कई स्कूलों ने इसकी खरीदारी नहीं किया.
कोट
एएसएल के लिए 20 अंक मिलते है. इस बार सीबीएसइ ने इसके लिए एक साल का ट्रेनिंग प्रोग्राम रखा था. इसका पूरा शेड्यूल हर स्कूलों को भेजा गया गया था. इसकी ट्रेनिंग हर टीचर्स को लेना था. एक शहर में ट्रेनिंग सेंटर बना कर आस पास के टीचर्स को बुलाया गया था. तीन दिनों के इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में एएसएल संबंधी कई चीजों की जानकारी दी गयी थी.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
29 feb 2015 on prabhat khabar patna
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