डीएवी बीएसइबी का 12वीं का एफिलिएशन सीबीएसइ करेगा खत्म, स्कूल को दिया गया एक महीने का नोटिस
- सीबीएसइ ने स्कूल से मांगा एक महीने के अंदर जवाब
- पटना रीजनल ऑफिस की ओर से की गयी जांच में कई कमियां पायी गयी
संवाददाता, पटना
10वीं की बोर्ड परीक्षा देने के बाद अगर 11वीं में डीएवी, बीएसइबी में नामांकन करवाने की सोच रहे है तो सावधान हो जाईये. क्योकि हो सकता है एक महीने के बाद डीएवी, बीएसइबी की सीनियर सेकेंडरी स्कूल होने की मान्यता को खत्म कर दिया जायें. स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए प्रोविजनल एफिलिएशन को सीबीएसइ ने खत्म करने की सोची है. इसके लिए सीबीएसइ की ओर से स्कूल को एक महीने सो कॉज नोटिस दिया गया है. 10 जनवरी 2015 को भेजा गया यह नोटिस स्कूल के प्रिंसिपल के साथ पटना जोन की रीजनल ऑफिसर रश्मि त्रिपाठी के पास भी दिया गया है. सीबीएसइ ने नोटिस में लिखा है कि 31 मार्च 2015 को स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्कूल का प्रोविजनल एफिलिएशन का टर्म पूरा हो रहा है. स्कूल में प्लस टू लेवल पर कई तरह की गड़बड़ियां पायी गयी है. इसको देखते हुए सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइ लॉज के 17.2 मामले के तहत डीएवी बीएसइबी का एफिलिएशन समाप्त कर दिया जायेंगा.
- जांच रिपोर्ट में पायी गयी कई गड़बड़ियां
डीएवी बीएसइबी की मिल रही शिकायतों को देखते हुए सीबीएसइ ने दो मेंबर्स की जांच टीम बनायी. इसमें पटना रीजनल ऑफिस की रीजनल ऑफिसर रश्मि त्रिपाठी और नवोदय विद्यालय स्कूल के रिटायर ज्वाइंट डायरेक्टर डीएस सिंह में शामिल थे. जांच टीम ने पटना स्थिति कई डीएवी में जांच किया. पहला जांच 9 अक्टूबर 2014 को किया गया. इसमें डीएवी, बीएसइबी के कैंपस में जांच कमेटी गयी. इसके बाद दूसरा जांच 16 अक्टूबर 2014 को किया गया. इसमे डीएवी के दूसरे एरिया में स्थिति स्कूल की जांच की गयी. जांच में कई ऐसी बातें निकल कर आयी जो सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइ लॉज के नियम का उल्लंघन करता है. सीबीएसइ ने स्कूल को भेजे नोटिस में कहा है कि स्कूल बोर्ड के एफिलिएशन के नियम 3.3, 8, 10, 13.12 का उल्लंघन करता हैं.
- डीएवी के इन ब्रांच की भी हुई थी जांच
सीबीएसइ पटना रीजनल ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार डीएवी बीएसइबी के 5 से 7 किलोमीटर के दायरे में कई ब्रांच चल रहे है. इन ब्रांच में क्लास 8वीं तक की पढ़ाई होती है. स्कूल के रजिस्टर पर जहां स्टूडेंट्स की संख्या 385 थी. वहीं स्कूल में 338 बच्चे ही प्रेजेंट थे. इन ब्रांच में डीएवी पाटलिपुत्र, डीएवी अनिसाबाद, डीएवी शास्त्रीनगर, डीएवी आइजीआइएमएस, डीएवी खगौल, डीएवी ट्रांसपोर्ट नगर आदि शामिल था. इन स्कूलों में भी कई तरह की गड़बड़ियां पायी गयी हैं. रिपोर्ट में पाया गया कि स्कूल की एक बिल्डिंग कहीं और स्थिति था तो दूसरी बिल्डिंग कहीं और भी था. रिपोर्ट के अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक डीएवी बीएसइबी के बच्चे नेपालीनगर स्थिति डीएवी में जाकर पढ़ते है तो वहीं शनिवार को मेन कैंपस डीएवी बीएसइबी में उनकी क्लासेज होती है. इसमें मुख्या रूप से 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स शामिल होते है.
