Sunday, February 22, 2015

एसओपी लागू नहीं तो सीबीएसइ लगायेगा ऑन द स्पॉट जुर्माना

एसओपी लागू नहीं तो सीबीएसइ लगायेगा ऑन द स्पॉट जुर्माना 

- नये सेशन शुरू होने के पहले तमाम स्कूलों को सुरक्षा संबंधी नियम को करना है चालू
- जांच में पकड़े जाने पर स्कूल पर होगी कार्रवाई
संवाददाता, पटना
स्कूलो में सुरक्षा गार्ड की क्या संख्या है. स्कूलों में कंक्रीट की चारदीवारी है या नहीं. स्कूल द्वारा स्थानीय पुलिस और पुलिस कंट्रोल रूम के पास मोबाइल और टेलीफोन नंबर की सूची जमा की गयी है या नहीं. स्कूल के बाहर और अंदर सीसी टीवी कैमरे की कितनी संख्या हैं. इन तमाम चीजों की जांच सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) की ओर से की जायेगी. बोर्ड की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी हैं. सीबीएसइ की ओर से इसके लिए एक कमेटी बनायी जायेगी. हर जोन के लिए अलग-अलग कमेटी जांच कार्य करेगी. हर जांच कमेटी में वहां के रीजनल ऑफिसर के साथ सीबीएसइ सिटी को-ऑडिनेटर के अलावा सीबीएसइ द्वारा नियुक्त दो अधिकारी को रखा जायेगा. नये सत्र के शुरू होने के बाद 10 अप्रैल से यह जांच प्रक्रिया शुरू होगी. सीबीएसइ ने जांच कमेटी को मानक पूरा नहीं होने पर स्कूल पर कार्रवाई करने का भी निर्देश ऑन द स्पॉट दिया हैं.
- दिसंबर में ही दिये गये थे स्कूलों को निर्देश
स्कूली बच्चों को सुरक्षा हो इसके लिए इस मानक को तैयार किया जाना है. इसके लिए तमाम स्कूलों को ऑन लाइन एसओपी को भेजा गया था. इसमें बोर्ड की ओर से निर्देश दिया गया था कि इस एसओपी में मौजूद जो भी मानक दिये गये है, उसके आसपास स्कूल में सुरक्षा व्यवस्था कायम रखा जायें. इसके लिए स्कूल के टीचिंग के साथ नॉन टीचिंग स्टॉफ को भी मानक में दी गयी बातों को पढ़ने के लिए कहा गया था. स्कूल के प्रिंसिपल को निर्देश दिया गया था कि मानक के अनुसार ही स्टॉफ को तैयार किया जायें. स्कूल में सुरक्षा गार्ड को सचेत रहने के लिए समय-समय पर ट्रेनिंग दी जायें.
- लोकल पुलिस से भी संपर्क करेगी बोर्ड
सीबीएसइ पटना जोन अंतर्गत जो भी स्कूल है, वहां पर जाकर इक्वायरी करेगी. स्कूल कौन से थाना में आता है और थाने के संपर्क में वो स्कूल है या नहीं. स्कूल के बस पर लोकल थाने का नंबर है या नहीं. इसके अलावा पुलिस कंट्रोल रूम के पास भी जाकर जांच टीम इस बात का इंक्वायरी करेगा कि स्कूल के टेलीफोन नंबर की सूची कंट्रोल रूम में है या नहीं.
- एफिलिएशन से जुड़ा है एसओपी
सीबीएसइ के न्यू एफिलिएशन नियम के अनुसार एसओपी को सीबीएसइ ने एफिलिएशन से जोड़ दिया है. नये सेशन में जब स्कूलों का एफिलिएशन मिलेगा या रि-एफिलिएशन के लिए स्कूल वाले अप्लाई करेंगे तो इसके लिए इन मानकों को पूरा करना जरूरी होगा. जो स्कूल इन मानकों के आसपास या इन मानकों को पूरा करेगा उसे ही एफिलिएशन दी जायेगी. इसके अलावा जो स्कूल पहले से एफिलिएटेड है, अगर वो स्कूल मानको को पूरा नहीं करेगी तो बोर्ड की ओर से जुर्माना लगाया जायेगा. जुर्माने की राशि बोर्ड ऑन द स्पॉट तय करेगी.
यह है एसओपी
सुरक्षा को लेकर सीबीएसइ ने एक मानक तैयार किया है. स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेडयोर (एसओपी) का उदेदश्य स्कूलों पर आतंकवादी हमलों से निपटने और रोकने के लिए मार्गदर्शन एवं प्रणाली तैयार करना हैं. इस प्रणाली के माध्यम से तमाम स्कूलों एक सुरक्षा घेरे में आ जायेंगे. इस मानक के माध्यम से सीबीएसइ ने स्कूलों को कुछ सुरक्षा संबंधी प्रोसेस करने को कहा है.

इन प्वाइंट पर होगी जांच
-  स्कूलों में मेन गेट की संख्या कितनी है. हर मेन गेट पर 24 घंटे तीन गार्ड की तैनाती हो रही है या नहीं
- स्कूल के चारदीवारी पर रोशनी भरपूर होनी चाहिए. ताकि रात के समय दीवार के सहारे कोई स्कूल में प्रवेश ना कर सके
- चारदीवरी के उपर लोहे की कंक्रीट तारे लगी है या नहीं
- पुलिस कंट्रोल रूम और लोकल पुलिस थानों में स्कूल के मोबाइल नंबर और टेलीफोन नंबर की सूची दी गयी है या नहीं
- कूल के मेन गेट पर टेलीफोन है या नहीं.
- स्कूल के बाहर और अंदर की ओर सीसी टीवी कैमरा कितनी संख्या में लगी हैं. सीसी टीवी कैमरे की मॉनिटरिंग कहां से होता है
- सुरक्षा कर्मचारी और नोडल सुरक्षा अधिकारी के बीच संपर्क के लिए वॉकी टॉकी सेट का प्रबंध स्कूल ने किया है या नहीं
- स्कूल प्रबंधन का सिस्टम इंटरकॉम से जुड़ा है या नहीं
- स्कूल में अलार्म व्यवस्था है या नहीं

कोट
नये सत्र शुरू होने के बाद इसकी जांच होगी. कौन सा स्कूल बोर्ड के द्वारा दिये गये मानक को पूरा करता है या नहीं. सुरक्षा को लेकर सीबीएसइ ने एक दिसंबर में ही एक मानक तैयार किया था. इस मानक को तमाम स्कूलों के पास भेजा गया था. इस मानक के दिशानुसार ही स्कूलों को संचालन किया जाना है.
राजीव रंजन सिन्हा, सिटी को-ऑडिनेटर, सीबीएसइ

11 feb. 2015 on prabhat khabar

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