Tuesday, February 24, 2015

सीबीएसइ 2016 से 10वीं बोर्ड परीक्षा पैटर्न में चेंज करने की कर रहा तैयारी

सीबीएसइ 2016 से 10वीं बोर्ड परीक्षा पैटर्न में चेंज करने की कर रहा तैयारी

- मार्च में होने पर स्कूल बेस्ड बोर्ड के साथ सीबीएसइ बोर्ड परीक्षा की भी करेगा जांच
- कई प्वाइंट पर स्कूल की खामियों पर होगी नजर
संवारददाता, पटना
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसइ) अगले साल यानी 2016 से 10वीं बोर्ड की परीक्षा पैटर्न में परिवर्तन करने जा रहा है. इसको लेकर सीबीएसइ ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. इसकी पहली कड़ी में सीबीएसइ 2015 मार्च में आयोजित 10वीं बोर्ड की परीक्षा और स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा के पैटर्न पर रिसर्च करेगा.  इस रिसर्च के बेस पर स्कूलों को गाइडलाइंस जारी की जायेगी. साथ में बोर्ड परीक्षा पैटर्न की जांच की जायेगी.  जिससे परीक्षा की खामियों को पकड़ा जा सके.  हाल में बोर्ड द्वारा आयोजित करिकुलम कमिटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है. सीबीएसइ बोर्ड परीक्षा के जमीनी स्तर तक रिसर्च और जांच करने के बाद स्कूलों को एक  गाइडलाइन दिया जायेगा. इसी गाइड लाइन के आधार पर अगले साल यानी 2016 की बोर्ड परीक्षा को रिफॉम किया जायेगा और इसे लागू किया जायेगा.
- हो सकता है स्कूल बेस्ड परीक्षा खत्म
सीबीएसइ के पास जिस तरह से स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा को लेकर शिकायतें आ रही है, उसको लेकर सीबीएसइ स्कूल बेस्ड बोर्ड पैटर्न को खत्म कर सकती है. बोर्ड सूत्रों के मुताबिक स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा मे पारदर्शिता की कमी है. हर साल इसको लेकर अभिभावक और छात्रों की कई शिकायतें इस पैटर्न को लेकर आते है. तभी तो 2014 की 10वी बोर्ड परीक्षा में स्कूल बेस्ड परीक्षा देने में छात्रों की संख्या बोर्ड बेस्ड देने वाले छात्रों से काफी कम थी. इसी शिकायत के आधार पर सीबीएसइ ने 2015 में इस बैरियर को खत्म कर दिया था जिसके तहत छात्रों से स्कूल बेस्ड बोर्ड देने की अपील की जाती थी.
- बोर्ड में ईजी पैटर्न होने से घट रहा क्वालिटी एजुकेशन
बोर्ड परीक्षा स्कूल कैसे आयोजित करता है. प्रश्न पत्र का पैटर्न कैसा दिया जा रहा है. कहीं क्वालिटी एजुकेशन को ताक पर रख कर तो स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा नहीं ली जा रही है. 10वीं बोर्ड की स्कूल बेस्ड बोर्ड को लेकर कई कंप्लेन सीबीएसइ के पास हर साल आते है. करिकुलम कमेटी के अनुसार पिछले साल जिन स्कूलों के खिलाफ ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स को 10 सीजीपीए अवॉर्ड किये जाने की कंप्लेन मिली थी. उन स्कूलों को हिदायत जारी कर दी गयी है. इस बार बोर्ड स्कूल द्वारा तैयार किये जाने वाले क्वेशचन पेपरों पर रिसर्च करेगा, ताकि यह पता चल सके कि कहां पर कमियां हैं.
- परीक्षा पैटर्न में नहीं होगा कोई समझौता
बोर्ड सूत्रों का कहना है कि बेशक स्कूल बेस्ड एग्जाम हो रहे है लेकिन एग्जाम के स्टैंडर्ड को लेकर कोई समझौता नहीं होगा. बोर्ड बेस्ड व स्कूल बेस्ड एग्जाम में अपीयर होने वाले स्टूडेंट्स को कॉमन सर्टिफिकेट मिलता है. मार्किग स्कीम एक जैसी होती है. एग्जामिनेशन रूल्स में कोई अंतर नहीं होता. ऐसे में क्वेशचन पेपरों के पैटर्न में भी अंतर नहीं होना चाहिए. बोर्ड इस बार स्कूलों को कुछ गाइडलाइंस जारी करेगा. बोर्ड की ओर से स्कूलों को क्वेशचन पेपर भी भेजे जाते है. यह स्कूलों पर निर्भर करता है कि वे बोर्ड के क्वेशचन पेपरों को यूज करें या फिर अपने पेपर सेट करें. बोर्ड को यह कंप्लेन भी मिल रही थी कि बहुत से स्कूलों में बच्चों को ज्यादा मार्क्‍स दिये जाते है व क्वेशचन पेपर का स्टैंडर्ड भी बोर्ड से काफी कम होता है. इन सब कंप्लेन को देखते हुए बोर्ड ने स्कूल और बोर्ड एग्जाम में आने वाले क्वेशचन पेपरों के पैटर्न, पेपरों के डिजाइन, स्टूडेंट्स के पास ऑप्शन और मार्किग पैटर्न पर रिसर्च करने का फैसला किया है.
- अभी दो तरह से होता है 10वी बोर्ड परीक्षा
सीबीएसइ द्वारा ग्रेडिंग सिस्टम करने के बाद 10वीं बोर्ड की परीक्षा पैटर्न में बिल्कुल की परिवर्तन कर दिया गया है. 10वी बोर्ड की परीक्षा को ऑप्शन बना दिया गया.  पिछले तीन सालों से सीबीएसइ 10वीं क्लास में बोर्ड परीक्षा के साथ-साथ स्कूल बेस्ड एग्जाम भी होते है. स्टूडेंट्स के पास यह ऑप्शन होता है कि दोनों में से कौन सा एग्जाम चुने. अगर स्टूडेंट्स बोर्ड परीक्षा का ऑप्शन चुनते है तो उन्हें पहले जैसे ही बोर्ड परीक्षा में शामिल होना होता है. लेकिन अगर स्टूडेंट्स स्कूल बेस्ड बोर्ड परीक्षा का ऑप्शन चुनते है तो उनकी परीक्षा स्कूल द्वारा आयोजित की जाती है. बोर्ड की तरफ से प्रश्न पत्र आते है, लेकिन परीक्षा पूरी तरह से स्कूल द्वारा दिया जाता है. स्कूल के टीचर ही उत्तर पुस्तिका की जांच आदि करते है. उत्तर पुस्तिका की जांच करने के बाद उसे सीबीएसइ के पास भेज दिया जाता है. रिजल्ट फिर सीबीएसइ द्वारा ही जारी की जाती है.

कोट
बोर्ड द्वारा नया एजुकेशन प्लान लाने की तैयारी की जा रही है. अभी हाल में सहोदया की नेशनल बैठक में भी यह निर्णय लिया गया है. इसी के तहत 10वीं बोर्ड की परीक्षा को लेकर यह फैसला लिया गया है. अलग एक साल में कई और परिवर्तन किये जायेंगे.
सीबी सिंह, सचिव, पाटलिपुत्र सहोदया, पटना


17 nev. 2015 on prabhat khabar patna 

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