- एटेंडेंस की मिली थी भारी गड़बड़ी
जांच टीम ने स्कूल के जांच के दौरान 12 अप्रैल 2014 के रजिस्टर को चेक किया. इसमें पाया गया कि स्कूल में 7 सेक्शन चल रहे है. इसमें क्लास 12वीं में टोटल नामांकन 1327 स्टूडेंटस का हैं. लेकिन रजिस्टर पर प्रेजेंट मात्र 131 स्टूडेंट्स को ही दिखाया गया था. बोर्ड के अनुसार एक सेक्शन में 40 बच्चे से अधिक नहीं होना चाहिए. अगर स्कूल में 7 सेक्शन चल रहा है तो ऐसे में 280 बच्चे होने चाहिए. लेकिन स्टूडेंट्स की संख्या काफी ज्यादा पायी गयी. वहीं क्लास 11वी के लिए 14 क्लास रूम था. लेकिन 11वीं में 38 सेक्शन चल रहा है. जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मे लिखा है कि डीएवी बीएसइबी में 11वीं में 38 सेक्शन में 1507 स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं. इसके अलावा स्कूल में कोचिंग क्लासेज चलाये जाने का भी सूचना जांच रिपोर्ट में दी गयी है.
सीबीएसइ के पास भेजे गये रिपोर्ट में सेक्शन वाइज ये है गड़बड़ियां
क्लास - सेक्शन
पहला क्लास - 02 सेक्शन
दूसरा क्लास - 03 सेक्शन
तीसरा क्लास - 03 सेक्शन
चौथा क्लास - 05 सेक्शन
पांचवीं क्लास - 05 सेक्शन
छठा क्लास - 09 सेक्शन
सातवीं क्लास - 11 सेक्शन
आठवीं क्लास - 14 सेक्शन
नवमीं क्लास - 12 सेक्शन
दसवीं क्लास - 15 सेक्शन
ग्यारहवीं क्लास - 38 सेक्शन
बारहवीं क्लास - 32 सेक्शन
नोट - सेक्शन की यह जानकारी जांच के दौरान स्कूल के रजिस्टर से प्राप्त किया गया था
कोट
सीबीएसइ की ओर से स्कूल के लिए जांच कमेटी बनायी गयी थी. दो लोगों की टीम में मै और नवोदय विद्यालय के रिटायर ज्वाइंट डायरेक्टर डीएस सिंह शामिल थे. हमने डीएवी के ही कई स्कूलों की जांच किया. इसमें कई तरह की गड़बड़ियां पायी गयी. इसका रिपोर्ट हमने बोर्ड को भेज दिया था. अब आगे की कार्रवाई बोर्ड की ओर से की जायेगी.
रश्मि त्रिपाठी, रीजनल ऑफिसर, सीबीएसइ पटना जोन
मैने सितंबर 2014 में कार्यभार संभाला है. हमारे पास अभी तक बोर्ड की ओर से कोई नोटिस नहीं आया है. मै इस सिलसिले में कुछ भी नहीं जानता हूं. इस कारण मै इस पर कोई कॉमेंट नहीं कर सकता हूं. मेरे नाम से 30 दिनों के लिए नोटिस दिया गया हैं, इसकी भी जानकारी मुङो नहीं है.
इंद्रजीत राय, मैनेजर, डीएवी पब्लिक स्कूल
छात्र हित के लिए बोर्ड का यह सही कदम हैं. आलू प्याज की तरह प्लस टू में स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाता है. इसे कहीं ना कहीं स्कूल के क्वालिटी एजुकेशन पर प्रश्न चिन्ह लग रहा हैं.
