नये सेशन से लंच आवर एक घंटे का
- अभिभावकों की शिकायत पर सीबीएसइ लंच आवर बढ़ाने की कर रहा तैयारी
- 20 मिनट के लंच आवर में बच्चे नहीं कर पाते है पूरा लंच
संवाददाता, पटना
नये सेशन की तैयारी अभी से स्कूलों के साथ संबंधित बोर्ड ने करनी शुरू दी है. नये कोर्स और नये सिलेबस को लेकर तैयारी जोरो पर है. इसके अलावा नये सेशन से कुछ ऐसे नियम भी बनाने की तैयारी चल रही है जिसकी ओर पिछले एक साल में अभिभावक ने ध्यान आकृष्ट करवाया है. ऐसी ही एक तैयारी सीबीएसइ 2015 सेशन से करने जा रहा है. अभिभावकों के शिकायत और रिक्वेस्ट पर सीबीएसइ स्कूलों में 45 मिनट से 1 घंटे तक का लंच आवर करने का निर्णय लिया गया है. सीबीएसइ की हाल में हुई एकेडेमिक कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया है. इस संबंध में जल्द ही स्कूलों को सूचना भेजी जायेगी. बोर्ड सूत्रों के मुताबिक लंच आवर बढ़ाने में बोर्ड का फोकस 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स अधिक है. बोर्ड के अनुसार अधिक देर तक पेट खाली रहने से गैस आदि की बीमारी होने से हेल्थ पर इसका बुरा असर पड़ता है.
- दो पीरियड के बाद होगा लंच आवर
सीबीएसइ के गाइड लाइन के अनुसार हर स्कूल में दो पीरियड पढ़ाई के बाद लंच का समय रखा जायेगा. इससे स्टूडेंट्स लंबे समय तक भूखे नहीं रह पायेंगे और उनकी एनर्जी बनी रहेगी. सीबीएसइ के अनुसार लंच समय पर होने से स्टूडेंट्स में आलसीपन, नींद, सुस्ती आदि जैसी प्राब्लम नहीं होगी. इससे भूख भी लगेगी. गैस आदि प्राब्लम से भी बच्चे बचेंगे. बोर्ड ने कहा है कि छोटे क्लास (1 से 5वीं तक) के लिए 15-15 मिनट का दो बार लंच ब्रेक रखा जायें. वहीं क्लास 6ठीं से 12वीं तक के लिए 45 से 1 घंटे का लंच हो.
- सुबह 5 बजे से 2 बजे से भूखे रहते है स्टूडेंट्स
सीबीएसइ ने हाल में एक हेल्थ सर्वे किया है. इसमें पता चला कि 70 फीसदी स्कूली बच्चे गैस, बदहजमी आदि बीमारी से ग्रसित है. इसमें ऐसे स्टूडेंट्स की संख्या अधिक है जो 9वीं से 12वीं क्लास में पढ़ते है. सर्वे रिपोर्ट से जानकारी मिली कि इसकी सबसे बड़ी वजह कई घंटों तक लगातार भूखे रहने के कारण होता है. काफी संख्या में स्टूडेंट्स ऐसे हैें कि वो स्कूल भूखे ही आते है. ऐसे में स्कूल में लंच आवर कम समय का होने से स्टूडेंट्स लंच पूरा नहीं कर पाते और इससे लंबा गैप उनके कुछ खाने को लेकर हो जाता है. ऐसे में पूरा 8 घंटे स्टूडेंट्स भूखे रह जाते है. हर दिन लगातार भूखे रहने से गैस आदि की समस्या स्टूडेंट्स में आम होती जा रही है.
सीबीएसइ ने स्कूलों के पास भेजा निर्देश
- हर क्लास के लिए 45 से 1 घंटे का लंच आवर हो
- छोटे या बड़े दोनों की क्लास के स्टूडेंट्स के लंच के समय टीचर की उपस्थिति हो
- लंच शुरू करने और लंच समाप्त करने के लिए अलग से वेल बजाया जायें
- जाड़े में 45 मिनट और गर्मी में 1 घंटे का लंच ब्रेक हो
- 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लंच पर टीचर्स विशेष ध्यान दे
- लंच हमेशा थोड़ा हेवी हो
- लंच समाप्त करें स्टूडेंटस, इसे हर दिन टीचर खुद चेक करें
अभिभावकों ने ये की थी शिकायत
- लंच आवर कम होने से बच्चे पूरा लंच नहीं कर पाते है
- लंच का आधा हिस्सा छुटटी बाद ऑटो या बस में करते है
- 15 से 20 मिनट के लंच आवर को बढ़ाया जायें
- लंच आवर होने और लंच बॉक्स खोलने में ही समय निकल जाता है
- गर्मी में लंच आवर को थोड़ा जल्दी रखा जायें
- लंच आवर के लिए एक फिक्स जगह हो. इससे बच्चे एक दूसरे को देख कर भी अपना लंच कर सके
- लंच हमेशा टीचर्स के सामने करवाया जायें
कोट
लंच में स्टूडेंट्स खेलने कूदने पर अधिक ध्यान देते है. ऐसे में लंच आवर निकल जाता है. टीचर को इस पर फोकस करना चाहिए. सीबीएसइ ने लंच को लेकर जो नियम बनाये जा रहे हैं. वो काफी सराहनीय है. इसे हर स्कूल को लागू करना चाहिए.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
17 dec. 2015 on prabhat khabar patna
- अभिभावकों की शिकायत पर सीबीएसइ लंच आवर बढ़ाने की कर रहा तैयारी
- 20 मिनट के लंच आवर में बच्चे नहीं कर पाते है पूरा लंच
संवाददाता, पटना
नये सेशन की तैयारी अभी से स्कूलों के साथ संबंधित बोर्ड ने करनी शुरू दी है. नये कोर्स और नये सिलेबस को लेकर तैयारी जोरो पर है. इसके अलावा नये सेशन से कुछ ऐसे नियम भी बनाने की तैयारी चल रही है जिसकी ओर पिछले एक साल में अभिभावक ने ध्यान आकृष्ट करवाया है. ऐसी ही एक तैयारी सीबीएसइ 2015 सेशन से करने जा रहा है. अभिभावकों के शिकायत और रिक्वेस्ट पर सीबीएसइ स्कूलों में 45 मिनट से 1 घंटे तक का लंच आवर करने का निर्णय लिया गया है. सीबीएसइ की हाल में हुई एकेडेमिक कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया है. इस संबंध में जल्द ही स्कूलों को सूचना भेजी जायेगी. बोर्ड सूत्रों के मुताबिक लंच आवर बढ़ाने में बोर्ड का फोकस 9वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स अधिक है. बोर्ड के अनुसार अधिक देर तक पेट खाली रहने से गैस आदि की बीमारी होने से हेल्थ पर इसका बुरा असर पड़ता है.