निखिल कुमार, महासचिव, डीएवी टीचर्स एसोसिएशन, पटना
12 feb. 2015 on prabhat khabar
- सीबीएसइ ने स्कूल से मांगा एक महीने के अंदर जवाब
- पटना रीजनल ऑफिस की ओर से की गयी जांच में कई कमियां पायी गयी
संवाददाता, पटना
10वीं की बोर्ड परीक्षा देने के बाद अगर 11वीं में डीएवी, बीएसइबी में नामांकन करवाने की सोच रहे है तो सावधान हो जाईये. क्योकि हो सकता है एक महीने के बाद डीएवी, बीएसइबी की सीनियर सेकेंडरी स्कूल होने की मान्यता को खत्म कर दिया जायें. स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्कूल के लिए प्रोविजनल एफिलिएशन को सीबीएसइ ने खत्म करने की सोची है. इसके लिए सीबीएसइ की ओर से स्कूल को एक महीने सो कॉज नोटिस दिया गया है. 10 जनवरी 2015 को भेजा गया यह नोटिस स्कूल के प्रिंसिपल के साथ पटना जोन की रीजनल ऑफिसर रश्मि त्रिपाठी के पास भी दिया गया है. सीबीएसइ ने नोटिस में लिखा है कि 31 मार्च 2015 को स्कूल की सीनियर सेकेंडरी स्कूल का प्रोविजनल एफिलिएशन का टर्म पूरा हो रहा है. स्कूल में प्लस टू लेवल पर कई तरह की गड़बड़ियां पायी गयी है. इसको देखते हुए सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइ लॉज के 17.2 मामले के तहत डीएवी बीएसइबी का एफिलिएशन समाप्त कर दिया जायेंगा.
- जांच रिपोर्ट में पायी गयी कई गड़बड़ियां
डीएवी बीएसइबी की मिल रही शिकायतों को देखते हुए सीबीएसइ ने दो मेंबर्स की जांच टीम बनायी. इसमें पटना रीजनल ऑफिस की रीजनल ऑफिसर रश्मि त्रिपाठी और नवोदय विद्यालय स्कूल के रिटायर ज्वाइंट डायरेक्टर डीएस सिंह में शामिल थे. जांच टीम ने पटना स्थिति कई डीएवी में जांच किया. पहला जांच 9 अक्टूबर 2014 को किया गया. इसमें डीएवी, बीएसइबी के कैंपस में जांच कमेटी गयी. इसके बाद दूसरा जांच 16 अक्टूबर 2014 को किया गया. इसमे डीएवी के दूसरे एरिया में स्थिति स्कूल की जांच की गयी. जांच में कई ऐसी बातें निकल कर आयी जो सीबीएसइ के एफिलिएशन बाइ लॉज के नियम का उल्लंघन करता है. सीबीएसइ ने स्कूल को भेजे नोटिस में कहा है कि स्कूल बोर्ड के एफिलिएशन के नियम 3.3, 8, 10, 13.12 का उल्लंघन करता हैं.
- डीएवी के इन ब्रांच की भी हुई थी जांच
सीबीएसइ पटना रीजनल ऑफिस से मिली जानकारी के अनुसार डीएवी बीएसइबी के 5 से 7 किलोमीटर के दायरे में कई ब्रांच चल रहे है. इन ब्रांच में क्लास 8वीं तक की पढ़ाई होती है. स्कूल के रजिस्टर पर जहां स्टूडेंट्स की संख्या 385 थी. वहीं स्कूल में 338 बच्चे ही प्रेजेंट थे. इन ब्रांच में डीएवी पाटलिपुत्र, डीएवी अनिसाबाद, डीएवी शास्त्रीनगर, डीएवी आइजीआइएमएस, डीएवी खगौल, डीएवी ट्रांसपोर्ट नगर आदि शामिल था. इन स्कूलों में भी कई तरह की गड़बड़ियां पायी गयी हैं. रिपोर्ट में पाया गया कि स्कूल की एक बिल्डिंग कहीं और स्थिति था तो दूसरी बिल्डिंग कहीं और भी था. रिपोर्ट के अनुसार सोमवार से शुक्रवार तक डीएवी बीएसइबी के बच्चे नेपालीनगर स्थिति डीएवी में जाकर पढ़ते है तो वहीं शनिवार को मेन कैंपस डीएवी बीएसइबी में उनकी क्लासेज होती है. इसमें मुख्या रूप से 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स शामिल होते है.
- एटेंडेंस की मिली थी भारी गड़बड़ी
जांच टीम ने स्कूल के जांच के दौरान 12 अप्रैल 2014 के रजिस्टर को चेक किया. इसमें पाया गया कि स्कूल में 7 सेक्शन चल रहे है. इसमें क्लास 12वीं में टोटल नामांकन 1327 स्टूडेंटस का हैं. लेकिन रजिस्टर पर प्रेजेंट मात्र 131 स्टूडेंट्स को ही दिखाया गया था. बोर्ड के अनुसार एक सेक्शन में 40 बच्चे से अधिक नहीं होना चाहिए. अगर स्कूल में 7 सेक्शन चल रहा है तो ऐसे में 280 बच्चे होने चाहिए. लेकिन स्टूडेंट्स की संख्या काफी ज्यादा पायी गयी. वहीं क्लास 11वी के लिए 14 क्लास रूम था. लेकिन 11वीं में 38 सेक्शन चल रहा है. जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मे लिखा है कि डीएवी बीएसइबी में 11वीं में 38 सेक्शन में 1507 स्टूडेंट्स पढ़ाई कर रहे हैं. इसके अलावा स्कूल में कोचिंग क्लासेज चलाये जाने का भी सूचना जांच रिपोर्ट में दी गयी है.
सीबीएसइ के पास भेजे गये रिपोर्ट में सेक्शन वाइज ये है गड़बड़ियां
क्लास - सेक्शन
पहला क्लास - 02 सेक्शन
दूसरा क्लास - 03 सेक्शन
तीसरा क्लास - 03 सेक्शन
चौथा क्लास - 05 सेक्शन
पांचवीं क्लास - 05 सेक्शन
छठा क्लास - 09 सेक्शन
सातवीं क्लास - 11 सेक्शन
आठवीं क्लास - 14 सेक्शन
नवमीं क्लास - 12 सेक्शन
दसवीं क्लास - 15 सेक्शन
ग्यारहवीं क्लास - 38 सेक्शन
बारहवीं क्लास - 32 सेक्शन
नोट - सेक्शन की यह जानकारी जांच के दौरान स्कूल के रजिस्टर से प्राप्त किया गया था
कोट
सीबीएसइ की ओर से स्कूल के लिए जांच कमेटी बनायी गयी थी. दो लोगों की टीम में मै और नवोदय विद्यालय के रिटायर ज्वाइंट डायरेक्टर डीएस सिंह शामिल थे. हमने डीएवी के ही कई स्कूलों की जांच किया. इसमें कई तरह की गड़बड़ियां पायी गयी. इसका रिपोर्ट हमने बोर्ड को भेज दिया था. अब आगे की कार्रवाई बोर्ड की ओर से की जायेगी.
रश्मि त्रिपाठी, रीजनल ऑफिसर, सीबीएसइ पटना जोन
मैने सितंबर 2014 में कार्यभार संभाला है. हमारे पास अभी तक बोर्ड की ओर से कोई नोटिस नहीं आया है. मै इस सिलसिले में कुछ भी नहीं जानता हूं. इस कारण मै इस पर कोई कॉमेंट नहीं कर सकता हूं. मेरे नाम से 30 दिनों के लिए नोटिस दिया गया हैं, इसकी भी जानकारी मुङो नहीं है.
इंद्रजीत राय, मैनेजर, डीएवी पब्लिक स्कूल
छात्र हित के लिए बोर्ड का यह सही कदम हैं. आलू प्याज की तरह प्लस टू में स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाता है. इसे कहीं ना कहीं स्कूल के क्वालिटी एजुकेशन पर प्रश्न चिन्ह लग रहा हैं.
निखिल कुमार, महासचिव, डीएवी टीचर्स एसोसिएशन, पटना
12 feb. 2015 on prabhat khabar
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