- दो पीरियड के बाद होगा लंच आवर
सीबीएसइ के गाइड लाइन के अनुसार हर स्कूल में दो पीरियड पढ़ाई के बाद लंच का समय रखा जायेगा. इससे स्टूडेंट्स लंबे समय तक भूखे नहीं रह पायेंगे और उनकी एनर्जी बनी रहेगी. सीबीएसइ के अनुसार लंच समय पर होने से स्टूडेंट्स में आलसीपन, नींद, सुस्ती आदि जैसी प्राब्लम नहीं होगी. इससे भूख भी लगेगी. गैस आदि प्राब्लम से भी बच्चे बचेंगे. बोर्ड ने कहा है कि छोटे क्लास (1 से 5वीं तक) के लिए 15-15 मिनट का दो बार लंच ब्रेक रखा जायें. वहीं क्लास 6ठीं से 12वीं तक के लिए 45 से 1 घंटे का लंच हो.
- सुबह 5 बजे से 2 बजे से भूखे रहते है स्टूडेंट्स
सीबीएसइ ने हाल में एक हेल्थ सर्वे किया है. इसमें पता चला कि 70 फीसदी स्कूली बच्चे गैस, बदहजमी आदि बीमारी से ग्रसित है. इसमें ऐसे स्टूडेंट्स की संख्या अधिक है जो 9वीं से 12वीं क्लास में पढ़ते है. सर्वे रिपोर्ट से जानकारी मिली कि इसकी सबसे बड़ी वजह कई घंटों तक लगातार भूखे रहने के कारण होता है. काफी संख्या में स्टूडेंट्स ऐसे हैें कि वो स्कूल भूखे ही आते है. ऐसे में स्कूल में लंच आवर कम समय का होने से स्टूडेंट्स लंच पूरा नहीं कर पाते और इससे लंबा गैप उनके कुछ खाने को लेकर हो जाता है. ऐसे में पूरा 8 घंटे स्टूडेंट्स भूखे रह जाते है. हर दिन लगातार भूखे रहने से गैस आदि की समस्या स्टूडेंट्स में आम होती जा रही है.
सीबीएसइ ने स्कूलों के पास भेजा निर्देश
- हर क्लास के लिए 45 से 1 घंटे का लंच आवर हो
- छोटे या बड़े दोनों की क्लास के स्टूडेंट्स के लंच के समय टीचर की उपस्थिति हो
- लंच शुरू करने और लंच समाप्त करने के लिए अलग से वेल बजाया जायें
- जाड़े में 45 मिनट और गर्मी में 1 घंटे का लंच ब्रेक हो
- 9वीं से 12वीं के स्टूडेंट्स के लंच पर टीचर्स विशेष ध्यान दे
- लंच हमेशा थोड़ा हेवी हो
- लंच समाप्त करें स्टूडेंटस, इसे हर दिन टीचर खुद चेक करें
अभिभावकों ने ये की थी शिकायत
- लंच आवर कम होने से बच्चे पूरा लंच नहीं कर पाते है
- लंच का आधा हिस्सा छुटटी बाद ऑटो या बस में करते है
- 15 से 20 मिनट के लंच आवर को बढ़ाया जायें
- लंच आवर होने और लंच बॉक्स खोलने में ही समय निकल जाता है
- गर्मी में लंच आवर को थोड़ा जल्दी रखा जायें
- लंच आवर के लिए एक फिक्स जगह हो. इससे बच्चे एक दूसरे को देख कर भी अपना लंच कर सके
- लंच हमेशा टीचर्स के सामने करवाया जायें
कोट
लंच में स्टूडेंट्स खेलने कूदने पर अधिक ध्यान देते है. ऐसे में लंच आवर निकल जाता है. टीचर को इस पर फोकस करना चाहिए. सीबीएसइ ने लंच को लेकर जो नियम बनाये जा रहे हैं. वो काफी सराहनीय है. इसे हर स्कूल को लागू करना चाहिए.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया
17 dec. 2015 on prabhat khabar patna
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